अंबिकापुर पशु चिकित्सा विभाग में भ्रस्टाचारियों का राज: फील्ड का काम ठप, स्टोर पर ‘कब्जा’ जमाए AVFO अमित वर्मा पर उप संचालक डॉ. शुक्ला मेहरबान? सरगुजा-अंबिकापुर शासकीय विभागों से लगातार निकल रहे भ्रष्ट अफसरों एवं उनके दलालों की बाढ़ अब यह सिद्ध कर रही है की सरगुजा भ्रष्ट अफसरों का प्रशिक्षण केंद्र बनता जा रहा है। बता दें की शासन की मंशा भले ही अंतिम छोर तक पशुधन को बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की हो, लेकिन सरगुजा जिले के पशु चिकित्सा उप संचालक कार्यालय में चल रहा ‘मनमाना राज’ सरकारी दावों की हवा निकाल रहा है। मुख्यालय में फील्ड कर्मचारियों के नियम विरुद्ध अटैचमेंट और स्टोर प्रभार के इर्द-गिर्द घूमती व्यवस्था ने विभाग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार अमित वर्मा जिसकी मूल पदस्थापना AVFO सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के पद पर है लेकिन ये महोदय अपने दलाली पूर्वक कार्य करने एवं अधिकारीयों की चापलूसी करने की कला में अव्वल दर्जा प्राप्त कर चुके है जिसके कारण लगभग 12 वर्षो से अमीत वर्मा ने फिल्ड का रुख नहीं किया एवं स्टोर कीपर का चार्ज अपने अफसरों की मेहरबानी के कारण निभाता रहा। अधिकारी आते-जाते रहे, पर ‘चाबी’ नहीं बदली:- कार्यालयीन सूत्रों के मुताबिक, फील्ड में पदस्थ सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी (AVFO) अमित वर्मा लंबे समय से मैदानी दायित्वों से दूर हैं। तत्कालीन उप संचालकों के दौर से लेकर वर्तमान उप संचालक डॉ. शुक्ला के कार्यकाल तक—व्यवस्थाएं बदलीं, चेहरे बदले, लेकिन नहीं बदली तो वह है उप संचालक दफ्तर में इनकी स्थायी पैठ। चर्चा है कि उप संचालक डॉ शुक्ला एक रिटायर्ड लिपिक के साथ मिलकरअवैध उगाही करवाने में व्यस्त है वही अमित वर्मा को स्टोर कीपर की जिम्मेदारी को अघोषित रूप से अपने अधिकार क्षेत्र में रखा गया है। फील्ड में हाहाकार, वर्मा की मुख्यालय में ऐश:- एक तरफ सरगुजा के ग्रामीण अंचलों में पशुपालक मौसमी बीमारियों, टीकाकरण और प्राथमिक उपचार के लिए कर्मचारियों की राह देखते रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ फील्ड के अमले का जिला मुख्यालय के दफ्तर में जमे रहना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। शून्य फील्ड विजिट: जिस कर्मचारी का मूल वेतन और पद मैदानी काम के लिए है, उसका महीनों से गांवों से कोई नाता क्यों नहीं है? स्टोर का विशेष मोह: सामान्यतः स्टोर का प्रभार नियमित लिपिकीय संवर्ग के पास होना चाहिए, फिर एक तकनीकी/फील्ड कर्मचारी को ही यह जिम्मा लगातार क्यों सौंपा गया? अटैचमेंट पर दोहरा मापदंड: राज्य शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि फील्ड स्टाफ का कार्यालयीन अटैचमेंट तत्काल समाप्त किया जाए, तो अंबिकापुर में इस आदेश की खुलेआम अनदेखी उप संचालक शुक्ला की खुलेआम मनमानी का जीवंत उदाहरण है डॉ शुक्ला की कार्यशैली यह साबित करतीं है की दफ़्तर में इन्हे भ्रष्ट लोगों की जरुरत है इसी लिए ये भ्रष्ट लोगों को संरक्षण प्रदान कर अपने दफ़्तर में ही अटैच कर शासन के नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे है।
अंबिकापुर पशु चिकित्सा विभाग में भ्रस्टाचारियों का राज: फील्ड का काम ठप, स्टोर पर ‘कब्जा’ जमाए AVFO अमित वर्मा पर उप संचालक डॉ. शुक्ला मेहरबान? सरगुजा-अंबिकापुर शासकीय विभागों से लगातार निकल रहे भ्रष्ट अफसरों एवं उनके दलालों की बाढ़ अब यह सिद्ध कर रही है की सरगुजा भ्रष्ट अफसरों का प्रशिक्षण केंद्र बनता जा रहा है। बता दें की शासन की मंशा भले ही अंतिम छोर तक पशुधन को बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की हो, लेकिन सरगुजा जिले के पशु चिकित्सा उप संचालक कार्यालय में चल रहा ‘मनमाना राज’ सरकारी दावों की हवा निकाल रहा है। मुख्यालय में फील्ड कर्मचारियों के नियम विरुद्ध अटैचमेंट और स्टोर प्रभार के इर्द-गिर्द घूमती व्यवस्था ने विभाग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार अमित वर्मा जिसकी मूल पदस्थापना AVFO सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के पद पर है लेकिन ये महोदय अपने दलाली पूर्वक कार्य करने एवं अधिकारीयों की चापलूसी करने की कला में अव्वल दर्जा प्राप्त कर चुके है जिसके कारण लगभग 12 वर्षो से अमीत वर्मा ने फिल्ड का रुख नहीं किया एवं स्टोर कीपर का चार्ज अपने अफसरों की मेहरबानी के कारण निभाता रहा। अधिकारी आते-जाते रहे, पर ‘चाबी’ नहीं बदली:- कार्यालयीन सूत्रों के मुताबिक, फील्ड में पदस्थ सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी (AVFO) अमित वर्मा लंबे समय से मैदानी दायित्वों से दूर हैं। तत्कालीन उप संचालकों के दौर से लेकर वर्तमान उप संचालक डॉ. शुक्ला के कार्यकाल तक—व्यवस्थाएं बदलीं, चेहरे बदले, लेकिन नहीं बदली तो वह है उप संचालक दफ्तर में इनकी स्थायी पैठ। चर्चा है कि उप संचालक डॉ शुक्ला एक रिटायर्ड लिपिक के साथ मिलकरअवैध उगाही करवाने में व्यस्त है वही अमित वर्मा को स्टोर कीपर की जिम्मेदारी को अघोषित रूप से अपने अधिकार क्षेत्र में रखा गया है। फील्ड में हाहाकार, वर्मा की मुख्यालय में ऐश:- एक तरफ सरगुजा के ग्रामीण अंचलों में पशुपालक मौसमी बीमारियों, टीकाकरण और प्राथमिक उपचार के लिए कर्मचारियों की राह देखते रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ फील्ड के अमले का जिला मुख्यालय के दफ्तर में जमे रहना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। शून्य फील्ड विजिट: जिस कर्मचारी का मूल वेतन और पद मैदानी काम के लिए है, उसका महीनों से गांवों से कोई नाता क्यों नहीं है? स्टोर का विशेष मोह: सामान्यतः स्टोर का प्रभार नियमित लिपिकीय संवर्ग के पास होना चाहिए, फिर एक तकनीकी/फील्ड कर्मचारी को ही यह जिम्मा लगातार क्यों सौंपा गया? अटैचमेंट पर दोहरा मापदंड: राज्य शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि फील्ड स्टाफ का कार्यालयीन अटैचमेंट तत्काल समाप्त किया जाए, तो अंबिकापुर में इस आदेश की खुलेआम अनदेखी उप संचालक शुक्ला की खुलेआम मनमानी का जीवंत उदाहरण है डॉ शुक्ला की कार्यशैली यह साबित करतीं है की दफ़्तर में इन्हे भ्रष्ट लोगों की जरुरत है इसी लिए ये भ्रष्ट लोगों को संरक्षण प्रदान कर अपने दफ़्तर में ही अटैच कर शासन के नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे है।
- आदिवासी छात्र छात्राएं को जाति सूचक गाली देने का मामला सामने आने छात्रों का बयान1
- भू माफियाओं ने आधा बोल के पूरा जमीन बेच डाली प्रार्थी को पैसा भी नहीं दिया हो रहा परेशान कब्जा करने के लिए आ रहे दलाल भू माफियाओं ने आधा बोल के पूरा जमीन बेच डाली प्रार्थी को पैसा भी नहीं दिया हो रहा परेशान कब्जा करने के लिए आ रहे दलाल अनपढ़ समझ के सब जमीन को बेच डाले जमीन मालिक को पैसा भी नहीं दिए परेशान हो रहा है उसका सुनने वाला कोई नहीं रो-रो कर बता रहा दुखड़ा1
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- अनुमानित कीमत लगभग 02 करोड़ 60 लाख रु तथा जप्त वाहनों की कीमत लगभग 40 लाख रु है।* *➡️ मामले में आरोपियों के विरुद्ध 20 (बी )(;;)(सी)एन डी पी एस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है।* --00-- ➡️जशपुर पुलिस द्वारा जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में थाना कुनकुरी क्षेत्रांतर्गत 02 प्रकरण एवं थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत 01 प्रकरण कुल तीन प्रकरणों में पुलिस के द्वारा अलग-अलग कार्यवाही करते हुए कुल 520 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा जब्त किया है तथा प्रकरणों में एक महिला सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं तस्करी में प्रयुक्त तीन वाहनों को भी पुलिस ने जब्त किया है। *➡️थाना कुनकुरी क्षेत्र की कार्यवाही* थाना कुनकुरी पुलिस दिनांक 27.08.2026 को प्रातः करीब 04:00 बजे रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान तपकरा की ओर से आती हुई एक बिना नंबर की सोल्ड बोलेरो पिकअप वाहन की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस टीम द्वारा थाना के सामने उक्त वाहन की घेराबंदी कर उसे रोका गया। थाना परिसर में लाकर वाहन की तलाशी लेने पर उसमें दो व्यक्ति बैठे मिले। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम *अनवर अंसारी उम्र 45 वर्ष, निवासी नेकरा, थाना अंगडे, जिला रोहतास, बिहार एवं दिनेश कुमार केसरी उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम दादर, थाना मोहनिया, जिला कैमूर, बिहार बताया*। पुलिस टीम द्वारा जब बोलेरो पिकअप वाहन की डाला की तलाशी ली गई तो उसमें सब्जी के ट्रे नीचे छिपाकर रखा छह बोरी मिला, संदेह होने पर पुलिस के द्वारा जब संदिग्ध बोरी को चेक किया जाता तो उसमें पीले रंग की प्लास्टिक टेप से लिपटे *कुल 120 पैकेट मिले। पैकेटों की जांच करने पर उनमें करीब 246 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा पाया गया।* गांजे के संबंध में आरोपियों से वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, किंतु वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसी दौरान पुलिस टीम के सामने से एक बिना नंबर की सोल्ड किया सेल्टोस कार तेज गति से गुजरती दिखाई दी। संदेह होने पर पुलिस टीम द्वारा उक्त वाहन का पीछा किया गया। पुलिस को पीछे आते देख सेल्टोस कार का चालक सालियाटोली के पास वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। पुलिस टीम द्वारा वाहन की तलाशी लेने पर उसमें कुल *20 बैगों में रखे 120 पैकेटों में करीब 248 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।* उक्त गांजे एवं वाहन को पुलिस द्वारा विधिवत जब्त किया गया है। फरार आरोपी की पतासाजी एवं उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रकार थाना कुनकुरी क्षेत्र में कुल 494 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया तथा तस्करी में प्रयुक्त दो वाहन भी जब्त किए गए। प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध थाना कुनकुरी में धारा 20(बी)(;;)((सी )एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है। *➡️थाना नारायणपुर क्षेत्र की कार्यवाही* इसी क्रम में थाना नारायणपुर पुलिस को दिनांक 27.08.2026 को करीब 11:30 बजे मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक MP-33C-5625 में अवैध गांजा परिवहन किया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा नारायणपुर चौक में घेराबंदी कर उक्त वाहन को रोककर तलाशी ली गई। कार की डिक्की में छिपाकर रखे *कुल 17 पैकेट बरामद हुए, जिनमें करीब 26 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा पाया गया।* पुलिस द्वारा मौके से कार में सवार दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया। *आरोपियों की पहचान कमल किशोर ओझा उम्र 56 वर्ष, निवासी शिवपुरी, जिला शिवपुरी, मध्यप्रदेश एवं अनिता सोनी उम्र 35 वर्ष, निवासी शिवपुरी, जिला शिवपुरी, मध्यप्रदेश के रूप में हुई।* पुलिस द्वारा गांजा एवं तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर वाहन को विधिवत जब्त कर लिया गया है। प्रकरण में दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना नारायणपुर में धारा 20(बी)(;;)(सी )एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। *➡️उड़ीसा से उत्तर प्रदेश तक गांजा तस्करी की कड़ी की जांच* प्रारंभिक पूछताछ में तीनों प्रकरणों के आरोपियों द्वारा गांजा उड़ीसा से लेकर उत्तर प्रदेश की ओर ले जाना बताया गया है। आरोपी उड़ीसा में गांजा कहां से लेकर आए थे तथा उत्तर प्रदेश में किस व्यक्ति तक गांजा पहुंचाया जाना था, इस संबंध में पुलिस द्वारा विस्तृत पूछताछ एवं जांच की जा रही है। जशपुर पुलिस द्वारा गांजा तस्करी से जुड़े अन्य व्यक्तियों, सप्लायर एवं प्राप्तकर्ताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है। *➡️ *कुल जप्ती दोनों प्रकरणों में जशपुर पुलिस द्वारा कुल 520 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹2 करोड़ 60 लाख से अधिक है*। इसके अतिरिक्त गांजा तस्करी में प्रयुक्त कुल तीन वाहन, जिनकी अनुमानित कीमत करीब ₹40 लाख से अधिक है, भी जब्त किए गए हैं।* इस प्रकार दोनों प्रकरणों में पुलिस द्वारा कुल लगभग ₹ तीन करोड़ की जप्ती की गई है। *➡️ कार्यवाही में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका* अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन व एस डी ओ पी जशपुर निमितेश सिंह व डी एस पी जशपुर शुभम तिवारी के पर्यवेक्षण में थाना कुनकुरी से निरीक्षक राकेश कुमार यादव, सहायक उप निरीक्षक नीता कुर्रे, ईश्वर प्रसाद वारले, पीएसआई नीलमणि निषाद, देविका मंडावी, आरक्षक मुर्शीद आलम एवं चंद्र शेखर बंजारे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। थाना नारायणपुर: निरीक्षक कोमल नेताम, सहायक उप निरीक्षक उमेश प्रभाकर, प्रधान आरक्षक पुरन पटेल, आरक्षक योगेश भगत, अविनाश खलखो, महिला आरक्षक अलमा खाखा, नगर सैनिक ओम प्रकाश एवं वीरेंद्र भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। *➡️मामले में डी आई जी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस के द्वारा थाना कुनकुरी व नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत तीन अलग अलग मामले में कार्यवाही करते हुए अवैध मादक प्रदार्थ गांजा सहित कुल चार आरोपी तस्करों को पकड़ने में सफलता मिली है।जशपुर पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के कारोबार एवं तस्करी के विरुद्ध अभियान “ऑपरेशन आघात” लगातार जारी रहेगा। नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।*1
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- Post by Khagendra Kumar4
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