जमीनी विवाद में केस दर्ज, एससी/एसटी एक्ट कार्रवाई पर चंदा पटेल ने उठाए सवाल खीरी,प्रयागराज। खीरी थाना क्षेत्र के ग्राम सलैया खुर्द (लालतारा) में जमीन बंटवारे को लेकर दर्ज मुकदमे में नामजद चंदा देवी पटेल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने मामले में बताए जा रहे साक्ष्यों को सार्वजनिक करने की भी बात कही है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार वादी दिनेश कुमार कोल ने आरोप लगाया है कि 8 मार्च 2026 को सुबह लगभग 10 बजे जमीन के बंटवारे के दौरान विवाद हुआ, जिसमें गाली-गलौज, धमकी व अभद्र भाषा के प्रयोग के आरोप लगाए गए हैं। मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस संबंध में चंदा देवी पटेल ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन्होंने स्वयं पुलिस को सूचना दी थी तो उनके खिलाफ ही मुकदमा कैसे दर्ज कर लिया गया। उन्होंने मामले में बताए जा रहे वीडियो साक्ष्य को सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। फिलहाल मामला जांचाधीन है। पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जमीनी विवाद में केस दर्ज, एससी/एसटी एक्ट कार्रवाई पर चंदा पटेल ने उठाए सवाल खीरी,प्रयागराज। खीरी थाना क्षेत्र के ग्राम सलैया खुर्द (लालतारा) में जमीन बंटवारे को लेकर दर्ज मुकदमे में नामजद चंदा देवी पटेल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने मामले में बताए जा रहे साक्ष्यों को सार्वजनिक करने की भी बात कही है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार वादी दिनेश कुमार कोल ने आरोप लगाया है कि 8 मार्च 2026 को सुबह लगभग 10 बजे जमीन के बंटवारे के दौरान विवाद हुआ, जिसमें गाली-गलौज, धमकी व अभद्र भाषा के प्रयोग के आरोप लगाए गए हैं। मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस संबंध में चंदा देवी पटेल ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन्होंने स्वयं पुलिस को सूचना दी थी तो उनके खिलाफ ही मुकदमा कैसे दर्ज कर लिया गया। उन्होंने मामले में बताए जा रहे वीडियो साक्ष्य को सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। फिलहाल मामला जांचाधीन है। पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- प्रयागराज के करेली थाना क्षेत्र में गौस नगर बिस्मिल्लाह चौराहा के पास रिजवान नामक युवक को मारने के संबंध मेरे1
- हक़ छिना गरीब का, सवाल उठे हर बार, पेसा कानून भी यहां लगता है लाचार, क्या होगी कार्रवाई या फिर होगा समझौता, मधुपुरी की जमीन पर टिका है ये सवाल।1
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- मेजा प्रयागराज। मेजा क्षेत्र के सिरसा गंगा तट पर स्थित पार्टून पूल अचानक क्षतिग्रस्त हो जाने से राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आपको बता दें कि गंगा पार सैदाबाद से होकर हरिया जीटी रोड से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग पर सिरसा गंगा तट पर स्थित कार्टून पुल का निर्माण कराया गया जहां तेज हवा वह बारिश के कारण पुल क्षतिग्रस्त हो गया जिसको लेकर आवागमन करने वाले राहगीरों को परेशानियां उठानी पड़ी वही जैसे ही पॉल खराब होने की खबर अधिकारियों को हुई तो ठीक करने में जुट गए। खबर लिखे जाने तक मरम्मत कार्य चल रहा था। जिन लोगों को फूल खराब होने की जानकारी नहीं हो सकी थी वह आवागमन करने के लिए काफी परेशान रहे।1
- मेजा में दुर्गावती इंटरनेशनल स्कूल में एडमिशन शुरू, छात्रों में उत्साह” दुर्गावती इंटरनेशनल स्कूल एंड कॉलेज में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) के सफल समापन के बाद नए शैक्षणिक सत्र 2026–27 की शुरुआत हर्षोल्लास के साथ की गई।1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1
- खीरी,प्रयागराज। खीरी थाना क्षेत्र के ग्राम सलैया खुर्द (लालतारा) में जमीन बंटवारे को लेकर दर्ज मुकदमे में नामजद चंदा देवी पटेल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने मामले में बताए जा रहे साक्ष्यों को सार्वजनिक करने की भी बात कही है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार वादी दिनेश कुमार कोल ने आरोप लगाया है कि 8 मार्च 2026 को सुबह लगभग 10 बजे जमीन के बंटवारे के दौरान विवाद हुआ, जिसमें गाली-गलौज, धमकी व अभद्र भाषा के प्रयोग के आरोप लगाए गए हैं। मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस संबंध में चंदा देवी पटेल ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन्होंने स्वयं पुलिस को सूचना दी थी तो उनके खिलाफ ही मुकदमा कैसे दर्ज कर लिया गया। उन्होंने मामले में बताए जा रहे वीडियो साक्ष्य को सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। फिलहाल मामला जांचाधीन है। पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- जिलाधिकारी का एक्शन: कोहडार में बुजुर्ग के 'बेघर' होने के दावे की कराएं जांच प्रयागराज (मेजा)। तहसील के कोहडार क्षेत्र में देखने को मिला। झोपड़ी में लेटे एक बुजुर्ग का वीडियो वायरल जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा ने तत्काल संज्ञान लिया। लेकिन जब जमीनी हकीकत की जांच हुई, तो मामला कुछ और ही निकला। जांच में हुआ बड़ा खुलासा जिलाधिकारी के निर्देश पर विकास खंड मेजा के खंड विकास अधिकारी (BDO) अमित कुमार सिंह और ग्राम विकास अधिकारी जांच दल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान सरकारी अभिलेखों और मौके की स्थिति से यह स्पष्ट हुआ कि उक्त बुजुर्ग को वर्ष 2016 में ही सरकारी आवास आवंटित किया जा चुका है। आवास मिलने के बावजूद बुजुर्ग का झोपड़ी में लेटना और "आवास न होने" का विलाप करना जांच टीम के लिए भी हैरानी का विषय रहा। ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने जताया कड़ा रुख इस प्रकरण पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि गंगा प्रसाद मिश्र ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सरकार कोल समाज और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा: "हमारी सरकार पात्रों को आवास देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। जो लोग वास्तव में छूट गए हैं, उन्हें चिन्हित कर आवास दिलाया जाएगा। लेकिन यदि कोई अधिकारी इस प्रक्रिया में लापरवाही बरतेगा या पात्रों का हक मारेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" विधायक राजमणि कोल की सक्रियता कोरांव विधायक राजमणि कोल ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। विधायक, जो स्वयं कोल समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं और समाज की पीड़ा को करीब से जानते हैं, उन्होंने मुख्यमंत्री से इस संबंध में विशेष चर्चा की थी। विधायक ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार हर गरीब और कोल समाज के हर परिवार को पक्का घर देने का लक्ष्य है, और वह स्वयं इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।1