पश्चिमी चंपारण के योगापट्टी थाना क्षेत्र स्थित मच्छरगांवा बाजार गांव में उस समय खुशी का माहौल अचानक गम में बदल गया, जब शबनम के घर दरवाजे पर बारात आने की पूरी तैयारी हो चुकी थी। घर में शादी का जश्न, रिश्तेदारों और मेहमानों की भीड़ तथा स्वागत की भव्य तैयारियां चरम पर थीं, और हर किसी की नजरें बारात का इंतजार कर रही थीं। जानकारी के अनुसार, जैसे ही बारात आने का समय नजदीक आया, दूल्हा पक्ष की ओर से अचानक ₹50 हजार की अतिरिक्त मांग रख दी गई। इस मांग ने लड़की पक्ष को स्तब्ध कर दिया, क्योंकि तिलक समारोह में पहले ही नकद राशि, बाइक और अन्य सामान दिया जा चुका था। परिवार ने तत्काल इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, जिसके बाद दूल्हा पक्ष ने बारात लाने से साफ इनकार कर दिया। जिस घर में कुछ ही देर पहले ढोल-नगाड़ों और स्वागत की तैयारियों के बीच खुशियों का माहौल था, वहीं अचानक सन्नाटा पसर गया। दरवाजे पर सजी सजावट, खाने-पीने की तैयारियां और 200 बारातियों के स्वागत की व्यवस्था सब कुछ अधूरा रह गया। मेहमानों के सामने परिवार को गहरा सामाजिक और मानसिक आघात झेलना पड़ा, और देर रात तक बारात का इंतजार व्यर्थ साबित हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही योगापट्टी थाना पुलिस मच्छरगांवा बाजार पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पीड़ित परिवार ने दहेज में अतिरिक्त मांग कर शादी तोड़ने को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस इस संबंध में दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। यह पूरा मामला समाज में दहेज प्रथा की कड़वी सच्चाई को एक बार फिर उजागर करता है, जहाँ लालच एक परिवार की खुशियों और एक बेटी के सपनों पर भारी पड़ गया।
पश्चिमी चंपारण के योगापट्टी थाना क्षेत्र स्थित मच्छरगांवा बाजार गांव में उस समय खुशी का माहौल अचानक गम में बदल गया, जब शबनम के घर दरवाजे पर बारात आने की पूरी तैयारी हो चुकी थी। घर में शादी का जश्न, रिश्तेदारों और मेहमानों की भीड़ तथा स्वागत की भव्य तैयारियां चरम पर थीं, और हर किसी की नजरें बारात का इंतजार कर रही थीं। जानकारी के अनुसार, जैसे ही बारात आने का समय नजदीक आया, दूल्हा पक्ष की ओर से अचानक ₹50 हजार की अतिरिक्त मांग रख दी गई। इस मांग ने लड़की पक्ष को स्तब्ध कर दिया, क्योंकि तिलक समारोह में पहले ही नकद राशि, बाइक और अन्य सामान दिया जा चुका था। परिवार ने तत्काल इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, जिसके बाद दूल्हा पक्ष ने बारात लाने से साफ इनकार कर दिया। जिस घर में कुछ ही देर पहले ढोल-नगाड़ों और स्वागत की तैयारियों के बीच खुशियों का माहौल था, वहीं अचानक सन्नाटा पसर गया। दरवाजे पर सजी सजावट, खाने-पीने की तैयारियां और 200 बारातियों के स्वागत की व्यवस्था सब कुछ अधूरा रह गया। मेहमानों के सामने परिवार को गहरा सामाजिक और मानसिक आघात झेलना पड़ा, और देर रात तक बारात का इंतजार व्यर्थ साबित हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही योगापट्टी थाना पुलिस मच्छरगांवा बाजार पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पीड़ित परिवार ने दहेज में अतिरिक्त मांग कर शादी तोड़ने को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस इस संबंध में दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। यह पूरा मामला समाज में दहेज प्रथा की कड़वी सच्चाई को एक बार फिर उजागर करता है, जहाँ लालच एक परिवार की खुशियों और एक बेटी के सपनों पर भारी पड़ गया।
- पश्चिमी चंपारण के योगापट्टी थाना क्षेत्र स्थित मच्छरगांवा बाजार गांव में उस समय खुशी का माहौल अचानक गम में बदल गया, जब शबनम के घर दरवाजे पर बारात आने की पूरी तैयारी हो चुकी थी। घर में शादी का जश्न, रिश्तेदारों और मेहमानों की भीड़ तथा स्वागत की भव्य तैयारियां चरम पर थीं, और हर किसी की नजरें बारात का इंतजार कर रही थीं। जानकारी के अनुसार, जैसे ही बारात आने का समय नजदीक आया, दूल्हा पक्ष की ओर से अचानक ₹50 हजार की अतिरिक्त मांग रख दी गई। इस मांग ने लड़की पक्ष को स्तब्ध कर दिया, क्योंकि तिलक समारोह में पहले ही नकद राशि, बाइक और अन्य सामान दिया जा चुका था। परिवार ने तत्काल इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, जिसके बाद दूल्हा पक्ष ने बारात लाने से साफ इनकार कर दिया। जिस घर में कुछ ही देर पहले ढोल-नगाड़ों और स्वागत की तैयारियों के बीच खुशियों का माहौल था, वहीं अचानक सन्नाटा पसर गया। दरवाजे पर सजी सजावट, खाने-पीने की तैयारियां और 200 बारातियों के स्वागत की व्यवस्था सब कुछ अधूरा रह गया। मेहमानों के सामने परिवार को गहरा सामाजिक और मानसिक आघात झेलना पड़ा, और देर रात तक बारात का इंतजार व्यर्थ साबित हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही योगापट्टी थाना पुलिस मच्छरगांवा बाजार पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पीड़ित परिवार ने दहेज में अतिरिक्त मांग कर शादी तोड़ने को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस इस संबंध में दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। यह पूरा मामला समाज में दहेज प्रथा की कड़वी सच्चाई को एक बार फिर उजागर करता है, जहाँ लालच एक परिवार की खुशियों और एक बेटी के सपनों पर भारी पड़ गया।1
- नौतन प्रखंड के बरदाहा पंचायत भवन, पकड़िया पंचायत भवन और जमुनिया राजकीय मध्य विद्यालय परिसर में मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान करना और लाभार्थियों को एक ही स्थान पर सुविधाएँ उपलब्ध कराना था, जिससे लोगों को प्रखंड कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने से बड़ी राहत मिली। लोगों ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे गरीब एवं जरूरतमंदों के लिए वरदान बताया। शिविर में राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित सरकार द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े आवेदनों का निष्पादन किया गया। विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ लोगों को अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान की सुविधा मिली। कार्यक्रम के दौरान, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कुमकुम पाठक ने बताया कि यह सहयोग शिविर "सरकार आपके द्वार" अभियान का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य आम जनता की समस्याओं को एक ही छत के नीचे हल करना है। उन्होंने लोगों से इस शिविर का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील भी की। पंचायत के मुखिया बसंत शाह ने लोगों से सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन देने और त्वरित समाधान प्राप्त करने का आग्रह किया, यह भी बताया कि सभी विभागों के कर्मी सहायता के लिए मौजूद थे। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य मनोज कुशवाहा, जमुनिया पैक्स अध्यक्ष वीरेंद्र कुशवाहा, मोतीलाल शर्मा, राजकीय मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार, हीरालाल कुमार, पारस कुशवाहा, लालजी कुशवाहा, मुन्ना ठाकुर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- मझौलिया प्रखंड के मझौलिया, बैठनिया भानाचक, नौतन खुर्द और रामनगर बनकट पंचायतों में मंगलवार को एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना था। इसी कड़ी में राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय परिसर में भी एक सहयोग शिविर लगाया गया, जहाँ विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर सेवाएं प्रदान कीं। इस दौरान पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, ग्राम कचहरी, कृषि विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। शिविर में ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, अपनी समस्याओं और शिकायतों से संबंधित आवेदन जमा किए, और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने लाभुकों को योजनाओं का लाभ उठाने और आवश्यक दस्तावेज़ों के संबंध में मार्गदर्शन भी दिया। नोडल पदाधिकारी गार्गी कुमारी ने बताया कि पूर्व में प्राप्त लगभग 95 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि आज शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकतम 30 दिनों के भीतर निपटारा कर दिया जाएगा, जो सरकार की मंशा के अनुरूप लोगों को त्वरित समाधान प्रदान करने की दिशा में एक कदम है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में उपस्थित अधिकारियों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याएं रखीं, जिससे यह कार्यक्रम अत्यधिक सफल रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुखिया प्रतिनिधि अरुण यादव का सराहनीय योगदान रहा। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में अत्यंत उपयोगी बताया, जहाँ उनकी समस्याओं का समाधान किया गया और उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली।4
- पश्चिम चंपारण के योगापट्टी थाना क्षेत्र में दहेज की अतिरिक्त मांग के कारण एक शादी टूट गई। मच्छरगांवा बाजार गांव की शबनम की शादी रुदलपुर गांव निवासी अरमान के साथ 15 जून को तय थी, जिसके लिए लड़की पक्ष ने सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं और दुल्हन भी सज-धज कर तैयार थी। लड़की पक्ष का आरोप है कि शादी वाले दिन शाम में दूल्हे के पिता गुलाब अंसारी ने अचानक ₹50 हजार अतिरिक्त दहेज, 200 बारातियों के स्वागत और बकरे के मीट की व्यवस्था की मांग कर दी। उन्होंने रात 9 बजे तक बारात पहुंचने की बात कही थी, लेकिन यह रकम नहीं मिलने पर बारात नहीं आई। दुल्हन के पिता शाहिद अंसारी ने बताया कि तिलक समारोह में पहले ही डेढ़ लाख रुपए नकद, फर्नीचर और बाइक दी जा चुकी थी, और अतिरिक्त ₹50 हजार तत्काल जुटाना उनके लिए संभव नहीं था। परिवार रात 1 बजे तक बारात का इंतजार करता रहा। इस मामले में लड़की पक्ष ने दूल्हे और उसके परिजनों के खिलाफ योगापट्टी थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।1
- पश्चिम चंपारण के दुधियावा गाँव में पिछले तीन महीने से सड़क निर्माण का कार्य रुका हुआ है, जिसके कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह गाँव दड़वा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है और नवलपुर थाना तथा योगपट्टी ब्लॉक से संबंधित है। सड़क निर्माण के थम जाने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।1
- सुगौली प्रखंड में नियमित कार्यक्रम के तहत तीन पंचायतों में सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों में कुल 205 मामलों में से 155 का सफलतापूर्वक समाधान किया गया।1
- पूर्वी चंपारण जिले के सुगौली थाना क्षेत्र अंतर्गत छपरा बहास स्थित छपरा बाजार के पास प्रशासन का बुलडोजर आज दूसरे दिन भी चला। सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के उद्देश्य से इस अभियान के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के पहले दिन कई अवैध कब्जों को हटाया गया था। हालांकि, कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के बाद, प्रशासन ने आज सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर का उपयोग करके शेष सभी अतिक्रमणों को भी हटवा दिया। यह कार्रवाई अधिकारियों की निगरानी में जेसीबी मशीनों से अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके की गई, जिसमें किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल पूरे समय मौके पर मुस्तैद रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं, प्रशासन ने लोगों से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण न करने और नियमों का पालन करने की अपील भी की है।1
- चनपटिया विधानसभा क्षेत्र के छह पंचायतों में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविरों का पूर्व भाजपा विधायक उमाकांत सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने विशेष रूप से बैठनिया भानाचक पंचायत में लगे शिविर को देखा और वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की। पूर्व विधायक ने बल दिया कि इन सहयोग शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर एकत्रित होकर आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं और आवेदनों के साथ पहुंचे हैं। उन्होंने एनडीए सरकार के नेतृत्व में राज्य में हो रहे चौतरफा विकास और आम जनता को मिल रहे योजनाओं के लाभ की भी प्रशंसा की। इन शिविरों में कृषि, राजस्व, आपूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, लोहिया स्वच्छता अभियान और जीविका सहित विभिन्न विभागों के अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ प्राप्त आवेदनों के आधार पर लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया। बिजली विभाग के प्रधान लिपिक संजय कुमार ने बताया कि उनके विभाग को कुल पांच आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनका निष्पादन प्रक्रियाधीन है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए विशेष चिकित्सा शिविर में 260 मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई। इस शिविर के सफल संचालन में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनुपम प्रसाद, डॉ. सुरेश कुमार सिंह, एएनएम आरती कुमारी समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौके पर एसडीओ विकास कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।1