आंबेडकर जयंती के मंच पर ‘जय भीम’ टोपी उतारने का VIDEO वायरल, सवालों के घेरे में सियासत कौशांबी में आंबेडकर जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम से सामने आए एक वीडियो ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज और उनके बेटे, सांसद पुष्पेंद्र सरोज, जब मंच पर कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे, उसी दौरान एक युवक ने उन्हें ‘जय भीम’ लिखी नीली टोपी पहनाई। लेकिन कुछ ही क्षण बाद इंद्रजीत सरोज ने टोपी उतार दी और बेटे को भी ऐसा करने का इशारा किया। यही दृश्य अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कार्यक्रम मंगलवार को सपा जिला कमेटी की ओर से आयोजित किया गया था, जो दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुआ। इसमें सपा कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में दलित संगठनों के लोग भी मौजूद थे। ऐसे मंच पर हुई यह घटना अब सिर्फ एक सामान्य क्षण नहीं रह गई, बल्कि इसके मायने तलाशे जाने लगे हैं। मुद्दा अब सिर्फ एक टोपी का नहीं रहा— यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या यह महज एक सहज प्रतिक्रिया थी या इसके पीछे कोई सोची-समझी सियासी रणनीति छिपी है? क्या ‘जय भीम’ जैसे प्रतीक से दूरी बनाने का कोई संदेश दिया गया, या यह केवल एक संयोग था? और सबसे अहम—आंबेडकर जयंती जैसे संवेदनशील और प्रतीकात्मक मंच पर इस तरह की घटना का सामाजिक प्रभाव क्या पड़ता है? सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर स्पष्ट तौर पर दो धाराएं बनती दिख रही हैं। एक पक्ष इसे बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति अनादर के रूप में देख रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे बदलते सियासी समीकरणों और वोट बैंक के संतुलन से जोड़कर व्याख्या कर रहा है। फिलहाल, इंद्रजीत सरोज या सांसद पुष्पेंद्र सरोज की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह विवाद और भी गहराता जा रहा है। अब नजर इस बात पर टिकी है कि यह मामला महज एक वायरल वीडियो बनकर रह जाता है, या फिर इसके राजनीतिक और सामाजिक निहितार्थ आने वाले समय में और स्पष्ट होकर सामने आते हैं।
आंबेडकर जयंती के मंच पर ‘जय भीम’ टोपी उतारने का VIDEO वायरल, सवालों के घेरे में सियासत कौशांबी में आंबेडकर जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम से सामने आए एक वीडियो ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज और उनके बेटे, सांसद पुष्पेंद्र सरोज, जब मंच पर कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे, उसी दौरान एक युवक ने उन्हें ‘जय भीम’ लिखी नीली टोपी पहनाई। लेकिन कुछ ही क्षण बाद इंद्रजीत सरोज ने टोपी उतार दी और बेटे को भी ऐसा करने का इशारा किया। यही दृश्य अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कार्यक्रम मंगलवार को सपा जिला कमेटी की ओर से आयोजित किया गया था, जो दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुआ। इसमें सपा कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में दलित संगठनों के लोग भी मौजूद थे। ऐसे मंच पर हुई यह घटना अब सिर्फ एक सामान्य क्षण नहीं रह गई, बल्कि इसके मायने तलाशे जाने लगे हैं। मुद्दा अब सिर्फ एक टोपी का नहीं रहा— यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या यह महज एक सहज प्रतिक्रिया थी या इसके पीछे कोई सोची-समझी सियासी रणनीति छिपी है? क्या ‘जय भीम’ जैसे प्रतीक से दूरी बनाने का कोई संदेश दिया गया, या यह केवल एक संयोग था? और सबसे अहम—आंबेडकर जयंती जैसे संवेदनशील और प्रतीकात्मक मंच पर इस तरह की घटना का सामाजिक प्रभाव क्या पड़ता है? सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर स्पष्ट तौर पर दो धाराएं बनती दिख रही हैं। एक पक्ष इसे बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति अनादर के रूप में देख रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे बदलते सियासी समीकरणों और वोट बैंक के संतुलन से जोड़कर व्याख्या कर रहा है। फिलहाल, इंद्रजीत सरोज या सांसद पुष्पेंद्र सरोज की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह विवाद और भी गहराता जा रहा है। अब नजर इस बात पर टिकी है कि यह मामला महज एक वायरल वीडियो बनकर रह जाता है, या फिर इसके राजनीतिक और सामाजिक निहितार्थ आने वाले समय में और स्पष्ट होकर सामने आते हैं।
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by KEN1
- *वायरल ऑडियो से हड़कंप: SHO व चौकी इंचार्ज पर गाली-गलौज और SC/ST में फंसाने की धमकी के आरोप* कौशांबी: सराय अकिल थाना प्रभारी वीर प्रताप सिंह और कनैली चौकी प्रभारी जितेन्द्र प्रताप सिंह का कथित गाली-गलौज भरा ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वायरल ऑडियो में अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल और SC/ST एक्ट में फंसाने की धमकी दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे इलाके में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ऑडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि यदि ऑडियो की पुष्टि होती है, तो यह कानून के दुरुपयोग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। हालांकि, अब तक ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी गई है और सत्यता सामने आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला पूरे जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सबकी नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है। rafail ahmad patrkar1
- *जिलाधिकारी ने भूमि विवादां के निस्तारण की स्थिति का किया स्थलीय सत्यापन* *राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने सभी शिकायतों का मौके पर ही किया निस्तारण* ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS कौशांबी....जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने टॉप-10 “भूमि विवादों का मौके पर समाधान” अभियान के अन्तर्गत आज ग्राम बिदनपुर आमद करारी में आयोजित कैम्प में भूमि विवादां के निस्तारण की स्थिति का स्थलीय सत्यापन किया।जिलाधिकारी ने भूमि विवाद से सम्बन्धित 04 शिकायतों में दोनों पक्षों को सुना एवं उप जिलाधिकारी सिराथू को मौके पर जाकर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए। राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सभी शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। कैम्प में ग्रामवासियों द्वारा बताया गया कि ग्राम की सबसे बड़ी समस्या रेलवे अण्डरपास में जल-जमाव होता है, जिस पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को मौके का निरीक्षण कर रेलवे अधिकारियों से समन्वय कर समस्या को निस्तारित कराने के निर्देश दिए ।कैम्प में गाटा संख्या-312, जो तालाब की भूमि है एवं गाटा संख्या-284, जो खलिहान की भूमि है, इन दोनों गाटों पर अवैध कब्जे की शिकायत का निस्तारण किया गया। इसके साथ ही उप जिलाधिकारी सिराथू ने शिकायतकर्ता अखिलेश पाण्डेय के मिलजुल्ला गाटा के बटवारे के दृष्टिगत भौतिक निरीक्षण कर अग्रिम कार्यवाही के लिए सम्बन्धित को आवश्यक निर्देश दिए। उप जिलाधिकारी ने आमजन से जमीन विवाद से बचने एवं न्यायायल से जमीनी विवाद निपटाने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी।1
- Shailendra Gupta jansewak unchahar1
- कौशांबी। जनपद में एक इंस्पेक्टर का कथित आपत्तिजनक ऑडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है। वायरल ऑडियो में इंस्पेक्टर द्वारा एक पत्रकार से फोन पर गाली-गलौज और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, यह मामला अवैध बालू खनन से जुड़ी खबर को लेकर सामने आया है। बताया जा रहा है कि खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित इंस्पेक्टर बौखला गया और उसने पत्रकार को फोन कर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी दी। ऑडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। इसे कानून व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल के रूप में भी देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- 🔴 *कौशाम्बी: ‘लाल मोरंग’ का काला खेल, सराय अकिल में माफियाओं का बोलबाला* कौशाम्बी के सराय अकिल थाना क्षेत्र में अवैध बालू का कारोबार खुलकर कानून को चुनौती दे रहा है। करन चौराहा से महिला रोड तक कई जगहों पर बालू के बड़े-बड़े ढेर जमा हैं, जिससे साफ है कि माफियाओं ने यहां अपनी समानांतर व्यवस्था खड़ी कर ली है। हैरानी की बात यह है कि अवैध डंपिंग की GPS टैग वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिनमें समय और लोकेशन साफ दिखाई दे रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी पूरे मामले को संदिग्ध बना रही है। बिना परमिट और रॉयल्टी के बालू का भंडारण कर उसे मनमाने दामों पर बेचा जा रहा है, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। साथ ही, इस अवैध खनन से पर्यावरण पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। अब बड़ा सवाल यही है—क्या सिस्टम माफियाओं के आगे बेबस हो चुका है, या फिर जल्द इस काले खेल पर कार्रवाई होगी? rafail ahmad patrkar1