गोराडीह राहत शिविर में भोजन के लिए इंतजार, 400 बाढ़ पीड़ितों को दोपहर 2 बजे तक नहीं मिला खाना भागलपुर। बाढ़ के कारण जिले के कई पंचायतों के ग्रामीण आपदा की मार झेल रहे हैं। इसी बीच गोराडीह प्रखंड के उस्तु पंचायत स्थित बाढ़ राहत शिविर में जिला प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठे। राहत शिविर में राशन उपलब्ध होने के बावजूद खाना बनाने के लिए जलावन की व्यवस्था नहीं होने के कारण करीब 400 बाढ़ पीड़ितों को दोपहर दो बजे तक भोजन नहीं मिल सका। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि राहत शिविर में भोजन बनाने के लिए आवश्यक राशन तो मौजूद था, लेकिन जलावन नहीं होने के कारण समय पर खाना नहीं बन पाया। मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी छोटू यादव राहत शिविर पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अपने निजी कोष से खाना बनाने के लिए घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया, जिसके बाद भोजन बनाने की व्यवस्था शुरू की गई। इसके बाद छोटू यादव ने गोराडीह प्रखंड के कई बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गांवों से बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है, लेकिन पानी घटने के बाद कई इलाकों में बदबू फैल रही है। इससे विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन से बाढ़ प्रभावित हर गांव में मेडिकल कैंप लगाने और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को बीमारी से बचाया जा सके।
गोराडीह राहत शिविर में भोजन के लिए इंतजार, 400 बाढ़ पीड़ितों को दोपहर 2 बजे तक नहीं मिला खाना भागलपुर। बाढ़ के कारण जिले के कई पंचायतों के ग्रामीण आपदा की मार झेल रहे हैं। इसी बीच गोराडीह प्रखंड के उस्तु पंचायत स्थित बाढ़ राहत शिविर में जिला प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठे। राहत शिविर में राशन उपलब्ध होने के बावजूद खाना बनाने के लिए जलावन की व्यवस्था नहीं होने के कारण करीब 400 बाढ़ पीड़ितों को दोपहर दो बजे तक भोजन नहीं मिल सका। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि राहत शिविर में भोजन बनाने के लिए आवश्यक राशन तो मौजूद था, लेकिन जलावन नहीं होने के कारण समय पर खाना नहीं बन पाया। मामले की जानकारी मिलने पर समाजसेवी छोटू यादव राहत शिविर पहुंचे और वहां की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अपने निजी कोष से खाना बनाने के लिए घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया, जिसके बाद भोजन बनाने की व्यवस्था शुरू की गई। इसके बाद छोटू यादव ने गोराडीह प्रखंड के कई बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गांवों से बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरने लगा है, लेकिन पानी घटने के बाद कई इलाकों में बदबू फैल रही है। इससे विभिन्न प्रकार की बीमारियों के फैलने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन से बाढ़ प्रभावित हर गांव में मेडिकल कैंप लगाने और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को बीमारी से बचाया जा सके।
- 🚨 जगतपुर में 18 वर्षीय युवती की मौत, आखिर क्या है पूरा मामला? पुलिस जांच में जुटी! 😔 बांका के जगतपुर मोहल्ले में रविवार की सुबह करीब 8 बजे 18 वर्षीय युवती की मौत का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। 🕵️♂️ मृतका की पहचान जगतपुर मोहल्ला निवासी प्रकाश राय की 18 वर्षीय पुत्री निधि कुमारी के रूप में की गई है। युवती की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका फिलहाल स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। 🔎 पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 📍 बांका टुडे न्यूज़ डिजिटल — बांका की आवाज आपके साथ1
- भागलपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, आपसी सुलह से मामलों का हुआ त्वरित निपटारा* *भागलपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, आपसी सुलह से मामलों का हुआ त्वरित निपटारा* लोकेशन सुल्तानगंज भागलपूर बिहार भागलपुर में इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर आयोजित इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सुलह और समझौते के आधार पर लंबित मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निपटारा करना रहा इसके लिए भागलपुर जिले में कुल 27 बेंच बनाए गए हैं लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां आपसी सहमति से निपटाए गए मामलों में सामान्य तौर पर आगे अपील का रास्ता नहीं रहता और समझौते के बाद मामला अंतिम रूप से निष्पादित माना जाता है इससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलती है और समय व धन दोनों की बचत होती है भागलपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में परिवादी और संबंधित पक्ष पहुंचे और अपने मामलों के समाधान की प्रक्रिया में शामिल हुए इस दौरान भागलपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश, डालसा के सचिव सहित कई न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लोगों को यह संदेश भी दिया गया कि आपसी सहमति और सुलह के जरिए विवादों का समाधान न केवल सरल और त्वरित है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है बाइट -- जिला एवं सत्र न्यायाधीश बाइट -- अलंकृता पांडे जिलाधिकारी भागलपुर बाइट -- प्रमोद कुमार सीनियर एसपी भागलपुर4
- प्रेस कॉन्फ्रेंस से भाग खड़े हुए देश में नंबर वन यूपी के सीएम योगी। सवाल पूछने वाली पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठा लिया है। भारत में इससे ज्यादा इमरजेंसी और कोई हो नहीं सकती।1
- तेजस्वी पर पप्पू यादव का बड़ा हमला! ‘औकात’ वाले बयान से मचा सियासी घमासान, अमित शाह पर भी निशाना1
- ओलंपिक में तैराकी के लिए बिहार सरकार अभी से बच्चों को प्रशिक्षण दे रही है? अब बिहार के बच्चों का खेल में भी सुनहरा भविष्य है।पढ़ाई में तो बिहार के बच्चे पहले से ही अव्वल रहे हैं,अब खेल के मैदान में भी बिहार हर क्षेत्र में आगे बढ़ेगा। बिहार अब हर क्षेत्र में अव्वल होगा।1
- Brics सम्मेलन आयोजन क्या है? मोदी जी इतने इनको लेकर के व्यस्त क्यों है? अध्यक्षता भारत के पास,चलिए जानते हैं? #BRICSSummit #BharatMandapam #reelsviralシ #NarendraModi #newdelhi1
- भागलपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, आपसी सुलह से मामलों का हुआ त्वरित निपटारा* *भागलपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, आपसी सुलह से मामलों का हुआ त्वरित निपटारा* लोकेशन भागलपूर सुल्तानगंज बिहार रिपोर्टर साहिल राज आगाज टाइम भागलपुर में इस वर्ष की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर आयोजित इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सुलह और समझौते के आधार पर लंबित मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निपटारा करना रहा इसके लिए भागलपुर जिले में कुल 27 बेंच बनाए गए हैं लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां आपसी सहमति से निपटाए गए मामलों में सामान्य तौर पर आगे अपील का रास्ता नहीं रहता और समझौते के बाद मामला अंतिम रूप से निष्पादित माना जाता है इससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलती है और समय व धन दोनों की बचत होती है भागलपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में परिवादी और संबंधित पक्ष पहुंचे और अपने मामलों के समाधान की प्रक्रिया में शामिल हुए इस दौरान भागलपुर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश, डालसा के सचिव सहित कई न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लोगों को यह संदेश भी दिया गया कि आपसी सहमति और सुलह के जरिए विवादों का समाधान न केवल सरल और त्वरित है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है बाइट -- जिला एवं सत्र न्यायाधीश बाइट -- अलंकृता पांडे जिलाधिकारी भागलपुर बाइट -- प्रमोद कुमार सीनियर एसपी भागलपुर4
- 🚨 बौसी के दो युवक लूटकांड में गिरफ्तार! बरामद हुआ हथियार और लूट का सामान 😱 देवघर से बड़ी खबर! अमड़ापाड़ा ज्वेलर्स लूटकांड का पुलिस ने महज 10 दिनों में खुलासा कर दिया है। इस मामले में बांका के बौंसी के दो युवकों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 🔴 पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से करीब एक किलोग्राम चांदी के आभूषण, 33 सिक्के, नकदी, मोबाइल फोन और जेवर रखने की ट्रे बरामद की है। 🔫 इसके अलावा दो देशी कट्टे, एक पिस्टल, सात जिंदा कारतूस, खाली मैगजीन और घटना में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई हैं। 👮 पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में हर्ष आनंद उर्फ हर्ष यादव और कमल कुमार किशोर उर्फ कमल यादव, दोनों बौंसी, बांका के रहने वाले हैं। वहीं तीसरा आरोपी देवघर का रहने वाला बताया गया है। 🚨 पुलिस अब लूटकांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। 📍 देवघर | अमड़ापाड़ा ज्वेलर्स लूटकांड 📲 बांका की हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें — Banka Today News Digital के साथ।1
- गुवाहाटी में स्थित LNIPE परिसर में छात्रा श्रुति की मौत के बाद 📍ग्वालियर के लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। छात्र आज भी सड़क पर हैं, क्योंकि वे श्रुति के लिए न्याय चाहते हैं। युवा कांग्रेस इस संघर्ष में छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। ✊🏻 छात्रों की मांग है - श्रुति को न्याय मिले, जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो और उनके परिवार को सम्मानजनक 50लाख रुपए तक का मुआवज़ा मिले...इन मांगों को लेकर यह आवाज़ तब तक उठती रहेगी, जब तक न्याय नहीं मिलता। श्रुति को न्याय दिलाकर रहेंगे। यह आंदोलन न्याय मिलने तक जारी रहेगा।1