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बहुअरवा, मनीगाछी में लगातार हो रहे सड़क हादसों और उनमें हुई मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कल रात हुई एक और दुर्घटना के बाद, आज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। लोगों का आरोप है कि कई हादसों और जानमाल के नुकसान के बावजूद अब तक जिम्मेदार अधिकारियों या ठेकेदार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मौके पर मौजूद ठेकेदार, जब उनसे जवाब मांगा गया, तो कैमरे के सामने आने से बचते हुए तुरंत वहां से निकल गया। यह घटना ग्रामीणों की इस गंभीर मांग को सामने लाती है कि आखिर बार-बार ये हादसे क्यों हो रहे हैं और उनकी क्या मांगें हैं। जनता की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए इस ग्राउंड रिपोर्ट को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है।
Kishore Mahendra Paswan
बहुअरवा, मनीगाछी में लगातार हो रहे सड़क हादसों और उनमें हुई मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कल रात हुई एक और दुर्घटना के बाद, आज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। लोगों का आरोप है कि कई हादसों और जानमाल के नुकसान के बावजूद अब तक जिम्मेदार अधिकारियों या ठेकेदार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मौके पर मौजूद ठेकेदार, जब उनसे जवाब मांगा गया, तो कैमरे के सामने आने से बचते हुए तुरंत वहां से निकल गया। यह घटना ग्रामीणों की इस गंभीर मांग को सामने लाती है कि आखिर बार-बार ये हादसे क्यों हो रहे हैं और उनकी क्या मांगें हैं। जनता की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए इस ग्राउंड रिपोर्ट को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है।
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- मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के अधवारी गांव में एक जमीन विवाद ने बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। कोर्ट के आदेश पर दखल-दिहानी कराने पहुंची प्रशासनिक टीम के सामने ही एक बुजुर्ग व्यक्ति ने आत्मदाह का प्रयास कर लिया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। इस घटना से आक्रोशित भीड़ उग्र हो गई और मौके पर मौजूद कोर्ट कमिश्नर की जमकर पिटाई कर दी। घटना के उपरांत गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस बल तैनात कर मामले की जांच में जुट गई है।1
- चंद्रायन पंचायत में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया है। इस शिविर में अधिकारियों ने उपस्थित होकर ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को सुना।1
- मधुबनी जिले के सौराट में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में प्राप्त हुए मामलों में राजस्व विभाग से संबंधित मामले सबसे अधिक संख्या में थे।1
- नोहट्टा थाना पुलिस बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को लागू करने और अपराधियों व तस्करों के मंसूबों को नाकाम करने में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इसी क्रम में, नोहट्टा पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए एकाढ स्थित कोसी बांध के पास से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस पूरी कार्रवाई की कमान थाना प्रभारी राहुल कुमार खुद संभाल रहे थे, जिनकी सटीक रणनीति और त्वरित निर्णय क्षमता के कारण ही पुलिस टीम ने समय रहते कोसी बांध पर जाल बिछाया। अपर थाना अध्यक्ष रौशन कुमार ने गुप्त सूचना पर बिना वक्त गंवाए अपनी टीम के साथ मोर्चा संभाला। उनकी सूझबूझ और तत्परता के कारण तस्कर अपनी एक चार चक्का सफारी वाहन (रजिस्ट्रेशन नंबर- UP 15 BL 6391) छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए। गाड़ी की सघन तलाशी लेने पर उसमें से 184.5 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। हालांकि, पुलिस की सख्त घेराबंदी के बावजूद चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। स्थानीय लोग रौशन कुमार की फील्ड पर सक्रियता और कड़क कार्यशैली की जमकर तारीफ कर रहे हैं, वहीं राहुल कुमार के कुशल नेतृत्व से क्षेत्र में अवैध धंधा करने वाले तत्वों के हौसले पस्त हुए हैं। इस बड़ी कामयाबी के बाद नोहट्टा थाना में कांड संख्या 130/26 के तहत बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(a)/41(1) के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी राहुल कुमार और अपर थाना अध्यक्ष रौशन कुमार ने संयुक्त रूप से यह स्पष्ट किया कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध शराब का कारोबार या कोई भी गैरकानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फरार तस्कर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है। नोहट्टा पुलिस अधिकारियों की इस त्वरित और सफल कार्रवाई से आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और भी मजबूत हुआ है।1
- मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड की कारमेघ उत्तरी पंचायत में 16 जून 2026 को एक 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया, जिसमें जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने भाग लिया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर शिविर का उद्घाटन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है, जिसके प्रति सरकार अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। राज्य सरकार के निर्देश पर, जिले के 26 पंचायतों और सभी नगर निकाय क्षेत्रों के 15 वार्डों में भी ऐसे 'सहयोग शिविर' आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में आमजन की समस्याओं का शीघ्र निपटान, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और जनता तथा प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के प्रथम एवं तीसरे मंगलवार को आयोजित किया जाता है। 'सहयोग शिविर' के माध्यम से राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, जन वितरण प्रणाली, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, भूमि विवाद, पेंशन, आवास एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाता है। संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ आमजनों की समस्याओं के निराकरण हेतु निर्देशित किया गया है। जिला प्रशासन ने संबंधित पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को प्रशासन के समक्ष रखें तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।4
- बहुअरवा, मनीगाछी में लगातार हो रहे सड़क हादसों और उनमें हुई मौतों के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। कल रात हुई एक और दुर्घटना के बाद, आज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन और ठेकेदार के खिलाफ अपना तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। लोगों का आरोप है कि कई हादसों और जानमाल के नुकसान के बावजूद अब तक जिम्मेदार अधिकारियों या ठेकेदार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मौके पर मौजूद ठेकेदार, जब उनसे जवाब मांगा गया, तो कैमरे के सामने आने से बचते हुए तुरंत वहां से निकल गया। यह घटना ग्रामीणों की इस गंभीर मांग को सामने लाती है कि आखिर बार-बार ये हादसे क्यों हो रहे हैं और उनकी क्या मांगें हैं। जनता की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए इस ग्राउंड रिपोर्ट को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है।1
- बेनीपट्टी के अधवारी गांव में उस समय बड़ा हंगामा खड़ा हो गया जब एक प्रशासनिक टीम ज़मीन पर कब्ज़ा दिलाने पहुँची। इस दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति ने टीम के सामने विरोध करते हुए खुद को आग लगाने की कोशिश की, जिससे मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। यह गंभीर घटना बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के अधवारी गांव की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन घटनास्थल पर कैंप कर रहा है और डीएसपी अमित कुमार भी स्थिति का जायज़ा लेने के लिए मौक़े पर पहुँचे हैं। यह घटना कई सवाल खड़े करती है कि आखिर क्या परिस्थितियाँ रहीं कि एक बुजुर्ग को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।1