खरगापुर/कुड़ीला से एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ कुड़ीला थाना क्षेत्र के ग्राम बरमे में बीमारी से परेशान एक 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने आत्मघाती कदम उठाते हुए फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम खरगापुर में कराया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बरमे की निवासी श्रीमती बाई सेन (62 वर्ष), जो छबिलाल सेन की पत्नी थीं, लंबे समय से एक गंभीर बीमारी से ग्रसित थीं। बताया जा रहा है कि बीमारी के कारण वे अत्यधिक परेशान और मानसिक तनाव में थीं, जिसके चलते उन्होंने अपने घर पर फाँसी लगा ली, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को फाँसी के फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए खरगापुर भेजा, जहाँ पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने इस मामले में फिलहाल मर्ग कायम कर जाँच शुरू कर दी है।
खरगापुर/कुड़ीला से एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ कुड़ीला थाना क्षेत्र के ग्राम बरमे में बीमारी से परेशान एक 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने आत्मघाती कदम उठाते हुए फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम खरगापुर में कराया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बरमे की निवासी श्रीमती बाई सेन (62 वर्ष), जो छबिलाल सेन की पत्नी थीं, लंबे समय से एक गंभीर बीमारी से ग्रसित थीं। बताया जा रहा है कि बीमारी के कारण वे अत्यधिक परेशान और मानसिक तनाव में थीं, जिसके चलते उन्होंने अपने घर पर फाँसी लगा ली, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को फाँसी के फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए खरगापुर भेजा, जहाँ पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने इस मामले में फिलहाल मर्ग कायम कर जाँच शुरू कर दी है।
- मध्य प्रदेश को दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण परियोजनाओं की सौगात मिली है। इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹4415.60 करोड़ है, जिससे राज्य में सड़क नेटवर्क के विकास को गति मिलेगी।1
- जतारा में राकेश गिरी पर गंभीर आरोप लगाने वाले अंकित पाराशर ने अपने पूर्व बयानों से पलटते हुए एक बड़ा यू-टर्न ले लिया है। पाराशर ने स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद, निराधार और तथ्यों से परे थे। इस अचानक हुए बयान बदलाव से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरी हलचल मच गई है, और यह घटना एक बड़ी साजिश के बेनकाब होने का संकेत दे रही है।1
- टीकमगढ़ शहर कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने पुलिसिंग का एक अनोखा उदाहरण पेश किया है। उन्होंने पारंपरिक बैठक शैली से हटकर कोतवाली परिसर में फर्श पर दरी बिछाकर सभी पुलिसकर्मियों के साथ बैठकर अपराधों की समीक्षा की। थाना प्रभारी का यह अनूठा अंदाज़ सभी के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है, जिससे पुलिसकर्मियों में अपनत्व और टीम भावना का संदेश गया। इस बैठक में लंबित प्रकरणों, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिसकर्मियों ने बताया कि इस प्रकार की बैठकों से सभी अपने विचार खुलकर रख पाते हैं और समस्याओं का समाधान तेज़ी से होता है। थाना प्रभारी के इस व्यवहार की आमजन और पुलिस महकमे, दोनों में सराहना हो रही है।2
- टीकमगढ़ के कुंडेश्वर स्थित रविदास अहिरवार समाज की धर्मशाला में अहिरवार समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज के जिला अध्यक्ष अशोक अहिरवार जी के साथ-साथ जिले के अनेक पदाधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों समाजजन शामिल हुए। बैठक के दौरान जिला अध्यक्ष अशोक अहिरवार जी के निर्देश पर राजाराम (सुका) अहिरवार को समाज का युवा जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जिस पर उपस्थित सभी समाजजनों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को समाज में हर व्यक्ति तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, समाज में प्रचलित तेरहवीं प्रथा, मृत्यु भोज जैसी कुरीतियों और अन्य सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। समाज के पदाधिकारियों ने शिक्षा, संगठन और सामाजिक सुधार को बढ़ावा देने का संकल्प लेते हुए, समाज की एकता और प्रगति के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।1
- टीकमगढ़ में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, राकेश गिरी पर आरोप लगाने वाले अंकित पाराशर ने अब अपने पहले के बयान से यू-टर्न ले लिया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि राकेश गिरी के खिलाफ लगाए गए उनके सभी आरोप बेबुनियाद और निराधार थे। अंकित पाराशर ने स्पष्ट किया कि उनका राकेश गिरी से कोई विवाद नहीं है, बल्कि वे उन्हें अपना बड़ा भाई मानते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनसे किसी साजिश के तहत गलत बयान दिलवाया गया था। सच्चाई सामने आने के बाद, पाराशर ने अपने आरोप वापस लेते हुए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है। इस अचानक आए यू-टर्न के बाद, यह पूरा मामला अब एक गहरी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। राकेश गिरी के समर्थकों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने के लिए प्रशासन से मांग की है।1
- भाजपा युवा मोर्चा के अंकित पाराशर ने कुछ दिन पहले टीकमगढ़ के पूर्व भाजपा विधायक राकेश गिरी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए थे। अब अंकित पाराशर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने अपने पुराने बयान से पूरी तरह मुकरते हुए पूर्व विधायक राकेश गिरी को अपना बड़ा भाई बताया है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में स्थित पलेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है। यहां अस्पताल में गंभीर अव्यवस्था और मनमानी के आरोप लगे हैं, जहां मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा और डॉक्टरों के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इन्हीं तमाम शिकायतों के बाद अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश प्रमुख सचिव राम रतन दीक्षित और उनकी टीम ने अस्पताल का अचानक भ्रमण किया और अव्यवस्थाओं को अपनी आँखों से देखा, जिसके बाद उन्होंने सीएमएचओ डॉक्टर अनुरागी को फोन पर इसकी जानकारी दी। आरोपों के अनुसार, डॉक्टर मुकेश साहू, जिनका बंधपत्र अप्रैल 2026 में समाप्त हो चुका है, वे अब भी अस्पताल की ओपीडी में बैठकर मरीजों का उपचार करते पाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बंधपत्र समाप्त होने के बाद भी डॉक्टर साहू सरकारी क्वार्टर में निवास कर रहे हैं और अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ऐसे में यदि किसी मरीज की हालत खराब होती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों के बजाय बाहर की कमीशन वाली दवाइयां भी लिखी जा रही हैं, जिससे गरीब मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों के बीच लगातार विवाद बना हुआ है, जिसके कारण मरीजों को भीषण गर्मी के बीच घंटों तक परेशान होना और इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ड्यूटी पर कुछ डॉक्टर टी-शर्ट और चढ़ा पहने हुए पाए गए, जिससे उनकी पहचान भी स्पष्ट नहीं होती। डॉक्टर अंकित राजपूत एवं डॉक्टर महेंद्र पटेल के नाम भी इस पूरे मामले में चर्चा में हैं, और कुछ दिन पहले अस्पताल परिसर में डॉक्टर के चेंबर में एक आवारा कुत्ते के आराम करते हुए फोटो सामने आने के बाद स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी हैं और जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा।3
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़-झांसी हाईवे पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यह घटना दिगौड़ा थाना क्षेत्र के पूनोल ककरा नाले के पास हुई, जहाँ एक बस और एक डीजे वाहन में आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई।2