छह घंटे की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, नदी-नाले उफान पर किसानों के चेहरे खिले, खेतों में जलभराव से नुकसान की आशंका; खेजरपुर में 5 बीघा सोयाबीन की फसल तीन फीट पानी में डूबी रायपुर। जिले में सोमवार सुबह से लगातार करीब छह घंटे तक तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। वहीं तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए और इनके किनारे स्थित खेतों में पानी भरने से कई किसानों को फसल नुकसान की चिंता भी सताने लगी है। रायपुर तहसील क्षेत्र एवं आसपास के गांवों में सुबह से ही तेज बारिश का दौर शुरू हुआ, जो करीब छह घंटे तक लगातार जारी रहा। तेज बारिश के कारण नदी-नालों में अचानक पानी की आवक बढ़ गई और कई स्थानों पर रास्तों पर पानी बहने लगा। निचली बस्तियों में भी पानी भरने की स्थिति देखने को मिली। बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित रहा और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस बारिश से किसानों के चेहरे जरूर खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि इस मौसम की यह पहली बड़ी एवं तेज बारिश है, जिससे खेतों में खड़ी खरीफ फसलों को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को अब फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है। वहीं जिले के बांधों और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ने की संभावना है। खेजरपुर में 5 बीघा सोयाबीन की फसल तीन फीट पानी में डूबी तेज बारिश के चलते नदी-नालों के किनारे स्थित खेतों में भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। खेजरपुर गांव के किसान भारमल मेहर ने बताया कि कचरा खेड़ी से निकलने वाले खाल में तेज बारिश के कारण अचानक पानी की आवक बढ़ गई। इससे उनके करीब 5 बीघा खेत में खड़ी सोयाबीन की फसल में तीन-तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे पूरी फसल जलमग्न हो गई है और फसल के खराब होने की आशंका बनी हुई है। भारमल मेहर ने बताया कि केवल उनके खेत ही नहीं, बल्कि नदी-नालों के आसपास स्थित कई अन्य किसानों के खेतों में भी पानी भर गया है। तेज बहाव और लगातार बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान दिखाई देने लगा है। पानी कम होने के बाद ही फसल को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन हो सकेगा। स्कूल गए बच्चों को भी हुई परेशानी लगातार बारिश के कारण सुबह स्कूल गए बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर रास्तों में पानी भर जाने से बच्चे बारिश रुकने और पानी कम होने का इंतजार करते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित रहा। ग्रामीणों का कहना है कि रायपुर तहसील क्षेत्र में पिछले कई दिनों से अच्छी बारिश नहीं हो रही थी। सोमवार को हुई करीब छह घंटे की तेज बारिश ने बारिश की कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया। इससे खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है और खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि नदी-नालों के किनारे स्थित खेतों में अत्यधिक पानी भरने से कुछ किसानों के लिए यह बारिश परेशानी का कारण भी बन गई है। अब किसानों की नजर बारिश के आगामी दौर, नदी-नालों के जलस्तर और खेतों से पानी की निकासी पर टिकी हुई है। किसानों के लिए यह बारिश जहां खरीफ फसलों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, वहीं जलभराव वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की स्थिति भी सामने आ रही है। प्रशासन द्वारा ऐसे क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे करवाकर किसानों को राहत दिलाने की आवश्यकता है।
छह घंटे की मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, नदी-नाले उफान पर किसानों के चेहरे खिले, खेतों में जलभराव से नुकसान की आशंका; खेजरपुर में 5 बीघा सोयाबीन की फसल तीन फीट पानी में डूबी रायपुर। जिले में सोमवार सुबह से लगातार करीब छह घंटे तक तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। वहीं तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए और इनके किनारे स्थित खेतों में पानी भरने से कई किसानों को फसल नुकसान की चिंता भी सताने लगी है। रायपुर तहसील क्षेत्र एवं आसपास के गांवों में सुबह से ही तेज बारिश का दौर शुरू हुआ, जो करीब छह घंटे तक लगातार जारी रहा। तेज बारिश के कारण नदी-नालों में अचानक पानी की आवक बढ़ गई और कई स्थानों पर रास्तों पर पानी बहने लगा। निचली बस्तियों में भी पानी भरने की स्थिति देखने को मिली। बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित रहा और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस बारिश से किसानों के चेहरे जरूर खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि इस मौसम की यह पहली बड़ी एवं तेज बारिश है, जिससे खेतों में खड़ी खरीफ फसलों को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को अब फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी है। वहीं जिले के बांधों और जलाशयों में भी पानी की आवक बढ़ने की संभावना है। खेजरपुर में 5 बीघा सोयाबीन की फसल तीन फीट पानी में डूबी तेज बारिश के चलते नदी-नालों के किनारे स्थित खेतों में भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। खेजरपुर गांव के किसान भारमल मेहर ने बताया कि कचरा खेड़ी से निकलने वाले खाल में तेज बारिश के
कारण अचानक पानी की आवक बढ़ गई। इससे उनके करीब 5 बीघा खेत में खड़ी सोयाबीन की फसल में तीन-तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे पूरी फसल जलमग्न हो गई है और फसल के खराब होने की आशंका बनी हुई है। भारमल मेहर ने बताया कि केवल उनके खेत ही नहीं, बल्कि नदी-नालों के आसपास स्थित कई अन्य किसानों के खेतों में भी पानी भर गया है। तेज बहाव और लगातार बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान दिखाई देने लगा है। पानी कम होने के बाद ही फसल को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन हो सकेगा। स्कूल गए बच्चों को भी हुई परेशानी लगातार बारिश के कारण सुबह स्कूल गए बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर रास्तों में पानी भर जाने से बच्चे बारिश रुकने और पानी कम होने का इंतजार करते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन भी प्रभावित रहा। ग्रामीणों का कहना है कि रायपुर तहसील क्षेत्र में पिछले कई दिनों से अच्छी बारिश नहीं हो रही थी। सोमवार को हुई करीब छह घंटे की तेज बारिश ने बारिश की कमी को काफी हद तक पूरा कर दिया। इससे खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है और खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि नदी-नालों के किनारे स्थित खेतों में अत्यधिक पानी भरने से कुछ किसानों के लिए यह बारिश परेशानी का कारण भी बन गई है। अब किसानों की नजर बारिश के आगामी दौर, नदी-नालों के जलस्तर और खेतों से पानी की निकासी पर टिकी हुई है। किसानों के लिए यह बारिश जहां खरीफ फसलों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, वहीं जलभराव वाले क्षेत्रों में फसलों को नुकसान की स्थिति भी सामने आ रही है। प्रशासन द्वारा ऐसे क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे करवाकर किसानों को राहत दिलाने की आवश्यकता है।
- एक कहानी......... फैसले की तारीख...... A story of a poor farmer and indian court.1
- देखिए पिछले 24 घंटे में आगर मालवा जिले में कहां कितनी बारिश हुई 🌧️ आगर मालवा जिले में बारिश के ताजा आंकड़े सामने आए हैं। पिछले 24 घंटे में सोयतकलां में सबसे ज्यादा 7.56 इंच बारिश दर्ज हुई है। इस वीडियो में जानिए आगर, बड़ोद, नलखेड़ा, सोयतकलां और सुसनेर में पिछले 24 घंटे में कितनी बारिश हुई, साथ ही 1 जून 2026 से अब तक प्रत्येक तहसील में कितनी कुल बारिश दर्ज हुई है। 📍 आगर मालवा की बारिश की पूरी जानकारी इस वीडियो में। 📊 आंकड़े 11 अगस्त 2026 की दैनिक वर्षा रिपोर्ट के अनुसार। ━━━━━━━━━━━━━━ 🔴 हर खबर, आपके साथ ━━━━━━━━━━━━━━ 🙏 आपके अपने चैनल को शेयर करें, लाइक करें, सब्सक्राइब करें और ज्यादा से ज्यादा सपोर्ट करें। आपका एक LIKE 👍, SHARE 🔄 और SUBSCRIBE 🔔 हमें लगातार स्थानीय और महत्वपूर्ण खबरें आप तक पहुंचाने के लिए प्रेरित करता है। #️⃣ Hashtags #आगरमालवा #AgarMalwa #बारिश #Rain #Rainfall #सोयतकलां #SoyatKalan #आगर #सुसनेर #नलखेड़ा #बड़ोद #मध्यप्रदेश #MPNews #MadhyaPradesh #BreakingNews #WeatherNews #RainNews #AgarMalwaNews #LocalNews #हरखबरआपकेसाथ 🏷️ YouTube Tags आगर मालवा, आगर मालवा बारिश, Agar Malwa, Agar Malwa News, Agar Malwa Rain, आगर बारिश, सोयतकलां बारिश, Soyat Kalan Rain, सोयतकलां में बारिश, 7.56 इंच बारिश, 24 घंटे की बारिश, आज की बारिश, मध्य प्रदेश बारिश, MP Rain, MP News, Madhya Pradesh News, Agar News, Susner News, Nalkheda News, Barod News, बारिश की खबर, बारिश के आंकड़े, Rainfall News, Weather News, Local News, Breaking News, Hindi News1
- सरकारी नौकरी और ट्रांसफर का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश झालावाड़। सरकारी नौकरी, संविदा पर रोजगार और सरकारी विभागों में तबादला कराने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मिले डिजिटल साक्ष्यों में कई अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेज और फर्जीवाड़े से संबंधित साक्ष्य मिले हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह अब तक करीब 100 से 150 अभ्यर्थियों से लाखों रुपए की ठगी कर चुका है। कार्रवाई में जिला स्पेशल टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जिले में संगठित अपराध और फर्जीवाड़े के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। 7 अगस्त को कोतवाली थाने में शिकायत मिली थी कि झालावाड़ और आसपास के क्षेत्रों में एक गिरोह सक्रिय है, जो गांव-गांव जाकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे गरीब एवं मध्यम वर्गीय बेरोजगार युवाओं को अपना निशाना बना रहा है। 30 से 50 हजार रुपए लेते थे एडवांस आरोपी विभिन्न सरकारी विभागों, अस्पतालों और स्कूलों में पक्की अथवा संविदा पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर प्रत्येक अभ्यर्थी से 30 से 50 हजार रुपए तक एडवांस लेते थे। इसी तरह सरकारी विभागों में तबादला कराने का भी भरोसा दिलाया जाता था। शिकायत की जांच एसआई विजय सिंह को सौंपी गई। जांच के दौरान सादा कपड़ों में संदिग्धों की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई। स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने पर संदिग्धों के घरों पर दूर-दराज से बेरोजगार युवाओं के लगातार आने-जाने की बात सामने आई। डिजिटल साक्ष्यों से खुला फर्जीवाड़ा मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद्र के निर्देशन और वृत्ताधिकारी झालावाड़ हर्षराज सिंह खरेड़ा के सुपरविजन में कोतवाली थाना पुलिस के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर अब्दुल रउफ निवासी पायगा मोहल्ला झालावाड़ और सद्दाम निवासी दिलावरा, पीड़ावा को डिटेन किया। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में कई अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेज तथा फर्जीवाड़े से जुड़े साक्ष्य मिले। चयन होने पर भी वसूलते थे पूरी रकम जांच में सामने आया कि गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। जो अभ्यर्थी अपनी योग्यता और मेरिट के आधार पर स्वयं चयनित हो जाते थे, उनसे भी आरोपी नौकरी लगवाने का दावा करते हुए बकाया पूरी रकम वसूल लेते थे। वहीं जिन अभ्यर्थियों का चयन नहीं होता, उनसे लिया गया एडवांस भी वापस नहीं किया जाता था। पुलिस पूछताछ में अब तक करीब 100 से 150 अभ्यर्थियों से लाखों रुपए की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार गिरोह के कुछ सदस्य पूर्व में भी इसी प्रकार के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। वहीं मामले में शामिल फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। कार्रवाई में इनकी रही भूमिका कार्रवाई में कोतवाली थानाधिकारी मुकेश कुमार, एसआई विजय सिंह, कांस्टेबल धर्मेन्द्र सहित जिला स्पेशल टीम प्रभारी रोहित कुमार और टीम के जवान शामिल रहे। इसके अलावा रायपुर थाना, झालरापाटन थाना तथा साइबर टीम के पुलिसकर्मियों ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।1
- मूसलाधार बारिश से स्कूल में घुसा नाले का पानी, 80 बच्चों को सुरक्षित निकाला झालावाड़।जिले के मनोहरथाना ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय झीकनी में लगातार हो रही बारिश के चलते नाले का पानी विद्यालय परिसर में घुस गया। नाले में तेज बहाव बढ़ता देख स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान ग्रामीणों को स्टाफ के सहयोग से बच्चो को सुरक्षित निकाला गया।1