*⭕सांभर मामले मे ग्रामीणों की सराहनीय पहल || ग्रामीण सौपेंगे वन विभाग को आरोपी,,, गांव मे हुई बैठक सारंगढ़ के वन परिक्षेत्र में हाल ही में हुए सांभर शिकार के मामले ने जहाँ एक ओर प्रशासन को सतर्क कर दिया है, वहीं दूसरी ओर झिलगीटार गाँव के ग्रामीणों ने वन्यजीव संरक्षण की एक अनूठी मिसाल पेश की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बेजुबान जानवरों का शिकार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। क्या है पूरा मामला चलिए आपको बताते है पिछले कुछ दिनों में सारंगढ़ के 943 Pf जंगलों में एक सांभर के शिकार की घटना सामने आई थी। वन विभाग की टीम लगातार इस मामले मे आरोपियों की छानबीन कर रही है और साक्ष्य जुटा रही है। जैसे ही इस घटना की भनक झिलगीटार के ग्रामीणों को लगी, उन्होंने न केवल इसकी निंदा की, बल्कि सक्रिय रूप से विभाग की मदद करने का निर्णय लिया।ग्रामीणों और वन विभाग का साझा मोर्चा कर गांव मे सभी ने बैठक रखी और वन विभाग की कार्रवाई में सहयोग करते हुए शामिल लोगो ग्रामीणों की पहचान करने और उनको समर्पण कराने का निर्णय लिया गया ग्रामीणों का कहना है कि जंगल हमारी धरोहर है और इसमें रहने वाले जीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा हैं।शिकार जैसी अवैध गतिविधियों को गाँव में या आस-पास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वही अब तक आरोपियों के परिजनों ने बताया की सांभर का शिकार आरोपियों ने नहीं किया है बल्कि ग्रामीण महुआ उठाने गए थे तो कुत्तो ने सांभर पर हमला कर दिया था जिसको लालच मे आकर उसका कुछ मांस ले आये थे और बाकी छोड़ दिए थे फिलहाल वन विभाग इस पुरे मामले की जाँच भी कर रहीं और बैठक मे निर्णय लिया गया है की आरोपियों को परिजनों के माध्यम से बुलाकर उनको वन विभाग को खुद ग्रामीण सौपेंगे और आगे ऐसा कोई भी पुनरावित्ती नहीं होगा और कोई ऐसा करता है तो ग्रामीण पहले उन्हें दण्डित करेंगे और कानूनी कार्यवाही भी करवाएंगे वही ग्रामीण और वन विभाग के इस समंजस से वन की सुरक्षा और वन्य जीव की सुरक्षा की दिशा मे सार्थक पहल माना जा रहा है बाइट 1 - डॉ.हरिहर जायसवाल जिला पंचायत सदस्य / सभापति ( सफ़ेद शर्ट ) बाइट 2 - मिलन भगत डिप्टी रेंजर ( वर्दीधारी )
*⭕सांभर मामले मे ग्रामीणों की सराहनीय पहल || ग्रामीण सौपेंगे वन विभाग को आरोपी,,, गांव मे हुई बैठक सारंगढ़ के वन परिक्षेत्र में हाल ही में हुए सांभर शिकार के मामले ने जहाँ एक ओर प्रशासन को सतर्क कर दिया है, वहीं दूसरी ओर झिलगीटार गाँव के ग्रामीणों ने वन्यजीव संरक्षण की एक अनूठी मिसाल पेश की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बेजुबान जानवरों का शिकार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। क्या है पूरा मामला चलिए आपको बताते है पिछले कुछ दिनों में सारंगढ़ के 943 Pf जंगलों में एक सांभर के शिकार की घटना सामने आई थी। वन विभाग की टीम लगातार इस मामले मे आरोपियों की छानबीन कर रही है और साक्ष्य जुटा रही है। जैसे ही इस घटना की भनक झिलगीटार के ग्रामीणों को लगी, उन्होंने न केवल इसकी निंदा की, बल्कि सक्रिय रूप से विभाग की मदद करने का निर्णय लिया।ग्रामीणों और वन विभाग का साझा मोर्चा कर गांव मे सभी ने बैठक रखी और वन विभाग की कार्रवाई में सहयोग करते हुए शामिल लोगो ग्रामीणों की पहचान करने और उनको समर्पण कराने का निर्णय लिया गया ग्रामीणों का कहना है कि जंगल हमारी धरोहर है और इसमें रहने वाले जीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा हैं।शिकार जैसी अवैध गतिविधियों को गाँव में या आस-पास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वही अब तक आरोपियों के परिजनों ने बताया की सांभर का शिकार आरोपियों ने नहीं किया है बल्कि ग्रामीण महुआ उठाने गए थे तो कुत्तो ने सांभर पर हमला कर दिया था जिसको लालच मे आकर उसका कुछ मांस ले आये थे और बाकी छोड़ दिए थे फिलहाल वन विभाग इस पुरे मामले की जाँच भी कर रहीं और बैठक मे निर्णय लिया गया है की आरोपियों को परिजनों के माध्यम से बुलाकर उनको वन विभाग को खुद ग्रामीण सौपेंगे और आगे ऐसा कोई भी पुनरावित्ती नहीं होगा और कोई ऐसा करता है तो ग्रामीण पहले उन्हें दण्डित करेंगे और कानूनी कार्यवाही भी करवाएंगे वही ग्रामीण और वन विभाग के इस समंजस से वन की सुरक्षा और वन्य जीव की सुरक्षा की दिशा मे सार्थक पहल माना जा रहा है बाइट 1 - डॉ.हरिहर जायसवाल जिला पंचायत सदस्य / सभापति ( सफ़ेद शर्ट ) बाइट 2 - मिलन भगत डिप्टी रेंजर ( वर्दीधारी )
- जागो देशवासियों1
- Post by Gautam karsh1
- Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार1
- Post by Dhananajy jangde1
- Post by पत्रकार1
- धरमजयगढ़ क्षेत्र की जनता की अटूट आस्था का केंद्र माँ भगवती अम्बेटिकरा मंदिर में आगामी चैत्र नवरात्र पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। मंदिर समिति इस बार नवरात्रि आयोजन को विशेष और भव्य बनाने के लिए पूरी तत्परता से जुटी हुई है। मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले आनंद मेले को सुव्यवस्थित और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसके साथ ही भक्तों द्वारा स्थापित किए जाने वाले मनोकामना ज्योति कलश के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंदिर समिति के अनुसार इस वर्ष माँ भगवती का विशेष एवं आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगा। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं। मंदिर समिति के रमेश चैनानी ने बताया कि नवरात्रि को लेकर मंदिर परिसर और मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है तथा जल्द ही सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएंगी। नवरात्रि पर्व को लेकर क्षेत्र में अभी से भक्तिमय माहौल बनने लगा है और श्रद्धालु बड़ी संख्या में माता के दरबार में पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।4
- कलेक्टर के निर्देशन में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर की गई कार्रवाई, 11 वाहन जब्त।1
- जागो देशवासियों1
- Post by Gautam karsh1