डुमरी विधायक जयराम महतो ने सोमवार को डुमरी प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय के सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया, जहाँ उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना। डुमरी सहित विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों ने विधायक के समक्ष अपनी निजी और सार्वजनिक समस्याओं के संबंध में आवेदन देकर समाधान की गुहार लगाई। इस दौरान, विधायक ने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया, जबकि अन्य मामलों में उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और दूसरे पक्ष से फोन पर बात कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनता दरबार में, भावनंद से आईं देवंती देवी ने बताया कि 2019 में जमीन खरीदने के बावजूद उनका दाखिल-खारिज अब तक नहीं हुआ है, जबकि उसी जमीन के अन्य प्लॉटों का दाखिल-खारिज हो चुका है। करमा टोंगरी के वीरेंद्र प्रसाद ने शिकायत की कि चार बार आवेदन देने के बाद भी उनकी जमीन ऑनलाइन नहीं की गई है। इन दोनों मामलों में विधायक ने तत्काल संबंधित कर्मचारियों को फोन कर आवश्यक निर्देश दिए। चंद्रपुरा प्रखंड के करमा टांड़ से आईं विमली देवी ने जानकारी दी कि उनके पति की पहली पत्नी की पुत्री के बेटे ने गलत वंशावली बनाकर जमीन के आधार पर नौकरी हासिल कर ली है, और इस संबंध में कई बार विभाग को पत्र लिखने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। वहीं, हजारीबाग के बड़कागांव से आईं सीता देवी ने आरोप लगाया कि भूमाफिया और थाना प्रभारी की साजिश के तहत सावित्री देवी के आवेदन पर उनके पति और भैंसुर को जेल भेज दिया गया है, जिस पर उन्होंने विधायक से जांच कमेटी गठित कर मामले की जाँच कराने की मांग की। प्रखंड के धनहरा गांव से आईं झरिया देवी और यशोदा देवी सहित अन्य महिलाओं ने विधायक को चापाकल लगवाने के लिए आवेदन दिया। इस अवसर पर रामेश्वर महतो, मुखिया सुबोध यादव, रविंद्र पांडेय, रोहित चौधरी, जितेंद्र मोहली, मुकेश मंडल, नकुल महतो, भोला महतो और संजय महतो सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।
डुमरी विधायक जयराम महतो ने सोमवार को डुमरी प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय के सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया, जहाँ उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना। डुमरी सहित विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों ने विधायक के समक्ष अपनी निजी और सार्वजनिक समस्याओं के संबंध में आवेदन देकर समाधान की गुहार लगाई। इस दौरान, विधायक ने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया, जबकि अन्य मामलों में उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और दूसरे पक्ष से फोन पर बात कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनता दरबार में, भावनंद से आईं देवंती देवी ने बताया कि 2019 में जमीन खरीदने के बावजूद उनका दाखिल-खारिज अब तक नहीं हुआ है, जबकि उसी जमीन के अन्य प्लॉटों का दाखिल-खारिज हो चुका है। करमा टोंगरी के वीरेंद्र प्रसाद ने शिकायत की कि चार बार आवेदन देने के बाद भी उनकी जमीन ऑनलाइन नहीं की गई है। इन दोनों मामलों में विधायक ने तत्काल संबंधित कर्मचारियों को फोन कर आवश्यक निर्देश दिए। चंद्रपुरा प्रखंड के करमा टांड़ से आईं विमली देवी ने जानकारी दी कि उनके पति की पहली पत्नी की पुत्री के बेटे ने गलत वंशावली बनाकर जमीन के आधार पर नौकरी हासिल कर ली है, और इस संबंध में कई बार विभाग को पत्र लिखने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। वहीं, हजारीबाग के बड़कागांव से आईं सीता देवी ने आरोप लगाया कि भूमाफिया और थाना प्रभारी की साजिश के तहत सावित्री देवी के आवेदन पर उनके पति और भैंसुर को जेल भेज दिया गया है, जिस पर उन्होंने विधायक से जांच कमेटी गठित कर मामले की जाँच कराने की मांग की। प्रखंड के धनहरा गांव से आईं झरिया देवी और यशोदा देवी सहित अन्य महिलाओं ने विधायक को चापाकल लगवाने के लिए आवेदन दिया। इस अवसर पर रामेश्वर महतो, मुखिया सुबोध यादव, रविंद्र पांडेय, रोहित चौधरी, जितेंद्र मोहली, मुकेश मंडल, नकुल महतो, भोला महतो और संजय महतो सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।
- डुमरी विधायक जयराम महतो ने सोमवार को डुमरी प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय के सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया, जहाँ उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना। डुमरी सहित विभिन्न प्रखंडों से आए लोगों ने विधायक के समक्ष अपनी निजी और सार्वजनिक समस्याओं के संबंध में आवेदन देकर समाधान की गुहार लगाई। इस दौरान, विधायक ने कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया, जबकि अन्य मामलों में उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और दूसरे पक्ष से फोन पर बात कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनता दरबार में, भावनंद से आईं देवंती देवी ने बताया कि 2019 में जमीन खरीदने के बावजूद उनका दाखिल-खारिज अब तक नहीं हुआ है, जबकि उसी जमीन के अन्य प्लॉटों का दाखिल-खारिज हो चुका है। करमा टोंगरी के वीरेंद्र प्रसाद ने शिकायत की कि चार बार आवेदन देने के बाद भी उनकी जमीन ऑनलाइन नहीं की गई है। इन दोनों मामलों में विधायक ने तत्काल संबंधित कर्मचारियों को फोन कर आवश्यक निर्देश दिए। चंद्रपुरा प्रखंड के करमा टांड़ से आईं विमली देवी ने जानकारी दी कि उनके पति की पहली पत्नी की पुत्री के बेटे ने गलत वंशावली बनाकर जमीन के आधार पर नौकरी हासिल कर ली है, और इस संबंध में कई बार विभाग को पत्र लिखने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। वहीं, हजारीबाग के बड़कागांव से आईं सीता देवी ने आरोप लगाया कि भूमाफिया और थाना प्रभारी की साजिश के तहत सावित्री देवी के आवेदन पर उनके पति और भैंसुर को जेल भेज दिया गया है, जिस पर उन्होंने विधायक से जांच कमेटी गठित कर मामले की जाँच कराने की मांग की। प्रखंड के धनहरा गांव से आईं झरिया देवी और यशोदा देवी सहित अन्य महिलाओं ने विधायक को चापाकल लगवाने के लिए आवेदन दिया। इस अवसर पर रामेश्वर महतो, मुखिया सुबोध यादव, रविंद्र पांडेय, रोहित चौधरी, जितेंद्र मोहली, मुकेश मंडल, नकुल महतो, भोला महतो और संजय महतो सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।1
- बगोदर के औंरा स्थित मस्जिद और मदरसा से जुड़ी जमीन तथा अनुदान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद, अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय खुलकर सामने आया है। समुदाय के प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए दस्तावेज़ पेश किए हैं और इन्हें मस्जिद-मदरसा की छवि धूमिल करने तथा समाज को बांटने की एक साजिश करार दिया है। अंजुमन कमेटी औंरा के सदर सरफराज अहमद ने मीडिया को बताया कि मस्जिद और मदरसा की 37 डिसमिल जमीन को लेकर लगाए जा रहे आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने संबंधित दस्तावेज दिखाते हुए स्पष्ट किया कि करीब 45 वर्ष पूर्व यह जमीन मौलाना मो. युनूस रसीदी के नाम रजिस्ट्री हुई थी, लेकिन दस्तावेजों में यह साफ लिखा है कि जमीन का उपयोग मस्जिद और मदरसा के लिए ही होगा। इसलिए, मौलाना युनूस रसीदी या उनके वारिसों का इस जमीन पर कोई व्यक्तिगत स्वामित्व या अधिकार नहीं है। मदरसा अनुदान राशि के कथित गबन के आरोपों पर कमेटी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि मौलाना मो. युनूस रसीदी लगभग 10 वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि जिस अनुदान राशि को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह तीन वर्ष पहले प्राप्त हुई थी। ऐसे में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि के गबन का सवाल ही नहीं उठता। अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आरोप लगाने वालों पर पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों द्वारा यह मुद्दा उठाया जा रहा है, उनका मस्जिद और मदरसा के संचालन से कोई संबंध नहीं है। समुदाय का आरोप है कि पहले भी इसी तरह के प्रयास कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और लोगों को बांटने की कोशिश की गई थी, जिसका समुदाय ने एकजुट होकर जवाब दिया था। कमेटी सदस्यों ने मौलाना मो. युनूस रसीदी को एक सम्मानित और नेकदिल व्यक्ति बताया, जिन्होंने पूर्व में भी उन्हें बदनाम कर मदरसा से अलग करने के प्रयास के बावजूद समुदाय के आग्रह पर दोबारा जिम्मेदारी संभाली थी। समुदाय ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद और मदरसा से जुड़े मामलों को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और आरोपों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर दिया जाएगा और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।1
- झारखंड के बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड स्थित तेलो पूर्वी पंचायत के बुधु बांध क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब प्रेम कुमार नामक एक युवक जियो के मोबाइल टावर पर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि युवक ने अपनी शादी की मांग को लेकर यह कदम उठाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रेम कुमार का पिछले करीब चार वर्षों से एक युवती के साथ प्रेम संबंध था और दोनों शादी करना चाहते थे। परिजनों की सहमति नहीं मिलने के कारण युवक ने टावर पर चढ़ने जैसा बड़ा कदम उठाया। युवक की स्पष्ट मांग है कि उसकी शादी संबंधित युवती से कराई जाए, अन्यथा वह टावर से कूदकर जान देने की बात कह रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि, पुलिस प्रशासन एवं अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। युवक को सुरक्षित नीचे उतारने और उसे समझाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल युवक टावर पर ही मौजूद है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है। प्रशासन लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा शांति बनाए रखने की अपील भी कर रहा है। यह समाचार प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है और आधिकारिक पुष्टि एवं आगे की जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।1
- बोकारो जिले के चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के तेलो स्थित बुधुबांध के पास सोमवार को प्रेम में पागलपन की हद पार हो गई, जब सिद्धि निवासी स्वर्गीय आलकु कोइरी का पुत्र प्रेम कुमार कोइरी अपनी मोहब्बत पाने के लिए एक जियो टॉवर पर चढ़ गया। अपनी प्रेमिका को मनाने के लिए प्रेमी ने करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक हाई वोल्टेज ड्रामा किया, जिसके दौरान वह टॉवर के ऊपर बैठा रहा और नीचे उतरने को बिल्कुल तैयार नहीं था। इस घटना को देखने के लिए टॉवर के नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई, और हर कोई अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में व्यस्त था।1
- बिष्णुगढ़ के सरुखुदार में सड़कों की जर्जर हालत को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास के 'चमचमाते वादे' किए गए थे, लेकिन जीत मिलने के बाद मुखिया और विधायक 'गायब' हो गए हैं। जनता महसूस कर रही है कि वे वोट बैंक की राजनीति का शिकार हुए हैं, क्योंकि सड़कों के नाम पर वोट देने के बावजूद विकास को 'चोट' पहुँची है। सरुखुदार की बदहाल सड़कें अब अपने जनप्रतिनिधियों से उनका पता पूछ रही हैं, जिससे व्यवस्था की विफलता और ग्रामीण विकास की उपेक्षा पर गहरा गुस्सा है।1
- आजसू पार्टी ने धनबाद में अपना 40वां स्थापना दिवस सह जनाक्रोश मार्च धूमधाम से मनाया, जिसमें भारी भीड़ उमड़ी। नेहरू कॉम्प्लेक्स में आयोजित इस कार्यक्रम में आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो और सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी का कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया। इससे पहले, आजसू कार्यकर्ताओं ने गोल्फ ग्राउंड से धनबाद पुलिस की कथित एकतरफा कार्रवाई और गिरफ्तारियों के विरोध में एक जनाक्रोश रैली निकाली। यह रैली पुलिस लाइन, सरायढेला और स्टील गेट से होते हुए नेहरू कॉम्प्लेक्स तक पहुंची। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि झारखंड की वर्तमान स्थिति को देखकर 'गुरुजी' की आत्मा भी दुखी होगी, और आरोप लगाया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा अब अपने ही संघर्ष और पृष्ठभूमि से न्याय मांगने की स्थिति में आ गया है। महतो ने दावा किया कि राज्य में व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और इसके खिलाफ छोटे-मोटे आंदोलन नहीं, बल्कि बड़े जनांदोलन की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार पर पोस्टिंग में 'पैसे के खेल' और अवैध खनन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए, जिसके बाद उनके भाषण ने कार्यकर्ताओं और युवाओं में नया जोश भर दिया।1
- रामकनाली ओपी परिसर में मुहर्रम पर्व के संबंध में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। ओपी प्रभारी अलीशा कुमारी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने का संकल्प लिया।1
- डुमरी विधानसभा क्षेत्र में अधिकारी पदों को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई है, जहाँ विधायक जयराम महतो के निर्वाचित होने के बाद से डुमरी प्रखंड में अधिकांश पदाधिकारी प्रभार के भरोसे ही कार्य कर रहे हैं। एसडीओ और बीडीओ सहित कई महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़े हैं, जिससे स्थानीय जनता में यह संदेश जा रहा है कि विकास कार्यों को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है। जेएलकेएम सुप्रीमो सह विधायक जयराम महतो ने इस संबंध में संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों को कई बार पत्र लिखकर और दूरभाष पर बातचीत करके ध्यान दिलाया, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इस स्थिति का सबसे बड़ा खामियाजा आम जनता, गरीबों, किसानों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें सरकारी योजनाओं और सेवाओं का समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस गंभीर मुद्दे पर विधायक जयराम महतो ने सोमवार को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि एक पखवाड़े के भीतर रिक्त पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की जाती और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तो प्रखंड परिसर में एक व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। विधायक ने जोर देकर कहा कि डुमरी की जनता ने अपने प्रतिनिधि को विकास और जनसेवा के लिए चुना है, और जनता के अधिकारों तथा क्षेत्र के विकास में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सरकार से अविलंब इस विषय पर संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।1