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लोकप्रिय नेता हनुमान बेनीवाल ने भरतपुर में शानदार और जोरदार तरीके से एंट्री की। उनकी इस धमाकेदार उपस्थिति को देखकर लोगों में भारी उत्साह दिखा, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों ने उनकी अगवानी करते हुए टिप्पणी की कि "तूफान आया"।

1 hr ago
user_Pawan sharma
Pawan sharma
Court reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
1 hr ago

लोकप्रिय नेता हनुमान बेनीवाल ने भरतपुर में शानदार और जोरदार तरीके से एंट्री की। उनकी इस धमाकेदार उपस्थिति को देखकर लोगों में भारी उत्साह दिखा, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों ने उनकी अगवानी करते हुए टिप्पणी की कि "तूफान आया"।

More news from Rajasthan and nearby areas
  • एक घटनाक्रम में, डीग और नदबई के विधायक हनुमान बेनीवाल से नाराजगी जताते हुए मंच से चलते बने। दोनों नेताओं ने बेनीवाल से अपनी असहमति व्यक्त की, जिसके बाद वे मंच पर नहीं रुके।
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    एक घटनाक्रम में, डीग और नदबई के विधायक हनुमान बेनीवाल से नाराजगी जताते हुए मंच से चलते बने। दोनों नेताओं ने बेनीवाल से अपनी असहमति व्यक्त की, जिसके बाद वे मंच पर नहीं रुके।
    user_Vivek singh jadoun
    Vivek singh jadoun
    News Anchor Jaipur, Rajasthan•
    37 min ago
  • NEET परीक्षा के दौरान सामने आई एक मार्मिक तस्वीर ने पूरे देश को भावुक कर दिया है, जिसमें सड़क पर बेबस होकर जमीन पर पड़े एक पिता और आंखों में आंसू लिए रोती हुई बेटी दिखाई दे रही है। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें बताया गया है कि GPS की गलत लोकेशन, ट्रैफिक जाम और परिवहन संबंधी समस्याओं के कारण छात्रा परीक्षा केंद्र पर कुछ मिनट की देरी से पहुंची, जिसके चलते उसे परीक्षा में प्रवेश नहीं मिल सका। डॉक्टर बनने का सपना संजोए इस छात्रा ने वर्षों तक कड़ी मेहनत की थी, जिसमें दिन-रात की पढ़ाई, कोचिंग, त्याग और संघर्ष शामिल था। लेकिन परीक्षा केंद्र पहुंचने पर गेट बंद होने और कुछ मिनटों की देरी ने उसकी सालों की मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वहीं, बेटी के भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करने वाले पिता की बेबसी भी तस्वीर में साफ दिखाई दी; परीक्षा में प्रवेश नहीं मिलने के बाद वे खुद को संभाल नहीं पाए और सड़क पर ही गिर पड़े। यह हृदय विदारक दृश्य केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि उन हजारों अभ्यर्थियों और अभिभावकों की पीड़ा को दर्शाता है जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वर्षों तक संघर्ष करते हैं। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि यह देरी अभ्यर्थी की लापरवाही के बजाय GPS की गलत लोकेशन, अचानक लगे ट्रैफिक जाम या परिवहन व्यवस्था की खामियों के कारण हुई हो, तो क्या ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता नहीं है? नियम और समय की पाबंदी निश्चित रूप से जरूरी हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी और व्यवस्थागत कारणों से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था या समाधान तलाशा जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग इस घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए परीक्षा प्रणाली में अधिक मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग कर रहे हैं। यह तस्वीर याद दिलाती है कि हर परीक्षा के पीछे केवल एक छात्र नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सपने और उम्मीदें जुड़ी होती हैं, और अब सवाल यह है कि क्या कुछ मिनटों की देरी किसी छात्र के पूरे भविष्य का फैसला कर सकती है?
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    NEET परीक्षा के दौरान सामने आई एक मार्मिक तस्वीर ने पूरे देश को भावुक कर दिया है, जिसमें सड़क पर बेबस होकर जमीन पर पड़े एक पिता और आंखों में आंसू लिए रोती हुई बेटी दिखाई दे रही है। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें बताया गया है कि GPS की गलत लोकेशन, ट्रैफिक जाम और परिवहन संबंधी समस्याओं के कारण छात्रा परीक्षा केंद्र पर कुछ मिनट की देरी से पहुंची, जिसके चलते उसे परीक्षा में प्रवेश नहीं मिल सका।

डॉक्टर बनने का सपना संजोए इस छात्रा ने वर्षों तक कड़ी मेहनत की थी, जिसमें दिन-रात की पढ़ाई, कोचिंग, त्याग और संघर्ष शामिल था। लेकिन परीक्षा केंद्र पहुंचने पर गेट बंद होने और कुछ मिनटों की देरी ने उसकी सालों की मेहनत और उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वहीं, बेटी के भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करने वाले पिता की बेबसी भी तस्वीर में साफ दिखाई दी; परीक्षा में प्रवेश नहीं मिलने के बाद वे खुद को संभाल नहीं पाए और सड़क पर ही गिर पड़े। यह हृदय विदारक दृश्य केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि उन हजारों अभ्यर्थियों और अभिभावकों की पीड़ा को दर्शाता है जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वर्षों तक संघर्ष करते हैं।

इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि यह देरी अभ्यर्थी की लापरवाही के बजाय GPS की गलत लोकेशन, अचानक लगे ट्रैफिक जाम या परिवहन व्यवस्था की खामियों के कारण हुई हो, तो क्या ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता नहीं है? नियम और समय की पाबंदी निश्चित रूप से जरूरी हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी और व्यवस्थागत कारणों से प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए भी कोई वैकल्पिक व्यवस्था या समाधान तलाशा जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में लोग इस घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए परीक्षा प्रणाली में अधिक मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग कर रहे हैं। यह तस्वीर याद दिलाती है कि हर परीक्षा के पीछे केवल एक छात्र नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सपने और उम्मीदें जुड़ी होती हैं, और अब सवाल यह है कि क्या कुछ मिनटों की देरी किसी छात्र के पूरे भविष्य का फैसला कर सकती है?
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    6 hrs ago
  • जस्ट जयपुर लाइव ने जयपुर शहर के वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक और आराम से गाड़ी चलाने का आग्रह किया है। इस संबंध में, प्लेटफॉर्म ने नागरिकों से एक खास रिपोर्ट देखने का आह्वान किया है।
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    जस्ट जयपुर लाइव ने जयपुर शहर के वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक और आराम से गाड़ी चलाने का आग्रह किया है। इस संबंध में, प्लेटफॉर्म ने नागरिकों से एक खास रिपोर्ट देखने का आह्वान किया है।
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान उप मुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी जी को 'मुख्यमंत्री' कहकर संबोधित किया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को उनकी जुबान फिसलने के लिए ट्रोल कर रहे हैं। इस संबंध में, हनुमान बेनीवाल द्वारा दिए गए एक पुराने भाषण का हवाला देकर भी मुख्यमंत्री को निशाना बनाया जा रहा है।
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    राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान उप मुख्यमंत्री श्रीमती दीया कुमारी जी को 'मुख्यमंत्री' कहकर संबोधित किया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को उनकी जुबान फिसलने के लिए ट्रोल कर रहे हैं। इस संबंध में, हनुमान बेनीवाल द्वारा दिए गए एक पुराने भाषण का हवाला देकर भी मुख्यमंत्री को निशाना बनाया जा रहा है।
    user_Jitesh kumar
    Jitesh kumar
    जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • एक सवाल उठाया गया है कि क्या Leader of Opposition (LoP) को यह शोभा देता है। इस पर कांग्रेस सदस्यों से विशेष ध्यान देने और यह बताने का आग्रह किया गया है कि LoP की पिछली जेब में क्या रखा हुआ था।
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    एक सवाल उठाया गया है कि क्या Leader of Opposition (LoP) को यह शोभा देता है। इस पर कांग्रेस सदस्यों से विशेष ध्यान देने और यह बताने का आग्रह किया गया है कि LoP की पिछली जेब में क्या रखा हुआ था।
    user_दौलत राम शर्मा शास्त्री
    दौलत राम शर्मा शास्त्री
    Voice of people आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • राजस्थान के जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर NEET परीक्षा से संबंधित मुद्दों को लेकर एक आंदोलन चल रहा है। इस प्रदर्शन में शामिल लोग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान जयपुर यूनिवर्सिटी (JaipurDU) की छात्रा अंजलि ने अपनी बात रखी, जिसमें उन्होंने NEET संबंधी चिंताओं और अविनाश बराला से जुड़े संदर्भों का हवाला देते हुए धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की जोरदार अपील की।
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    राजस्थान के जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर NEET परीक्षा से संबंधित मुद्दों को लेकर एक आंदोलन चल रहा है। इस प्रदर्शन में शामिल लोग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान जयपुर यूनिवर्सिटी (JaipurDU) की छात्रा अंजलि ने अपनी बात रखी, जिसमें उन्होंने NEET संबंधी चिंताओं और अविनाश बराला से जुड़े संदर्भों का हवाला देते हुए धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की जोरदार अपील की।
    user_Avinash Barala
    Avinash Barala
    Local News Reporter आंधी, जयपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • लोकप्रिय नेता हनुमान बेनीवाल ने भरतपुर में शानदार और जोरदार तरीके से एंट्री की। उनकी इस धमाकेदार उपस्थिति को देखकर लोगों में भारी उत्साह दिखा, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों ने उनकी अगवानी करते हुए टिप्पणी की कि "तूफान आया"।
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    लोकप्रिय नेता हनुमान बेनीवाल ने भरतपुर में शानदार और जोरदार तरीके से एंट्री की। उनकी इस धमाकेदार उपस्थिति को देखकर लोगों में भारी उत्साह दिखा, जिसके परिणामस्वरूप कई लोगों ने उनकी अगवानी करते हुए टिप्पणी की कि "तूफान आया"।
    user_Pawan sharma
    Pawan sharma
    Court reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • जयपुर की सड़कों पर दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के नंबरों वाली टैक्सियाँ बड़ी संख्या में दौड़ रही हैं। ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बाहरी राज्यों में पंजीकृत वाहन स्थानीय सवारियों को ढो रहे हैं, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह प्रश्न उठाया गया है कि क्या इन सभी बाहरी वाहनों के पास वैध परमिट, आवश्यक टैक्स भुगतान, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा और अन्य अनिवार्य दस्तावेज मौजूद हैं। नियमों का पालन न होने या कागजात अधूरे होने की स्थिति में, किसी भी दुर्घटना के दौरान यात्रियों को बीमा क्लेम प्राप्त करने और कानूनी सहायता प्राप्त करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आरटीओ और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां ऐसे वाहनों की नियमित जांच क्यों नहीं कर रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए, आम जनता और टैक्सी चालकों ने एक सुर में मांग की है कि नियमों के अनुसार सभी व्यावसायिक वाहनों की जाँच की जाए और अवैध रूप से संचालित हो रहे वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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    जयपुर की सड़कों पर दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के नंबरों वाली टैक्सियाँ बड़ी संख्या में दौड़ रही हैं। ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बाहरी राज्यों में पंजीकृत वाहन स्थानीय सवारियों को ढो रहे हैं, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

यह प्रश्न उठाया गया है कि क्या इन सभी बाहरी वाहनों के पास वैध परमिट, आवश्यक टैक्स भुगतान, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा और अन्य अनिवार्य दस्तावेज मौजूद हैं। नियमों का पालन न होने या कागजात अधूरे होने की स्थिति में, किसी भी दुर्घटना के दौरान यात्रियों को बीमा क्लेम प्राप्त करने और कानूनी सहायता प्राप्त करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आरटीओ और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां ऐसे वाहनों की नियमित जांच क्यों नहीं कर रही हैं। इस स्थिति को देखते हुए, आम जनता और टैक्सी चालकों ने एक सुर में मांग की है कि नियमों के अनुसार सभी व्यावसायिक वाहनों की जाँच की जाए और अवैध रूप से संचालित हो रहे वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
    user_Just Jaipur Live
    Just Jaipur Live
    Journalist जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • बिहार के भोजपुर जिले से संबंधित 30 वर्षीय युवक भरत तिवारी की 17 जून 2026 को एक पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। बताया गया है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था, फिर भी पुलिस ने उसे गोली मार दी। रिटायर्ड जवान के बेटे भरत तिवारी की इस मौत को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि यह एनकाउंटर हथियार उठाने का नहीं, बल्कि आवाज उठाने का मामला था।
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    बिहार के भोजपुर जिले से संबंधित 30 वर्षीय युवक भरत तिवारी की 17 जून 2026 को एक पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। बताया गया है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था, फिर भी पुलिस ने उसे गोली मार दी। रिटायर्ड जवान के बेटे भरत तिवारी की इस मौत को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि यह एनकाउंटर हथियार उठाने का नहीं, बल्कि आवाज उठाने का मामला था।
    user_Jitesh kumar
    Jitesh kumar
    जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    19 hrs ago
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