जालौन में रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों से सजी दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। जालौन में रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों से सजी दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। बहनें अपने भाइयों की कलाई सजाने के लिए पसंदीदा राखियां खरीद रही हैं। हालांकि, राखी, मिठाई और पूजा सामग्री के बढ़े दामों का असर लोगों के बजट पर भी दिखाई दे रहा है। रक्षाबंधन से एक दिन पहले बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ रही, लेकिन महंगाई को लेकर लोगों में चिंता भी नजर आई। महिला ग्राहकों का कहना है कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार है और इसे पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा, भले ही महंगाई के कारण खर्च बढ़ गया हो। वहीं दुकानदारों के अनुसार, राखियों की बिक्री अच्छी हो रही है, लेकिन ग्राहक अब महंगी राखियों के बजाय अपने बजट के अनुसार खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुल मिलाकर बाजारों में रक्षाबंधन को लेकर उत्साह और उमंग का माहौल है, हालांकि महंगाई ने त्योहार का खर्च जरूर बढ़ा दिया है। बाइट— दुकानदार। बाइट— महिला ग्राहक।
जालौन में रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों से सजी दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। जालौन में रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों से सजी दुकानों पर खरीदारी
के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। बहनें अपने भाइयों की कलाई सजाने के लिए पसंदीदा राखियां खरीद रही हैं। हालांकि, राखी, मिठाई और पूजा सामग्री के बढ़े दामों का असर लोगों के बजट पर भी दिखाई दे रहा है। रक्षाबंधन से एक दिन पहले बाजारों में खरीदारों की
भारी भीड़ रही, लेकिन महंगाई को लेकर लोगों में चिंता भी नजर आई। महिला ग्राहकों का कहना है कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार है और इसे पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा, भले ही महंगाई के कारण खर्च बढ़ गया हो। वहीं दुकानदारों के अनुसार, राखियों की बिक्री
अच्छी हो रही है, लेकिन ग्राहक अब महंगी राखियों के बजाय अपने बजट के अनुसार खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुल मिलाकर बाजारों में रक्षाबंधन को लेकर उत्साह और उमंग का माहौल है, हालांकि महंगाई ने त्योहार का खर्च जरूर बढ़ा दिया है। बाइट— दुकानदार। बाइट— महिला ग्राहक।
- कालपी में रक्षाबंधन का पर्व सादगी और हर्षोल्लास के साथ संपन्न बाजारों में रही रौनक, भाई-बहनों के स्नेह और पारिवारिक जुड़ाव ने त्योहार को बनाया खास कालपी में रक्षाबंधन का पर्व सादगी और हर्षोल्लास के साथ संपन्न बाजारों में रही रौनक, भाई-बहनों के स्नेह और पारिवारिक जुड़ाव ने त्योहार को बनाया खास कालपी (जालौन)। ऐतिहासिक नगरी कालपी में रक्षाबंधन का पर्व गुरुवार को पारंपरिक श्रद्धा, सादगी और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षासूत्र बांधकर उनके दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं भाइयों ने भी बहनों को उपहार भेंट कर जीवनभर उनकी रक्षा और साथ निभाने का संकल्प लिया। बाजारों में दिनभर रही चहल-पहल रक्षाबंधन को लेकर नगर के टरननगंज बाजार, स्टेशन रोड और बस स्टैंड क्षेत्र में दिनभर रौनक देखने को मिली। राखियों की दुकानों पर महिलाओं और युवतियों की भीड़ रही। मिठाई की दुकानों पर काजू कतली, घेवर, रसगुल्ले समेत विभिन्न मिठाइयों की खूब बिक्री हुई। दूर-दराज से अपने भाई-बहनों के घर पहुंचने वाले लोगों के कारण बाजारों और प्रमुख मार्गों पर भी काफी चहल-पहल रही। यातायात और सुरक्षा व्यवस्था रही मुस्तैद त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए प्रमुख चौराहों और बस स्टैंड क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस एवं प्रशासन की सतर्कता से यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रही और लोगों को आवागमन में बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। परिवार के बीच स्नेह और संस्कार का संदेश रक्षाबंधन के अवसर पर एक परिवार ने पर्व को लेकर अपने भाव साझा करते हुए बताया कि पुत्र प्रवीण, आनंद, अजय तथा पुत्रियां नीता, सुनीता, रीता, सीता, रूपा और एकता सहित पौत्र-पौत्रियों विनय, विजय, यशराज और अंजनी ने प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से मिलकर इस पर्व को मनाया और आपसी स्नेह का आदान-प्रदान किया। परिवार की ओर से सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा गया कि आपसी जुड़ाव ही परिवारों और क्रमशः समाज का संबल है। स्नेह से सिंचित हमारी संस्कृति ही समाज की रीढ़ है। इस परंपरा और पारिवारिक मूल्यों को आगे बढ़ाए रखने का दायित्व नई और व्यस्त होती पीढ़ी पर है। रक्षाबंधन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी परिवार के रिश्तों में प्रेम, विश्वास और अपनापन बनाए रखना हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरती है। कालपी (जालौन)। ऐतिहासिक नगरी कालपी में रक्षाबंधन का पर्व गुरुवार को पारंपरिक श्रद्धा, सादगी और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षासूत्र बांधकर उनके दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं भाइयों ने भी बहनों को उपहार भेंट कर जीवनभर उनकी रक्षा और साथ निभाने का संकल्प लिया। बाजारों में दिनभर रही चहल-पहल रक्षाबंधन को लेकर नगर के टरननगंज बाजार, स्टेशन रोड और बस स्टैंड क्षेत्र में दिनभर रौनक देखने को मिली। राखियों की दुकानों पर महिलाओं और युवतियों की भीड़ रही। मिठाई की दुकानों पर काजू कतली, घेवर, रसगुल्ले समेत विभिन्न मिठाइयों की खूब बिक्री हुई। दूर-दराज से अपने भाई-बहनों के घर पहुंचने वाले लोगों के कारण बाजारों और प्रमुख मार्गों पर भी काफी चहल-पहल रही। यातायात और सुरक्षा व्यवस्था रही मुस्तैद त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए प्रमुख चौराहों और बस स्टैंड क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस एवं प्रशासन की सतर्कता से यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रही और लोगों को आवागमन में बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। परिवार के बीच स्नेह और संस्कार का संदेश रक्षाबंधन के अवसर पर एक परिवार ने पर्व को लेकर अपने भाव साझा करते हुए बताया कि पुत्र प्रवीण, आनंद, अजय तथा पुत्रियां नीता, सुनीता, रीता, सीता, रूपा और एकता सहित पौत्र-पौत्रियों विनय, विजय, यशराज और अंजनी ने प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से मिलकर इस पर्व को मनाया और आपसी स्नेह का आदान-प्रदान किया। परिवार की ओर से सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा गया कि आपसी जुड़ाव ही परिवारों और क्रमशः समाज का संबल है। स्नेह से सिंचित हमारी संस्कृति ही समाज की रीढ़ है। इस परंपरा और पारिवारिक मूल्यों को आगे बढ़ाए रखने का दायित्व नई और व्यस्त होती पीढ़ी पर है। रक्षाबंधन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच भी परिवार के रिश्तों में प्रेम, विश्वास और अपनापन बनाए रखना हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरती है।4
- 🎤रक्षाबंधन पर UP सरकार की सौगात,महिलाओ को मिली 3 दिवसीय सहयात्री सहित निःशुल्क बस यात्रा 🖥️ 📍यात्रियों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि निःशुल्क यात्रा से रक्षाबंधन के त्योहार पर सफर हुआ आसान जनपद जालौन से बड़ी खबर है। रक्षाबंधन के पर्व पर प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों को मुख्यमंत्री की ओर से बड़ी सौगात दी गई है। 27, 28 और 29 अगस्त को मातृशक्ति को सहयात्री सहित निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा दी जा रही है। सरकार की इस पहल के बाद जालौन के बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। यात्रियों ने सरकार की इस सुविधा का स्वागत करते हुए इसे रक्षाबंधन पर बड़ी सौगात बताया।रक्षाबंधन के पर्व पर महिलाओं को अपने मायके और गंतव्य तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने 27, 28 और 29 अगस्त तक निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा शुरू की है। इस सुविधा का लाभ माताओं, बहनों और बेटियों को सहयात्री सहित दिया जा रहा है।घोषणा के बाद जालौन बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ नजर आई। बड़ी संख्या में महिलाएं और उनके परिजन बसों से यात्रा करते दिखाई दिए। यात्रियों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि निःशुल्क यात्रा से रक्षाबंधन के त्योहार पर सफर आसान हुआ है और आर्थिक राहत भी मिली है।बस स्टैंड पर व्यवस्था को लेकर परिवहन विभाग के अधिकारी भी लगातार निगरानी करते नजर आए। यात्रियों की सुविधा और बसों के संचालन को लेकर संबंधित अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। रिपोर्ट -जनपद जालौन से soni news के लिए अमित कुमार1
- जालौन में रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों से सजी दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। जालौन में रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों से सजी दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। बहनें अपने भाइयों की कलाई सजाने के लिए पसंदीदा राखियां खरीद रही हैं। हालांकि, राखी, मिठाई और पूजा सामग्री के बढ़े दामों का असर लोगों के बजट पर भी दिखाई दे रहा है। रक्षाबंधन से एक दिन पहले बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ रही, लेकिन महंगाई को लेकर लोगों में चिंता भी नजर आई। महिला ग्राहकों का कहना है कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार है और इसे पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा, भले ही महंगाई के कारण खर्च बढ़ गया हो। वहीं दुकानदारों के अनुसार, राखियों की बिक्री अच्छी हो रही है, लेकिन ग्राहक अब महंगी राखियों के बजाय अपने बजट के अनुसार खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुल मिलाकर बाजारों में रक्षाबंधन को लेकर उत्साह और उमंग का माहौल है, हालांकि महंगाई ने त्योहार का खर्च जरूर बढ़ा दिया है। बाइट— दुकानदार। बाइट— महिला ग्राहक।4
- ग्राम पंचायत गढगुवा में श्मशान घाट न होने से ग्रामीण परेशान; अंतिम संस्कार में आ रही भारी बाधा जालौन रविन्द्र गौतम ✍️ ➡️ ग्राम पंचायत गढगुवा में श्मशान घाट न होने से ग्रामीण परेशान; अंतिम संस्कार में आ रही भारी बाधा ➡️ बारिश के मौसम में बदतर हो जाती है स्थिति; खुले में अंतिम संस्कार करने को मजबूर ग्रामीण ➡️ लालजी शर्मा, तारबाबू व पूर्व प्रधानों समेत ग्रामीणों ने श्मशान घाट निर्माण व सुविधाओं की उठाई मांग ➡️ विकासखंड जालौन की ग्राम पंचायत गढगुवा का मामला; प्रशासन से जल्द कार्रवाई की गुहार1
- कालपी में 24 घंटे में चोरी का खुलासा! 11 लाख के जेवरात बरामद!!. 12 के आभूषण व नगदी के चोर गिरफ्तार सीओ ने किया मामले का खुलासा कालपी (जालौन)। कोतवाली पुलिस टीम ने चंद समय में ही चोरी की घटना का पर्दाफाश करते हुए लाखों रुपए के आभूषण व नगदी के साथ चोर को गिरफ्तार कर लिया। मामले का खुलासा सीओ व कोतवाल ने किया। घटना का खुलासा करते हुए हों राजेश कमल ने बताया कि ग्राम छौक के निवासी राजेश कुमार पुत्र गंगाधर के घर से अज्ञात चोरों ने 25-26 की रात सोने चांदी के आभूषण व लाखों रुपए की नगदी चोरी हुई थी।घटना में पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली में अज्ञात चोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसकी विवेचना ज्ञान भारतीय छौंक चौकी विपिन यादव को जांच हेतु सोपी गई थी। बताया कि एसपी विनय कुमार के निर्देश पर चोरी का खुलासा करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। एसपी के निर्देशन व प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्मा तिवारी के नेतृत्व में चौकी प्रभारी विपिन यादव दीवान विपिन कुमार सिपाही रंजीत सहित पुलिस टीम ने जांच के दौरान चोर का खुलासा कर उक्त गांव का निवासी अभियुक्त रोहित कुमार पुत्र कैलाश कुमार अहिरवार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में चोरी की घटना को स्वयं अकेले करना कबूल किया, साथ में झोला में रखे हुए नगदी 18080 रुपए तथा पीली धातु एक अदद हार चार अदद चूड़ियां एक अदद महिला अंगूठी एक जंजीर एक हार एक मंगलसूत्र एक कान का टॉस एवं एक चांदी की कमरबंद चार अदद चांदी की पायल दो जोड़ी चांदी की बिछिया दो चांदी के लच्क्षा चार चांदी की तोड़िया तीन चांदी की चूड़ियां एक हाय दो अदद चांदी के चूरा चार चांदी की बिछिया आदि सोने चांदी आभूषण लगभग 12 लाख रुपए के बरामद किए।1
- रक्षाबंधन पर उरई रेलवे स्टेशन पर दिखी अपेक्षाकृत कम भीड़, सामान्य नजर आए हालात उरई। रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर गुरुवार शाम उरई रेलवे स्टेशन का नजारा सामान्य दिनों की अपेक्षा अलग दिखाई दिया। त्योहार के चलते यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद के बीच शाम के समय स्टेशन परिसर में अपेक्षाकृत कम संख्या में यात्री नजर आए। स्टेशन के प्लेटफॉर्म और परिसर में कुछ लोग बैठे दिखाई दिए, जबकि यात्रियों की भीड़ अपेक्षाकृत कम रही। रक्षाबंधन पर ट्रेनों में आवागमन बढ़ने की संभावना के बावजूद शाम के समय स्टेशन पर स्थिति शांत और सामान्य नजर आई। त्योहार के मौके पर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा एवं यात्री सुविधाओं को लेकर भी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण रहती हैं। यात्रियों की संख्या कम होने से स्टेशन परिसर में फिलहाल किसी तरह की अफरा-तफरी दिखाई नहीं दी।1
- बृजमोहन उर्फ बबलू नक्शा की तरफ से सभी देशवासियों जनपद वासियों एवं उरई जालौन विधानसभा के सम्मानित मतदाताओं को रक्षाबंधन के पवित्र त्यौहार की हार्दिक शुभकामनाएं बधाई1
- *🎤राखी पर महंगाई का तड़का,त्योहार की खुशियों पर चढ़ा महंगाई का रंग🖥️ 📌राखी से लेकर मिठाई और अन्य पूजा सामग्री के दाम बढ़ने से लोगों का बिगड़ा बजट जालौन। रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है।बहनें अपने भाइयों की कलाई सजाने के लिए राखियों की खरीदारी कर रही हैं, तो वहीं बाजारों में उमड़ी भीड़ के बीच महंगाई का असर भी साफ दिखाई दे रहा है।राखी से लेकर मिठाई और अन्य पूजा सामग्री के दाम बढ़ने से लोगों का बजट बिगड़ गया है। रक्षाबंधन से एक दिन पहले बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ देखने को मिली। रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों से दुकानें सजी हुई हैं। लोग अपनी पसंद की राखियां खरीद रहे हैं, लेकिन बढ़े हुए दामों को लेकर खरीदारों में नाराजगी भी नजर आई। महिलाओं का कहना है कि रक्षाबंधन साल में एक बार आता है और भाई की कलाई पर राखी बांधना परंपरा है, इसलिए महंगाई के बावजूद खरीदारी करनी पड़ रही है। हालांकि, पहले की तुलना में अब राखी खरीदने में अधिक पैसे खर्च हो रहे हैं। वहीं दुकानदारों का कहना है कि राखियों की बिक्री तो हो रही है, लेकिन महंगाई का असर ग्राहकों की खरीदारी पर पड़ा है। लोग राखियां खरीद रहे हैं, मगर महंगी राखियों की जगह बजट के अनुसार खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं।कुल मिलाकर रक्षाबंधन को लेकर बाजार में उत्साह और उमंग तो है, लेकिन महंगाई ने त्योहार की खुशियों में कुछ फीका रंग जरूर भर दिया है। इसके बावजूद भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के इस पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट—जनपद जालौन से soni news के लिए अमित कुमार।1