उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग) कैलाश सिंह राजपूत ने एटा जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों और विद्युत विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, उपभोक्ता शिकायतों और विभागीय कार्यों की समीक्षा करना था। राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि एटा जिले में बिजली व्यवस्था सुधारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उपभोक्ता संतुष्टि ही विभाग की पहली जिम्मेदारी है, जिसके लिए शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। समीक्षा बैठक के दौरान नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति, ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग, क्षमता वृद्धि, विद्युत दुर्घटनाओं में अनुग्रह सहायता, पशु दुर्घटना भुगतान, राजस्व वसूली, सरकारी विभागों पर बकाया देयकों, बिलिंग व्यवस्था, विजिलेंस की कार्यवाही तथा विद्युत रोस्टर जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई। राज्य मंत्री ने इन सभी पहलुओं पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें एटा में बिजली संकट पर सरकार की गंभीरता और शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर देना शामिल था। राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विकास खंडवार और नगर निकायवार विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो सके। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में प्रदेश सरकार विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्टोरों में विद्युत उपकरणों और आवश्यक सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने, प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों को सोलर पंप अपनाने के लिए प्रेरित करने, तथा 'हर घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत जन सामान्य को सोलर पैनल के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा अपनाने हेतु प्रेरित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विद्युत कटौती संबंधी सूचनाएं समय से सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से जनप्रतिनिधियों और आम जनता तक पहुंचाने का भी निर्देश दिया। कैलाश सिंह राजपूत ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी उपभोक्ता का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए और अवैध वसूली की कोई शिकायत किसी भी स्तर पर प्राप्त नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कार्यों में लापरवाही बरतने वाले एवं नियमों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। बैठक में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना गया तथा उनके नियमानुसार प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस बैठक में विधायक मारहरा वीरेन्द्र सिंह लोधी, विधायक अलीगंज सत्यपाल सिंह राठौर, जिला अध्यक्ष बीजेपी प्रमोद गुप्ता, ब्लॉक प्रमुख शीतलपुर पुष्पेन्द्र लोधी, ब्लॉक प्रमुख मारहरा रवि वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संगम लाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता विद्युत समस्त एसडीओ एवं अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग) कैलाश सिंह राजपूत ने एटा जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों और विद्युत विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, उपभोक्ता शिकायतों और विभागीय कार्यों की समीक्षा करना था। राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि एटा जिले में बिजली व्यवस्था सुधारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उपभोक्ता संतुष्टि ही विभाग की पहली जिम्मेदारी है, जिसके लिए शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। समीक्षा बैठक के दौरान नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति, ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग, क्षमता वृद्धि, विद्युत दुर्घटनाओं में अनुग्रह सहायता, पशु दुर्घटना भुगतान, राजस्व वसूली, सरकारी विभागों पर बकाया देयकों, बिलिंग व्यवस्था, विजिलेंस की कार्यवाही तथा विद्युत रोस्टर जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई। राज्य मंत्री ने इन सभी पहलुओं पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए,
जिसमें एटा में बिजली संकट पर सरकार की गंभीरता और शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर देना शामिल था। राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विकास खंडवार और नगर निकायवार विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो सके। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में प्रदेश सरकार विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्टोरों में विद्युत उपकरणों और आवश्यक सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने, प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों को सोलर पंप अपनाने के लिए प्रेरित करने, तथा 'हर घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत जन सामान्य को सोलर पैनल के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा अपनाने हेतु प्रेरित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विद्युत कटौती संबंधी सूचनाएं समय से सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से जनप्रतिनिधियों
और आम जनता तक पहुंचाने का भी निर्देश दिया। कैलाश सिंह राजपूत ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी उपभोक्ता का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए और अवैध वसूली की कोई शिकायत किसी भी स्तर पर प्राप्त नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कार्यों में लापरवाही बरतने वाले एवं नियमों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। बैठक में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना गया तथा उनके नियमानुसार प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस बैठक में विधायक मारहरा वीरेन्द्र सिंह लोधी, विधायक अलीगंज सत्यपाल सिंह राठौर, जिला अध्यक्ष बीजेपी प्रमोद गुप्ता, ब्लॉक प्रमुख शीतलपुर पुष्पेन्द्र लोधी, ब्लॉक प्रमुख मारहरा रवि वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संगम लाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता विद्युत समस्त एसडीओ एवं अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
- अवागढ़ थाना क्षेत्र के गांव इंदरगढ़ में तरबूज बेचने गए एक युवक के साथ गांव के ही कुछ नामजद लोगों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने बताया कि वह गांव में तरबूज बेच रहा था, तभी किसी बात को लेकर कुछ ग्रामीणों से उसकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर नामजद लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की, जिससे उसे चोटें आईं। घटना के बाद पीड़ित युवक अवागढ़ थाने पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत देते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने यह शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना पुलिस का कहना है कि वे मामले की जांच के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई करेंगे।2
- उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग) कैलाश सिंह राजपूत ने एटा जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में जनप्रतिनिधियों और विद्युत विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, उपभोक्ता शिकायतों और विभागीय कार्यों की समीक्षा करना था। राज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि एटा जिले में बिजली व्यवस्था सुधारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उपभोक्ता संतुष्टि ही विभाग की पहली जिम्मेदारी है, जिसके लिए शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। समीक्षा बैठक के दौरान नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति, ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग, क्षमता वृद्धि, विद्युत दुर्घटनाओं में अनुग्रह सहायता, पशु दुर्घटना भुगतान, राजस्व वसूली, सरकारी विभागों पर बकाया देयकों, बिलिंग व्यवस्था, विजिलेंस की कार्यवाही तथा विद्युत रोस्टर जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई। राज्य मंत्री ने इन सभी पहलुओं पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें एटा में बिजली संकट पर सरकार की गंभीरता और शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर देना शामिल था। राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विकास खंडवार और नगर निकायवार विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो सके। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में प्रदेश सरकार विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्टोरों में विद्युत उपकरणों और आवश्यक सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने, प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों को सोलर पंप अपनाने के लिए प्रेरित करने, तथा 'हर घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत जन सामान्य को सोलर पैनल के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा अपनाने हेतु प्रेरित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विद्युत कटौती संबंधी सूचनाएं समय से सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से जनप्रतिनिधियों और आम जनता तक पहुंचाने का भी निर्देश दिया। कैलाश सिंह राजपूत ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी उपभोक्ता का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए और अवैध वसूली की कोई शिकायत किसी भी स्तर पर प्राप्त नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कार्यों में लापरवाही बरतने वाले एवं नियमों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। बैठक में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना गया तथा उनके नियमानुसार प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए गए। इस बैठक में विधायक मारहरा वीरेन्द्र सिंह लोधी, विधायक अलीगंज सत्यपाल सिंह राठौर, जिला अध्यक्ष बीजेपी प्रमोद गुप्ता, ब्लॉक प्रमुख शीतलपुर पुष्पेन्द्र लोधी, ब्लॉक प्रमुख मारहरा रवि वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संगम लाल, अधीक्षण अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता विद्युत समस्त एसडीओ एवं अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।3
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को शामिल कर एक महत्वपूर्ण नई पहल की शुरुआत की है। इस कदम को पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और प्रदूषण कम करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और इसे मुख्यमंत्री द्वारा एक इतिहास रचने जैसा बताया गया है। मुख्यमंत्री का यह EV मोड में चलने वाला काफिला स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का सीधा संदेश देता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम लोगों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, ताकि हरित परिवहन को बढ़ावा मिल सके और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई जा सके। सरकार का उद्देश्य हरित परिवहन को बढ़ावा देना और कार्बन उत्सर्जन कम करना है। कुल मिलाकर, इस पहल को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल प्रशासन की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
- कानपुर के पनकी रोड़ पर एक वर्दीधारी होमगार्ड द्वारा कथित तौर पर एक ट्रक चालक से रुपये लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है, और वीडियो में होमगार्ड को ट्रक चालक से पैसे लेते हुए साफ देखा जा सकता है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरी नाराजगी देखी जा रही है और वे मामले में तत्काल कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। हालांकि, संबंधित अधिकारियों ने अभी तक वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। उनका कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी, और यदि आरोप सही पाए गए तो दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- एटा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलीगंज विधायक सत्यपाल सिंह ने अपना बयान दिया है। उनके पूरे वक्तव्य को सुनने के लिए पाठकों को आमंत्रित किया गया है।1
- हाथरस के सादाबाद में एक निवासी ने शिकायत की है कि उनके घर के सामने नाली की सफाई नहीं की जा रही है। इस स्थिति के कारण भविष्य में कई तरह की दिक्कतों की आशंका जताई गई है। संबंधित अधिकारियों से इस नाली की जल्द से जल्द सफाई करवाने की गुजारिश की गई है।1
- हाथरस में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी अतुल वत्स ने विकास खंड मुरसान की ग्राम पंचायत धातुरा खुर्द स्थित अस्थाई गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में नीम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण भी सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया, साथ ही इस बात पर जोर दिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल से ही पौधरोपण सार्थक होगा। जिलाधिकारी ने यह भी उल्लेख किया कि आज दो महत्वपूर्ण अवसर हैं - पहला विश्व पर्यावरण दिवस और दूसरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्मदिवस। उन्होंने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके प्रति सच्ची श्रद्धा व्यक्त करने का सबसे उत्तम माध्यम उनके वृक्षारोपण के आह्वान को सफल बनाना है। उन्होंने बताया कि सुबह से ही जनपद की सभी विधानसभा क्षेत्रों में वृक्षारोपण कार्यक्रम जारी हैं, और जिले भर में कुल तीन लाख अड़सठ हजार पौधे लगाने का लक्ष्य है। गौशाला के निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने गोवंशों के रखरखाव, चारे, पेयजल, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को गोवंशों के स्वास्थ्य के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। विशेष रूप से छोटे बछड़ों और बीमार गौवंशों के लिए जालीयुक्त टीनशेड बनवाने तथा शिफ्टवार केयर टेकर तैनात करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, उन्होंने टीनशेड, चरही, नाली आदि अवशेष निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने पर बल दिया। एसडीएम सदर ने इस दौरान बताया कि गौशाला में 128 निराश्रित गौवंश हैं, जिनमें 54 नर और 74 मादा शामिल हैं। इनकी देखरेख के लिए 5 केयर टेकर तैनात हैं और गौशाला में 3 टीन शेड, 2 चरही, 2 हॉज, 1 समरसेबल चालू हालत में हैं। गौशाला में 35 कुंतल भूसा उपलब्ध है और सुरक्षा के लिए दो कैमरे भी लगाए गए हैं।4
- राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 के तहत देशभर की कुल 42 पंचायतों को ग्रामीण विकास और सुशासन में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस वर्ष कर्नाटक 6 पुरस्कारों के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि आंध्र प्रदेश और ओडिशा को 5-5 पुरस्कार मिले। नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कारों में त्रिपुरा के सिपाहीजला को सर्वश्रेष्ठ जिला पंचायत, केरल के हरिपाड को सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक पंचायत और असम के न्यू नपाम को सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत चुना गया। इसके अतिरिक्त, दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार के अंतर्गत कर्नाटक की मुद्राडी ग्राम पंचायत सहित कई अन्य पंचायतों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास और बेहतर प्रशासन को बढ़ावा देना है।1