हरिद्वार पुलिस ने अपनी लंबी पहुंच का प्रमाण देते हुए चंडीदेवी के जंगल में 10 मई को मिली एक अज्ञात महिला के शव की ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस के पास इस चुनौतीपूर्ण हत्या को सुलझाने के लिए शुरुआत में केवल एक अहम सुराग था: मृतका के हाथ पर 'कौशल्या' नाम गुदा हुआ था। पुलिस ने इसी एक नाम के सहारे अपनी जांच को आगे बढ़ाया और देशभर से लापता 1664 'कौशल्या' नाम की महिलाओं का डेटा इकट्ठा किया। हालांकि, मृतका की गुमशुदगी कहीं भी दर्ज नहीं मिली, लेकिन पुलिस टीमों ने हार नहीं मानी। उन्होंने चंडीदेवी आने वाले लोगों का छह सौ घंटे का वीडियो डेटा खंगाला। इस गहन छानबीन में 8 मई की रात का एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक महिला और तीन पुरुष चंडीदेवी की ओर जाते हुए दिखाई दिए, लेकिन उनकी वापसी में महिला उनके साथ नहीं थी। इस महत्वपूर्ण जानकारी के बाद, पुलिस टीमों ने इन संदिग्धों पर ध्यान केंद्रित किया और सैकड़ों किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के बांदा से उन्हें सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया, जिससे हत्या की इस जटिल गुत्थी को सुलझाया जा सका।
हरिद्वार पुलिस ने अपनी लंबी पहुंच का प्रमाण देते हुए चंडीदेवी के जंगल में 10 मई को मिली एक अज्ञात महिला के शव की ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस के पास इस चुनौतीपूर्ण हत्या को सुलझाने के लिए शुरुआत में केवल एक अहम सुराग था: मृतका के हाथ पर 'कौशल्या' नाम गुदा हुआ था। पुलिस ने इसी एक नाम के सहारे अपनी जांच को आगे बढ़ाया और देशभर से लापता 1664 'कौशल्या' नाम की महिलाओं का डेटा इकट्ठा किया। हालांकि, मृतका की गुमशुदगी कहीं भी दर्ज नहीं मिली, लेकिन पुलिस टीमों ने हार नहीं मानी। उन्होंने चंडीदेवी आने वाले लोगों का छह सौ घंटे का वीडियो डेटा खंगाला। इस गहन छानबीन में 8 मई की रात का एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक महिला और तीन पुरुष चंडीदेवी की ओर जाते हुए दिखाई दिए, लेकिन उनकी वापसी में महिला उनके साथ नहीं थी। इस महत्वपूर्ण जानकारी के बाद, पुलिस टीमों ने इन संदिग्धों पर ध्यान केंद्रित किया और सैकड़ों किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के बांदा से उन्हें सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया, जिससे हत्या की इस जटिल गुत्थी को सुलझाया जा सका।
- दिल्ली में पेपर लीक के लगातार सामने आ रहे मामलों के विरोध में कॉकरोच पार्टी ने एक विरोध प्रदर्शन किया। शुरुआत में इस प्रदर्शन में भीड़ कम थी, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, लोगों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई। तेज गर्मी के बावजूद भी प्रदर्शनकारियों का गुस्सा कम नहीं हो रहा था, क्योंकि बार-बार हो रहे पेपर लीक के कारण उनमें गहरा रोष व्याप्त था।1
- सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में नकुड़ निवासी निहंग सिंह संप्रदाय के जुड़वा भाई हरकीरत सिंह और परमजोत सिंह (25) के साथ तल्हेड़ी गांव में एक दर्जन से अधिक युवकों ने मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने दोनों भाइयों की पगड़ी उतार दी और उनकी कृपाण भी छीन ली। इस घटना के बाद पुलिस की कथित ढीली कार्रवाई को लेकर क्षेत्र के सिख-पंजाबी समाज में भारी रोष व्याप्त हो गया है। पीड़ितों के अनुसार, वे बाइक से तल्हेड़ी दवा लेने आए थे और उनके पीछे उनकी मां कुसुम देवी और भतीजा दीपक दूसरी बाइक पर आ रहे थे। तल्हेड़ी में सामने से आ रही एक बाइक से उनकी बाइक टकरा गई, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि भीड़ में शामिल एक दर्जन से अधिक युवकों ने लाठी-डंडों से दोनों भाइयों पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में चोटें आईं। मौके पर पहुंचे तल्हेड़ी पुलिस चौकी के प्रभारी लोकेश राणा व पुलिस कर्मियों ने घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद बाबा रणजीत सिंह पनियाली, गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष सेठ कुलदीप कुमार, सचिव गुरजोत सिंह सेठी, श्याम लाल भारती, ईश्वर सिंह एड, कर्मजीत सिंह एडवोकेट, नरेंद्र सिंह, किसान नेता राजपाल सिंह, रविंद्र सिंह गुरमीत सिंह, मोहित मल्होत्रा, बलदीप सिंह, हरविंदर सिंह बेदी सहित बड़ी संख्या में लोग कोतवाली पहुंचे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज करने, कार्रवाई करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई कृपाण बरामद करने की मांग की। पुलिस ने बताया है कि मामले की जांच की जा रही है और दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।3
- सहारनपुर के थाना कुतुबशेर क्षेत्र की हाक्कम शाह कॉलोनी निवासी महबूब खान ने मारपीट के एक मामले में न्याय न मिलने पर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। महबूब खान के अनुसार, 7 मई को उनके घर के बाहर बच्चों को गालियां देने का विरोध करने पर पड़ोस के कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और घर में तोड़फोड़ भी की। इस हमले में उनकी गर्भवती पुत्रवधू भी घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। पीड़ित ने दावा किया है कि इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और उनके पुत्र को शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को यह गलत जानकारी दी कि मामले में कार्रवाई की जा चुकी है। महबूब खान ने मुख्यमंत्री से इस मामले में निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने के कारण आरोपी लगातार उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।1
- मुजफ्फरनगर के शुक्र तीर्थ वाटिका में एक भूलभुलैया बनी हुई है। सभी लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ इस भूलभुलैया में आएं। विशेष रूप से यह संदेश दिया गया है कि हर किसी को एक बार अपने परिवार के साथ इस भूलभुलैया का अनुभव लेने अवश्य आना चाहिए।1
- दिनांक 10.05.2025 को श्यामपुर पुलिस को चंडी देवी मंदिर के रोपवे के पास एक टूटे हुए पैदल रास्ते पर बिना कपड़ों के एक अज्ञात महिला का शव पड़े होने की सूचना मिली। वन विभाग द्वारा वर्जित इस रास्ते पर करीब 10 मीटर अंदर घनी झाड़ियों के बीच यह शव मिला। घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम और पुलिस उच्चाधिकारियों ने मौका मुआयना किया और दो कुंडल, एक टूटा हुआ मंगलसूत्र, एक सफेद रंग का गमछा और महिला के गले से कसा हुआ एक ब्लाउज सहित साक्ष्य बरामद किए। शव का चेहरा कीड़े-मकोड़ों की वजह से पूरी तरह सड़ चुका था, जिससे शुरुआती पहचान लगभग असंभव थी। एसएसपी नवनीत सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद थाना श्यामपुर में एक टीम का गठन किया। टेक्निकल सपोर्ट की जिम्मेदारी सीआईयू हरिद्वार को दी गई, जबकि पूरे प्रकरण के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी एसपी क्राइम निशा यादव को सौंपी गई। टीम को दो मुख्य कार्य सौंपे गए: मृतक महिला की पहचान उजागर करना और हत्या के पीछे की पूरी पटकथा को सामने लाकर कातिलों को पकड़ना। पहचान में आ रही दिक्कतों के बीच, पुलिस टीम को मृतका के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में 'KAUSHILYA' और एक गमले का निशान, बाएं हाथ पर दिल के आकार में अंग्रेजी के बड़े अक्षरों में 'K.R' और दिल के बाहर अलग से 'R' गुदा हुआ मिला। उसके बाएं हाथ की हथेली के पिछले हिस्से पर 'ॐ' का निशान भी बना हुआ था। शुरुआती 72 घंटों तक पहचान न हो पाने के कारण शव का दाह संस्कार कर दिया गया और चौकी चंडीघाट प्रभारी उ0नि0 संतोष सेमवाल की ओर से थाना श्यामपुर पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा (57/26, धारा-103(1) बी.एन.एस.) पंजीकृत किया गया। पहचान के पहले टास्क में टीम को एक और समस्या का सामना करना पड़ा क्योंकि आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त होने के कारण घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों से कोई लाभदायक सूचना नहीं मिल पा रही थी। टीम ने घटनास्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में 1 मई से 10 मई तक की समस्त कैमरों की बैकअप फुटेज का विश्लेषण किया, संदिग्ध वाहनों को फॉरवर्ड/बैकवर्ड ट्रेस किया, तथा आसपास की बस्तियों, होटलों, धर्मशालाओं और होमस्टे में सत्यापन किया। विभिन्न पोर्टलों पर 'कौशल्या' नाम की गुमशुदगी की जानकारी भी जुटाई गई, जिसमें 2019 से अब तक कुल 164 कौशल्या नामक महिलाओं की गुमशुदगी की सूचना प्राप्त हुई। निर्वाचन कार्यालयों में 3540 कौशल्या नाम की महिलाएं/युवतियां पंजीकृत थीं। इसके अतिरिक्त, जनपद की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम द्वारा भी कौशल्या नाम की महिलाओं से संबंधित मिसिंग या अन्य सूचनाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। SIR प्रक्रिया के माध्यम से डेटा एकत्र किया गया, संबंधित थानों और सरहदी जनपदों से संपर्क किया गया, और लगभग 144 घंटों के डंप डेटा से मिले 1,64,605 नंबरों की ट्रू कॉलर ऐप के जरिए शिनाख्त की गई। विश्लेषण के दौरान, दिनांक 08.05.2026 की सीमित फुटेज में रात के समय तीन संदिग्ध व्यक्ति और एक महिला को चंडी देवी मंदिर की ओर जाते देखा गया। लौटते समय संदिग्धों के साथ महिला मौजूद नहीं थी। रूट चार्ट और संदिग्ध नंबरों के बारीकी से निरीक्षण से टीम को बड़ी सफलता मिली, जब बांदा, उत्तर प्रदेश के तीन संदिग्धों - राकेश, रामप्रकाश उर्फ गोविंदा, और छेदीलाल - के नाम प्रकाश में आए। अब तक जुटाए गए सबूतों और बयानों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि इन तीनों संदिग्धों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर मृतका कौशिल्या पत्नी पप्पू, निवासी बांदा, उत्तर प्रदेश की गला घोंटकर हत्या की है। मुकदमे में धारा-61(2) बी.एन.एस. की बढ़ोतरी कर तीनों को पुलिस हिरासत में लिया गया। पूछताछ में यह जानकारी मिली कि हत्यारोपी रामप्रकाश के मृतका कौशल्या से प्रेम संबंध थे। पहले से शादीशुदा होने के बावजूद, मृतका रामप्रकाश पर शादी करने के लिए लगातार दबाव बना रही थी। इस दबाव से तंग आकर रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और सगे जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर कौशल्या को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हत्या को अंजाम देने के लिए, हत्यारोपियों ने चंडी देवी दर्शन के बहाने जानबूझकर घर से 700 किलोमीटर दूर हरिद्वार को इसलिए चुना ताकि मृतका की पहचान ही न हो पाए, लेकिन हरिद्वार पुलिस ने अपनी मेहनत और विशेषज्ञता का नमूना पेश करते हुए उनकी योजना को विफल कर दिया और तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया। पकड़े गए हत्यारोपियों में राकेश (25 वर्ष), रामप्रकाश उर्फ गोविंदा (20 वर्ष), दोनों पुत्र राजा निवासी ग्राम ग्योड़ीबाबा थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा, उत्तर प्रदेश; और छेदीलाल (24 वर्ष) पुत्र ईशूरी प्रसाद निवासी ग्राम काहला गंछा थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा, उत्तर प्रदेश शामिल हैं। संबंधित मुकदमा संख्या 57/26 में धारा-103(1) और बढ़ी हुई धारा-61(2) बी.एन.एस. लागू की गई है। बरामदगी में 3 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1 पिठ्ठू बैग शामिल हैं। इस टीम में पुलिस अधीक्षक अपराध निशा यादव, पुलिस अधीक्षक नगर अभय सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर शिशुपाल सिंह नेगी, प्रभारी निरीक्षक CIU नरेंद्र सिंह बिष्ट, थानाध्यक्ष श्यामपुर नितेश शर्मा, व0उ0नि0 मनोज रावत, उ0नि0 संतोष सेमवाल, उ0नि0 मोहन कठैत, म0उ0नि0 रचना पठानिया, अ0उ0नि0 रविंद्र गौड़, अ0उ0नि0 दरम्यान सिंह, हे0का0 प्रेम सिंह (PS सिडकुल), हे0का0 पंकज देवली, का0 राहुल देव, का0 विनीत कुमार, का0 अनिल रावत, का0 सुशील चौहान, का0 तेजेंद्र सिंह, का0 ओमवीर सिंह, का0 जितेंद्र घिल्डियाल, का0 अजय चौहान, का0 मनमोहन सिंह, म0का0 माधुरी त्रिपाठी, का0 वसीम (CIU हरिद्वार), का0 उमेश (CIU हरिद्वार), का0 हरवीर सिंह (CIU हरिद्वार), और का0 दीप गौड़ (CIU हरिद्वार) जैसे अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।1
- देहरादून पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, कोतवाली सहसपुर पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 519 ग्राम अवैध चरस बरामद की है। पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान शीतला नदी पुल से आगे जामनखाता रोड पर स्थित एक आम के बगीचे के पास से खुशहालपुर, सहसपुर निवासी आशिक पुत्र हमीद को पकड़ा। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी आशिक का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में गौकशी सहित अन्य आपराधिक मामलों में भी जेल जा चुका है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। देहरादून पुलिस उत्तराखंड को "ड्रग्स फ्री देवभूमि" बनाने के अभियान के तहत नशा तस्करों पर लगातार प्रहार कर रही है।1
- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित देवबंद इलाके के हासिमपुरा गांव से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ गरीब पट्टेधारकों ने जिला प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके के कुछ दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग उनकी जमीन हड़पने की धमकी दे रहे हैं और मामला रफा-दफा करने के एवज में 25 लाख रुपये की मोटी रंगदारी की माँग कर रहे हैं। पीड़ितों का दावा है कि आरोपियों ने इस वसूली में जिले के आला अधिकारियों, विशेष रूप से DM साहब, का नाम भी घसीट दिया है। सहारनपुर जनपद के थाना देवबंद क्षेत्र के ग्राम हासिमपुरा (देवबंद देहात) के इस मामले में, जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि गरीब परिवारों को सरकार द्वारा गुजर-बसर के लिए काश्त की भूमि पट्टे पर दी गई थी। अब गांव के ही उस्मान और साजिद नामक दो व्यक्ति इन पट्टों को निरस्त कराने की धमकी देकर पीड़ितों को परेशान कर रहे हैं। मुख्य आरोपी उस्मान को एक शातिर किस्म का अपराधी बताया गया है, जिस पर बलात्कार, पुलिस से मारपीट, गुंडा एक्ट और SC/ST एक्ट जैसे करीब 10 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और वह जिला बदर भी रह चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपी उस्मान ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें 25 लाख रुपये दे दो, जिसमें से उन्हें DM साहब को भी पैसा देना है, और वे उनका मामला रफा-दफा करा देंगे। पीड़ितों का कहना है कि उनके पास इस पूरी बातचीत की मोबाइल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। हासिमपुरा के समस्त पट्टेधारकों ने जिलाधिकारी से इन दबंगों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई करने और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। अब देखना यह होगा कि इस गंभीर शिकायत और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम पर मांगी गई रंगदारी के इस मामले पर सहारनपुर प्रशासन क्या एक्शन लेता है।1
- रुद्रपुर के रम्पुरा क्षेत्र में मार्कशीट सत्यापन के लिए पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि दस्तावेजों की जांच के दौरान हुए विवाद ने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया। इस दौरान आरोप है कि एक सिपाही की वर्दी फाड़ दी गई, जबकि दूसरे पुलिसकर्मी का मोबाइल भी तोड़ दिया गया। इस घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं और एक पुरुष को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। इसके अतिरिक्त, घायल सिपाही का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है।1