लखीमपुर खीरी के पलिया कलां क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में चार दिन से भर्ती नवजात शिशु की मौत के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, बच्चे को इलाज के लिए चार दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के उपरांत अस्पताल परिसर के बाहर परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में परिजन अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विलाप करते दिख रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि नवजात की हालत समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण बिगड़ी और अंततः उसकी मृत्यु हो गई। गमगीन परिजनों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने लखीमपुर खीरी के सीएमओ से भी हस्तक्षेप कर मामले की जांच कराने का अनुरोध किया है। हालांकि, समाचार प्रकाशन तक अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग का पक्ष नहीं मिल पाया है। बताया गया है कि बच्चे की मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। वहीं, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
लखीमपुर खीरी के पलिया कलां क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में चार दिन से भर्ती नवजात शिशु की मौत के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, बच्चे को इलाज के लिए चार दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के उपरांत अस्पताल परिसर के बाहर परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में परिजन अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विलाप करते दिख रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि नवजात की हालत समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण बिगड़ी और अंततः उसकी मृत्यु हो गई। गमगीन परिजनों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने लखीमपुर खीरी के सीएमओ से भी हस्तक्षेप कर मामले की जांच कराने का अनुरोध किया है। हालांकि, समाचार प्रकाशन तक अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग का पक्ष नहीं मिल पाया है। बताया गया है कि बच्चे की मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। वहीं, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
- एक महिला वायजा खान टीईटी परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्र पहुंचीं, लेकिन उन्हें एक अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा। उनके एडमिट कार्ड पर परीक्षा केंद्र मेरठ दर्शाया गया था। वायजा खान जब कथित मेरठ केंद्र पर पहुंचीं, तो उन्हें पता चला कि वहां कोई परीक्षा आयोजित ही नहीं की जा रही है। इस घटना के बाद, शिकायत दर्ज कराई गई और एक दूसरा एडमिट कार्ड जारी किया गया, जिसमें उनका वास्तविक परीक्षा केंद्र मुरादाबाद दर्शाया गया था। इस पूरी घटना को परीक्षा प्रणाली में चल रहे एक 'अलग तरह के स्कैम' का हिस्सा बताया जा रहा है।1
- लखीमपुर खीरी जिले के निघासन क्षेत्र स्थित सुरजीपुरवा गांव के पास एक पुलिया का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस अधूरी पुलिया के निर्माण को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और तत्काल निर्माण कार्य पूरा करने की मांग उठाई। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के लिए समाजसेवी प्रसेनजीत सिंह उर्फ मन्नू भैया भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायतों को सुना और संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द पुलिया निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की। ग्रामीणों ने विशेष रूप से बताया कि बरसात के मौसम में यह अधूरी पुलिया उनके लिए एक बड़ी मुसीबत बन जाती है, जिससे उनकी मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। उन्होंने प्रशासन से इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने और पुलिया निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आग्रह किया है।1
- लखीमपुर खीरी जिले के निघासन क्षेत्र के मझली पुरवा में एक युवती का मोबाइल टावर पर चढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में युवती ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। युवती ने लेखपाल के मुंशी, एसडीएम, सीओ और पुलिस प्रशासन पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने चेतावनी दी है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला या उसके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और उन लोगों की होगी जिन पर उसने आरोप लगाए हैं। सुनवाई न होने पर युवती ने आत्महत्या करने तक की चेतावनी भी दी है। इस वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, जिसके बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के सिसैया गाँव में एक तेंदुआ घुस आया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व प्रधान हुसैन खाँ तत्काल मौके पर पहुँचे और उन्होंने वन विभाग को इसकी सूचना दी। तेंदुए के गाँव में प्रवेश करने की खबर फैलने के बाद, मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।1
- लखीमपुर खीरी के मैगलगंज चौराहे पर एक बच्चा काफी समय से अकेला बैठा हुआ मिला। गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने बच्चे से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान बच्चे ने अपना नाम राजू, पिता का नाम प्रदीप और अपने आपको अरुणाचल प्रदेश का निवासी बताया। पुलिस ने बच्चे को अपनी हिरासत में ले लिया है और उससे आगे की पूछताछ करते हुए अग्रिम कार्रवाई कर रही है।1
- मेरठ के सरधना में हुए एक लूटकांड की फरार आरोपी ‘लुटेरी दुल्हन’ ज्योति चौधरी को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया गया है। ज्योति पर 12 जून को एक पेटीएम कंपनी के टीम लीडर से हुई लूट में शामिल होने का आरोप है। पुलिस तकनीकी सर्विलांस का उपयोग कर रही थी और इंस्टाग्राम पर उसकी लगातार सक्रियता के कारण उसकी लोकेशन का पता चला। जानकारी के अनुसार, ज्योति शादी के बाद अपने पति के साथ हरिद्वार गई थी। इस मामले में पुलिस पहले ही तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।1
- उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर एक आम की दावत का आयोजन किया गया, जिसमें कई नेताओं ने शिरकत की। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- लखीमपुर खीरी के पलिया कलां क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में चार दिन से भर्ती नवजात शिशु की मौत के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, बच्चे को इलाज के लिए चार दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के उपरांत अस्पताल परिसर के बाहर परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में परिजन अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विलाप करते दिख रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि नवजात की हालत समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण बिगड़ी और अंततः उसकी मृत्यु हो गई। गमगीन परिजनों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने लखीमपुर खीरी के सीएमओ से भी हस्तक्षेप कर मामले की जांच कराने का अनुरोध किया है। हालांकि, समाचार प्रकाशन तक अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग का पक्ष नहीं मिल पाया है। बताया गया है कि बच्चे की मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। वहीं, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।1