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झारखंड के गोमिया में सोमवार सुबह एक युवती गोमिया थाना क्षेत्र के ढेंढे गांव स्थित मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। वह अपने प्रेमी को जेल से रिहा करने की मांग पर अड़ी थी और उसका कहना था कि जब तक उसके प्रेमी को जेल से नहीं छोड़ा जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी। बताया जाता है कि यह पूरा घटनाक्रम कुछ दिन पहले हुई एक घटना से जुड़ा है। युवती के परिजनों ने उसके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने युवती को रांची से बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने युवती के प्रेमी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और इसी के विरोध में युवती ने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलने पर गोमिया और ललपनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई और कूदने की धमकी देने लगी। एहतियात के तौर पर पुलिस ने टॉवर के चारों ओर सुरक्षा जाल (नेट) लगाने की व्यवस्था की। प्रेम, कानून और मोबाइल टॉवर के बीच फंसी इस घटना ने इलाके में घंटों तक लोगों का ध्यान खींचे रखा, जिससे एक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।

2 hrs ago
user_BITTU JOURNALIST
BITTU JOURNALIST
Local News Reporter बगोदर, गिरिडीह, झारखंड•
2 hrs ago

झारखंड के गोमिया में सोमवार सुबह एक युवती गोमिया थाना क्षेत्र के ढेंढे गांव स्थित मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। वह अपने प्रेमी को जेल से रिहा करने की मांग पर अड़ी थी और उसका कहना था कि जब तक उसके प्रेमी को जेल से नहीं छोड़ा जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी। बताया जाता है कि यह पूरा घटनाक्रम कुछ दिन पहले हुई एक घटना से जुड़ा है। युवती के परिजनों ने उसके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने युवती को रांची से बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने युवती के प्रेमी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और इसी के विरोध में युवती ने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलने पर गोमिया और ललपनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई और कूदने की धमकी देने लगी। एहतियात के तौर पर पुलिस ने टॉवर के चारों ओर सुरक्षा जाल (नेट) लगाने की व्यवस्था की। प्रेम, कानून और मोबाइल टॉवर के बीच फंसी इस घटना ने इलाके में घंटों तक लोगों का ध्यान खींचे रखा, जिससे एक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।

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  • झारखंड के गोमिया में सोमवार सुबह एक युवती गोमिया थाना क्षेत्र के ढेंढे गांव स्थित मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। वह अपने प्रेमी को जेल से रिहा करने की मांग पर अड़ी थी और उसका कहना था कि जब तक उसके प्रेमी को जेल से नहीं छोड़ा जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी। बताया जाता है कि यह पूरा घटनाक्रम कुछ दिन पहले हुई एक घटना से जुड़ा है। युवती के परिजनों ने उसके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने युवती को रांची से बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने युवती के प्रेमी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और इसी के विरोध में युवती ने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलने पर गोमिया और ललपनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई और कूदने की धमकी देने लगी। एहतियात के तौर पर पुलिस ने टॉवर के चारों ओर सुरक्षा जाल (नेट) लगाने की व्यवस्था की। प्रेम, कानून और मोबाइल टॉवर के बीच फंसी इस घटना ने इलाके में घंटों तक लोगों का ध्यान खींचे रखा, जिससे एक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
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    झारखंड के गोमिया में सोमवार सुबह एक युवती गोमिया थाना क्षेत्र के ढेंढे गांव स्थित मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। वह अपने प्रेमी को जेल से रिहा करने की मांग पर अड़ी थी और उसका कहना था कि जब तक उसके प्रेमी को जेल से नहीं छोड़ा जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी।

बताया जाता है कि यह पूरा घटनाक्रम कुछ दिन पहले हुई एक घटना से जुड़ा है। युवती के परिजनों ने उसके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने युवती को रांची से बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने युवती के प्रेमी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और इसी के विरोध में युवती ने यह कदम उठाया।

घटना की सूचना मिलने पर गोमिया और ललपनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई और कूदने की धमकी देने लगी। एहतियात के तौर पर पुलिस ने टॉवर के चारों ओर सुरक्षा जाल (नेट) लगाने की व्यवस्था की।

प्रेम, कानून और मोबाइल टॉवर के बीच फंसी इस घटना ने इलाके में घंटों तक लोगों का ध्यान खींचे रखा, जिससे एक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
    user_BITTU JOURNALIST
    BITTU JOURNALIST
    Local News Reporter बगोदर, गिरिडीह, झारखंड•
    2 hrs ago
  • गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड की बड़की बेरगी पंचायत अंतर्गत बासोकांडो टोला जमुनबेड़ा में सोमवार देर रात एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधियों ने बसगोरहा, ससारखो पंचायत निवासी बासुदेव मंडल को लाठी-डंडों से पीटने के बाद पत्थर से कूचकर मार डाला। घटना की सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह एसडीपीओ आबिद खान और डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया है। एसडीपीओ ने आश्वासन दिया कि हत्याकांड में शामिल अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में घटना के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया है कि बराकर नदी और बासोकांडो नदी से दिन-रात सफेद बालू का अवैध कारोबार होता है, जिसमें रोजाना 200-250 ट्रैक्टर अवैध बालू लोड करके डुमरी और आसपास के प्रखंडों में भेजे जाते हैं। मृतक की पत्नी लीलवाती उर्फ मानकी देवी और उनके पुत्र नरेश मंडल, महेश मंडल, सुनील मंडल का घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है। झामुमो नेता बरकत अली और प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो ने भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ-साथ कड़ी सजा की मांग की। मृतक के पुत्र नरेश मंडल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्हें पिछले 15-20 दिनों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। नरेश के अनुसार, उनका अपने गोतिया (रिश्तेदारों) के साथ जमीन विवाद चल रहा था, जिसमें 7-8 परिवारों का एक गुट उन्हें मारने-काटने की धमकी देता था। उन्होंने बताया कि वे अपने 30 साल पुराने घर को तोड़कर नया बना रहे थे, तभी गोतिया के लोगों ने धारा 144 लगवा दी थी और यह विवाद अगले दो दिनों में सुलझने वाला था। नरेश ने आगे बताया कि मंगलवार सुबह करीब 3 बजे उनके पिताजी खेत जोताई के लिए ट्रैक्टर चालक को लाने जमुनबेड़ा जा रहे थे, तभी सुनसान रास्ते में घेरकर उनकी हत्या कर दी गई। उन्हें घटना की जानकारी सुबह 6-7 बजे मिली। नरेश मंडल ने सीधे तौर पर अपने गोतिया के दो भाइयों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पैसे और पहुंच वाले लोग हैं, और इसी कारण लगातार धमकी दे रहे थे।
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    गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड की बड़की बेरगी पंचायत अंतर्गत बासोकांडो टोला जमुनबेड़ा में सोमवार देर रात एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधियों ने बसगोरहा, ससारखो पंचायत निवासी बासुदेव मंडल को लाठी-डंडों से पीटने के बाद पत्थर से कूचकर मार डाला।

घटना की सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह एसडीपीओ आबिद खान और डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया है। एसडीपीओ ने आश्वासन दिया कि हत्याकांड में शामिल अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में घटना के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया है कि बराकर नदी और बासोकांडो नदी से दिन-रात सफेद बालू का अवैध कारोबार होता है, जिसमें रोजाना 200-250 ट्रैक्टर अवैध बालू लोड करके डुमरी और आसपास के प्रखंडों में भेजे जाते हैं।

मृतक की पत्नी लीलवाती उर्फ मानकी देवी और उनके पुत्र नरेश मंडल, महेश मंडल, सुनील मंडल का घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है। झामुमो नेता बरकत अली और प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो ने भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ-साथ कड़ी सजा की मांग की। मृतक के पुत्र नरेश मंडल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्हें पिछले 15-20 दिनों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। नरेश के अनुसार, उनका अपने गोतिया (रिश्तेदारों) के साथ जमीन विवाद चल रहा था, जिसमें 7-8 परिवारों का एक गुट उन्हें मारने-काटने की धमकी देता था। उन्होंने बताया कि वे अपने 30 साल पुराने घर को तोड़कर नया बना रहे थे, तभी गोतिया के लोगों ने धारा 144 लगवा दी थी और यह विवाद अगले दो दिनों में सुलझने वाला था। नरेश ने आगे बताया कि मंगलवार सुबह करीब 3 बजे उनके पिताजी खेत जोताई के लिए ट्रैक्टर चालक को लाने जमुनबेड़ा जा रहे थे, तभी सुनसान रास्ते में घेरकर उनकी हत्या कर दी गई। उन्हें घटना की जानकारी सुबह 6-7 बजे मिली। नरेश मंडल ने सीधे तौर पर अपने गोतिया के दो भाइयों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पैसे और पहुंच वाले लोग हैं, और इसी कारण लगातार धमकी दे रहे थे।
    user_Ajay Kumar Rajak
    Ajay Kumar Rajak
    Local News Reporter डुमरी, गिरिडीह, झारखंड•
    2 hrs ago
  • अबकी बार चलानी है श्रवनी मेला देवघर अबकी बार चलानी है श्रवनी मेला देवघर.... अबकी बार चलानी है श्रवनी मेला देवघर
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    अबकी बार चलानी है श्रवनी मेला देवघर
अबकी बार चलानी है श्रवनी मेला देवघर....
अबकी बार चलानी है श्रवनी मेला देवघर
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    19 hrs ago
  • बोकारो जिले के चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के तेलो स्थित बुधुबांध के पास सोमवार को प्रेम में पागलपन की हद पार हो गई, जब सिद्धि निवासी स्वर्गीय आलकु कोइरी का पुत्र प्रेम कुमार कोइरी अपनी मोहब्बत पाने के लिए एक जियो टॉवर पर चढ़ गया। अपनी प्रेमिका को मनाने के लिए प्रेमी ने करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक हाई वोल्टेज ड्रामा किया, जिसके दौरान वह टॉवर के ऊपर बैठा रहा और नीचे उतरने को बिल्कुल तैयार नहीं था। इस घटना को देखने के लिए टॉवर के नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई, और हर कोई अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में व्यस्त था।
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    बोकारो जिले के चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के तेलो स्थित बुधुबांध के पास सोमवार को प्रेम में पागलपन की हद पार हो गई, जब सिद्धि निवासी स्वर्गीय आलकु कोइरी का पुत्र प्रेम कुमार कोइरी अपनी मोहब्बत पाने के लिए एक जियो टॉवर पर चढ़ गया। अपनी प्रेमिका को मनाने के लिए प्रेमी ने करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक हाई वोल्टेज ड्रामा किया, जिसके दौरान वह टॉवर के ऊपर बैठा रहा और नीचे उतरने को बिल्कुल तैयार नहीं था। इस घटना को देखने के लिए टॉवर के नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई, और हर कोई अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में व्यस्त था।
    user_Churaman Thakur Press
    Churaman Thakur Press
    रिपोर्टिंग चंद्रपुरा, बोकारो, झारखंड•
    20 hrs ago
  • आज मंगलवार को बाघमारा बचाओ नागरिक संघर्ष समिति ने आद्रा रेल मंडल के महुदा सेक्शन स्थित खानुडीह स्टेशन के ईस्ट केबिन के रेल गेट BG27 पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण की मांग को लेकर एक भव्य जुलुस निकाला। यह जुलुस लुती पहाड़ी चौक से शुरू होकर बाघमारा बाजार होते हुए प्रखंड कार्यालय तक पहुँचा, जहाँ यह एक सभा में बदल गया। समिति के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने सभा की अध्यक्षता की, जिसमें विजय शर्मा, योगेंद्र सिंह, लगन देव यादव, रविंद्र पांडेय, दिनेश ठक्कर और आदर्श गुप्ता सहित कई वक्ताओं ने लोगों को संबोधित किया। वक्ताओं ने बाघमारा रेल फाटक पर हो रही परेशानियों को उजागर करते हुए तत्काल ओवरब्रिज बनाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई। सभा के समापन के बाद, एक प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन बीडीओ को सौंपा, जिसमें ओवरब्रिज की मांग को दोहराया गया।
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    आज मंगलवार को बाघमारा बचाओ नागरिक संघर्ष समिति ने आद्रा रेल मंडल के महुदा सेक्शन स्थित खानुडीह स्टेशन के ईस्ट केबिन के रेल गेट BG27 पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण की मांग को लेकर एक भव्य जुलुस निकाला। यह जुलुस लुती पहाड़ी चौक से शुरू होकर बाघमारा बाजार होते हुए प्रखंड कार्यालय तक पहुँचा, जहाँ यह एक सभा में बदल गया।

समिति के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने सभा की अध्यक्षता की, जिसमें विजय शर्मा, योगेंद्र सिंह, लगन देव यादव, रविंद्र पांडेय, दिनेश ठक्कर और आदर्श गुप्ता सहित कई वक्ताओं ने लोगों को संबोधित किया। वक्ताओं ने बाघमारा रेल फाटक पर हो रही परेशानियों को उजागर करते हुए तत्काल ओवरब्रिज बनाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई। सभा के समापन के बाद, एक प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद उपायुक्त के नाम एक ज्ञापन बीडीओ को सौंपा, जिसमें ओवरब्रिज की मांग को दोहराया गया।
    user_प्रेम कुमार *पत्रकार*
    प्रेम कुमार *पत्रकार*
    Local News Reporter बाघमारा-कम-कटरास, धनबाद, झारखंड•
    1 hr ago
  • झारखंड के खटोरी पंचायत की जमीनी रिपोर्ट से एक कड़वा सच सामने आया है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। बताया गया है कि सांसद द्वारा गोद ली जाने के बावजूद इस पंचायत में न तो सड़कें हैं और न ही पीने का पानी उपलब्ध है। यह स्थिति इस सवाल को जन्म देती है कि क्या आदिवासी सरकार होने के बावजूद राज्य में आदिवासी समुदाय अभी भी विकास से पीछे छूट रहा है।
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    झारखंड के खटोरी पंचायत की जमीनी रिपोर्ट से एक कड़वा सच सामने आया है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। बताया गया है कि सांसद द्वारा गोद ली जाने के बावजूद इस पंचायत में न तो सड़कें हैं और न ही पीने का पानी उपलब्ध है। यह स्थिति इस सवाल को जन्म देती है कि क्या आदिवासी सरकार होने के बावजूद राज्य में आदिवासी समुदाय अभी भी विकास से पीछे छूट रहा है।
    user_Satya sahitya news
    Satya sahitya news
    News Anchor जमुआ, गिरिडीह, झारखंड•
    2 hrs ago
  • गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत गरगडीहा गांव में मोहर्रम पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। गांव के विभिन्न इमामबाड़ों में ताजिया निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जहाँ कारीगर और स्थानीय लोग दिन-रात मेहनत कर आकर्षक ताजियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार, गरगडीहा में कुल 6 इमामबाड़े हैं, जहाँ से इस वर्ष 6 ताजिए तैयार किए जा रहे हैं। ताजिया निर्माण में लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये की लागत आने का अनुमान है, और प्रत्येक ताजिए को पारंपरिक शैली तथा खूबसूरत डिजाइन के साथ तैयार किया जा रहा है। मोहर्रम को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है, और अंजुमन कमेटी एवं ग्रामीणों के सहयोग से सभी तैयारियां शांतिपूर्ण ढंग से की जा रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मोहर्रम पूरी अकीदत और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा। वहीं, प्रशासन भी मोहर्रम को लेकर सतर्क है और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां कर रहा है। मोहर्रम नजदीक आते ही ताजिया निर्माण कार्य में तेजी देखी जा रही है।
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    गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत गरगडीहा गांव में मोहर्रम पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। गांव के विभिन्न इमामबाड़ों में ताजिया निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जहाँ कारीगर और स्थानीय लोग दिन-रात मेहनत कर आकर्षक ताजियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

जानकारी के अनुसार, गरगडीहा में कुल 6 इमामबाड़े हैं, जहाँ से इस वर्ष 6 ताजिए तैयार किए जा रहे हैं। ताजिया निर्माण में लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये की लागत आने का अनुमान है, और प्रत्येक ताजिए को पारंपरिक शैली तथा खूबसूरत डिजाइन के साथ तैयार किया जा रहा है।

मोहर्रम को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है, और अंजुमन कमेटी एवं ग्रामीणों के सहयोग से सभी तैयारियां शांतिपूर्ण ढंग से की जा रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मोहर्रम पूरी अकीदत और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा। वहीं, प्रशासन भी मोहर्रम को लेकर सतर्क है और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां कर रहा है। मोहर्रम नजदीक आते ही ताजिया निर्माण कार्य में तेजी देखी जा रही है।
    user_Gramin News Giridih
    Gramin News Giridih
    Jamua, Giridih•
    4 hrs ago
  • बगोदर के औंरा स्थित मस्जिद और मदरसा से जुड़ी जमीन तथा अनुदान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद, अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय खुलकर सामने आया है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए दस्तावेज़ पेश किए हैं और इन्हें मस्जिद-मदरसा की छवि धूमिल करने तथा समाज को बांटने की एक साजिश करार दिया है। अंजुमन कमेटी औंरा के सदर सरफराज अहमद ने मीडिया को बताया कि मस्जिद और मदरसा की 37 डिसमिल जमीन को लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने संबंधित दस्तावेज दिखाते हुए स्पष्ट किया कि करीब 45 वर्ष पूर्व यह जमीन मौलाना मो. युनूस रसीदी के नाम रजिस्ट्री हुई थी, लेकिन दस्तावेजों में यह साफ लिखा है कि जमीन का उपयोग मस्जिद और मदरसा के लिए ही होगा। इसलिए, मौलाना युनूस रसीदी या उनके वारिसों का इस जमीन पर कोई व्यक्तिगत स्वामित्व या अधिकार नहीं है। मदरसा अनुदान राशि के कथित गबन के आरोपों पर कमेटी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि मौलाना मो. युनूस रसीदी लगभग 10 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि जिस अनुदान राशि को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह तीन वर्ष पहले प्राप्त हुई थी। ऐसे में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि के गबन का सवाल ही नहीं उठता। अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आरोप लगाने वालों पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों द्वारा यह मुद्दा उठाया जा रहा है, उनका मस्जिद और मदरसा के संचालन से कोई संबंध नहीं है। समुदाय का आरोप है कि पहले भी इसी तरह के प्रयास कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और लोगों को बांटने की कोशिश की गई थी, जिसका समुदाय ने एकजुट होकर जवाब दिया था। कमेटी सदस्यों ने मौलाना मो. युनूस रसीदी को एक सम्मानित और नेकदिल व्यक्ति बताया, जिन्होंने पूर्व में भी उन्हें बदनाम कर मदरसा से अलग करने के प्रयास के बावजूद समुदाय के आग्रह पर दोबारा जिम्मेदारी संभाली थी। समुदाय ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद और मदरसा से जुड़े मामलों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और आरोपों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाएगा और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
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    बगोदर के औंरा स्थित मस्जिद और मदरसा से जुड़ी जमीन तथा अनुदान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद, अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय खुलकर सामने आया है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए दस्तावेज़ पेश किए हैं और इन्हें मस्जिद-मदरसा की छवि धूमिल करने तथा समाज को बांटने की एक साजिश करार दिया है।

अंजुमन कमेटी औंरा के सदर सरफराज अहमद ने मीडिया को बताया कि मस्जिद और मदरसा की 37 डिसमिल जमीन को लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने संबंधित दस्तावेज दिखाते हुए स्पष्ट किया कि करीब 45 वर्ष पूर्व यह जमीन मौलाना मो. युनूस रसीदी के नाम रजिस्ट्री हुई थी, लेकिन दस्तावेजों में यह साफ लिखा है कि जमीन का उपयोग मस्जिद और मदरसा के लिए ही होगा। इसलिए, मौलाना युनूस रसीदी या उनके वारिसों का इस जमीन पर कोई व्यक्तिगत स्वामित्व या अधिकार नहीं है।

मदरसा अनुदान राशि के कथित गबन के आरोपों पर कमेटी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि मौलाना मो. युनूस रसीदी लगभग 10 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि जिस अनुदान राशि को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह तीन वर्ष पहले प्राप्त हुई थी। ऐसे में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि के गबन का सवाल ही नहीं उठता। अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आरोप लगाने वालों पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों द्वारा यह मुद्दा उठाया जा रहा है, उनका मस्जिद और मदरसा के संचालन से कोई संबंध नहीं है। समुदाय का आरोप है कि पहले भी इसी तरह के प्रयास कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और लोगों को बांटने की कोशिश की गई थी, जिसका समुदाय ने एकजुट होकर जवाब दिया था। कमेटी सदस्यों ने मौलाना मो. युनूस रसीदी को एक सम्मानित और नेकदिल व्यक्ति बताया, जिन्होंने पूर्व में भी उन्हें बदनाम कर मदरसा से अलग करने के प्रयास के बावजूद समुदाय के आग्रह पर दोबारा जिम्मेदारी संभाली थी।

समुदाय ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद और मदरसा से जुड़े मामलों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और आरोपों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाएगा और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
    user_BITTU JOURNALIST
    BITTU JOURNALIST
    Local News Reporter बगोदर, गिरिडीह, झारखंड•
    21 hrs ago
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