धनबाद में मानसून की पहली बारिश के दस्तक देते ही हंस विहार कॉलोनी और पंडित क्लिनिक रोड में जलजमाव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। जुलाई महीने की इस पहली हल्की बारिश ने ही सड़कों और गलियों को तालाब में तब्दील कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि सड़कें पानी से पूरी तरह लबालब हो चुकी हैं और लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासी तपन ने बताया कि पिछले लगभग 10 वर्षों से इस क्षेत्र के हालात जस के तस बने हुए हैं। नगर निगम और संबंधित विभाग के अधिकारी समय-समय पर सिर्फ निरीक्षण करने आते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। बारिश के समय घरों में पानी घुसने से रोकने के लिए लोग अपने स्तर पर घरों के बाहर छोटी दीवारें और पक्की बैरिकेड बना रहे हैं, लेकिन मूसलाधार बारिश होने पर पानी फिर भी घरों के अंदर तक प्रवेश कर जाता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि धनबाद नगर निगम में कई मेयर आए, लेकिन जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। हर चुनाव में जनप्रतिनिधि जलजमाव से मुक्ति और नालियों की सफाई का वादा करते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही ये तमाम दावे खोखले साबित हो जाते हैं। इस गंभीर स्थिति से परेशान होकर निवासियों ने नगर निगम से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने और इस वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।
धनबाद में मानसून की पहली बारिश के दस्तक देते ही हंस विहार कॉलोनी और पंडित क्लिनिक रोड में जलजमाव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। जुलाई महीने की इस पहली हल्की बारिश ने ही सड़कों और गलियों को तालाब में तब्दील कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि सड़कें पानी से पूरी तरह लबालब हो चुकी हैं और लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासी तपन ने बताया कि पिछले लगभग 10 वर्षों से इस क्षेत्र के हालात जस के तस बने हुए हैं। नगर निगम और संबंधित विभाग के अधिकारी समय-समय पर सिर्फ निरीक्षण करने आते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में आज तक कोई ठोस पहल
नहीं की गई। बारिश के समय घरों में पानी घुसने से रोकने के लिए लोग अपने स्तर पर घरों के बाहर छोटी दीवारें और पक्की बैरिकेड बना रहे हैं, लेकिन मूसलाधार बारिश होने पर पानी फिर भी घरों के अंदर तक प्रवेश कर जाता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि धनबाद नगर निगम में कई मेयर आए, लेकिन जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। हर चुनाव में जनप्रतिनिधि जलजमाव से मुक्ति और नालियों की सफाई का वादा करते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही ये तमाम दावे खोखले साबित हो जाते हैं। इस गंभीर स्थिति से परेशान होकर निवासियों ने नगर निगम से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने और इस वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।
- धनबाद के हटिया मार्केट में वर्षों से बकाया किराया न चुकाने वाले दुकानदारों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को निगम की प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर चार ऐसी दुकानों को सील करने की कार्रवाई की, जिन पर पिछले चार से पांच वर्षों से किराया बकाया था। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान बाजार में काफी देर तक हलचल का माहौल बना रहा। मामले की जानकारी देते हुए नगर निगम के अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि संबंधित दुकानदारों को पहले दो से तीन बार नोटिस भेजकर बकाया किराया जमा करने का पर्याप्त अवसर दिया गया था। इसके बावजूद किराया जमा नहीं किया गया, जिसके बाद निगम को यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने हटिया मार्केट के अन्य दुकानदारों को भी चेतावनी दी कि जिनका किराया बकाया है, वे जल्द से जल्द भुगतान करें, अन्यथा उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। निगम का कहना है कि राजस्व वसूली को लेकर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।2
- धनबाद शहर की हंस विहार कॉलोनी में मानसून की दस्तक के साथ ही जलजमाव की गंभीर समस्या एक बार फिर सामने आ गई है। जुलाई महीने की हल्की बारिश ने ही यहाँ की सड़कों और गलियों को तालाब में तब्दील कर दिया है, जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। स्थानीय निवासी तपन के अनुसार, नगर निगम और संबंधित विभाग के अधिकारी समय-समय पर क्षेत्र का निरीक्षण तो करते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जाती। पिछले लगभग 10 वर्षों से यहाँ के हालात जस के तस बने हुए हैं। लोग अपने घरों में पानी घुसने से रोकने के लिए बाहर छोटी-छोटी दीवारें और पक्की बैरिकेड बनाने को मजबूर हैं, लेकिन मूसलाधार बारिश होने पर पानी फिर भी घरों के अंदर तक प्रवेश कर जाता है। स्थानीय लोगों का आक्रोश है कि धनबाद नगर निगम में कई मेयर आए लेकिन जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। हर चुनाव में जनप्रतिनिधि जलजमाव और नालियों की सफाई का वादा करते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही ये सभी दावे खोखले साबित हो जाते हैं। सड़कें और गलियां पानी से लबालब होने के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, जिसके चलते नागरिकों ने नगर निगम से जल्द से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था कर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।1
- बोकारो जिले के चंदनकियारी थाना अंतर्गत बरमसिया ओपी क्षेत्र में लापता 19 वर्षीय युवक सागर कुमार की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। चास के एएसपी वेदांत शंकर ने बताया कि सागर कुमार बीती 18 जुलाई से लापता था और इस संबंध में बरमसिया ओपी कांड संख्या 85/2026 के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही थी। अनुसंधान के दौरान मिले तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने भवानीडीह निवासी मानिक मांझी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें हत्या की बात सामने आई। पूछताछ के दौरान आरोपी मानिक मांझी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि मृतक सागर कुमार उसकी पत्नी को लेकर गलत टिप्पणी करता था, जिससे नाराज होकर उसने उसकी हत्या कर दी। दोनों की मुलाकात पिछले 5 महीने पहले बाहर काम करने के दौरान हुई थी। आरोपी ने हत्या के बाद शव को आगड्डीह गांव के पास सिद्धाटांड जंगल में स्थित एक कुएं में छिपा दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कुएं से शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और डंडा भी पुलिस द्वारा जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और आरोपी से अन्य बिंदुओं पर भी पूछताछ की जा रही है।2
- झारखंड में जेपीएससी भवन के घेराव से पहले गिरिडीह में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया है। भाजयुमो के जिला अध्यक्ष मिथुन चंद्रवंशी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने झंडा मैदान से टावर चौक तक विशाल मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान पूरे मार्ग में मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और सरकार पर युवाओं तथा छात्रों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया। भाजयुमो नेताओं का कहना है कि राज्य के छात्र लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं, नियुक्तियों और जेपीएससी से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर परेशान हैं। सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है, जिसके विरोध में 22 जुलाई को रांची स्थित जेपीएससी भवन का घेराव किया जाएगा। इस आंदोलन में पूरे झारखंड से बड़ी संख्या में छात्र शामिल होंगे, जिसके तहत गिरिडीह से भी सैकड़ों युवाओं को रांची भेजने की तैयारी की जा रही है। जुलूस के दौरान वार्ड पार्षद सह भाजपा नेता संजीव कुमार सिंह सहित भाजपा और भाजयुमो के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि जब तक युवाओं की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, आंदोलन लगातार जारी रहेगा।5
- गिरिडीह जिले के डुमरी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) - 2026 के तहत एसडीएम राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने अपने कार्यालय कक्ष में सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। यह पुनरीक्षण कार्यक्रम 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलाया जा रहा है। एसडीएम ने इस कार्यक्रम में बीएलओ के कार्य निष्पादन में राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए से मिल रहे सहयोग के लिए प्रतिनिधियों को धन्यवाद दिया। एसडीएम ने 22 जुलाई (बुधवार) को सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित होने वाली "चुनावी पाठशाला" में सभी दलों के प्रतिनिधियों से शामिल होने की अपील की है। इस चुनावी पाठशाला में एसआईआर के तहत उपलब्ध कराई गई मतदाता सूची को सभी के समक्ष पढ़कर अंतिम रूप दिया जाएगा। डुमरी विधानसभा क्षेत्र में प्रगति की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यहाँ 99.79 प्रतिशत गणना फॉर्म का वितरण किया जा चुका है और 21 जुलाई दोपहर 12 बजे तक 77 प्रतिशत गणना फॉर्म को ऑनलाइन भी अपलोड किया जा चुका है, जबकि शेष फॉर्म निर्धारित तिथि तक पूरे कर लिए जाएंगे। इस बैठक में झामुमो प्रखंड अध्यक्ष राजकुमार महतो, राजकुमार पांडेय, आजसू नेता छक्कन महतो, भाजपा के बीरबल पंडित, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष नागेश्वर मंडल, युवा कांग्रेस के जिला महासचिव सरफराज उर्फ गुड्डु मलिक, कांग्रेस नेता सादिक अली, कांग्रेस प्रखंड उपाध्यक्ष भुवनेश्वर दास, तुराब अली अंसारी, मनोज जायसवाल और झाइकिमयू केन्द्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो सहित अन्य लोग मौजूद थे।2
- जामताड़ा में आयोजित जनता दरबार में विभिन्न समस्याओं से जुड़े 50 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इस दौरान भूमि विवाद, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, आपसी बंटवारा, मईया सम्मान योजना, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली बिल, आयुष्मान कार्ड, सावित्रीबाई किशोरी समृद्धि योजना और मानदेय भुगतान से जुड़े मामले सामने आए। जनता दरबार में उपायुक्त (डीसी) ने सभी मामलों की गंभीरता से सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निपटारे के सख्त निर्देश दिए। इस दौरान कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान भी कर दिया गया।1
- धनबाद में मानसून की पहली बारिश के दस्तक देते ही हंस विहार कॉलोनी और पंडित क्लिनिक रोड में जलजमाव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। जुलाई महीने की इस पहली हल्की बारिश ने ही सड़कों और गलियों को तालाब में तब्दील कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात इतने खराब हैं कि सड़कें पानी से पूरी तरह लबालब हो चुकी हैं और लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासी तपन ने बताया कि पिछले लगभग 10 वर्षों से इस क्षेत्र के हालात जस के तस बने हुए हैं। नगर निगम और संबंधित विभाग के अधिकारी समय-समय पर सिर्फ निरीक्षण करने आते हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। बारिश के समय घरों में पानी घुसने से रोकने के लिए लोग अपने स्तर पर घरों के बाहर छोटी दीवारें और पक्की बैरिकेड बना रहे हैं, लेकिन मूसलाधार बारिश होने पर पानी फिर भी घरों के अंदर तक प्रवेश कर जाता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि धनबाद नगर निगम में कई मेयर आए, लेकिन जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। हर चुनाव में जनप्रतिनिधि जलजमाव से मुक्ति और नालियों की सफाई का वादा करते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही ये तमाम दावे खोखले साबित हो जाते हैं। इस गंभीर स्थिति से परेशान होकर निवासियों ने नगर निगम से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने और इस वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।2
- झारखंड के धनबाद जिले के अंतर्गत गोबिंदपुर प्रखंड कार्यालय के समीप एक सड़क हादसा हो गया। इस हादसे के बाद सड़क पर कुछ देर के लिए गाड़ियों की कतार लग गई।1