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बस्सी क्षेत्र के कानोता रतनपुरा में 61 कुंडीय यज्ञ का आयोजन इस समय चल रहा है।
Yogesh Kumar Gupta
बस्सी क्षेत्र के कानोता रतनपुरा में 61 कुंडीय यज्ञ का आयोजन इस समय चल रहा है।
More news from Rajasthan and nearby areas
- एक घटनाक्रम में, डीग और नदबई के विधायक हनुमान बेनीवाल से नाराजगी जताते हुए मंच से चलते बने। दोनों नेताओं ने बेनीवाल से अपनी असहमति व्यक्त की, जिसके बाद वे मंच पर नहीं रुके।1
- लोकप्रिय नेता हनुमान बेनीवाल ने भरतपुर में शानदार और जोरदार तरीके से एंट्री की। उनकी इस धमाकेदार उपस्थिति को देखकर लोगों में भारी उत्साह दिखा, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों ने उनकी अगवानी करते हुए टिप्पणी की कि "तूफान आया"।1
- राजस्थान की राजनीति में अपनी अलग पहचान बना चुके रविंद्र सिंह भाटी एक बार फिर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे एक वीडियो में, उन्हें बिना किसी बड़े काफिले या सुरक्षा तामझाम के अपनी गाड़ी खुद चलाते हुए देखा गया। इसी दौरान, ट्रैफिक के बीच एक राहगीर की आवाज़ सुनाई दी, जिसने कहा, 'अबकी बार आप एमपी फिक्स हो।' यह टिप्पणी रविंद्र सिंह भाटी के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे और समर्थन की झलक के रूप में सामने आई है। समर्थकों का मानना है कि रविंद्र सिंह भाटी का यह सादगी भरा अंदाज़ और आम लोगों से सीधा जुड़ाव ही उनकी बढ़ती लोकप्रियता का प्रमुख कारण है। इस वीडियो को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी ज़ोरदार चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, यह भले ही एक राहगीर की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया थी, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे व्यापक रूप से जनता के मूड और भाटी के प्रति बढ़ते समर्थन के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।1
- जयपुर में एक आवासीय सोसायटी में 22 वर्षीय युवती के साथ छेड़छाड़ और मारपीट का मामला सामने आया है, जिसमें पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर आरोप है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात को युवती अपनी सोसायटी के ग्राउंड फ्लोर पर टहल रही थी, तभी ब्लॉक-9 और ब्लॉक-10 के बीच एक सुनसान जगह पर उसी सोसायटी के एक युवक ने उसे रोक लिया। आरोप है कि युवक ने युवती को पकड़कर उसके साथ छेड़छाड़ की और जबरदस्ती करने का प्रयास किया। जब युवती ने विरोध किया और शोर मचाया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। युवती के चीखने-चिल्लाने पर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग गया। घटना के बाद, घायल युवती ने सोसायटी के अन्य लोगों को अपनी आपबीती सुनाई और परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उसे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके उपरांत, युवती अपनी मां के साथ पुलिस थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- अजमेर के एक NEET परीक्षा केंद्र पर बुर्का पहनकर परीक्षा देने पहुंची एक महिला अभ्यर्थी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ब्यावर से आई इस अभ्यर्थी से परीक्षा केंद्र पर मौजूद एक महिला शिक्षिका ने सुरक्षा और परीक्षा नियमों का हवाला देते हुए पहचान सत्यापन के लिए बुर्का हटाने को कहा। हालांकि, बताया जा रहा है कि महिला अभ्यर्थी ने बुर्का हटाने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद केंद्र पर स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। इस इनकार के बाद परीक्षा नियमों और पहचान सत्यापन को लेकर दोनों पक्षों के बीच चर्चा होती रही। 'जस्ट जयपुर लाइव 24×7' की रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा केंद्र के नियम क्या हैं, पहचान सत्यापन को लेकर प्रशासन क्या कहता है, और इस पूरे मामले में आगे क्या हुआ, इसका विस्तृत विवरण अभी उपलब्ध नहीं है। दर्शकों से इस खास रिपोर्ट और आगे की जानकारी के लिए 'जस्ट जयपुर लाइव 24×7' के साथ जुड़े रहने को कहा गया है।1
- Post by Ganesh Yogi1
- भरतपुर जाते समय लोकतांत्रिक पार्टी के आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल का बांसखोह कस्बे में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। बांसखोह कस्बा स्थित बस्सी चक और जटवाड़ा पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास सांसद बेनीवाल को 21 किलो की माला और साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। इस दौरान उनके साथ 300 से अधिक वाहनों का काफिला नजर आया, जिसका डीजे की धुन के साथ स्वागत किया गया। इस मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण लोग मौजूद थे।1
- भरतपुर में हुई हनुमान बेनीवाल की रैली के नजारे पर तंज कसते हुए एक सवाल उठाया गया है। पोस्ट में यह सवाल किया गया है कि '16 दूनी 8' की बातें किससे सुनी हैं, जो रैली से जुड़े किसी बयान या दावे पर कटाक्ष जैसा प्रतीत होता है।1
- NEET परीक्षा के दौरान सामने आई एक मार्मिक तस्वीर ने पूरे देश को भावुक कर दिया है, जिसमें सड़क पर बेबस होकर जमीन पर पड़े एक पिता और आंखों में आंसू लिए रोती हुई बेटी दिखाई दे रही है। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें बताया गया है कि GPS की गलत लोकेशन, ट्रैफिक जाम और परिवहन संबंधी समस्याओं के कारण छात्रा परीक्षा केंद्र पर कुछ मिनट की देरी से पहुंची, जिसके चलते उसे परीक्षा में प्रवेश नहीं मिल सका। डॉक्टर बनने का सपना संजोए इस छात्रा ने वर्षों तक कड़ी मेहनत की थी, जिसमें दिन-रात की पढ़ाई, कोचिंग, त्याग और संघर्ष शामिल था। लेकिन परीक्षा केंद्र पहुंचने पर गेट बंद होने और कुछ मिनटों की देरी ने उसकी सालों की मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वहीं, बेटी के भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करने वाले पिता की बेबसी भी तस्वीर में साफ दिखाई दी; परीक्षा में प्रवेश नहीं मिलने के बाद वे खुद को संभाल नहीं पाए और सड़क पर ही गिर पड़े। यह हृदय विदारक दृश्य केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि उन हजारों अभ्यर्थियों और अभिभावकों की पीड़ा को दर्शाता है जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वर्षों तक संघर्ष करते हैं। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि यह देरी अभ्यर्थी की लापरवाही के बजाय GPS की गलत लोकेशन, अचानक लगे ट्रैफिक जाम या परिवहन व्यवस्था की खामियों के कारण हुई हो, तो क्या ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता नहीं है? नियम और समय की पाबंदी निश्चित रूप से जरूरी हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी और व्यवस्थागत कारणों से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था या समाधान तलाशा जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग इस घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए परीक्षा प्रणाली में अधिक मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग कर रहे हैं। यह तस्वीर याद दिलाती है कि हर परीक्षा के पीछे केवल एक छात्र नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सपने और उम्मीदें जुड़ी होती हैं, और अब सवाल यह है कि क्या कुछ मिनटों की देरी किसी छात्र के पूरे भविष्य का फैसला कर सकती है?1