मैहर जिले के अमरपाटन में संचालित मानसी गैस एजेंसी पर हाल ही में हुई प्रशासनिक कार्रवाई और FIR दर्ज होने के बाद स्थानीय गैस उपभोक्ताओं की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस सख्त कार्रवाई के चलते अमरपाटन के हजारों गैस कनेक्शनों को यहाँ से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। एजेंसी बंद होने के कारण अब आम लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर भरवाने के लिए भीषण गर्मी और व्यस्तता के बीच 25 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। अमरपाटन और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आए परेशान उपभोक्ताओं ने बताया कि एजेंसी संचालक की गलती या प्रशासनिक कमियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की गुहार लगाई है, ताकि इस मामले का पूरी तरह समाधान होने तक स्थानीय स्तर पर ही गैस सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित किया जा सके और लोगों को अनावश्यक भटकना न पड़े। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इतनी दूर जाने से न केवल उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि आर्थिक बोझ भी लगातार बढ़ रहा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन जनता की इस बेहद जरूरी मांग पर क्या कदम उठाता है।
मैहर जिले के अमरपाटन में संचालित मानसी गैस एजेंसी पर हाल ही में हुई प्रशासनिक कार्रवाई और FIR दर्ज होने के बाद स्थानीय गैस उपभोक्ताओं की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस सख्त कार्रवाई के चलते अमरपाटन के हजारों गैस कनेक्शनों को यहाँ से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। एजेंसी बंद होने के कारण अब आम लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर भरवाने के लिए भीषण गर्मी और व्यस्तता के बीच 25 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। अमरपाटन और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आए परेशान उपभोक्ताओं ने बताया कि एजेंसी संचालक की गलती या प्रशासनिक कमियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की गुहार लगाई है, ताकि इस मामले का पूरी तरह समाधान होने तक स्थानीय स्तर पर ही गैस सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित किया जा सके और लोगों को अनावश्यक भटकना न पड़े। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इतनी दूर जाने से न केवल उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि आर्थिक बोझ भी लगातार बढ़ रहा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन जनता की इस बेहद जरूरी मांग पर क्या कदम उठाता है।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मैहर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जिला प्रशासन के तत्वावधान में एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रातः 6:15 बजे से सुबह 8:00 बजे तक चला, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और नगरवासियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सांसद गणेश सिंह, मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, भाजपा जिला अध्यक्ष कमलेश सुहाने, मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी, एसडीएम दिव्या पटेल, एडिशनल एसपी चंचल नागर, तहसीलदार जितेंद्र पटेल और नगर पालिका सीएमओ प्रिंस अग्रवाल सहित सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनी, कुलदीप तिवारी, मंजू पांडे, अम्बुज द्विवेदी, सत्य भानपटेल, इंद्रजीत सिंह मैनी, सन्नी जायसवाल, मंजू सर तथा बड़ी संख्या में अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। वक्ताओं ने योग को भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसके शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डाला, जिसके बाद सभी ने नियमित योग करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण भी किया गया। सांसद, विधायक और मैहर कलेक्टर ने स्वयं पौधारोपण कर लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। पूरे आयोजन में विद्यालय परिवार, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे, जहाँ उत्साह, अनुशासन और जनभागीदारी का उत्कृष्ट वातावरण देखने को मिला।4
- मैहर विधायक श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य मैहर में होने वाले हर काम में पूरी पारदर्शिता लाना है।1
- मैहर देहात थाना क्षेत्र के ग्राम भटगावां में 'गुंडाराज' जारी है। इसी कारण महिपाल दहिया के पूरे परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिल पाया है। यह गंभीर स्थिति देहात थाना के अंतर्गत आने वाले भटगावां गांव में बनी हुई है, जहां न्याय की प्रतीक्षा अब भी जारी है।2
- मैहर जिले के अमरपाटन में संचालित मानसी गैस एजेंसी पर हाल ही में हुई प्रशासनिक कार्रवाई और FIR दर्ज होने के बाद स्थानीय गैस उपभोक्ताओं की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस सख्त कार्रवाई के चलते अमरपाटन के हजारों गैस कनेक्शनों को यहाँ से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। एजेंसी बंद होने के कारण अब आम लोगों को घरेलू गैस सिलेंडर भरवाने के लिए भीषण गर्मी और व्यस्तता के बीच 25 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ रहा है। अमरपाटन और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आए परेशान उपभोक्ताओं ने बताया कि एजेंसी संचालक की गलती या प्रशासनिक कमियों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की गुहार लगाई है, ताकि इस मामले का पूरी तरह समाधान होने तक स्थानीय स्तर पर ही गैस सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित किया जा सके और लोगों को अनावश्यक भटकना न पड़े। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इतनी दूर जाने से न केवल उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि आर्थिक बोझ भी लगातार बढ़ रहा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन जनता की इस बेहद जरूरी मांग पर क्या कदम उठाता है।1
- महाराष्ट्र में एक निर्माणाधीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से एक दुखद दुर्घटना हुई है। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की जान जा चुकी है। मलबे से निकाले गए लगभग 25 घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।1
- मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम इटमा में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ हाल ही में बनी पानी की टंकी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि घटना के समय वहाँ मौजूद लोग समय रहते हट गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की टंकी के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसमें सीमेंट की जगह चूने की डस्ट और निम्न गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल की गई थी। उनका कहना है कि इसी कारण टंकी मामूली दबाव भी नहीं झेल सकी और अपने आप ढह गई, जिसके बाद ग्राम पंचायत इटमा के सरपंच और जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि यदि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ कराया गया होता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती, और यदि टंकी गिरने के समय वहाँ अधिक लोग मौजूद होते तो बड़ा जनहानि का हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने दोषी ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा निर्माण कार्य में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई है।1
- जनपद पंचायत मैहर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत इटमा में ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित पानी की टंकी निर्माण के कुछ ही दिनों बाद भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि इस घटना के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और एक व्यक्ति बाल-बाल बच गया। इस घटना ने न केवल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर पर हो रहे विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी की टंकी के निर्माण में गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई और मजबूत निर्माण के बजाय घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। इसी कारण टंकी पानी का सामान्य दबाव भी नहीं सह सकी और कुछ ही दिनों में धराशायी हो गई। टंकी गिरने के बाद पूरे गांव में पंचायत के कार्यों को लेकर भारी नाराजगी और आक्रोश है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच किसने की और पूरा होने के बाद भुगतान किस आधार पर किया गया, जबकि इतनी जल्दी पूरी संरचना ढह गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक टंकी का गिरना नहीं है, बल्कि सरकारी धन के उपयोग और निर्माण कार्यों की पारदर्शिता पर एक बड़ा सवाल है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाती तो यह स्थिति नहीं बनती। घटना के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने, निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करवाने तथा दोषी ठेकेदार, संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार पंचायत प्रतिनिधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्राम पंचायत इटमा की यह गिरी हुई पानी की टंकी अब सिर्फ मलबा नहीं, बल्कि उन अनसुलझे सवालों का ढेर है जिनका जवाब ग्रामीण प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से मांग रहे हैं। अनिल कुशवाहा के अनुसार, यह टंकी गिरने के साथ ही विकास कार्यों की सच्चाई भी उजागर हो गई है, जिससे यह टंकी भ्रष्टाचार का स्मारक बन गई है।1
- मैहर के वार्ड 1 में स्थानीय सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बार-बार यह प्रश्न किया जा रहा है कि क्षेत्र में दिख रही स्थिति वास्तविक सफाई का उदाहरण है या केवल एक दिखावा और छलावा मात्र है।1