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हसपुरा औरंगाबाद सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी,चिकित्सा प्रभारी हसपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित चिकित्सा प्रभारी कक्ष में बैठक हुई।बैठक में चिकित्सा प्रभारी ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण जरूरी
Prem Singh
हसपुरा औरंगाबाद सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी,चिकित्सा प्रभारी हसपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित चिकित्सा प्रभारी कक्ष में बैठक हुई।बैठक में चिकित्सा प्रभारी ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण जरूरी
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- हसपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित चिकित्सा प्रभारी कक्ष में बैठक हुई।बैठक में चिकित्सा प्रभारी ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण जरूरी1
- हसपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित चिकित्सा प्रभारी के अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण जरूरी है1
- देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi का एक अलग ही अंदाज़ देखने को मिला जब उन्होंने एक छोटे दुकानदार से सिर्फ 10 रुपये का झाल मुरी खरीदकर खाया। ये वीडियो उनकी सादगी और आम लोगों से जुड़ाव को दिखाता है। 👉 क्या आपको भी ऐसा सादा जीवन पसंद है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। #NarendraModi #ModiJi #SimpleLife #JhalMuri #ViralVideo #IndianPM #DesiSwag #GroundReality #StreetFoodIndia #ModiFans1
- रफीगंज प्रखंड मुख्यालय में सोमवार को कन्यादान महा कल्याण ट्रस्ट की ओर से 31 जरूरतमंद कन्याओं को विवाह सामग्री का निःशुल्क वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में प्रखंड उप प्रमुख प्रतिनिधि कमलेश यादव, चौबड़ा पंचायत समिति प्रतिनिधि जुबैर अंसारी, ट्रस्ट अध्यक्ष रवि लाल, सिकंदर दास, मनीष सिन्हा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से कन्याओं को गोदरेज अलमारी, ट्रंक, तोषक, रजाई, सिलाई , श्रृंगार, कपड़े, कुर्सी-टेबल समेत अन्य आवश्यक घरेलू सामग्री वितरित की। सोमवार अपराह्न 3 बजे ट्रस्ट के अध्यक्ष रवि लाल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करना है। उन्होंने जानकारी दी कि गया जिले के शेरघाटी ताराडीह की आफरीन खातून, वनडोरी की सुमति कुमारी, रफीगंज की नेहा कुमारी, ज्योति कुमारी, अनोखी कुमारी समेत कुल 31 कन्याओं को सामग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर कमलेश यादव ने इस कार्य की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। वहीं जुबैर अंसारी ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा यह प्रयास बेहद सराहनीय है और इससे जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलती है।1
- धूमधाम से भगवान परशुराम की मनाई गई जयंती आचार्य ने मत्रों के द्वारा भगवान परशुराम का किया पूजा अर्चना मानवता सेवा संघ ने भगवान परशुराम के सिद्धांतों पर चलने का किया आह्वान वरिष्ट संवाददाता रजनी कान्त पाण्डेय रिपोर्टर डेहरी /रोहतास । मानवता सेवा संघ के तत्वधान में मंगितपुर में स्थापित भगवान परशुराम मंदिर में धूमधाम से भगवान परशुराम जयंती मनाई गई।भगवान परशुराम के साधना स्थल माने जाने वाले रोहतास की धरती पर डेहरी अनुमंडल के मंगीतपुर में तथा बिक्रमगंज अनुमंडल के दिनारा में डिहरी अनुमंडल मुख्यालय में मनाया गया। मानवता सेवा संघ से जुड़े लोगों ने भगवान परशुराम की जंयती पर उनके उद्देश्य का अनुपालन करने का संकल्प लिया।भगवान परशुराम की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित किया गया। आचार्यों के सानिध्य में विधिवत किया गया पूजा पाठ ।कार्यक्रम की अध्यक्षता रवि शंकर पांडेय और संचालन प्रदीप पांडेय ने किया । आए हुए मुख्य अतिथियों को ग्रामीणों के द्वारा फूल माला एवं अंग वस्त्र से सम्मानित किया। मुख्य अतिथि शैलेंद्र ओझा ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया श्री ओझा ने अपने संबोधन में भगवान परशुराम को बताए गए मार्गों पर चलने का हवन किया मानवता सेवा संघ के मार्गदर्शक फणींद्र त्रिपाठी ने कहा कि शास्त्र और शास्त्र दोनों की ज्ञान रखना जरूरी है। मानवता सेवा संघ के रविकांत तिवारी ,रजनीकांत पांडेय , अरविंद पांडेय, निरंजन पांडेय ,रौशन चौबे,अमित पाण्डेय सहित सैकड़ो विप्र बन्धु कार्यक्रम में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं ।4
- Post by Sabindar paswan1
- "जनता की सेवा का दंभ भरने वाला प्रशासन, आज अपनी ही नाकामी की राख में दबा नजर आया दावथ प्रखंड अंतर्गत ग्राम हथडीहा में रविवार को आग ने तांडव मचाया किसानों के लगे गेहूं के फसल के साथ मवेशियों का चारा बगीचा के साथ-साथ आग की लपटे घर तक भी पहुंच गया जिससे कई किसानों को भारी नुकसान हुआ है प्रत्यदर्शियों ने बताया कि आग भोजपुर जिला के सीवान के तरफ से आया और देखते ही देखते हैं गांव के करीब पहुंच गया। ग्रामीणों ने कहा की यह प्रकृति का कहर नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र की विफलता का नंगा नाच देखने को मिला। खेतों से उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते हरे-भरे बगीचों को राख कर दिया और गांव की दहलीज तक जा पहुँची। स्थिति भयावह थी, चीख-पुकार मची थी, लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि जनता के रक्षक कहे जाने वाले अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते रहे। जिलाधिकारी अनुमंडल पदाधिकारी (बिक्रमगंज) और जिला अग्निशमन पदाधिकारी को सूचना देने के बावजूद, दमकल की गाड़ियां तीन घंटे की देरी से पहुँचीं। क्या प्रशासन जन-धन की हानि का तमाशा देख रहा था? आज की लपटों की चपेट में मधुरेंद्र तिवारी - 10 शिशो पेड़ अरुण तिवारी - 10 बीघा गेहूँ झब्लू सिंह - 1 बीघा गेहूँ, तोरी 5 कट्ठा राजू तिवारी - 10 बीघा, कुट्टी रमेश तिवारी - 5 बीघा कुट्टी, 5 बीघा धर्मेंद्र सिंह - 6 बीघा, कुट्टी, तोरी 15 कट्टा नथुनी सिंह - 7 बीघा गेहूँ, 10 कट्ठा तोरी, 1 बीघा जव सालिक राम - 4 बीघा गेंहू पूर्णवासी राम - 10 कट्ठा सुरेंद्र साह - 5 बीघा भूसा पात्पुती साह - 3 बीघा भूसा गुड्डू कहार - 4 बीघा भूसा सभी जलकर राख हो गया अनुमंडल पदाधिकारी, बिक्रमगंज का यह तर्क कि "पूरे अनुमंडल में केवल 5 छोटी और 2 बड़ी गाड़ियां हैं," उनकी अक्षमता को दर्शाता है। यदि संसाधन कम थे, तो समय रहते शासन स्तर पर पत्राचार क्यों नहीं किया गया? जनता के ये 'कथित नौकर' साहब बनकर दफ्तरों में दुबके रहे। किसी भी वरीय अधिकारी ने फील्ड में आकर नुकसान का जायजा लेना उचित नहीं समझा। ग्रामीण सौरभ तिवारी (अधिवक्ता, माननीय उच्च न्यायालय), ने कहा कि मैं इस कृत्य की घोर निंदा करता हूँ और माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी से सीधे हस्तक्षेप की मांग करता हूँ: जवाबदेही तय हो: अग्नि शमन विभाग और स्थानीय प्रशासन की इस घोर लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच हो। सूचना के बावजूद विलंब करने वाले वरीय पदाधिकारियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिन किसानों के बगीचे और फसलें जलकर खाक हुई हैं, उन्हें अविलंब उचित मुआवजा दिया जाए। यदि संसाधनों का अभाव है, तो जिला प्रशासन अपनी अकर्मण्यता को छिपाने के बजाय शासन को पत्र लिखे, अन्यथा पद छोड़ दे। प्रशासन याद रखे, जनता ने आपको सेवा के लिए चुना है, उपेक्षा के लिए नहीं। यदि व्यवस्था न बदली, तो यह आक्रोश सड़कों से लेकर न्यायालय तक गूंजेगा4
- रफीगंज थाना क्षेत्र के खरोखर गांव में जमीन विवाद को लेकर रविवार को दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसमें गोलीबारी और मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना में दोनों पक्षों के दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान 60 वर्षीय कौशल सिंह और 35 वर्षीय सुरेश सिंह के रूप में की गई है।घटना के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने कौशल सिंह की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान कौशल सिंह ने बताया कि उनका हार्वेस्टर गरवा गांव में काम कर रहा था, जहां से वे करीब 5 लाख 600 रुपये लेकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के पास पहले से घात लगाए बैठे कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और मारपीट शुरू कर दी। कौशल सिंह के अनुसार, आरोपियों में अर्जुन सिंह, संतोष सिंह, कलेक्टर सिंह, बृजमोहन सिंह और केदार सिंह शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले उनके कपड़े उतरवाए गए और फिर उनके पास मौजूद पैसे छीन लिए गए। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली उनके कंधे में जा लगी। उन्होंने बताया कि गोली की आवाज सुनकर गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंचे, जिससे उनकी जान बच सकी। वहीं, दूसरे पक्ष के सुरेश सिंह भी इस झड़प में घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पुलिस बोली - पूर्व से चल रहा है जमीनी विवाद इस संबंध में रफीगंज थानाध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। उन्होंने कहा कि कौशल सिंह के भाई की कोई संतान नहीं थी और उनकी बेटी द्वारा जमीन बेची जा रही है, जबकि कौशल सिंह इस पर आपत्ति जता रहे हैं। इसी विवाद को लेकर पहले भी दो बार प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और धान कटनी के दौरान भी मारपीट की घटना हुई थी।थानाध्यक्ष ने गोलीबारी की घटना से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस को घटना की सूचना पहले ही मिल गई थी, लेकिन जब तक टीम मौके पर पहुंचती, तब तक दोनों पक्ष आपस में भिड़ चुके थे। फिलहाल घायलों का इलाज कराया जा रहा है और आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1