एक तीखे आरोप में, समाज और कानून पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया गया है, जिसमें चंबल निवासी फूलन देवी को 'डाकू' बताया गया जबकि वर्तमान में पुलिस प्रशासन पर हावी हो रहे भरत तिवारी को 'क्रांतिकारी' कहा जा रहा है। मूलतः निषाद जाति में जन्मी फूलन देवी ने अपना सम्मान और स्वाभिमान खोने के बाद हथियार उठाए थे, जिसके बाद समाज और कानून ने उन्हें डाकू करार दिया। इसके विपरीत, भरत तिवारी आज हाथ में राइफल लेकर पुलिस प्रशासन पर हावी हो रहे हैं, लेकिन उन्हें लोग क्रांतिकारी बता रहे हैं। इस विरोधाभास पर सवाल उठाते हुए, लेखक ने समाज से इस पर विचार करने का आग्रह किया है कि जिसने सम्मान और स्वाभिमान वापस पाने के लिए संघर्ष किया, उसे डाकू कहा जाता है, और जो सरेआम कानून तोड़ता है, उसे क्रांतिकारी की उपाधि दी जाती है। लेखक का मानना है कि इस तरह के दोहरे रवैये के कारण समाज का और इस भारत देश का कभी भला नहीं होगा। आरोप लगाया गया है कि देश की सत्ता उन लोगों के हाथ में दे दी गई है जो इसे धीरे-धीरे बेचने में लगे हुए हैं। यह विडंबना बताई गई है कि फूलन देवी को डाकू और भरत तिवारी को क्रांतिकारी बताया जा रहा है।
एक तीखे आरोप में, समाज और कानून पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया गया है, जिसमें चंबल निवासी फूलन देवी को 'डाकू' बताया गया जबकि वर्तमान में पुलिस प्रशासन पर हावी हो रहे भरत तिवारी को 'क्रांतिकारी' कहा जा रहा है। मूलतः निषाद जाति में जन्मी फूलन देवी ने अपना सम्मान और स्वाभिमान खोने के बाद हथियार उठाए थे, जिसके बाद समाज और कानून ने उन्हें डाकू करार दिया। इसके विपरीत, भरत तिवारी आज हाथ में राइफल लेकर पुलिस प्रशासन पर हावी हो रहे हैं, लेकिन उन्हें लोग क्रांतिकारी बता रहे हैं। इस विरोधाभास पर सवाल उठाते हुए, लेखक ने समाज से इस पर विचार करने का आग्रह किया है कि जिसने सम्मान और स्वाभिमान वापस पाने के लिए संघर्ष किया, उसे डाकू कहा जाता है, और जो सरेआम कानून तोड़ता है, उसे क्रांतिकारी की उपाधि दी जाती है। लेखक का मानना है कि इस तरह के दोहरे रवैये के कारण समाज का और इस भारत देश का कभी भला नहीं होगा। आरोप लगाया गया है कि देश की सत्ता उन लोगों के हाथ में दे दी गई है जो इसे धीरे-धीरे बेचने में लगे हुए हैं। यह विडंबना बताई गई है कि फूलन देवी को डाकू और भरत तिवारी को क्रांतिकारी बताया जा रहा है।
- Post by Reena mathur etawah1
- इटावा से समाजवादी पार्टी के सांसद जितेंद्र दोहरे और विधायक राघवेंद्र गौतम ने ओमप्रकाश राजभर पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राजभर बौखलाए हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा में 'मलाई खाने' से पहले जब ओमप्रकाश राजभर समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे थे, तब वे योगी जी और मोदी जी के खिलाफ क्या बयान देते थे। सपा नेताओं के अनुसार, ओमप्रकाश राजभर के बयानों को कोई गंभीरता से नहीं लेता है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आगे दावा किया कि अगले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी पूर्ण बहुमत से सरकार बना रही है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समाजवादी पार्टी प्रभु श्री राम की विरोधी नहीं है, बल्कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी इटावा में भगवान शंकर का भव्य मंदिर बनवा रहे हैं। सपा के लोग प्रभु श्री राम में दिल से आस्था रखते हैं और इसी के साथ उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह प्रभु श्री राम के मंदिर में मिले दान की चोरी करती है।1
- पुलिस अधीक्षक औरैया ने आगामी मोहर्रम त्यौहार को शांतिपूर्ण और सकुशल तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से एक बाईट जारी की है।1
- इटावा के पचदेवरा रोड स्थित मानिकपुर विशु गांव क्षेत्र में मिट्टी से भरे डंपरों के लगातार आवागमन से ग्रामीण और किसान गंभीर रूप से परेशान हैं। ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि इन डंपरों की वजह से बंबा की पटरी और चकरोड़ लगातार खराब हो रही है, जिसके चलते उन्हें आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उनके खेती से जुड़े कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने इस मामले में प्रशासन से तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। किसानों ने यह भी कहा है कि यदि उनकी इस समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया, तो वे जिलाधिकारी इटावा से सीधे शिकायत करेंगे।3
- इटावा के पूर्व सांसद और एससी-एसटी आयोग के पूर्व चेयरमैन डॉ. राम शंकर कठेरिया ने जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ल से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान, उन्होंने जिलाधिकारी इटावा को चंबल नदी में बाढ़ आने से पहले ही समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस बैठक में जिलाध्यक्ष अन्नू गुप्ता और पूर्व जिलाध्यक्ष गोपाल मोहन शर्मा भी उपस्थित रहे।1
- लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लगने से 15 होनहार बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में एक दर्जन से अधिक बच्चे गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से K.G.M.U मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। बताया गया है कि यह कोचिंग सेंटर एक भीड़भाड़ वाले इलाके में चल रही लाइब्रेरी की दूसरी मंजिल पर अवैध रूप से संचालित हो रहा था और इसके पास फायर एनओसी नहीं थी। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ घायलों को देखने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने प्रत्येक मृतक बच्चे के परिवार को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इस दुखद घटना ने जनपद में चल रहे सैकड़ों अन्य अवैध कोचिंग सेंटरों की ओर ध्यान खींचा है, जिनके पास फायर एनओसी नहीं है। शहर के मु. चौगुर्जी और फ्रेंड्स कॉलोनी सहित कई मुहल्लों में शिक्षा माफियाओं द्वारा एक ही हॉल के कमरों में पचास से सौ से अधिक बच्चों को कई-कई शिफ्टों में कोचिंग के नाम पर पढ़ाया जा रहा है। पत्रकार रजत यादव ने मांग की है कि ऐसे सभी अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ तत्काल जांच कर कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए।4