गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत गरगडीहा गांव में मोहर्रम पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। गांव के विभिन्न इमामबाड़ों में ताजिया निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जहाँ कारीगर और स्थानीय लोग दिन-रात मेहनत कर आकर्षक ताजियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार, गरगडीहा में कुल 6 इमामबाड़े हैं, जहाँ से इस वर्ष 6 ताजिए तैयार किए जा रहे हैं। ताजिया निर्माण में लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये की लागत आने का अनुमान है, और प्रत्येक ताजिए को पारंपरिक शैली तथा खूबसूरत डिजाइन के साथ तैयार किया जा रहा है। मोहर्रम को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है, और अंजुमन कमेटी एवं ग्रामीणों के सहयोग से सभी तैयारियां शांतिपूर्ण ढंग से की जा रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मोहर्रम पूरी अकीदत और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा। वहीं, प्रशासन भी मोहर्रम को लेकर सतर्क है और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां कर रहा है। मोहर्रम नजदीक आते ही ताजिया निर्माण कार्य में तेजी देखी जा रही है।
गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत गरगडीहा गांव में मोहर्रम पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। गांव के विभिन्न इमामबाड़ों में ताजिया निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जहाँ कारीगर और स्थानीय लोग दिन-रात मेहनत कर आकर्षक ताजियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार, गरगडीहा में कुल 6 इमामबाड़े हैं, जहाँ से इस वर्ष 6 ताजिए तैयार किए जा रहे हैं। ताजिया निर्माण में लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये की लागत आने का अनुमान है, और प्रत्येक ताजिए को पारंपरिक शैली तथा खूबसूरत डिजाइन के साथ तैयार किया जा रहा है। मोहर्रम को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है, और अंजुमन कमेटी एवं ग्रामीणों के सहयोग से सभी तैयारियां शांतिपूर्ण ढंग से की जा रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मोहर्रम पूरी अकीदत और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा। वहीं, प्रशासन भी मोहर्रम को लेकर सतर्क है और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां कर रहा है। मोहर्रम नजदीक आते ही ताजिया निर्माण कार्य में तेजी देखी जा रही है।
- झारखंड के खटोरी पंचायत की जमीनी रिपोर्ट से एक कड़वा सच सामने आया है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। बताया गया है कि सांसद द्वारा गोद ली जाने के बावजूद इस पंचायत में न तो सड़कें हैं और न ही पीने का पानी उपलब्ध है। यह स्थिति इस सवाल को जन्म देती है कि क्या आदिवासी सरकार होने के बावजूद राज्य में आदिवासी समुदाय अभी भी विकास से पीछे छूट रहा है।1
- गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत गरगडीहा गांव में मोहर्रम पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। गांव के विभिन्न इमामबाड़ों में ताजिया निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जहाँ कारीगर और स्थानीय लोग दिन-रात मेहनत कर आकर्षक ताजियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जानकारी के अनुसार, गरगडीहा में कुल 6 इमामबाड़े हैं, जहाँ से इस वर्ष 6 ताजिए तैयार किए जा रहे हैं। ताजिया निर्माण में लगभग 1 लाख 60 हजार रुपये की लागत आने का अनुमान है, और प्रत्येक ताजिए को पारंपरिक शैली तथा खूबसूरत डिजाइन के साथ तैयार किया जा रहा है। मोहर्रम को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है, और अंजुमन कमेटी एवं ग्रामीणों के सहयोग से सभी तैयारियां शांतिपूर्ण ढंग से की जा रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मोहर्रम पूरी अकीदत और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा। वहीं, प्रशासन भी मोहर्रम को लेकर सतर्क है और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां कर रहा है। मोहर्रम नजदीक आते ही ताजिया निर्माण कार्य में तेजी देखी जा रही है।1
- गिरिडीह जिले के जमखोखरो पंचायत के अंतर्गत आने वाले बाकरगंज गांव में फाइबर ब्लॉक सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया है। यह सड़क हीरोडीह थाना क्षेत्र में बनाई जा रही है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। इस परियोजना से ग्रामीण विकास और सार्वजनिक कल्याण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अहिल्यापुर फतेहपुर गांव में आयोजित दो दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट संपन्न हो गया। रविवार की सुबह 10 बजे उद्घाटन मुकाबले के साथ शुरू हुए इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।1
- झारखंड के गोमिया में सोमवार सुबह एक युवती गोमिया थाना क्षेत्र के ढेंढे गांव स्थित मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। वह अपने प्रेमी को जेल से रिहा करने की मांग पर अड़ी थी और उसका कहना था कि जब तक उसके प्रेमी को जेल से नहीं छोड़ा जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी। बताया जाता है कि यह पूरा घटनाक्रम कुछ दिन पहले हुई एक घटना से जुड़ा है। युवती के परिजनों ने उसके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने युवती को रांची से बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने युवती के प्रेमी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और इसी के विरोध में युवती ने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलने पर गोमिया और ललपनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवती को काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई और कूदने की धमकी देने लगी। एहतियात के तौर पर पुलिस ने टॉवर के चारों ओर सुरक्षा जाल (नेट) लगाने की व्यवस्था की। प्रेम, कानून और मोबाइल टॉवर के बीच फंसी इस घटना ने इलाके में घंटों तक लोगों का ध्यान खींचे रखा, जिससे एक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।1
- गिरिडीह जिले के डुमरी प्रखंड की बड़की बेरगी पंचायत अंतर्गत बासोकांडो टोला जमुनबेड़ा में सोमवार देर रात एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधियों ने बसगोरहा, ससारखो पंचायत निवासी बासुदेव मंडल को लाठी-डंडों से पीटने के बाद पत्थर से कूचकर मार डाला। घटना की सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह एसडीपीओ आबिद खान और डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह भेज दिया है। एसडीपीओ ने आश्वासन दिया कि हत्याकांड में शामिल अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में घटना के पीछे जमीन विवाद को मुख्य कारण बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया है कि बराकर नदी और बासोकांडो नदी से दिन-रात सफेद बालू का अवैध कारोबार होता है, जिसमें रोजाना 200-250 ट्रैक्टर अवैध बालू लोड करके डुमरी और आसपास के प्रखंडों में भेजे जाते हैं। मृतक की पत्नी लीलवाती उर्फ मानकी देवी और उनके पुत्र नरेश मंडल, महेश मंडल, सुनील मंडल का घटना के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है। झामुमो नेता बरकत अली और प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो ने भी शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ-साथ कड़ी सजा की मांग की। मृतक के पुत्र नरेश मंडल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्हें पिछले 15-20 दिनों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। नरेश के अनुसार, उनका अपने गोतिया (रिश्तेदारों) के साथ जमीन विवाद चल रहा था, जिसमें 7-8 परिवारों का एक गुट उन्हें मारने-काटने की धमकी देता था। उन्होंने बताया कि वे अपने 30 साल पुराने घर को तोड़कर नया बना रहे थे, तभी गोतिया के लोगों ने धारा 144 लगवा दी थी और यह विवाद अगले दो दिनों में सुलझने वाला था। नरेश ने आगे बताया कि मंगलवार सुबह करीब 3 बजे उनके पिताजी खेत जोताई के लिए ट्रैक्टर चालक को लाने जमुनबेड़ा जा रहे थे, तभी सुनसान रास्ते में घेरकर उनकी हत्या कर दी गई। उन्हें घटना की जानकारी सुबह 6-7 बजे मिली। नरेश मंडल ने सीधे तौर पर अपने गोतिया के दो भाइयों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पैसे और पहुंच वाले लोग हैं, और इसी कारण लगातार धमकी दे रहे थे।4
- गिरिडीह जिले में रविवार को हुई तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसके चलते कई इलाकों में गंभीर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और कई घंटों तक लगातार बारिश होती रही। इस मूसलाधार बारिश के कारण शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश की वजह से बाजारों में भीड़ भी कम रही और कई स्थानों पर नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगा। हालांकि, किसानों ने इस बारिश को खरीफ फसलों के लिए लाभदायक बताया है। वहीं, कुछ निचले इलाकों में पानी भर जाने से वहां के निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी जिले में बारिश की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।1
- कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के लतबेधवा गांव में एक नवविवाहिता द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक का माहौल छा गया है। मृतिका की मां ने इस मामले को लेकर अपनी बात रखी है और कई महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। फिलहाल, पुलिस इस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।1