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एसीबी एक्शन - बांदीकुई एसडीएम के लिए रिश्वत लेता कर्मचारी ट्रैप प्रयोगशाला सहायक को एसडीएम कार्यालय में लगा रखा था प्रतिनियुक्ति पर , जमीनी मामले में 15000 की रिश्वत लेते पकड़ा, क्षेत्र के सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सोशल मीडिया पर वाक् युद्ध जारी
Raj Kumar Chaturvedi
एसीबी एक्शन - बांदीकुई एसडीएम के लिए रिश्वत लेता कर्मचारी ट्रैप प्रयोगशाला सहायक को एसडीएम कार्यालय में लगा रखा था प्रतिनियुक्ति पर , जमीनी मामले में 15000 की रिश्वत लेते पकड़ा, क्षेत्र के सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सोशल मीडिया पर वाक् युद्ध जारी
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- Post by Ganesh Yogi1
- पश्चिम बंगाल में रैलियों के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अचानक रुककर एक दुकानदार से झालमुड़ी ली और मुस्कुराते हुए कहा, “भाई, हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ।” दुकानदार पैसे लेने में हिचकिचाया, लेकिन पीएम मोदी ने जोर देकर भुगतान किया। यह सादा और दिलचस्प पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: पचपदरा रिफाइनरी में भीषण आग, मचा हड़कंप पचपदरा रिफाइनरी क्षेत्र में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की सूचना मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आया और करीब 20 दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर हालात पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन अलर्ट मोड पर है और आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। किसी के हताहत होने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 📍 अपडेट का इंतजार जारी... #VkNewsRajasthan #PachpadraRefinery #BreakingNews #Barmer #FireIncident1
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- उत्तर पुस्तिका भी जमा कर दे, तब भी उसे 2 अंक दिए जाते हैं। मॉस्को विश्वविद्यालय में जब मुझे यह बात पहले दिन पता चली, तो मैं सचमुच हैरान रह गया। मुझे यह बिल्कुल तर्कसंगत नहीं लगा। मेरे मन में सवाल उठा — अगर किसी ने कुछ भी नहीं लिखा, तो उसे शून्य अंक क्यों नहीं मिलते? जिज्ञासा के कारण मैंने डॉ. थियोडोर मेद्रायेव से पूछा, “सर, यह कैसे सही है कि जिसने कुछ भी नहीं लिखा, उसे भी 2 अंक दिए जाएँ?” डॉ. मेद्रायेव मुस्कराए। फिर शांत और विचारशील स्वर में बोले : “शून्य का अर्थ है—अस्तित्वहीन। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह शून्य कैसे हो सकता है ? ज़रा सोचिए—कक्षा तक पहुँचने के लिए एक छात्र कितना प्रयास करता है। हो सकता है वह ठिठुरती ठंड में सुबह-सुबह उठा हो, दूर से बस, ट्राम या ट्रेन में खड़े-खड़े आया हो। भले ही उसने खाली काग़ज़ जमा किया हो, लेकिन उसका आना ही यह बताता है कि उसने कोशिश की। फिर मैं उसे शून्य कैसे दे सकता हूँ ?” उन्होंने आगे कहा : “हो सकता है छात्र उत्तर न लिख पाया हो। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उसका पूरा प्रयास मिटा दिया जाए ? जिन रातों में वह जागा, जिन कॉपियों को उसने खरीदा, जिन किताबों को खोला, जिन संघर्षों से वह गुज़रा—क्या हम सब कुछ नज़रअंदाज़ कर दें ? नहीं, मेरे प्रिय ! *इंसान कभी शून्य नहीं होता। जब हम शून्य देते हैं, तो हम उसका आत्मविश्वास छीन लेते हैं, उसके भीतर की आग बुझा देते हैं।* एक शिक्षक के रूप में हमारा उद्देश्य छात्रों को बार-बार खड़ा होने में मदद करना है—उन्हें हार मानने पर मजबूर करना नहीं।” मैं चुपचाप सुनता रहा। उस क्षण मेरे भीतर कुछ हिल गया। तब मुझे समझ आया— *शिक्षा केवल अंकों या लिखे गए उत्तरों का नाम नहीं है। शिक्षा लोगों को जीवित रखने की प्रक्रिया है, प्रयास को पहचानने की कला है, आशा की रक्षा करने का माध्यम है।* उस दिन डॉ. मेद्रायेव ने मुझे एक गहरी सच्चाई सिखाई : *शिक्षा केवल ज्ञान का वितरण नहीं है, बल्कि मानवता का अभ्यास है।* काग़ज़ पर लगा शून्य अक्सर छात्रों के लिए मृत्यु-घंटी बन जाता है। वह शून्य उन्हें भय से भर देता है, रुचि छीन लेता है और धीरे-धीरे सीखने से घृणा पैदा कर देता है। लेकिन एक शिक्षक का दायित्व है प्रोत्साहित करना, आश्वस्त करना और कहना— _*“तुम कर सकते हो। फिर से कोशिश करो।”*_ जब हम खाली उत्तर पुस्तिका पर भी न्यूनतम अंक देते हैं, तो हम वास्तव में यह कहते हैं— “तुम शून्य नहीं हो। तुम अब भी महत्वपूर्ण हो। तुम सक्षम हो। तुम असफल नहीं हुए—बस इस बार सफल नहीं हो पाए। फिर से प्रयास करो।” यही सच्ची शिक्षा है। एक छात्र का भविष्य शिक्षक के हाथों में आकार लेता है। अगर शिक्षक थोड़ा और मानवीय बन जाएँ, अगर वे अंकों से परे प्रयास को देखना सीख लें, तो कितने ही हतोत्साहित छात्र फिर से सपने देखने का साहस कर सकते हैं। मुझे लगता है यह कहानी केवल रूस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे दुनिया भर के शिक्षकों तक पहुँचना चाहिए। क्योंकि शून्य अंक कभी शिक्षा नहीं होते। शून्य अंक अक्सर किसी की यात्रा का अंत होते हैं। जब तक कोई व्यक्ति प्रयास कर रहा है, वह कम से कम आश्वासन और पहचान का अधिकारी है। — *रूस में अध्ययनरत एक अज्ञात भारतीय छात्र द्वारा लिखित*1
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- भाजपा महिला मोर्चा करौली ने जयपुर मे साधा कांग्रेस पर निशाना महिला मोर्चा महामंत्री कृष्णा चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ व प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष राठी राठोड, प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी, करौली जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन, बालाजी मंडल अध्यक्ष नमो नारायण मीणा के, मार्गदर्शन में,महिला मोर्चा करौली जिला अध्यक्ष लज्जा रानी अग्रवाल के नेतृत्व में, हिंडौन सिटी से बस द्वारा 31 भाजपा महिला बहनों को लेकर,भाजपा प्रदेश कार्यालय पटेल मार्ग, सी स्कीम, जयपुर में,प्रदेश व जिलौ की, महिलाओं के साथ,आक्रोश विरोध प्रदर्शन किया गया। नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेगा राजस्थान। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जमीन पर उतारकर महिलाओं को उनका अधिकार दिया जाना था।लेकिन दुर्भाग्यवश,इंडिएलाइंस ने राष्ट्रहित से ऊपर अपना राजनीतिक स्वार्थ रखा।यह गठबंधन अपने आचरण से एंटी वूमेन एलियांज बनकर सामने आया है। यह सिर्फ एक राजनीतिक चूक नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के साथ सीधा विश्वासघात है। भारत की महिलाएँ इस अन्याय और इस महिला विरोधी मानसिकता को कभी नहीं भूलेंगी। इस आक्रोश विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में- लज्जा रानी अग्रवाल, मोहन सिनेमा,कृष्णा चौधरी,लक्ष्मी जोशी,राजेश, नीलम, जितेंद्र,ललित,वीरवती, सुनीता शर्मा, रामवती,पूजा कुमारी,मीणा,मोहित, स्नेहलता, कृष्णा शर्मा,पवन,राजेश शर्मा,राजो देवी, मीरा देवी,दिशांत जांगिड़,चमन जांगिड़, गायत्री गॉड, मधु शर्मा सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं4
- पचपदरा रिफाइनरी की एक यूनिट में सोमवार को लगी भीषण आग के बाद प्रधानमंत्री का 21 अप्रैल को होने वाला कार्यक्रम स्थगित कर कर दिया है। गौरतलब है कि 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पचपदरा रिफाइनरी का शुभारंभ करने आ रहे थे, लेकिन कार्यक्रम से एक दिन पहले रिफाइनरी में भीषण आग लगने के कारण पीएम मोदी का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।1