हरसूद विधानसभा क्षेत्र के खालवा थाना पुलिस ने मुख-बधिर किशोरी के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में करीब 10 महीने से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई महिला संबंधी गंभीर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मौजवाड़ी ग्राम निवासी 30 वर्षीय किशोरी लाल, पिता सुखलाल साठे के रूप में हुई है, जो लंबे समय से फरार चल रहा था। उसके विरुद्ध खालवा थाने में अपराध क्रमांक 348/25 दर्ज था। प्रकरण के अनुसार, 19 सितंबर 2025 को पीड़िता के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने उनकी मुख-बधिर पुत्री की इच्छा के विरुद्ध गलत कृत्य किया, जिसके परिणामस्वरूप पीड़िता ने एक शिशु को जन्म दिया। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और दिव्यांगजन अधिकार संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। लगातार तलाश के बाद आखिरकार खालवा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में फरार आरोपियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
हरसूद विधानसभा क्षेत्र के खालवा थाना पुलिस ने मुख-बधिर किशोरी के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में करीब 10 महीने से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई महिला संबंधी गंभीर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मौजवाड़ी ग्राम निवासी 30 वर्षीय किशोरी लाल, पिता सुखलाल साठे के रूप में हुई है, जो लंबे समय से फरार चल रहा था। उसके विरुद्ध खालवा थाने में अपराध क्रमांक 348/25 दर्ज था। प्रकरण के अनुसार, 19 सितंबर 2025 को पीड़िता के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने उनकी मुख-बधिर पुत्री की इच्छा के विरुद्ध गलत कृत्य किया, जिसके परिणामस्वरूप पीड़िता ने एक शिशु को जन्म दिया। इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और दिव्यांगजन अधिकार संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। लगातार तलाश के बाद आखिरकार खालवा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में फरार आरोपियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
- खंडवा के पुनासा/मुंदी में किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी की गई और विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री का पुतला फूंका गया।1
- मध्य प्रदेश में टिमरनी पुलिस की पहल पर "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत टिमरनी अनुभाग के एसडीओपी, थाना प्रभारी और पुलिस स्टाफ ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर स्कूली बच्चों और राहगीरों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान लोगों को नशा न करने की शपथ भी दिलाई गई। पुलिस द्वारा रोजाना विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और अन्य स्थानों पर जाकर लोगों को जागरूक करने का यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है।3
- नर्मदापुरम के सिवनी मालवा में क्रांतिकारी किसान मजदूर संगठन के द्वारा एक बैठक का आयोजन किया जा रहा है।1
- बैतूल जिले के भैंसदेही में स्थित श्री त्रिवेणी भारती नागा दादाजी धाम से श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था हाथों में निशान (ध्वजा) लेकर नंगे पैर करीब 180 किलोमीटर की पदयात्रा पर खंडवा के लिए रवाना हुआ है। 'श्री दादाजी नाम संकीर्तन' करते हुए आगे बढ़ रहे इन श्रद्धालुओं का जत्था देसली पहुंच गया है। इस पदयात्रा का पहला विश्राम रंभा में हुआ, जहां दादा भक्त आर्य परिवार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी और विश्राम की व्यवस्था की गई। इस पावन यात्रा में दादाजी सेवा भक्त मंडल के कमल धाकड़, गुलशन, पंकज, सतीश, शिवदीन काका, गब्बर, सतीश लांडे और श्याम आर्य सहित सैकड़ों भक्त शामिल हैं। त्रिवेणी भारती नागा दादाजी समिति के अनुसार, यह परंपरा कई वर्षों से लगातार चली आ रही है। गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर श्री दादाजी धूनीवाले के दरबार में देश भर से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। श्री दादाजी धूनीवाले का यह दरबार पूरे देश में इकलौता ऐसा स्थान है जहां गुरु और शिष्य दोनों की समाधियां एक ही जगह पर स्थित हैं, जिससे इस पर्व का महत्व काफी बढ़ जाता है। श्रद्धालुओं के इस सफर में मार्ग में जगह-जगह अद्भुत सेवा भाव देखने को मिल रहा है। अमीर हो या गरीब, छोटा व्यापारी हो या बड़ा, सभी अपना कारोबार बंद करके निस्वार्थ भाव से पदयात्रियों की सेवा में जुट गए हैं। रास्ते में यात्रियों से बिना कोई पैसा लिए उन्हें सम्मानपूर्वक जलपान कराने से लेकर मालपुआ तक खिलाया जा रहा है। इस सेवा कार्य में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं और बच्चे भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। नर्मदा के उपासक अवधूत संत बड़े दादाजी स्वामी केशवानंद महाराज के कदम 30 नवंबर 1930 को खंडवा की पावन भूमि पर पड़े थे। इसके ठीक चार दिन बाद उन्होंने अपनी देह त्याग कर निर्वाण प्राप्त कर लिया था। इसके बाद उनके प्रिय शिष्य छोटे दादाजी स्वामी हरिहरानंद जी को आश्रम का उत्तराधिकारी बनाया गया, जिन्होंने लंबे समय तक यहां की व्यवस्थाओं को संभाला। 12 वर्षों के बाद 4 फरवरी 1942 को छोटे दादाजी का भी निर्वाण हो गया और उनकी समाधि भी बड़े दादाजी के समीप ही बनाई गई। वर्तमान में इन दोनों ही चमत्कारिक संतों के भक्त पूरे देश में फैले हुए हैं जो हर साल गुरु पूर्णिमा के मौके पर यहां निशान चढ़ाने की परंपरा का पूरी श्रद्धा के साथ निर्वहन करते हैं।3
- देवास में नशे के खिलाफ चल रहे महा अभियान के तहत प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने नशे पर कड़ा वार करते हुए इस विशेष अभियान के अंतर्गत अपनी इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।1
- मध्य प्रदेश में बड़ूद बायपास निर्माण की मांग ने अब काफी जोर पकड़ लिया है। इस मांग को लेकर क्षेत्र के विधायक ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम को एक पत्र भी लिखा है।1
- बैतूल के भैंसदेही से दादा भक्तों का एक जत्था खंडवा में निशान चढ़ाने के लिए पैदल निकल चुका है। इस यात्रा के दौरान रास्ते में जगह-जगह पूजन के साथ इन दादा भक्तों की सेवा-सुश्रूषा की जा रही है। इसी कड़ी में, मार्ग में आने वाले एक गाँव में रात्रि विश्राम के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा दादाजी की महाआरती उतारी गई और उनका पूजन किया गया।1
- सीहोर के आष्टा में पार्वती थाना पुलिस द्वारा अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली झुग्गी-झोपड़ियों में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' नशामुक्ति जन जागरूकता अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान आयोजित व्याख्यान के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी देकर शपथ दिलाई गई। साथ ही, नशा मुक्ति पुनर्वास और सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने वाले परामर्श व चिकित्सकीय सहायता के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया।3
- मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह में नर्मदा नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में डूबते हुए एक युवक को गोताखोर ने बचा लिया।1