सरयू की तेज कटान से बबुरी गांव में बेघर होने का संकट, 50 बीघा फसल नदी में समाई शशिकांत अवस्थी सिरौली गौसपुर, बाराबंकी। ग्राम पंचायत सिरौली गुंग के पुरवा बबुरी में सरयू नदी की तेज कटान से ग्रामीणों में दहशत है। पिछले एक सप्ताह से जारी कटान से ग्रामीणों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ खंड का कोई अधिकारी अभी तक मौके पर नहीं पहुंचा है। बुधवार को सपा जिला उपाध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य विजय कुमार यादव ने कटान प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 50 बीघा गन्ने की फसल नदी में समा चुकी है। कटान का खतरा आबादी तक पहुंच गया है। रामकृपाल, राम सुमिरन, अयोध्या, कमलेश और कुंजा देवी के घर कटान के मुहाने पर हैं। भयभीत ग्रामीण अपना सामान निकालकर बांध के दूसरी तरफ रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं। विजय यादव ने मौके से ही उपजिलाधिकारी सिरौली गौसपुर को स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, सुरक्षित स्थान और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पुनर्वास दिया जाए तथा फसल गंवाने वाले किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
सरयू की तेज कटान से बबुरी गांव में बेघर होने का संकट, 50 बीघा फसल नदी में समाई शशिकांत अवस्थी सिरौली गौसपुर, बाराबंकी। ग्राम पंचायत सिरौली गुंग के पुरवा बबुरी में सरयू नदी की तेज कटान से ग्रामीणों में दहशत है। पिछले एक सप्ताह से जारी कटान से ग्रामीणों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ खंड का कोई अधिकारी अभी तक मौके पर नहीं पहुंचा है। बुधवार को सपा जिला उपाध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य विजय कुमार यादव ने कटान प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 50 बीघा गन्ने की फसल नदी में समा चुकी है। कटान का खतरा आबादी तक पहुंच गया है। रामकृपाल, राम सुमिरन, अयोध्या, कमलेश और कुंजा देवी के घर कटान के मुहाने पर हैं। भयभीत ग्रामीण अपना सामान निकालकर बांध के दूसरी तरफ रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं। विजय यादव ने मौके से ही उपजिलाधिकारी सिरौली गौसपुर को स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, सुरक्षित स्थान और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पुनर्वास दिया जाए तथा फसल गंवाने वाले किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
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- रक्षाबंधन पर कस्तूरबा की बेटियों ने डीएम को बांधी अपने हाथों से बनाई राखी, डीएम ने उपहार देकर जताया स्नेह आप सभी मन लगाकर पढ़ाई करें, बाकी जरूरतों की चिंता मुझ पर छोड़ दे डीएम बालिकाओं की आवश्यकताओं पर तत्काल संज्ञान, पूर्व निरीक्षण के क्रम में इंटरलॉकिंग कार्य की स्वीकृति शशिकांत अवस्थी बाराबंकी, रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय करपिया, मसौली की बालिकाओं ने जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें अपने हाथों से बनाई राखी बांधी। जिलाधिकारी ने बालिकाओं के स्नेह को सहर्ष स्वीकार करते हुए उन्हें उपहार भेंट किए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बालिकाओं से सहज संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई-लिखाई, विद्यालय की व्यवस्थाओं, खान-पान एवं रहने-सहने की सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और विद्यालय में किसी भी प्रकार की आवश्यकता या समस्या होने पर बिना संकोच अपनी बात रखें।जिलाधिकारी ने कहा, “आप सभी मन लगाकर पढ़ाई करें, बाकी जरूरतों की चिंता मुझ पर छोड़ दें संवाद के दौरान बालिकाओं ने विद्यालय की आवश्यकताओं से भी जिलाधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने उच्चीकृत एकेडमिक भवन से हॉस्टल तक आने-जाने वाले मार्ग पर इंटरलॉकिंग कार्य कराने तथा खेल मैदान में मिट्टी पटाई कराकर उसे खेल गतिविधियों के लिए बेहतर बनाने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने बालिकाओं की आवश्यकताओं को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। खेल मैदान में मिट्टी पटाई के संबंध में उन्होंने बरसात समाप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। पूर्व निरीक्षण के क्रम में इंटरलॉकिंग कार्य की स्वीकृति जिलाधिकारी ने बताया कि गत 13 अगस्त को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुजीबपुर, देवा के निरीक्षण के दौरान छात्राओं द्वारा परिसर के अंदर के रास्ते पर इंटरलॉकिंग की आवश्यकता बताई गई थी। छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इंटरलॉकिंग कार्य की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। साथ ही विद्यालय की अन्य मूलभूत आवश्यकताओं के संबंध में भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली बालिकाएं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित रक्षाबंधन के अवसर पर बालिकाओं से संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने बालिकाओं को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए आगे भी पूरी लगन एवं मेहनत के साथ पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा पुनीत मणि त्रिपाठी, वार्डेन विभा मिश्रा, शिक्षिका आरती मिश्रा सहित केजीबीवी मसौली की बालिकाएं उपस्थित रहीं।1
- मासूम बेटी की आवाज पर डीएम का संज्ञान, जर्जर सड़क की मरम्मत शुरू बाराबंकी। चार साल की मासूम बच्ची की दर्द भरी अपील ने प्रशासन का ध्यान खींच लिया। नगर कोतवाली क्षेत्र के क्रिस्टल गार्डन के पास रहने वाली बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें वह हाथ जोड़कर कह रही थी, “डीएम अंकल, हमारे घर की रोड बनवा दीजिए। इसमें बड़े-बड़े गड्ढे हैं और पानी भर जाता है।” बच्ची की मासूम आवाज जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को सड़क की स्थिति जांचकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद जर्जर सड़क की मरम्मत का काम शुरू हो गया। बारिश में सड़क पर जलभराव और गड्ढों के कारण स्थानीय लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में परेशानी होती थी। सड़क का काम शुरू होने पर बच्ची के परिवार और मोहल्लेवासियों ने डीएम का आभार जताया। बच्ची के पिता ने कहा कि डीएम ने उनकी बेटी की छोटी सी गुहार को गंभीरता से लेकर संवेदनशीलता का परिचय दिया।1
- बेरिया पुल की टूटी रेलिंग बनी हादसे का सबब, ग्रामीणों ने खुद भरा गड्ढा जिम्मेदारों की अनदेखी पर उठे सवाल बाराबंकी /उत्तर प्रदेश जनपद के ग्राम बेरिया के निकट शारदा सहायक नहर पर बना पुल इन दिनों बदहाली और विभागीय उदासीनता की कहानी बयां कर रहा है। कई गांवों और कस्बों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण पुल की रेलिंग लंबे समय से टूटी पड़ी है। पुल के समीप डिग्री कॉलेज और इंटर कॉलेज होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और राहगीर इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में पुल की जर्जर हालत किसी बड़े हादसे की खुली दस्तक बनी हुई है।पुल पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। सबसे गंभीर स्थिति टूटी रेलिंग को लेकर है। नीचे गहरी नहर में पानी का बहाव और ऊपर पुल पर बेतरतीब आवागमन ऐसे में सामने से आने वाले वाहन से बचने के दौरान यदि किसी बाइक सवार का संतुलन बिगड़ जाए तो उसके सीधे नहर में गिरने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।कुछ दिन पहले ही इस खतरे की एक बानगी भी सामने आ चुकी है। चर्चा के मुताबिक करीब तीन-चार दिन पूर्व एक युवक पुल पर गिर गया और उसकी बाइक पुलिया की ओर लटक गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को संभाला और बाइक को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि उस समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन यह घटना पुल की भयावह स्थिति को उजागर करने के लिए काफी है।ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बाद टूटी रेलिंग के पास बांस लगाकर उस पर लाल कपड़ा बांध दिया गया था, लेकिन यह व्यवस्था भी महज खानापूर्ति साबित हुई। कुछ ही दिनों बाद बांस टूटकर नहर में जा गिरा और खतरा फिर जस का तस खड़ा हो गया।जब व्यवस्था सोई रही, ग्रामीणों ने संभाली जिम्मेदारी पुल पर बने गहरे गड्ढे को भरने के लिए ग्रामीणों ने आखिरकार विभाग का इंतजार छोड़ दिया। उन्होंने आपस में चंदा जुटाया, सीमेंट और कंक्रीट खरीदा और अपने स्तर से गड्ढे को भरने का काम शुरू कर दिया। ग्रामीणों की यह पहल केवल सड़क की मरम्मत नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति एक बड़ा सवाल है।जिस काम की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की थी, उसे ग्रामीणों ने अपनी जेब से पूरा किया, ताकि किसी स्कूली बच्चे, छात्र-छात्रा या राहगीर की जिंदगी खतरे में न पड़े। यह तस्वीर व्यवस्था के उस चेहरे को सामने लाती है, जहां जनता अपने जीवन की सुरक्षा के लिए भी खुद ही इंतजाम करने को मजबूर दिखाई दे रही है।बेरिया पुल पर ग्रामीणों ने सिर्फ एक गड्ढा नहीं भरा है, बल्कि उन्होंने जिम्मेदार व्यवस्था के सामने आईना रख दिया है। टूटी रेलिंग और जर्जर पुलिया किसी हादसे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सवाल अब यह है कि संबंधित अधिकारी इस चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए पुल की स्थायी मरम्मत कराएंगे या फिर किसी अनहोनी के बाद ही सरकारी मशीनरी की नींद टूटेगी।1
- कर्नलगंजनगर मे की 12 रवी अव्वल की सजावट की विशेष झलकियां1
- रक्षाबंधन पर कस्तूरबा की बेटियों ने डीएम को बांधी अपने हाथों से बनाई राखी, डीएम ने उपहार देकर जताया स्नेह* रक्षाबंधन पर कस्तूरबा की बेटियों ने डीएम को बांधी अपने हाथों से बनाई राखी, डीएम ने उपहार देकर जताया स्नेह*1
- लोक माता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना कर्यक्रम मे जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सभी भाई बहिनो को रक्षाबंधन की बहुत बहुत बधाई डी “लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सुगम आवागमन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना से महिलाओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक परिवहन की सुविधा मिलेगी। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठाएं और उनका आवागमन और अधिक सुगम हो।”1