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बनिया चाहे कोई भी हो, उसे अपने दिमाग पर कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए। हर परिस्थिति में दिमाग पर जोर देने और उसे शांत रखने की जरूरत है। बनिया थान हार सकता है लेकिन गज नहीं। यह आज ही की घटना है, इसलिए किसी को भी अपने दिमाग पर कभी अभिमान नहीं करना चाहिए।
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बनिया चाहे कोई भी हो, उसे अपने दिमाग पर कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए। हर परिस्थिति में दिमाग पर जोर देने और उसे शांत रखने की जरूरत है। बनिया थान हार सकता है लेकिन गज नहीं। यह आज ही की घटना है, इसलिए किसी को भी अपने दिमाग पर कभी अभिमान नहीं करना चाहिए।
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- बनिया चाहे कोई भी हो, उसे अपने दिमाग पर कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए। हर परिस्थिति में दिमाग पर जोर देने और उसे शांत रखने की जरूरत है। बनिया थान हार सकता है लेकिन गज नहीं। यह आज ही की घटना है, इसलिए किसी को भी अपने दिमाग पर कभी अभिमान नहीं करना चाहिए।1
- बिहार के गोपालगंज में पुलिस ने एक मिनी कंटेनर से 20 लाख रुपये मूल्य की शराब बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने खगड़िया के रहने वाले तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तस्कर शराब की इस खेप को दिल्ली से खगड़िया लेकर जा रहे थे। गिरफ्तार तस्करों की पहचान खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र स्थित कानीगोश गवास गांव निवासी मोहन कुमार, निरंजन कुमार सिंह और विकास कुमार शर्मा के रूप में हुई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। इस प्रदर्शन के समर्थन में लोगों से इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करने और अपना सहयोग देने की अपील की गई है।1
- पश्चिम चंपारण के नौतन थाना क्षेत्र स्थित मंगलपुर गुदरिया में अदालती आदेश पर जमीन का दखलदहानी कराने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के विरोध के कारण बैरंग लौटना पड़ा। दशकों पहले बेची गई जमीन पर कोर्ट से डिग्री मिलने के बाद रविवार को प्रशासन कब्जा दिलाने पहुंचा था, लेकिन हजारों की संख्या में जुटे लोगों के सामने खड़े हो जाने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और टीम बिना कब्जा दिलाए वापस लौट गई। मामले की जानकारी के अनुसार, जिला भाजपा अध्यक्ष रूपकलाल श्रीवास्तव के बड़े भाई अंजनी कुमार श्रीवास्तव के दादा गणेश प्रसाद और पिता अध्या प्रसाद द्वारा वर्ष 1928 से लेकर 2000 तक करीब सात बीघा जमीन 54 व्यक्तियों को बेची गई थी, जिस पर खरीदारों का सालों से कब्जा चला आ रहा है। अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने वर्ष 1981 में इस जमीन पर केस दर्ज कराया था, जिसमें उन्हें वर्ष 2023 में न्यायालय से डिग्री मिली। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर नौतन व जगदीशपुर थाना पुलिस समेत जिला बल के दर्जनों जवान दखल दिलाने गांव पहुंचे थे। कार्रवाई का विरोध कर रहे रैयत उमेश पांडे, नारद पांडेय, चंद्रशेखर ओझा और श्याम पांडेय ने बताया कि उन्हें मुकदमे या डिग्री के दौरान कोर्ट से कोई नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने यह जमीन पूर्वजों और पट्टीदारों से बैनामा करवाकर खरीदी है और वर्षों से इस पर उनका कब्जा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई भी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करेगा तो वे उसका खुलकर विरोध करेंगे। वहीं इस मामले में सीओ अलका कुमारी ने बताया कि पर्याप्त पुलिस बल की कमी और ग्रामीणों के हुजूम को देखते हुए प्रशासन को बिना कब्जा दिलाए लौटना पड़ा।1
- मुज़फ़्फ़रपुर के साहेबगंज थाना क्षेत्र में मारपीट की घटना सामने आई है, जहाँ गुड़िया किन्नर ने एक ड्राइवर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि ड्राइवर ने उनके साथ मारपीट की और उनका मोबाइल छीन लिया।1
- कक्षा 10 के मैट्रिक बैच (2026-27) के छात्रों के लिए केमिस्ट्री के अध्याय 3 'धातु एवं अधातु' से संबंधित एक लाइव टेस्ट आयोजित किया जा रहा है। इस टेस्ट का मुख्य उद्देश्य सभी बच्चों की तैयारी का मूल्यांकन करना है। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि किस छात्र ने इस चैप्टर की पढ़ाई अच्छे से की है और किसकी तैयारी अभी अधूरी है।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG परीक्षा में हुई गड़बड़ी और पेपर लीक के मामलों को लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। देशभर में हुए भारी विरोध प्रदर्शनों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे लंबे धरने के दबाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है। 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक होने के चलते छात्रों और युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त था। इसके विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे थे, जिसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मुख्य मांग की जा रही थी। अपने त्यागपत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि वे देश के युवाओं के भविष्य और शांति बनाए रखने के लिए यह कदम उठा रहे हैं ताकि पढ़ाई का माहौल प्रभावित न हो।1