पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में रविवार को बिछुआ बस स्टैंड पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया गया। गोंडवाना समग्र विकास के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के पदाधिकारियों ने किया। इस दौरान बिछुआ और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में युवा और ग्रामीण सड़कों पर उतरे और हाथों में तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सोनम वांगचुक लद्दाख के संवैधानिक अधिकारों और देश में बढ़ते पेपर लीक मामलों को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे थे, जहां से दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। आंदोलनकारियों ने इसे लोकतंत्र पर हमला और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। धरने में शामिल लोगों ने "जल-जंगल-जमीन बचाओ, पर्यावरण सुरक्षित करो", "केन-बेतवा लिंक परियोजना वापस लो", "सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा करो" और "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि केन-बेतवा परियोजना से हजारों हेक्टेयर जंगल कट जाएंगे, नदियों का प्राकृतिक प्रवाह बिगड़ेगा और आदिवासी गांव उजड़ जाएंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार विकास के नाम पर पर्यावरण से खिलवाड़ बंद करे। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सोनम वांगचुक को जल्द रिहा नहीं किया गया, धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया और केन-बेतवा परियोजना वापस नहीं ली गई, तो इस आंदोलन को प्रदेश स्तर पर उग्र और तेज किया जाएगा।
पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में रविवार को बिछुआ बस स्टैंड पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया गया। गोंडवाना समग्र विकास के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के पदाधिकारियों ने किया। इस दौरान बिछुआ और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में युवा और ग्रामीण सड़कों पर उतरे और हाथों में तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सोनम वांगचुक लद्दाख के संवैधानिक अधिकारों और देश में बढ़ते पेपर लीक मामलों को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे थे, जहां से दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। आंदोलनकारियों ने
इसे लोकतंत्र पर हमला और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। धरने में शामिल लोगों ने "जल-जंगल-जमीन बचाओ, पर्यावरण सुरक्षित करो", "केन-बेतवा लिंक परियोजना वापस लो", "सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा करो" और "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि केन-बेतवा परियोजना से हजारों हेक्टेयर जंगल कट जाएंगे, नदियों का प्राकृतिक प्रवाह बिगड़ेगा और आदिवासी गांव उजड़ जाएंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार विकास के नाम पर पर्यावरण से खिलवाड़ बंद करे। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सोनम वांगचुक को जल्द रिहा नहीं किया गया, धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा नहीं दिया और केन-बेतवा परियोजना वापस नहीं ली गई, तो इस आंदोलन को प्रदेश स्तर पर उग्र और तेज किया जाएगा।
- छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ नगर में रविवार को जय भीम सामाजिक संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक सामुदायिक भवन में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य बिछुआ नगर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति स्थापित करने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर विचार-विमर्श करना था। इसके साथ ही बैठक के दौरान संगठन के विभिन्न पदों पर नियुक्तियां भी की गईं। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब की मूर्ति स्थापना से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और आने वाली पीढ़ी को उनके विचारों से प्रेरणा मिलेगी। इसके साथ ही संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाने और जरूरतमंदों की मदद करने का संकल्प लिया। बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से जिला प्रमुख शिवम पहाड़े, बिछुआ ब्लॉक महामंत्री दिनेश कोंचे, ब्लॉक अध्यक्ष शंकर चिलाटे और जिला सह सचिव हर्ष सातनकर सहित संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।2
- छिंदवाड़ा के बिछुआ अंतर्गत खमारपानी सांदीपनि महाविद्यालय में 'नशे से दूरी हे जरूरी 2.0' नशा मुक्ति अभियान चलाया गया है। इस नशा मुक्ति अभियान का आयोजन पुलिस चौकी खमारपानी और थाना बिछुआ के सहयोग से सांदीपनि महाविद्यालय में किया गया। इस संबंध में चाँद से सुजीत श्रीवास ने जानकारी दी है।1
- छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत थाना माहुलझिर पुलिस द्वारा आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए संदेश दिया कि आइए, हम सभी मिलकर नशे को ना कहें और स्वस्थ, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।1
- छिंदवाड़ा जिले के तामिया स्थित एकलव्य विद्यालय में छात्र-छात्राओं ने खाने की गुणवत्ता को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। गुस्साए बच्चों ने स्कूल के सामने धरने पर बैठकर जमकर नारेबाजी की। बच्चों का आरोप है कि उन्हें जो खाना परोसा जा रहा है, वह बिल्कुल भी खाने लायक नहीं है। प्रदर्शन के दौरान मासूम बच्चे रोते हुए पूछ रहे थे कि "ऐसा खाना कौन खाएगा"। छात्रों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन उस पर कोई सुनवाई नहीं की गई। मासूम बच्चों की आंखों से बहते आंसू उनकी पीड़ा को बयां कर रहे थे। छात्रों की मांग है कि जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त सत्येंद्र मरकाम खुद मौके पर आएं और उनकी समस्या को सुनें। बच्चों ने स्पष्ट कह दिया है कि वे कलेक्टर से मुलाकात करने के बाद ही मानेंगे। इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि जिले भर के आदिवासी अंचल इलाकों में स्थित आदिवासी छात्रावासों और एकलव्य विद्यालयों से खाने की गुणवत्ता को लेकर इस तरह की शिकायतें लगातार आ रही हैं और यह कोई पहली घटना नहीं है। फिलहाल, प्रशासन के अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच का आश्वासन दिया है।1
- छिंदवाड़ा के गोविन्दपुरी की नई बिल्डिंग में फ्लैट मालिकों से मेंटिनेंस का पूरा खर्चा पहले ही ले लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद यहां काम बेहद लापरवाही से हो रहा है। कई बार शिकायतें करने के बाद जब प्लंबर आता भी है, तो वह अधूरा काम करके चला जाता है। काम पूरा करने के लिए टोकने पर सामान न होने का बहाना बना दिया जाता है। पीड़ित फ्लैट मालिक लगातार कॉल करते रहते हैं, लेकिन उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है।1
- सिवनी जिले में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण को बढ़ाने के उद्देश्य से जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की शासकीय भूमि पर प्राथमिकता के साथ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसके साथ ही सड़क किनारे, शैक्षणिक संस्थानों, शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायत परिसरों, सामुदायिक स्थलों और जल स्रोतों के पास योजनाबद्ध तरीके से पौधे लगाए जा रहे हैं। इस अभियान के अंतर्गत निजी भूमि पर भी वृक्षारोपण को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। जिले के किसानों और भूमि स्वामियों को फलदार, छायादार और स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि पर्यावरण और जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ उन्हें भविष्य में आर्थिक लाभ भी मिल सके। अभियान की सबसे बड़ी ताकत जनभागीदारी बन गई है, जिसमें आम नागरिक, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाएं, सामाजिक संगठन, विद्यार्थी, महिला स्व-सहायता समूह और सरकारी कर्मचारी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। लोग केवल पौधरोपण ही नहीं कर रहे, बल्कि पौधों के संरक्षण, नियमित सिंचाई और देखभाल का संकल्प भी ले रहे हैं। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपनी माता के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण के लिए जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी उठाने की भावुक अपील की है।1
- छिंदवाड़ा नगर पालिक निगम द्वारा वार्ड क्रमांक 3 स्थित खजरी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्वच्छता जागरूकता, सिंगल यूज़ प्लास्टिक उन्मूलन और नशा मुक्ति पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। माननीय महापौर श्री विक्रम अहके जी और आयुक्त श्री सी. पी. राय जी के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्वच्छता एवं नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। इस दौरान छात्र-छात्राओं को व्यक्तिगत व सार्वजनिक स्वच्छता के महत्व को समझाने के साथ-साथ 'कपड़े की थैली मेरी सहेली' अभियान और '5 बिन कचरा पृथक्करण प्रणाली' के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई ताकि वे वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक हो सकें। इस आयोजन के माध्यम से 'सफाई अपनाओ बीमारी भगाओ' अभियान का संदेश भी प्रसारित किया गया।1
- मध्य प्रदेश के सिवनी में 'न्याय दो या मार दो' के नारे के साथ चल रहा 'चिता आंदोलन' अब बेहद उग्र रूप ले चुका है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने उफनती हुई नदी के बीचों-बीच जाकर सांकेतिक रूप से फांसी पर लटककर विरोध जताया है। इस बेहद आक्रामक प्रदर्शन के जरिए आंदोलनकारियों ने न्याय की अपनी मांग को बेहद कड़े शब्दों में सामने रखा है।1