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दिनांक 10.05.2025 को श्यामपुर पुलिस को चंडी देवी मंदिर के रोपवे के पास एक टूटे हुए पैदल रास्ते पर बिना कपड़ों के एक अज्ञात महिला का शव पड़े होने की सूचना मिली। वन विभाग द्वारा वर्जित इस रास्ते पर करीब 10 मीटर अंदर घनी झाड़ियों के बीच यह शव मिला। घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम और पुलिस उच्चाधिकारियों ने मौका मुआयना किया और दो कुंडल, एक टूटा हुआ मंगलसूत्र, एक सफेद रंग का गमछा और महिला के गले से कसा हुआ एक ब्लाउज सहित साक्ष्य बरामद किए। शव का चेहरा कीड़े-मकोड़ों की वजह से पूरी तरह सड़ चुका था, जिससे शुरुआती पहचान लगभग असंभव थी। एसएसपी नवनीत सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद थाना श्यामपुर में एक टीम का गठन किया। टेक्निकल सपोर्ट की जिम्मेदारी सीआईयू हरिद्वार को दी गई, जबकि पूरे प्रकरण के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी एसपी क्राइम निशा यादव को सौंपी गई। टीम को दो मुख्य कार्य सौंपे गए: मृतक महिला की पहचान उजागर करना और हत्या के पीछे की पूरी पटकथा को सामने लाकर कातिलों को पकड़ना। पहचान में आ रही दिक्कतों के बीच, पुलिस टीम को मृतका के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में 'KAUSHILYA' और एक गमले का निशान, बाएं हाथ पर दिल के आकार में अंग्रेजी के बड़े अक्षरों में 'K.R' और दिल के बाहर अलग से 'R' गुदा हुआ मिला। उसके बाएं हाथ की हथेली के पिछले हिस्से पर 'ॐ' का निशान भी बना हुआ था। शुरुआती 72 घंटों तक पहचान न हो पाने के कारण शव का दाह संस्कार कर दिया गया और चौकी चंडीघाट प्रभारी उ0नि0 संतोष सेमवाल की ओर से थाना श्यामपुर पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा (57/26, धारा-103(1) बी.एन.एस.) पंजीकृत किया गया। पहचान के पहले टास्क में टीम को एक और समस्या का सामना करना पड़ा क्योंकि आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त होने के कारण घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों से कोई लाभदायक सूचना नहीं मिल पा रही थी। टीम ने घटनास्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में 1 मई से 10 मई तक की समस्त कैमरों की बैकअप फुटेज का विश्लेषण किया, संदिग्ध वाहनों को फॉरवर्ड/बैकवर्ड ट्रेस किया, तथा आसपास की बस्तियों, होटलों, धर्मशालाओं और होमस्टे में सत्यापन किया। विभिन्न पोर्टलों पर 'कौशल्या' नाम की गुमशुदगी की जानकारी भी जुटाई गई, जिसमें 2019 से अब तक कुल 164 कौशल्या नामक महिलाओं की गुमशुदगी की सूचना प्राप्त हुई। निर्वाचन कार्यालयों में 3540 कौशल्या नाम की महिलाएं/युवतियां पंजीकृत थीं। इसके अतिरिक्त, जनपद की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम द्वारा भी कौशल्या नाम की महिलाओं से संबंधित मिसिंग या अन्य सूचनाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। SIR प्रक्रिया के माध्यम से डेटा एकत्र किया गया, संबंधित थानों और सरहदी जनपदों से संपर्क किया गया, और लगभग 144 घंटों के डंप डेटा से मिले 1,64,605 नंबरों की ट्रू कॉलर ऐप के जरिए शिनाख्त की गई। विश्लेषण के दौरान, दिनांक 08.05.2026 की सीमित फुटेज में रात के समय तीन संदिग्ध व्यक्ति और एक महिला को चंडी देवी मंदिर की ओर जाते देखा गया। लौटते समय संदिग्धों के साथ महिला मौजूद नहीं थी। रूट चार्ट और संदिग्ध नंबरों के बारीकी से निरीक्षण से टीम को बड़ी सफलता मिली, जब बांदा, उत्तर प्रदेश के तीन संदिग्धों - राकेश, रामप्रकाश उर्फ गोविंदा, और छेदीलाल - के नाम प्रकाश में आए। अब तक जुटाए गए सबूतों और बयानों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि इन तीनों संदिग्धों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर मृतका कौशिल्या पत्नी पप्पू, निवासी बांदा, उत्तर प्रदेश की गला घोंटकर हत्या की है। मुकदमे में धारा-61(2) बी.एन.एस. की बढ़ोतरी कर तीनों को पुलिस हिरासत में लिया गया। पूछताछ में यह जानकारी मिली कि हत्यारोपी रामप्रकाश के मृतका कौशल्या से प्रेम संबंध थे। पहले से शादीशुदा होने के बावजूद, मृतका रामप्रकाश पर शादी करने के लिए लगातार दबाव बना रही थी। इस दबाव से तंग आकर रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और सगे जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर कौशल्या को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हत्या को अंजाम देने के लिए, हत्यारोपियों ने चंडी देवी दर्शन के बहाने जानबूझकर घर से 700 किलोमीटर दूर हरिद्वार को इसलिए चुना ताकि मृतका की पहचान ही न हो पाए, लेकिन हरिद्वार पुलिस ने अपनी मेहनत और विशेषज्ञता का नमूना पेश करते हुए उनकी योजना को विफल कर दिया और तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया। पकड़े गए हत्यारोपियों में राकेश (25 वर्ष), रामप्रकाश उर्फ गोविंदा (20 वर्ष), दोनों पुत्र राजा निवासी ग्राम ग्योड़ीबाबा थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा, उत्तर प्रदेश; और छेदीलाल (24 वर्ष) पुत्र ईशूरी प्रसाद निवासी ग्राम काहला गंछा थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा, उत्तर प्रदेश शामिल हैं। संबंधित मुकदमा संख्या 57/26 में धारा-103(1) और बढ़ी हुई धारा-61(2) बी.एन.एस. लागू की गई है। बरामदगी में 3 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1 पिठ्ठू बैग शामिल हैं। इस टीम में पुलिस अधीक्षक अपराध निशा यादव, पुलिस अधीक्षक नगर अभय सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर शिशुपाल सिंह नेगी, प्रभारी निरीक्षक CIU नरेंद्र सिंह बिष्ट, थानाध्यक्ष श्यामपुर नितेश शर्मा, व0उ0नि0 मनोज रावत, उ0नि0 संतोष सेमवाल, उ0नि0 मोहन कठैत, म0उ0नि0 रचना पठानिया, अ0उ0नि0 रविंद्र गौड़, अ0उ0नि0 दरम्यान सिंह, हे0का0 प्रेम सिंह (PS सिडकुल), हे0का0 पंकज देवली, का0 राहुल देव, का0 विनीत कुमार, का0 अनिल रावत, का0 सुशील चौहान, का0 तेजेंद्र सिंह, का0 ओमवीर सिंह, का0 जितेंद्र घिल्डियाल, का0 अजय चौहान, का0 मनमोहन सिंह, म0का0 माधुरी त्रिपाठी, का0 वसीम (CIU हरिद्वार), का0 उमेश (CIU हरिद्वार), का0 हरवीर सिंह (CIU हरिद्वार), और का0 दीप गौड़ (CIU हरिद्वार) जैसे अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।

3 hrs ago
user_Dpk Chauhan
Dpk Chauhan
Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
3 hrs ago

दिनांक 10.05.2025 को श्यामपुर पुलिस को चंडी देवी मंदिर के रोपवे के पास एक टूटे हुए पैदल रास्ते पर बिना कपड़ों के एक अज्ञात महिला का शव पड़े होने की सूचना मिली। वन विभाग द्वारा वर्जित इस रास्ते पर करीब 10 मीटर अंदर घनी झाड़ियों के बीच यह शव मिला। घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम और पुलिस उच्चाधिकारियों ने मौका मुआयना किया और दो कुंडल, एक टूटा हुआ मंगलसूत्र, एक सफेद रंग का गमछा और महिला के गले से कसा हुआ एक ब्लाउज सहित साक्ष्य बरामद किए। शव का चेहरा कीड़े-मकोड़ों की वजह से पूरी तरह सड़ चुका था, जिससे शुरुआती पहचान लगभग असंभव थी। एसएसपी नवनीत सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद थाना श्यामपुर में एक टीम का गठन किया। टेक्निकल सपोर्ट की जिम्मेदारी सीआईयू हरिद्वार को दी गई, जबकि पूरे प्रकरण के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी एसपी क्राइम निशा यादव को सौंपी गई। टीम को दो मुख्य कार्य सौंपे गए: मृतक महिला की पहचान उजागर करना और हत्या के पीछे की पूरी पटकथा को सामने लाकर कातिलों को पकड़ना। पहचान में आ रही दिक्कतों के बीच, पुलिस टीम को मृतका के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में 'KAUSHILYA' और एक गमले का निशान, बाएं हाथ पर दिल के आकार में अंग्रेजी के बड़े अक्षरों में 'K.R' और दिल के बाहर अलग से 'R' गुदा हुआ मिला। उसके बाएं हाथ की हथेली के पिछले हिस्से पर 'ॐ' का निशान भी बना हुआ था। शुरुआती 72 घंटों तक पहचान न हो पाने के कारण शव का दाह संस्कार कर दिया गया और चौकी चंडीघाट प्रभारी उ0नि0 संतोष सेमवाल की ओर से थाना श्यामपुर पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा (57/26, धारा-103(1) बी.एन.एस.) पंजीकृत किया गया। पहचान के पहले टास्क में टीम को एक और समस्या का सामना करना पड़ा क्योंकि आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त होने के कारण घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों से कोई लाभदायक सूचना नहीं मिल पा रही थी। टीम ने घटनास्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में 1 मई से 10 मई तक की समस्त कैमरों की बैकअप फुटेज का विश्लेषण किया, संदिग्ध वाहनों को फॉरवर्ड/बैकवर्ड ट्रेस किया, तथा आसपास की बस्तियों, होटलों, धर्मशालाओं और होमस्टे में सत्यापन किया। विभिन्न पोर्टलों पर 'कौशल्या' नाम की गुमशुदगी की जानकारी भी जुटाई गई, जिसमें 2019 से अब तक कुल 164 कौशल्या नामक महिलाओं की गुमशुदगी की सूचना प्राप्त हुई। निर्वाचन कार्यालयों में 3540 कौशल्या नाम की महिलाएं/युवतियां पंजीकृत थीं। इसके अतिरिक्त, जनपद की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम द्वारा भी कौशल्या नाम की महिलाओं से संबंधित मिसिंग या अन्य सूचनाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। SIR प्रक्रिया के माध्यम से डेटा एकत्र किया गया, संबंधित थानों और सरहदी जनपदों से संपर्क किया गया, और लगभग 144 घंटों के डंप डेटा से मिले 1,64,605 नंबरों की ट्रू कॉलर ऐप के जरिए शिनाख्त की गई। विश्लेषण के दौरान, दिनांक 08.05.2026 की सीमित फुटेज में रात के समय तीन संदिग्ध व्यक्ति और एक महिला को चंडी देवी मंदिर की ओर जाते देखा गया। लौटते समय संदिग्धों के साथ महिला मौजूद नहीं थी। रूट चार्ट और संदिग्ध नंबरों के बारीकी से निरीक्षण से टीम को बड़ी सफलता मिली, जब बांदा, उत्तर प्रदेश के तीन संदिग्धों - राकेश, रामप्रकाश उर्फ गोविंदा, और छेदीलाल - के नाम प्रकाश में आए। अब तक जुटाए गए सबूतों और बयानों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि इन तीनों संदिग्धों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर मृतका कौशिल्या पत्नी पप्पू, निवासी बांदा, उत्तर प्रदेश की गला घोंटकर हत्या की है। मुकदमे में धारा-61(2) बी.एन.एस. की बढ़ोतरी कर तीनों को पुलिस हिरासत में लिया गया। पूछताछ में यह जानकारी मिली कि हत्यारोपी रामप्रकाश के मृतका कौशल्या से प्रेम संबंध थे। पहले से शादीशुदा होने के बावजूद, मृतका रामप्रकाश पर शादी करने के लिए लगातार दबाव बना रही थी। इस दबाव से तंग आकर रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और सगे जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर कौशल्या को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हत्या को अंजाम देने के लिए, हत्यारोपियों ने चंडी देवी दर्शन के बहाने जानबूझकर घर से 700 किलोमीटर दूर हरिद्वार को इसलिए चुना ताकि मृतका की पहचान ही न हो पाए, लेकिन हरिद्वार पुलिस ने अपनी मेहनत और विशेषज्ञता का नमूना पेश करते हुए उनकी योजना को विफल कर दिया और तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया। पकड़े गए हत्यारोपियों में राकेश (25 वर्ष), रामप्रकाश उर्फ गोविंदा (20 वर्ष), दोनों पुत्र राजा निवासी ग्राम ग्योड़ीबाबा थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा, उत्तर प्रदेश; और छेदीलाल (24 वर्ष) पुत्र ईशूरी प्रसाद निवासी ग्राम काहला गंछा थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा, उत्तर प्रदेश शामिल हैं। संबंधित मुकदमा संख्या 57/26 में धारा-103(1) और बढ़ी हुई धारा-61(2) बी.एन.एस. लागू की गई है। बरामदगी में 3 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1 पिठ्ठू बैग शामिल हैं। इस टीम में पुलिस अधीक्षक अपराध निशा यादव, पुलिस अधीक्षक नगर अभय सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर शिशुपाल सिंह नेगी, प्रभारी निरीक्षक CIU नरेंद्र सिंह बिष्ट, थानाध्यक्ष श्यामपुर नितेश शर्मा, व0उ0नि0 मनोज रावत, उ0नि0 संतोष सेमवाल, उ0नि0 मोहन कठैत, म0उ0नि0 रचना पठानिया, अ0उ0नि0 रविंद्र गौड़, अ0उ0नि0 दरम्यान सिंह, हे0का0 प्रेम सिंह (PS सिडकुल), हे0का0 पंकज देवली, का0 राहुल देव, का0 विनीत कुमार, का0 अनिल रावत, का0 सुशील चौहान, का0 तेजेंद्र सिंह, का0 ओमवीर सिंह, का0 जितेंद्र घिल्डियाल, का0 अजय चौहान, का0 मनमोहन सिंह, म0का0 माधुरी त्रिपाठी, का0 वसीम (CIU हरिद्वार), का0 उमेश (CIU हरिद्वार), का0 हरवीर सिंह (CIU हरिद्वार), और का0 दीप गौड़ (CIU हरिद्वार) जैसे अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।

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  • उत्तराखंड के देहरादून स्थित पिट्ठूवाला के राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान में परीक्षा के दौरान नकल रोकने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि सिविल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर के एक छात्र ने अपने दरोगा पिता, मामा और कुछ अन्य लोगों को बुला लिया, जिन्होंने संस्थान में घुसकर शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। वायरल हुए एक वीडियो में कंट्रोल रूम के अंदर हंगामा और कुर्सियों से मारपीट के आरोप भी सामने आए हैं। वहीं, दूसरी ओर छात्र के दरोगा पिता ने संस्थान के शिक्षकों पर ही अपने बेटे के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। नकल रोकने जैसी बात पर इतना बड़ा बवाल हो जाना एक गंभीर मुद्दा बन गया है।
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    उत्तराखंड के देहरादून स्थित पिट्ठूवाला के राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान में परीक्षा के दौरान नकल रोकने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। आरोप है कि सिविल इंजीनियरिंग फाइनल ईयर के एक छात्र ने अपने दरोगा पिता, मामा और कुछ अन्य लोगों को बुला लिया, जिन्होंने संस्थान में घुसकर शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की।

वायरल हुए एक वीडियो में कंट्रोल रूम के अंदर हंगामा और कुर्सियों से मारपीट के आरोप भी सामने आए हैं। वहीं, दूसरी ओर छात्र के दरोगा पिता ने संस्थान के शिक्षकों पर ही अपने बेटे के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।

इस घटना के बाद दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। नकल रोकने जैसी बात पर इतना बड़ा बवाल हो जाना एक गंभीर मुद्दा बन गया है।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
  • देहरादून के थानो क्षेत्र में एक पुरानी मस्जिद को एमडीडीए (MDDA) द्वारा नक्शा न होने के आधार पर सील किए जाने के बाद से विवाद गहरा गया है। इस कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। संगठन ने तत्काल मस्जिद को खोलने की मांग की है। मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मस्जिद के सौंदर्यीकरण के लिए सरकार ने स्वयं धनराशि दी थी और कार्यदायी संस्था एक सरकारी विभाग था। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे में, मस्जिद के नक्शे की जिम्मेदारी भी सरकार की ही बनती है।
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    देहरादून के थानो क्षेत्र में एक पुरानी मस्जिद को एमडीडीए (MDDA) द्वारा नक्शा न होने के आधार पर सील किए जाने के बाद से विवाद गहरा गया है। इस कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया।

संगठन ने तत्काल मस्जिद को खोलने की मांग की है। मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मस्जिद के सौंदर्यीकरण के लिए सरकार ने स्वयं धनराशि दी थी और कार्यदायी संस्था एक सरकारी विभाग था। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे में, मस्जिद के नक्शे की जिम्मेदारी भी सरकार की ही बनती है।
    user_Mukesh rawat
    Mukesh rawat
    Dehradun, Uttarakhand•
    20 hrs ago
  • सीजेपी ने दिल्ली के जंतर मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन नीट पेपर यूजी (NEET paper UG) और अन्य परीक्षाओं में हुई धांधली के विरोध में किया गया, जिसके माध्यम से संगठन ने परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज उठाई।
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    सीजेपी ने दिल्ली के जंतर मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन नीट पेपर यूजी (NEET paper UG) और अन्य परीक्षाओं में हुई धांधली के विरोध में किया गया, जिसके माध्यम से संगठन ने परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज उठाई।
    user_Rajkumar mehra press reporter
    Rajkumar mehra press reporter
    Real Estate Agent विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    21 hrs ago
  • सहारनपुर के थाना कुतुबशेर क्षेत्र की हाक्कम शाह कॉलोनी निवासी महबूब खान ने मारपीट के एक मामले में न्याय न मिलने पर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है। महबूब खान के अनुसार, 7 मई को उनके घर के बाहर बच्चों को गालियां देने का विरोध करने पर पड़ोस के कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और घर में तोड़फोड़ भी की। इस हमले में उनकी गर्भवती पुत्रवधू भी घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। पीड़ित ने दावा किया है कि इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और उनके पुत्र को शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को यह गलत जानकारी दी कि मामले में कार्रवाई की जा चुकी है। महबूब खान ने मुख्यमंत्री से इस मामले में निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने के कारण आरोपी लगातार उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
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    सहारनपुर के थाना कुतुबशेर क्षेत्र की हाक्कम शाह कॉलोनी निवासी महबूब खान ने मारपीट के एक मामले में न्याय न मिलने पर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है।

महबूब खान के अनुसार, 7 मई को उनके घर के बाहर बच्चों को गालियां देने का विरोध करने पर पड़ोस के कुछ लोगों ने उनके घर में घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और घर में तोड़फोड़ भी की। इस हमले में उनकी गर्भवती पुत्रवधू भी घायल हो गईं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। पीड़ित ने दावा किया है कि इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें और उनके पुत्र को शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच अधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को यह गलत जानकारी दी कि मामले में कार्रवाई की जा चुकी है।

महबूब खान ने मुख्यमंत्री से इस मामले में निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने के कारण आरोपी लगातार उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
    user_Tarik Siddiqui
    Tarik Siddiqui
    सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित देवबंद इलाके के हासिमपुरा गांव से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ गरीब पट्टेधारकों ने जिला प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके के कुछ दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग उनकी जमीन हड़पने की धमकी दे रहे हैं और मामला रफा-दफा करने के एवज में 25 लाख रुपये की मोटी रंगदारी की माँग कर रहे हैं। पीड़ितों का दावा है कि आरोपियों ने इस वसूली में जिले के आला अधिकारियों, विशेष रूप से DM साहब, का नाम भी घसीट दिया है। सहारनपुर जनपद के थाना देवबंद क्षेत्र के ग्राम हासिमपुरा (देवबंद देहात) के इस मामले में, जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि गरीब परिवारों को सरकार द्वारा गुजर-बसर के लिए काश्त की भूमि पट्टे पर दी गई थी। अब गांव के ही उस्मान और साजिद नामक दो व्यक्ति इन पट्टों को निरस्त कराने की धमकी देकर पीड़ितों को परेशान कर रहे हैं। मुख्य आरोपी उस्मान को एक शातिर किस्म का अपराधी बताया गया है, जिस पर बलात्कार, पुलिस से मारपीट, गुंडा एक्ट और SC/ST एक्ट जैसे करीब 10 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और वह जिला बदर भी रह चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपी उस्मान ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें 25 लाख रुपये दे दो, जिसमें से उन्हें DM साहब को भी पैसा देना है, और वे उनका मामला रफा-दफा करा देंगे। पीड़ितों का कहना है कि उनके पास इस पूरी बातचीत की मोबाइल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। हासिमपुरा के समस्त पट्टेधारकों ने जिलाधिकारी से इन दबंगों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई करने और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। अब देखना यह होगा कि इस गंभीर शिकायत और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम पर मांगी गई रंगदारी के इस मामले पर सहारनपुर प्रशासन क्या एक्शन लेता है।
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    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित देवबंद इलाके के हासिमपुरा गांव से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ गरीब पट्टेधारकों ने जिला प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके के कुछ दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग उनकी जमीन हड़पने की धमकी दे रहे हैं और मामला रफा-दफा करने के एवज में 25 लाख रुपये की मोटी रंगदारी की माँग कर रहे हैं। पीड़ितों का दावा है कि आरोपियों ने इस वसूली में जिले के आला अधिकारियों, विशेष रूप से DM साहब, का नाम भी घसीट दिया है।

सहारनपुर जनपद के थाना देवबंद क्षेत्र के ग्राम हासिमपुरा (देवबंद देहात) के इस मामले में, जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि गरीब परिवारों को सरकार द्वारा गुजर-बसर के लिए काश्त की भूमि पट्टे पर दी गई थी। अब गांव के ही उस्मान और साजिद नामक दो व्यक्ति इन पट्टों को निरस्त कराने की धमकी देकर पीड़ितों को परेशान कर रहे हैं। मुख्य आरोपी उस्मान को एक शातिर किस्म का अपराधी बताया गया है, जिस पर बलात्कार, पुलिस से मारपीट, गुंडा एक्ट और SC/ST एक्ट जैसे करीब 10 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं और वह जिला बदर भी रह चुका है। ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपी उस्मान ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें 25 लाख रुपये दे दो, जिसमें से उन्हें DM साहब को भी पैसा देना है, और वे उनका मामला रफा-दफा करा देंगे। पीड़ितों का कहना है कि उनके पास इस पूरी बातचीत की मोबाइल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। हासिमपुरा के समस्त पट्टेधारकों ने जिलाधिकारी से इन दबंगों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई करने और उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। अब देखना यह होगा कि इस गंभीर शिकायत और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम पर मांगी गई रंगदारी के इस मामले पर सहारनपुर प्रशासन क्या एक्शन लेता है।
    user_मनदीप रमेश
    मनदीप रमेश
    News Anchor देवबंद, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर की रतनपुरी पुलिस ने अपने ‘चक्रव्यूह अभियान’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें न्यायालय से वांछित चल रहे वारंटी अभियुक्त मिन्नू पुत्र सप्पू को रियावली नंगला से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया था। मिन्नू विद्युत अधिनियम से संबंधित एक मामले में वांछित था। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण महादिक अक्षय संजय, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह और प्रभारी निरीक्षक रतनपुरी राकेश कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक शैलेन्द्र चौधरी और हेड कांस्टेबल ज्ञानवीर सिंह शामिल रहे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वारंटियों और अन्य अपराधियों के विरुद्ध उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा कानून से बचने का प्रयास करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    मुजफ्फरनगर की रतनपुरी पुलिस ने अपने ‘चक्रव्यूह अभियान’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें न्यायालय से वांछित चल रहे वारंटी अभियुक्त मिन्नू पुत्र सप्पू को रियावली नंगला से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया था।

मिन्नू विद्युत अधिनियम से संबंधित एक मामले में वांछित था। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण महादिक अक्षय संजय, क्षेत्राधिकारी बुढ़ाना गजेन्द्र पाल सिंह और प्रभारी निरीक्षक रतनपुरी राकेश कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक शैलेन्द्र चौधरी और हेड कांस्टेबल ज्ञानवीर सिंह शामिल रहे।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वारंटियों और अन्य अपराधियों के विरुद्ध उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा तथा कानून से बचने का प्रयास करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_रोहितजैन सहायक ब्यूरो चीफ
    रोहितजैन सहायक ब्यूरो चीफ
    मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    10 min ago
  • दिनांक 10.05.2025 को श्यामपुर पुलिस को चंडी देवी मंदिर के रोपवे के पास एक टूटे हुए पैदल रास्ते पर बिना कपड़ों के एक अज्ञात महिला का शव पड़े होने की सूचना मिली। वन विभाग द्वारा वर्जित इस रास्ते पर करीब 10 मीटर अंदर घनी झाड़ियों के बीच यह शव मिला। घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम और पुलिस उच्चाधिकारियों ने मौका मुआयना किया और दो कुंडल, एक टूटा हुआ मंगलसूत्र, एक सफेद रंग का गमछा और महिला के गले से कसा हुआ एक ब्लाउज सहित साक्ष्य बरामद किए। शव का चेहरा कीड़े-मकोड़ों की वजह से पूरी तरह सड़ चुका था, जिससे शुरुआती पहचान लगभग असंभव थी। एसएसपी नवनीत सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद थाना श्यामपुर में एक टीम का गठन किया। टेक्निकल सपोर्ट की जिम्मेदारी सीआईयू हरिद्वार को दी गई, जबकि पूरे प्रकरण के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी एसपी क्राइम निशा यादव को सौंपी गई। टीम को दो मुख्य कार्य सौंपे गए: मृतक महिला की पहचान उजागर करना और हत्या के पीछे की पूरी पटकथा को सामने लाकर कातिलों को पकड़ना। पहचान में आ रही दिक्कतों के बीच, पुलिस टीम को मृतका के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में 'KAUSHILYA' और एक गमले का निशान, बाएं हाथ पर दिल के आकार में अंग्रेजी के बड़े अक्षरों में 'K.R' और दिल के बाहर अलग से 'R' गुदा हुआ मिला। उसके बाएं हाथ की हथेली के पिछले हिस्से पर 'ॐ' का निशान भी बना हुआ था। शुरुआती 72 घंटों तक पहचान न हो पाने के कारण शव का दाह संस्कार कर दिया गया और चौकी चंडीघाट प्रभारी उ0नि0 संतोष सेमवाल की ओर से थाना श्यामपुर पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा (57/26, धारा-103(1) बी.एन.एस.) पंजीकृत किया गया। पहचान के पहले टास्क में टीम को एक और समस्या का सामना करना पड़ा क्योंकि आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त होने के कारण घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों से कोई लाभदायक सूचना नहीं मिल पा रही थी। टीम ने घटनास्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में 1 मई से 10 मई तक की समस्त कैमरों की बैकअप फुटेज का विश्लेषण किया, संदिग्ध वाहनों को फॉरवर्ड/बैकवर्ड ट्रेस किया, तथा आसपास की बस्तियों, होटलों, धर्मशालाओं और होमस्टे में सत्यापन किया। विभिन्न पोर्टलों पर 'कौशल्या' नाम की गुमशुदगी की जानकारी भी जुटाई गई, जिसमें 2019 से अब तक कुल 164 कौशल्या नामक महिलाओं की गुमशुदगी की सूचना प्राप्त हुई। निर्वाचन कार्यालयों में 3540 कौशल्या नाम की महिलाएं/युवतियां पंजीकृत थीं। इसके अतिरिक्त, जनपद की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम द्वारा भी कौशल्या नाम की महिलाओं से संबंधित मिसिंग या अन्य सूचनाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। SIR प्रक्रिया के माध्यम से डेटा एकत्र किया गया, संबंधित थानों और सरहदी जनपदों से संपर्क किया गया, और लगभग 144 घंटों के डंप डेटा से मिले 1,64,605 नंबरों की ट्रू कॉलर ऐप के जरिए शिनाख्त की गई। विश्लेषण के दौरान, दिनांक 08.05.2026 की सीमित फुटेज में रात के समय तीन संदिग्ध व्यक्ति और एक महिला को चंडी देवी मंदिर की ओर जाते देखा गया। लौटते समय संदिग्धों के साथ महिला मौजूद नहीं थी। रूट चार्ट और संदिग्ध नंबरों के बारीकी से निरीक्षण से टीम को बड़ी सफलता मिली, जब बांदा, उत्तर प्रदेश के तीन संदिग्धों - राकेश, रामप्रकाश उर्फ गोविंदा, और छेदीलाल - के नाम प्रकाश में आए। अब तक जुटाए गए सबूतों और बयानों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि इन तीनों संदिग्धों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर मृतका कौशिल्या पत्नी पप्पू, निवासी बांदा, उत्तर प्रदेश की गला घोंटकर हत्या की है। मुकदमे में धारा-61(2) बी.एन.एस. की बढ़ोतरी कर तीनों को पुलिस हिरासत में लिया गया। पूछताछ में यह जानकारी मिली कि हत्यारोपी रामप्रकाश के मृतका कौशल्या से प्रेम संबंध थे। पहले से शादीशुदा होने के बावजूद, मृतका रामप्रकाश पर शादी करने के लिए लगातार दबाव बना रही थी। इस दबाव से तंग आकर रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और सगे जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर कौशल्या को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हत्या को अंजाम देने के लिए, हत्यारोपियों ने चंडी देवी दर्शन के बहाने जानबूझकर घर से 700 किलोमीटर दूर हरिद्वार को इसलिए चुना ताकि मृतका की पहचान ही न हो पाए, लेकिन हरिद्वार पुलिस ने अपनी मेहनत और विशेषज्ञता का नमूना पेश करते हुए उनकी योजना को विफल कर दिया और तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया। पकड़े गए हत्यारोपियों में राकेश (25 वर्ष), रामप्रकाश उर्फ गोविंदा (20 वर्ष), दोनों पुत्र राजा निवासी ग्राम ग्योड़ीबाबा थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा, उत्तर प्रदेश; और छेदीलाल (24 वर्ष) पुत्र ईशूरी प्रसाद निवासी ग्राम काहला गंछा थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा, उत्तर प्रदेश शामिल हैं। संबंधित मुकदमा संख्या 57/26 में धारा-103(1) और बढ़ी हुई धारा-61(2) बी.एन.एस. लागू की गई है। बरामदगी में 3 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1 पिठ्ठू बैग शामिल हैं। इस टीम में पुलिस अधीक्षक अपराध निशा यादव, पुलिस अधीक्षक नगर अभय सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर शिशुपाल सिंह नेगी, प्रभारी निरीक्षक CIU नरेंद्र सिंह बिष्ट, थानाध्यक्ष श्यामपुर नितेश शर्मा, व0उ0नि0 मनोज रावत, उ0नि0 संतोष सेमवाल, उ0नि0 मोहन कठैत, म0उ0नि0 रचना पठानिया, अ0उ0नि0 रविंद्र गौड़, अ0उ0नि0 दरम्यान सिंह, हे0का0 प्रेम सिंह (PS सिडकुल), हे0का0 पंकज देवली, का0 राहुल देव, का0 विनीत कुमार, का0 अनिल रावत, का0 सुशील चौहान, का0 तेजेंद्र सिंह, का0 ओमवीर सिंह, का0 जितेंद्र घिल्डियाल, का0 अजय चौहान, का0 मनमोहन सिंह, म0का0 माधुरी त्रिपाठी, का0 वसीम (CIU हरिद्वार), का0 उमेश (CIU हरिद्वार), का0 हरवीर सिंह (CIU हरिद्वार), और का0 दीप गौड़ (CIU हरिद्वार) जैसे अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।
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    दिनांक 10.05.2025 को श्यामपुर पुलिस को चंडी देवी मंदिर के रोपवे के पास एक टूटे हुए पैदल रास्ते पर बिना कपड़ों के एक अज्ञात महिला का शव पड़े होने की सूचना मिली। वन विभाग द्वारा वर्जित इस रास्ते पर करीब 10 मीटर अंदर घनी झाड़ियों के बीच यह शव मिला। घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम और पुलिस उच्चाधिकारियों ने मौका मुआयना किया और दो कुंडल, एक टूटा हुआ मंगलसूत्र, एक सफेद रंग का गमछा और महिला के गले से कसा हुआ एक ब्लाउज सहित साक्ष्य बरामद किए। शव का चेहरा कीड़े-मकोड़ों की वजह से पूरी तरह सड़ चुका था, जिससे शुरुआती पहचान लगभग असंभव थी।

एसएसपी नवनीत सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद थाना श्यामपुर में एक टीम का गठन किया। टेक्निकल सपोर्ट की जिम्मेदारी सीआईयू हरिद्वार को दी गई, जबकि पूरे प्रकरण के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी एसपी क्राइम निशा यादव को सौंपी गई। टीम को दो मुख्य कार्य सौंपे गए: मृतक महिला की पहचान उजागर करना और हत्या के पीछे की पूरी पटकथा को सामने लाकर कातिलों को पकड़ना। पहचान में आ रही दिक्कतों के बीच, पुलिस टीम को मृतका के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में 'KAUSHILYA' और एक गमले का निशान, बाएं हाथ पर दिल के आकार में अंग्रेजी के बड़े अक्षरों में 'K.R' और दिल के बाहर अलग से 'R' गुदा हुआ मिला। उसके बाएं हाथ की हथेली के पिछले हिस्से पर 'ॐ' का निशान भी बना हुआ था। शुरुआती 72 घंटों तक पहचान न हो पाने के कारण शव का दाह संस्कार कर दिया गया और चौकी चंडीघाट प्रभारी उ0नि0 संतोष सेमवाल की ओर से थाना श्यामपुर पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा (57/26, धारा-103(1) बी.एन.एस.) पंजीकृत किया गया।

पहचान के पहले टास्क में टीम को एक और समस्या का सामना करना पड़ा क्योंकि आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त होने के कारण घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों से कोई लाभदायक सूचना नहीं मिल पा रही थी। टीम ने घटनास्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में 1 मई से 10 मई तक की समस्त कैमरों की बैकअप फुटेज का विश्लेषण किया, संदिग्ध वाहनों को फॉरवर्ड/बैकवर्ड ट्रेस किया, तथा आसपास की बस्तियों, होटलों, धर्मशालाओं और होमस्टे में सत्यापन किया। विभिन्न पोर्टलों पर 'कौशल्या' नाम की गुमशुदगी की जानकारी भी जुटाई गई, जिसमें 2019 से अब तक कुल 164 कौशल्या नामक महिलाओं की गुमशुदगी की सूचना प्राप्त हुई। निर्वाचन कार्यालयों में 3540 कौशल्या नाम की महिलाएं/युवतियां पंजीकृत थीं। इसके अतिरिक्त, जनपद की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम द्वारा भी कौशल्या नाम की महिलाओं से संबंधित मिसिंग या अन्य सूचनाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। SIR प्रक्रिया के माध्यम से डेटा एकत्र किया गया, संबंधित थानों और सरहदी जनपदों से संपर्क किया गया, और लगभग 144 घंटों के डंप डेटा से मिले 1,64,605 नंबरों की ट्रू कॉलर ऐप के जरिए शिनाख्त की गई।

विश्लेषण के दौरान, दिनांक 08.05.2026 की सीमित फुटेज में रात के समय तीन संदिग्ध व्यक्ति और एक महिला को चंडी देवी मंदिर की ओर जाते देखा गया। लौटते समय संदिग्धों के साथ महिला मौजूद नहीं थी। रूट चार्ट और संदिग्ध नंबरों के बारीकी से निरीक्षण से टीम को बड़ी सफलता मिली, जब बांदा, उत्तर प्रदेश के तीन संदिग्धों - राकेश, रामप्रकाश उर्फ गोविंदा, और छेदीलाल - के नाम प्रकाश में आए। अब तक जुटाए गए सबूतों और बयानों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि इन तीनों संदिग्धों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर मृतका कौशिल्या पत्नी पप्पू, निवासी बांदा, उत्तर प्रदेश की गला घोंटकर हत्या की है। मुकदमे में धारा-61(2) बी.एन.एस. की बढ़ोतरी कर तीनों को पुलिस हिरासत में लिया गया। पूछताछ में यह जानकारी मिली कि हत्यारोपी रामप्रकाश के मृतका कौशल्या से प्रेम संबंध थे। पहले से शादीशुदा होने के बावजूद, मृतका रामप्रकाश पर शादी करने के लिए लगातार दबाव बना रही थी। इस दबाव से तंग आकर रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और सगे जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर कौशल्या को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हत्या को अंजाम देने के लिए, हत्यारोपियों ने चंडी देवी दर्शन के बहाने जानबूझकर घर से 700 किलोमीटर दूर हरिद्वार को इसलिए चुना ताकि मृतका की पहचान ही न हो पाए, लेकिन हरिद्वार पुलिस ने अपनी मेहनत और विशेषज्ञता का नमूना पेश करते हुए उनकी योजना को विफल कर दिया और तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया।

पकड़े गए हत्यारोपियों में राकेश (25 वर्ष), रामप्रकाश उर्फ गोविंदा (20 वर्ष), दोनों पुत्र राजा निवासी ग्राम ग्योड़ीबाबा थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा, उत्तर प्रदेश; और छेदीलाल (24 वर्ष) पुत्र ईशूरी प्रसाद निवासी ग्राम काहला गंछा थाना कोतवाली नगर, जनपद बांदा, उत्तर प्रदेश शामिल हैं। संबंधित मुकदमा संख्या 57/26 में धारा-103(1) और बढ़ी हुई धारा-61(2) बी.एन.एस. लागू की गई है। बरामदगी में 3 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 1 पिठ्ठू बैग शामिल हैं। इस टीम में पुलिस अधीक्षक अपराध निशा यादव, पुलिस अधीक्षक नगर अभय सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर शिशुपाल सिंह नेगी, प्रभारी निरीक्षक CIU नरेंद्र सिंह बिष्ट, थानाध्यक्ष श्यामपुर नितेश शर्मा, व0उ0नि0 मनोज रावत, उ0नि0 संतोष सेमवाल, उ0नि0 मोहन कठैत, म0उ0नि0 रचना पठानिया, अ0उ0नि0 रविंद्र गौड़, अ0उ0नि0 दरम्यान सिंह, हे0का0 प्रेम सिंह (PS सिडकुल), हे0का0 पंकज देवली, का0 राहुल देव, का0 विनीत कुमार, का0 अनिल रावत, का0 सुशील चौहान, का0 तेजेंद्र सिंह, का0 ओमवीर सिंह, का0 जितेंद्र घिल्डियाल, का0 अजय चौहान, का0 मनमोहन सिंह, म0का0 माधुरी त्रिपाठी, का0 वसीम (CIU हरिद्वार), का0 उमेश (CIU हरिद्वार), का0 हरवीर सिंह (CIU हरिद्वार), और का0 दीप गौड़ (CIU हरिद्वार) जैसे अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • हरिद्वार के सर्वानंद घाट के सामने देहरादून से दिल्ली जा रही एक चलती बस में अचानक भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना बस से डीजल लीक होने के कारण सामने आई है। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और यात्रियों का सारा सामान तथा लगेज बस के साथ जलकर खाक हो गया। हालांकि, बस चालक की सूझबूझ और सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। चालक और सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बस से बाहर निकाल लिया गया, जिन्होंने अपनी जान बचाने के लिए बस से कूदना पड़ा। इस हादसे में किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया गया।
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    हरिद्वार के सर्वानंद घाट के सामने देहरादून से दिल्ली जा रही एक चलती बस में अचानक भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना बस से डीजल लीक होने के कारण सामने आई है।

देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया और यात्रियों का सारा सामान तथा लगेज बस के साथ जलकर खाक हो गया। हालांकि, बस चालक की सूझबूझ और सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया। चालक और सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बस से बाहर निकाल लिया गया, जिन्होंने अपनी जान बचाने के लिए बस से कूदना पड़ा।

इस हादसे में किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया गया।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    20 hrs ago
  • उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अपने दो दिवसीय मुनस्यारी भ्रमण के दौरान नंदा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने सरमोली के विश्वप्रसिद्ध होमस्टे मॉडल, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों की विशेष रूप से सराहना की। राज्यपाल ने इन सभी को उत्तराखंड के सतत पर्यटन विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए यह भी कहा कि मुनस्यारी आज राज्य की पर्यटन पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है।
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    उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अपने दो दिवसीय मुनस्यारी भ्रमण के दौरान नंदा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने सरमोली के विश्वप्रसिद्ध होमस्टे मॉडल, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों की विशेष रूप से सराहना की। राज्यपाल ने इन सभी को उत्तराखंड के सतत पर्यटन विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए यह भी कहा कि मुनस्यारी आज राज्य की पर्यटन पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है।
    user_Mukesh rawat
    Mukesh rawat
    Dehradun, Uttarakhand•
    20 hrs ago
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