बिहार सरकार के निर्देश पर राज्यभर की पंचायतों में आयोजित हो रहे सहयोग शिविरों के क्रम में मंगलवार को दरभंगा जिले के आनंदपुर सहोड़ा पंचायत स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सहोड़ा में एक शिविर लगाया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराईं। लोगों ने मुख्य रूप से भू-अर्जन विभाग के कर्मचारियों के निर्धारित स्थल पर अनुपस्थित रहने की शिकायत की, वहीं कुछ ग्रामीणों ने आवास योजना और शौचालय योजना में लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगे जाने के गंभीर आरोप भी लगाए। शिविर में प्राप्त कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को आगे की जांच और कार्रवाई के लिए भेजा गया। इस दौरान मौजूद जिला पदाधिकारी राकेश कुमार ने जोर देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत के साथ ठोस साक्ष्य मिलते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन के अनुसार, इन सहयोग शिविरों का आयोजन सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और जनता की शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत किया जा रहा है।
बिहार सरकार के निर्देश पर राज्यभर की पंचायतों में आयोजित हो रहे सहयोग शिविरों के क्रम में मंगलवार को दरभंगा जिले के आनंदपुर सहोड़ा पंचायत स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सहोड़ा में एक शिविर लगाया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराईं। लोगों ने मुख्य रूप से भू-अर्जन विभाग के कर्मचारियों के निर्धारित स्थल पर अनुपस्थित रहने की शिकायत की, वहीं कुछ ग्रामीणों ने आवास योजना और शौचालय योजना में लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगे जाने के गंभीर आरोप भी लगाए। शिविर में प्राप्त कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को आगे की जांच और कार्रवाई के लिए भेजा गया। इस दौरान मौजूद जिला पदाधिकारी राकेश कुमार ने जोर देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत के साथ ठोस साक्ष्य मिलते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन के अनुसार, इन सहयोग शिविरों का आयोजन सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और जनता की शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत किया जा रहा है।
- बिहार सरकार के निर्देश पर राज्यभर की पंचायतों में आयोजित हो रहे सहयोग शिविरों के क्रम में मंगलवार को दरभंगा जिले के आनंदपुर सहोड़ा पंचायत स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सहोड़ा में एक शिविर लगाया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराईं। लोगों ने मुख्य रूप से भू-अर्जन विभाग के कर्मचारियों के निर्धारित स्थल पर अनुपस्थित रहने की शिकायत की, वहीं कुछ ग्रामीणों ने आवास योजना और शौचालय योजना में लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगे जाने के गंभीर आरोप भी लगाए। शिविर में प्राप्त कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को आगे की जांच और कार्रवाई के लिए भेजा गया। इस दौरान मौजूद जिला पदाधिकारी राकेश कुमार ने जोर देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ लिखित शिकायत के साथ ठोस साक्ष्य मिलते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन के अनुसार, इन सहयोग शिविरों का आयोजन सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने और जनता की शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत किया जा रहा है।1
- बिहार के लाल वैभव ने क्रिकेट जगत में ऐसा कमाल दिखाया है कि यह रातोंरात पूरी दुनिया में ट्रेंड कर गया है। उनके इस असाधारण कारनामे से पूरे क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है, और हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर यह सब कैसे हुआ।1
- बीती रात सुपौल जिले के करजाईन थाना क्षेत्र में एक मामला सामने आया, जहाँ गिरफ्तारी के लिए पहुँची पुलिस का स्थानीय लोगों ने वीडियो बना लिया। हालांकि, #ईलमासनगरटुडे इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।1
- Post by Rajkumar Paswan1
- समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक विशाल पीपल का पेड़ अचानक सड़क पर गिर पड़ा। यह घटना मुसरीघरारी थाना से लगभग 200 मीटर आगे और मुसरीघरारी चौराहा से करीब 100 मीटर पीछे एक आरा मिल के समीप हुई। पेड़ पटोरी थाना की एक पुलिस गाड़ी के ऊपर गिरा, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक घायल हो गया। घायल चालक को स्थानीय लोगों और पुलिस की सहायता से इलाज के लिए मुसरीघरारी स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पेड़ गिरने के कारण मुख्य सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पेड़ हटाने का काम शुरू किया।1
- दरभंगा जिले के बहेरी प्रखंड की समधपुरा पंचायत के लक्ष्मीपुर गांव में राजा सलेहेस गहबर तक जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। जानकारी के अनुसार, यह सड़क नरायण मंडल के घर से राजा सलेहेस गहबर से होकर गुजरनी थी। फिलहाल, नरायण मंडल के घर से जिना देवी और चरित्रर ठाकुर के घर तक सड़क का निर्माण हो चुका है। हालांकि, मुकेश पासवान के घर से राजा सलेहेस गहबर तक सड़क अभी तक नहीं बन पाई है।1
- दरभंगा जिले में जेल में बंद एक कैदी को 9 दिन बाद इलाज के लिए DMCH ले जाया गया। कैदी ने बताया है कि उसे जेल के अंदर बहुत मारा-पीटा गया।1
- दरभंगा मंडल कारा में बंद कैदी रौनक सिंह को आखिरकार इलाज के लिए डीएमसीएच लाया गया है। रौनक सिंह के परिवार ने कुछ दिन पहले जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव को आवेदन देकर आरोप लगाया था कि जेल उपाधीक्षक समेत कई सिपाहियों ने उनके पुत्र के साथ मारपीट की है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। परिजनों ने यह भी बताया था कि घायल होने के बावजूद रौनक सिंह का समुचित इलाज नहीं कराया जा रहा था और उन्होंने डीएमसीएच में इलाज कराने की मांग की थी। सूत्रों के अनुसार, रौनक सिंह को कोर्ट के आदेश के बाद ही उपचार के लिए डीएमसीएच लाया गया। अस्पताल में मीडिया से बातचीत करते हुए रौनक सिंह ने आरोप लगाया कि जेल उपाधीक्षक समेत कई सिपाहियों ने रात के समय लाठी-डंडों से उसकी पिटाई की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है और चलने-फिरने में भी असमर्थ है। वहीं, रौनक सिंह के परिवार के लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जेल परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके। हालांकि, इस मामले का दूसरा पहलू भी सामने आया है, जिसमें परिजनों के आरोपों के विपरीत 23 मई को जेल उपाधीक्षक द्वारा रौनक सिंह के खिलाफ लहेरीसराय थाना में गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। अब यह देखना बाकी है कि जांच के बाद इस पूरे मामले में सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है और प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।1