महतारी वंदन के 30वीं किस्त ले खिलगे माई-बहिनी मन के चेहरा, राखी के पहिली मिलिस खुशी के सौगात धमतरी। महतारी वंदन योजना के 30वीं किस्त के रूप मं महिला मन के खाता मं पहुंचे एक हजार रुपिया ले राखी तिहार के पहिली घर मं खुशी के माहौल बन गे हवय। जोरातराई (सिलौटी) के संतोषी, पूजा अउ परमेश्वरी साहू बर ये रकम घरेलू जरूरत के संगे आर्थिक सहारा बनत हवय। मोबाइल मं आय संदेश, घर मं खुशी पूजा साहू घर के कामकाज मं लगे रहिन। एही बेरा मोबाइल मं बैंक खाता मं रकम जमा होय के संदेश आइस। पूजा ए बात अपन सास संतोषी अउ देवरानी परमेश्वरी ला बताइन। खाता जांच करे मं दूनों के खाता मं घलो महतारी वंदन के 30वीं किस्त पहुंच गे रहिस। एके परिवार के तीन महिला मन के खाता मं एके बेरा रकम आय ले घर मं खुशी छा गे। जरूरत पूरा करे मं मिलत सहारा परमेश्वरी साहू बताइन कि योजना ले मिलय वाला रकम घर के छोटे-छोट जरूरत, लइका मन के खर्च अउ निजी जरूरत पूरा करे मं काम आथे। पहिली ए जरूरत बर दूसर ऊपर निर्भर रहना पड़त रहिस, फेर अब अपन खाता मं रकम आय ले आत्मविश्वास बढ़े हवय। ओमिन साहू बताइन कि ओकर घर मं कुल पांच महिला मन ला योजना के लाभ मिलत हवय। राखी के पहिली बढ़िस त्योहार के खुशी राखी तिहार के पहिली रकम मिलय ले महिला मन ला जरूरी सामान खरीदे अउ तिहार के तैयारी करे मं मदद मिलिस। सोनम साहू, टामिन साहू, अनुसुइया साहू अउ प्रभा यादव मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताइन। महिला मन कहिन कि नियमित आर्थिक सहायता ले आत्मनिर्भरता अउ सम्मान के भावना मजबूत होवत हवय।
महतारी वंदन के 30वीं किस्त ले खिलगे माई-बहिनी मन के चेहरा, राखी के पहिली मिलिस खुशी के सौगात धमतरी। महतारी वंदन योजना के 30वीं किस्त के रूप मं महिला मन के खाता मं पहुंचे एक हजार रुपिया ले राखी तिहार के पहिली घर मं खुशी के माहौल बन गे हवय। जोरातराई (सिलौटी) के संतोषी, पूजा अउ परमेश्वरी साहू बर ये रकम घरेलू जरूरत के संगे आर्थिक सहारा बनत हवय। मोबाइल मं आय संदेश, घर मं खुशी पूजा साहू घर के कामकाज मं लगे रहिन। एही बेरा मोबाइल मं बैंक खाता मं रकम जमा होय के संदेश आइस। पूजा ए बात अपन सास संतोषी अउ देवरानी परमेश्वरी ला बताइन। खाता जांच करे मं दूनों के खाता मं घलो महतारी वंदन के 30वीं किस्त पहुंच गे रहिस। एके परिवार के तीन महिला मन के खाता मं एके बेरा रकम आय ले घर मं खुशी छा गे। जरूरत पूरा करे मं मिलत सहारा परमेश्वरी साहू बताइन कि योजना ले मिलय वाला रकम घर के छोटे-छोट जरूरत, लइका मन के खर्च अउ निजी जरूरत पूरा करे मं काम आथे। पहिली ए जरूरत बर दूसर ऊपर निर्भर रहना पड़त रहिस, फेर अब अपन खाता मं रकम आय ले आत्मविश्वास बढ़े हवय। ओमिन साहू बताइन कि ओकर घर मं कुल पांच महिला मन ला योजना के लाभ मिलत हवय। राखी के पहिली बढ़िस त्योहार के खुशी राखी तिहार के पहिली रकम मिलय ले महिला मन ला जरूरी सामान खरीदे अउ तिहार के तैयारी करे मं मदद मिलिस। सोनम साहू, टामिन साहू, अनुसुइया साहू अउ प्रभा यादव मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताइन। महिला मन कहिन कि नियमित आर्थिक सहायता ले आत्मनिर्भरता अउ सम्मान के भावना मजबूत होवत हवय।
- 31 सदस्यीय परिवार के दू साल ले सामाजिक बहिष्कार, न्याय बर कलेक्टर के दफ्तर पहुंचिन धमतरी। कुरूद ब्लॉक के ग्राम तर्रागोंदी मं एके परिवार के 31 सदस्य मन के कथित सामाजिक बहिष्कार के मामला सामने आय हवय। पीड़ित परिवार के आरोप हवय कि करीब दू साल ले गांव मं ओकर हुक्का-पानी बंद हवय। परिवार न्याय के मांग ले कलेक्टर अउ एसपी ले शिकायत करे हवय। पुश्तैनी जमीन मं मकान बनाय ले विवाद धनेश्वर साहू अउ ओकर परिवार के कहना हवय कि वो मन दादा-परदादा के पुश्तैनी जमीन मं मकान बनावत रहिन। ए बीच कुछ ग्रामीण मन जमीन ला सरकारी बताके निर्माण के विरोध करिन। परिवार के आरोप हवय कि ए विवाद के बाद जून 2024 के आसपास सामाजिक बहिष्कार कर दे गे। दुकान ले सामान नइ मिलय के आरोप परिवार के कहना हवय कि बहिष्कार के बाद गांव के दुकानदार मन ले रोजमर्रा के सामान, बच्चा मन के खाय-पीये के चीज अउ दवाई तक ले मं परेशानी होवत हवय। गांव के लोग मन बातचीत, लेन-देन अउ मजदूरी के काम ले घलो दूरी बनाय हवय। ए ले परिवार के रोज के जिनगी प्रभावित होवत हवय। 30 मवेशी चराय मं परेशानी परिवार के मुताबिक ओकर मन के करीब 30 मवेशी हवय। चरवाहा के कथित रूप ले मवेशी चराय ले मना करे के बाद परिवार के सदस्य मन खुदे मवेशी चराय बर मजबूर हवय। परिवार प्रशासन ले मामले के निष्पक्ष जांच के मांग करे हवय। प्रशासन करही जांच प्रशासन के मुताबिक एसडीएम, पुलिस अउ राजस्व विभाग के संयुक्त टीम गांव जाके मामले के जांच करही। जमीन विवाद, सामाजिक बहिष्कार अउ कथित पाबंदी के जांच के बाद तथ्य सामने आही। आरोप सही पाए गे त संबंधित मन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करे जाही।1
- TET की अनिवार्यता के खिलाफ बालोद जिले मे शिक्षकों ने निकाली TET मुक्ति रैली छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर जिले के सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता जिले में "टेट मुक्ति रैली" निकालकर मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, मुख्य सचिव,शिक्षा सचिव और डीपीआई के नाम से कलेक्टर व डीईओ को ज्ञापन सौंपा। टेट की अनिवार्यता से आक्रोशित जिले के शिक्षकों ने सड़क पर उतर कर मांगों पर बैनर, झंडा, टोपी के साथ प्रदर्शन कर रैली निकाली।1
- कुरूद नगर भाजपा संयोजक भोजराज चंद्राकर ने वीडियो जारी कर पति-पत्नी पर स्कूलों की आड़ में राजनीति चमकाने का लगाया आरोप कुरूद नगर भाजपा संयोजक भोजराज चंद्राकर ने वीडियो जारी कर पति-पत्नी पर स्कूलों की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने का आरोप लगाया है। देखिए क्या कुछ कहा है।1
- 🌾🌾फसल बचने खाद जरुरी हो गया है।🌾🌾किसान खेतो में खाद छिडकाई करते हुए। #राजिम #rajim_gariyaband #kisan #धानकाफसल किसान खेतो में खाद छिडकाई करते हुए, फसल बचने खाद जरुरी हो गया है।1
- ग्राम मोरखण्ड़ी के जंगल से जिला बल और BSF टीम ने नक्सल डम्प से 4 भारमार बंदूक समेत हथियार व भारी मात्रा में सामग्री बरामद 25 अगस्त दोपहर 12 बजे जिला पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी अनुसार, जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में,सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। ग्राम मोरखण्ड़ी के जंगल पहाड़ी इलाके में,सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सल डम्प बरामद कर 4 भारमार बंदूक, 3 बंदूक बैरल, वायरलेस सेट, जीपीएस, सोलर प्लेट, चार्जर और बिजली वायर समेत भारी मात्रा में नक्सल सामग्री जब्त की। 24 अगस्त को जिला बल व बीएसएफ और बीडीएस टीम द्वारा,संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की गई। बरामद सामग्री में नक्सल साहित्य भी शामिल है। संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में,सुरक्षा बलों की सघन सर्चिंग लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए,संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- पुलिस से पहले पब्लिक के हाथ लगा गांजा आखिर कहा चुक रही हैं प्रशासन रायपुर में गांजा बरामदगी की घटनाओं के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि नशे का सामान पुलिस की कार्रवाई से पहले ही आम लोगों के हाथ कैसे पहुंच रहा है? लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने पुलिस की निगरानी और कार्रवाई के तरीके को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब मुद्दा सिर्फ गांजा बरामद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने का है। सवाल यह भी है कि क्या कार्रवाई केवल बरामदगी और छोटे स्तर के आरोपियों तक सीमित रहेगी, या पुलिस तस्करी के स्रोत, सप्लायर और पूरे नेटवर्क की तह तक जाकर प्रभावी कार्रवाई करेगी?1
- रायपुर : - आज भाटागाव रायपुर मे एक पेट्रोल पम्प के पास बरसात का पानी भरने से लोगों को आने जाने मे बहुत ही तकलीफ़ो का सामना करना पड़ा, जब -जब बारिश होता है तब तब आस पास का पानी नाले से उपर आकर सड़क मे 2 फ़िट तक पानी बहता है, और इसका मुख्य कारण है नालियों का साफ़ सफ़ाई ना करना, ये नालिया पौलिथीन, प्लास्टिक बोतल और झाड़ीयो से चोक हो गया है जिसमें बारिश का सारा पानी सड़क पर आ जाता है और जनता को बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन रायपुर नगर निगम मौन है, जब टैक्स लेते हैं नगर निगम तो गार्मी के दिनों मे नालियों का साफ़ साफ़ाई भी किया जाना चाहिए, रायपुर नगर निगम इस पर ध्यान दो ताकी जनता को परेशानियो का सामना करना ना पड़े !1
- स्कूल निरीक्षण मं सियासत तेज, भाजपा के कांग्रेस ऊपर पलटवार धमतरी। सरकारी स्कूल मन के बदहाल हालत ला लेके कांग्रेस के “स्कूल ठीक करो” अभियान के तहत करे गे निरीक्षण के बाद कुरूद मं सियासी बयानबाजी तेज हो गे हवय। भाजपा शहर प्रभारी भोजराज चंद्राकर ह कांग्रेस के आरोप ऊपर पलटवार करत कहिन कि स्कूल के कमी ला सामने लाना गलत नइ हे, फेर सालों तक जनप्रतिनिधि के जिम्मेदारी निभाय के बाद कैमरा लेके निरीक्षण करके ओकर राजनीतिक प्रचार करना ठीक नइ हे। भोजराज चंद्राकर ह कहिन कि नीलम चंद्राकर, तारिणी चंद्राकर अउ मनीष साहू लंबे समय ले जनप्रतिनिधि के रूप मं काम करत आइन। अगर आज स्कूल भवन, पानी, शौचालय अउ मरम्मत के समस्या दिखत हे, त ये मन के समाधान बर पहिली कतका आवेदन, प्रस्ताव अउ प्रयास करे गे, वो घलो जनता ला बताना चाही। उहां कहिन कि कुरूद के विधायक अजय चंद्राकर के कार्यकाल मं शिक्षा के क्षेत्र मं कई काम होय हवय। कन्या विद्यालय मं करीब एक करोड़ रुपिया के कक्ष निर्माण, ब्यास स्कूल भवन अउ डिपो रोड बर करीब तीन करोड़ रुपिया के मंजूरी समेत आईटीआई, नर्सिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, केंद्रीय विद्यालय, कृषि महाविद्यालय अउ नवोदय विद्यालय जइसन संस्थान विकास के प्रमाण हवंय। भाजपा नेता ह कांग्रेस ला रीलबाजी छोड़के तथ्य अउ विकास के राजनीति करे के सलाह देत कहिन कि स्कूल के जेन समस्या सही हे, ओकर समाधान जरूरी हे, फेर लइका मन के समस्या ला राजनीतिक हथियार बनाना घलो ठीक नइ हे।1