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सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के चन्दौर पूर्वी पंचायत अंतर्गत श्रवण टोला में आयोजित सात दिवसीय श्री मद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समापन के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि की राय
मिथिलेश कुमार
सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के चन्दौर पूर्वी पंचायत अंतर्गत श्रवण टोला में आयोजित सात दिवसीय श्री मद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समापन के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि की राय
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- ✍️ जन-संवाददाता प्रतिनिधि, बिहार📍सहरसा अनुमंडल के सौर बाजार प्रखंड अंतर्गत बैजनाथपुर निवासी एवं पूर्व मार्केटिंग चेयरमैन सुभाष यादव जी के सुपुत्र गोलू की गंगा स्नान के दौरान डूब जाने से हुई असामयिक मृत्यु अत्यंत दुखद, पीड़ादायक एवं हृदयविदारक घटना है। इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। एक होनहार युवक का यूँ असमय चले जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। एडवोकेट ऑफ जेएसडी कॉउंसिल की ओर से दिवंगत आत्मा के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोक-संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति, धैर्य एवं संबल प्रदान करें। ॐ शांति 🙏 #जsd #बिहार1
- Post by मिथिलेश कुमार1
- सहरसा से एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मामला सहरसा के सहरसा सदर अस्पताल का है, जहां सभी सुविधाएं होने के बावजूद मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर सिर्फ एक बार वार्ड में आते हैं, मरीजों को देखकर इंजेक्शन लगा देते हैं और फिर चले जाते हैं। इसके बाद मरीज दर्द से कराहते रहते हैं, लेकिन उन्हें देखने के लिए कोई डॉक्टर या नर्स वापस नहीं आता। अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति इतनी खराब है कि कई मरीज दो-दो दिनों से बिना दवाई के पड़े हुए हैं। समय पर दवा नहीं मिलने से उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे मरीज और उनके परिजन दोनों काफी परेशान हैं। वहीं अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। मरीजों के बेड की चादर तक समय पर नहीं बदली जाती, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि गंभीर मरीजों को भी समय पर सही इलाज और देखभाल नहीं मिल पा रही है। लगातार शिकायतों और जिलाधिकारी के निरीक्षण के बावजूद अस्पताल की व्यवस्था में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब जिले का सबसे बड़ा अस्पताल ही बदहाल है, तो आम लोगों को बेहतर इलाज कैसे मिल पाएगा। फिलहाल मरीज और उनके परिजन इसी उम्मीद में हैं कि प्रशासन जल्द इस समस्या पर ध्यान देगा और व्यवस्था में सुधार होगा।1
- बिहार के मधेपुरा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां तेज रफ्तार का कहर सड़क से घर तक पहुंच गया। एक बेकाबू वैन ने पहले बाइक सवार को टक्कर मारी, फिर दो मासूम बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया और आखिर में एक घर में घुसकर पलट गई। दरअसल मधेपुरा सदर थाना क्षेत्र के राजपुर के पास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दूध लोड एक तेज रफ्तार वैन ने सड़क पर कहर बरपा दिया। बताया जा रहा है कि वैन ने पहले एक बाइक सवार को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दूर जा गिरा। इसके बाद भी वैन नहीं रुकी और सड़क किनारे खेल रहे दो बच्चों को कुचलते हुए अनियंत्रित हो गई। बेकाबू वैन यहीं नहीं थमी, बल्कि पास के एक घर में घुस गई और पलट गई। हादसे में घर को भी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत सभी घायलों को बाहर निकाला और इलाज के लिए मधेपुरा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहते है कि वैन काफी तेज रफ्तार में थी और चालक नियंत्रण खो बैठा। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल फरार चालक की तलाश की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।4
- Post by Mankhush kumar1
- सहरसा जिले के नोहट्टा प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर पंचायत में भीषण अगलगी की घटना सामने आई है। यहाँ के वार्ड नंबर 9 में स्थित धनेश्वर शर्मा के घर में अचानक आग लगने से लाखों रुपये की संपत्ति जलकर स्वाहा हो गई। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि घर के सदस्यों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते लपटों ने पूरे घर को अपनी आगोश में ले लिया। घर में रखे अनाज, कपड़े, फर्नीचर और नकदी सहित सारा कीमती सामान जलकर राख हो गया है। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस हादसे में उन्हें लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। आग की लपटें और धुआं देखकर बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। बिना किसी देरी के ग्रामीणों ने एकजुट होकर चापाकल और बाल्टियों की मदद से पानी डालना शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने खुद के प्रयासों से आग पर काबू पाया, जिससे आग को पड़ोस के अन्य घरों में फैलने से रोका जा सका इस भीषण घटना के बाद धनेश्वर शर्मा का परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। पीड़ित परिवार के पास खाने-पीने से लेकर पहनने तक के सामान का अभाव हो गया है। घटना के बाद से परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन से मुआवजे की गुहार स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन एवं अंचल कार्यालय (CO) से मांग की है कि पीड़ित परिवार को अविलंब राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए और राजस्व कर्मचारी को भेजकर क्षति का आकलन कराते हुए उचित सरकारी मुआवजा प्रदान किया जाए।1
- Post by Dilkhush Kumar1
- Post by मिथिलेश कुमार1