गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड की बड़की बेरगी पंचायत अंतर्गत बासोकांडो टोला जमुनबेड़ा में सोमवार देर रात एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधियों ने बसगोरहा, ससारखो पंचायत निवासी बासुदेव मंडल को लाठी-डंडों से पीटने के बाद पत्थर से कूचकर मार डाला। घटना की सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह एसडीपीओ आबिद खान और डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया है। एसडीपीओ ने आश्वासन दिया कि हत्याकांड में शामिल अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में घटना के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया है कि बराकर नदी और बासोकांडो नदी से दिन-रात सफेद बालू का अवैध कारोबार होता है, जिसमें रोजाना 200-250 ट्रैक्टर अवैध बालू लोड करके डुमरी और आसपास के प्रखंडों में भेजे जाते हैं। मृतक की पत्नी लीलवाती उर्फ मानकी देवी और उनके पुत्र नरेश मंडल, महेश मंडल, सुनील मंडल का घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है। झामुमो नेता बरकत अली और प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो ने भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ-साथ कड़ी सजा की मांग की। मृतक के पुत्र नरेश मंडल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्हें पिछले 15-20 दिनों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। नरेश के अनुसार, उनका अपने गोतिया (रिश्तेदारों) के साथ जमीन विवाद चल रहा था, जिसमें 7-8 परिवारों का एक गुट उन्हें मारने-काटने की धमकी देता था। उन्होंने बताया कि वे अपने 30 साल पुराने घर को तोड़कर नया बना रहे थे, तभी गोतिया के लोगों ने धारा 144 लगवा दी थी और यह विवाद अगले दो दिनों में सुलझने वाला था। नरेश ने आगे बताया कि मंगलवार सुबह करीब 3 बजे उनके पिताजी खेत जोताई के लिए ट्रैक्टर चालक को लाने जमुनबेड़ा जा रहे थे, तभी सुनसान रास्ते में घेरकर उनकी हत्या कर दी गई। उन्हें घटना की जानकारी सुबह 6-7 बजे मिली। नरेश मंडल ने सीधे तौर पर अपने गोतिया के दो भाइयों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पैसे और पहुंच वाले लोग हैं, और इसी कारण लगातार धमकी दे रहे थे।
गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड की बड़की बेरगी पंचायत अंतर्गत बासोकांडो टोला जमुनबेड़ा में सोमवार देर रात एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधियों ने बसगोरहा, ससारखो पंचायत निवासी बासुदेव मंडल को लाठी-डंडों से पीटने के बाद पत्थर से कूचकर मार डाला। घटना की सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह एसडीपीओ आबिद खान और डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया है। एसडीपीओ ने आश्वासन दिया कि हत्याकांड में शामिल अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में घटना के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया है कि बराकर नदी और बासोकांडो नदी से दिन-रात सफेद बालू का अवैध कारोबार होता है, जिसमें रोजाना 200-250 ट्रैक्टर अवैध बालू लोड करके डुमरी और आसपास के प्रखंडों में भेजे जाते हैं। मृतक की पत्नी लीलवाती उर्फ मानकी देवी और उनके पुत्र नरेश मंडल, महेश मंडल, सुनील मंडल का घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है। झामुमो नेता बरकत
अली और प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो ने भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ-साथ कड़ी सजा की मांग की। मृतक के पुत्र नरेश मंडल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्हें पिछले 15-20 दिनों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। नरेश के अनुसार, उनका अपने गोतिया (रिश्तेदारों) के साथ जमीन विवाद चल रहा था, जिसमें 7-8 परिवारों का एक गुट उन्हें मारने-काटने की धमकी देता था। उन्होंने बताया कि वे अपने 30 साल पुराने घर को तोड़कर नया बना रहे थे, तभी
गोतिया के लोगों ने धारा 144 लगवा दी थी और यह विवाद अगले दो दिनों में सुलझने वाला था। नरेश ने आगे बताया कि मंगलवार सुबह करीब 3 बजे उनके पिताजी खेत जोताई के लिए ट्रैक्टर चालक को लाने जमुनबेड़ा जा रहे थे, तभी सुनसान रास्ते में घेरकर उनकी हत्या कर दी गई। उन्हें घटना की जानकारी सुबह 6-7 बजे मिली। नरेश मंडल ने सीधे तौर पर अपने गोतिया के दो भाइयों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पैसे और पहुंच वाले लोग हैं, और इसी कारण लगातार धमकी दे रहे थे।
- गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड की बड़की बेरगी पंचायत अंतर्गत बासोकांडो टोला जमुनबेड़ा में सोमवार देर रात एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधियों ने बसगोरहा, ससारखो पंचायत निवासी बासुदेव मंडल को लाठी-डंडों से पीटने के बाद पत्थर से कूचकर मार डाला। घटना की सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह एसडीपीओ आबिद खान और डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया है। एसडीपीओ ने आश्वासन दिया कि हत्याकांड में शामिल अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में घटना के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया है कि बराकर नदी और बासोकांडो नदी से दिन-रात सफेद बालू का अवैध कारोबार होता है, जिसमें रोजाना 200-250 ट्रैक्टर अवैध बालू लोड करके डुमरी और आसपास के प्रखंडों में भेजे जाते हैं। मृतक की पत्नी लीलवाती उर्फ मानकी देवी और उनके पुत्र नरेश मंडल, महेश मंडल, सुनील मंडल का घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है। झामुमो नेता बरकत अली और प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो ने भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ-साथ कड़ी सजा की मांग की। मृतक के पुत्र नरेश मंडल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्हें पिछले 15-20 दिनों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। नरेश के अनुसार, उनका अपने गोतिया (रिश्तेदारों) के साथ जमीन विवाद चल रहा था, जिसमें 7-8 परिवारों का एक गुट उन्हें मारने-काटने की धमकी देता था। उन्होंने बताया कि वे अपने 30 साल पुराने घर को तोड़कर नया बना रहे थे, तभी गोतिया के लोगों ने धारा 144 लगवा दी थी और यह विवाद अगले दो दिनों में सुलझने वाला था। नरेश ने आगे बताया कि मंगलवार सुबह करीब 3 बजे उनके पिताजी खेत जोताई के लिए ट्रैक्टर चालक को लाने जमुनबेड़ा जा रहे थे, तभी सुनसान रास्ते में घेरकर उनकी हत्या कर दी गई। उन्हें घटना की जानकारी सुबह 6-7 बजे मिली। नरेश मंडल ने सीधे तौर पर अपने गोतिया के दो भाइयों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पैसे और पहुंच वाले लोग हैं, और इसी कारण लगातार धमकी दे रहे थे।4
- झारखंड के गोमिया में सोमवार सुबह एक युवती गोमिया थाना क्षेत्र के ढेंढे गांव स्थित मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। वह अपने प्रेमी को जेल से रिहा करने की मांग पर अड़ी थी और उसका कहना था कि जब तक उसके प्रेमी को जेल से नहीं छोड़ा जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी। बताया जाता है कि यह पूरा घटनाक्रम कुछ दिन पहले हुई एक घटना से जुड़ा है। युवती के परिजनों ने उसके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने युवती को रांची से बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने युवती के प्रेमी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और इसी के विरोध में युवती ने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलने पर गोमिया और ललपनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई और कूदने की धमकी देने लगी। एहतियात के तौर पर पुलिस ने टॉवर के चारों ओर सुरक्षा जाल (नेट) लगाने की व्यवस्था की। प्रेम, कानून और मोबाइल टॉवर के बीच फंसी इस घटना ने इलाके में घंटों तक लोगों का ध्यान खींचे रखा, जिससे एक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।1
- बोकारो जिले के चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के तेलो स्थित बुधुबांध के पास सोमवार को प्रेम में पागलपन की हद पार हो गई, जब सिद्धि निवासी स्वर्गीय आलकु कोइरी का पुत्र प्रेम कुमार कोइरी अपनी मोहब्बत पाने के लिए एक जियो टॉवर पर चढ़ गया। अपनी प्रेमिका को मनाने के लिए प्रेमी ने करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक हाई वोल्टेज ड्रामा किया, जिसके दौरान वह टॉवर के ऊपर बैठा रहा और नीचे उतरने को बिल्कुल तैयार नहीं था। इस घटना को देखने के लिए टॉवर के नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई, और हर कोई अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में व्यस्त था।1
- आज मंगलवार को बाघमारा बचाओ नागरिक संघर्ष समिति ने आद्रा रेल मंडल के महुदा सेक्शन स्थित खानुडीह स्टेशन के ईस्ट केबिन के रेल गेट BG27 पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण की मांग को लेकर एक भव्य जुलुस निकाला। यह जुलुस लुती पहाड़ी चौक से शुरू होकर बाघमारा बाजार होते हुए प्रखंड कार्यालय तक पहुँचा, जहाँ यह एक सभा में बदल गया। समिति के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने सभा की अध्यक्षता की, जिसमें विजय शर्मा, योगेंद्र सिंह, लगन देव यादव, रविंद्र पांडेय, दिनेश ठक्कर और आदर्श गुप्ता सहित कई वक्ताओं ने लोगों को संबोधित किया। वक्ताओं ने बाघमारा रेल फाटक पर हो रही परेशानियों को उजागर करते हुए तत्काल ओवरब्रिज बनाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई। सभा के समापन के बाद, एक प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन बीडीओ को सौंपा, जिसमें ओवरब्रिज की मांग को दोहराया गया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अहिल्यापुर फतेहपुर गांव में आयोजित दो दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट संपन्न हो गया। रविवार की सुबह 10 बजे उद्घाटन मुकाबले के साथ शुरू हुए इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।1
- आजसू पार्टी ने अपने 40वें स्थापना दिवस के अवसर पर बाघमारा में एक विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन किया। चंद्र प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहाँ जनता के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की गई।1
- डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।1
- डुमरी विधायक जयराम महतो ने सोमवार को डुमरी प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय के सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया, जहाँ उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना। डुमरी सहित विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों ने विधायक के समक्ष अपनी निजी और सार्वजनिक समस्याओं के संबंध में आवेदन देकर समाधान की गुहार लगाई। इस दौरान, विधायक ने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया, जबकि अन्य मामलों में उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और दूसरे पक्ष से फोन पर बात कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनता दरबार में, भावनंद से आईं देवंती देवी ने बताया कि 2019 में जमीन खरीदने के बावजूद उनका दाखिल-खारिज अब तक नहीं हुआ है, जबकि उसी जमीन के अन्य प्लॉटों का दाखिल-खारिज हो चुका है। करमा टोंगरी के वीरेंद्र प्रसाद ने शिकायत की कि चार बार आवेदन देने के बाद भी उनकी जमीन ऑनलाइन नहीं की गई है। इन दोनों मामलों में विधायक ने तत्काल संबंधित कर्मचारियों को फोन कर आवश्यक निर्देश दिए। चंद्रपुरा प्रखंड के करमा टांड़ से आईं विमली देवी ने जानकारी दी कि उनके पति की पहली पत्नी की पुत्री के बेटे ने गलत वंशावली बनाकर जमीन के आधार पर नौकरी हासिल कर ली है, और इस संबंध में कई बार विभाग को पत्र लिखने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। वहीं, हजारीबाग के बड़कागांव से आईं सीता देवी ने आरोप लगाया कि भूमाफिया और थाना प्रभारी की साजिश के तहत सावित्री देवी के आवेदन पर उनके पति और भैंसुर को जेल भेज दिया गया है, जिस पर उन्होंने विधायक से जांच कमेटी गठित कर मामले की जाँच कराने की मांग की। प्रखंड के धनहरा गांव से आईं झरिया देवी और यशोदा देवी सहित अन्य महिलाओं ने विधायक को चापाकल लगवाने के लिए आवेदन दिया। इस अवसर पर रामेश्वर महतो, मुखिया सुबोध यादव, रविंद्र पांडेय, रोहित चौधरी, जितेंद्र मोहली, मुकेश मंडल, नकुल महतो, भोला महतो और संजय महतो सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।1