धौलपुर के मनिया थाना क्षेत्र स्थित लूला का पूरा गांव में बासी पनीर की सब्जी खाने से एक ही परिवार के करीब एक दर्जन लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। सतीश कुशवाहा के घर गुरुवार को बच्चे के जन्मदिन पर पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें मटर-पनीर की सब्जी बनाई गई थी। परिवार के सदस्यों ने रात में भोजन करने के बाद बची हुई सब्जी को एक भगोने में रख दिया था, जिसे शुक्रवार को दोबारा गर्म करके खाया गया। खाना खाने के करीब एक घंटे बाद ही सीमा, पिंकी, पूनम, अनुष्का, त्रिवेणी, सुनीता, लकी, नितिन, सतीश और पंचम सिंह सहित कुल 11 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें पेट दर्द, उल्टी, दस्त और चक्कर आने की शिकायत होने पर ग्रामीणों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. समरवीर सिंह सिकरवार के अनुसार, उल्टी-दस्त के कारण मरीजों के शरीर में पानी की कमी हो गई थी। फिलहाल, सभी मरीजों का इमरजेंसी वार्ड में उपचार किया जा रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
धौलपुर के मनिया थाना क्षेत्र स्थित लूला का पूरा गांव में बासी पनीर की सब्जी खाने से एक ही परिवार के करीब एक दर्जन लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। सतीश कुशवाहा के घर गुरुवार को बच्चे के जन्मदिन पर पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें मटर-पनीर की सब्जी बनाई गई थी। परिवार के सदस्यों ने रात
में भोजन करने के बाद बची हुई सब्जी को एक भगोने में रख दिया था, जिसे शुक्रवार को दोबारा गर्म करके खाया गया। खाना खाने के करीब एक घंटे बाद ही सीमा, पिंकी, पूनम, अनुष्का, त्रिवेणी, सुनीता, लकी, नितिन, सतीश और पंचम सिंह सहित कुल 11 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें पेट दर्द, उल्टी, दस्त और चक्कर आने
की शिकायत होने पर ग्रामीणों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. समरवीर सिंह सिकरवार के अनुसार, उल्टी-दस्त के कारण मरीजों के शरीर में पानी की कमी हो गई थी। फिलहाल, सभी मरीजों का इमरजेंसी वार्ड में उपचार किया जा रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
- धौलपुर के मनिया थाना क्षेत्र स्थित लूला का पूरा गांव में बासी पनीर की सब्जी खाने से एक ही परिवार के करीब एक दर्जन लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। सतीश कुशवाहा के घर गुरुवार को बच्चे के जन्मदिन पर पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें मटर-पनीर की सब्जी बनाई गई थी। परिवार के सदस्यों ने रात में भोजन करने के बाद बची हुई सब्जी को एक भगोने में रख दिया था, जिसे शुक्रवार को दोबारा गर्म करके खाया गया। खाना खाने के करीब एक घंटे बाद ही सीमा, पिंकी, पूनम, अनुष्का, त्रिवेणी, सुनीता, लकी, नितिन, सतीश और पंचम सिंह सहित कुल 11 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें पेट दर्द, उल्टी, दस्त और चक्कर आने की शिकायत होने पर ग्रामीणों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. समरवीर सिंह सिकरवार के अनुसार, उल्टी-दस्त के कारण मरीजों के शरीर में पानी की कमी हो गई थी। फिलहाल, सभी मरीजों का इमरजेंसी वार्ड में उपचार किया जा रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।3
- धौलपुर के वॉटरवॉक्स चौराहे स्थित नारायण हॉस्पिटल के पास संचालित वृद्धाश्रम का जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रेखा यादव द्वारा निरीक्षण किया गया। यह कार्यवाही राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश और जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम में 9 पुरुष और 1 महिला सहित कुल 10 वृद्धजन उपस्थित पाए गए, जिनसे रेखा यादव ने प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझा। इस निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद पंजीयन स्थिति, स्वास्थ्य परीक्षण और आगंतुक रजिस्टर की बारीकी से जांच की गई। वृद्धजनों से उनके भोजन की व्यवस्था के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने आज चाय और बिस्कुट मिलने की जानकारी दी। साथ ही, उनकी पेंशन और मेडिकल संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा की गई। रेखा यादव ने वृद्धाश्रम इंचार्ज को वृद्धजनों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। सचिव ने वृद्धाश्रम प्रशासन को 'वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं योजना, 2016' का हवाला देते हुए सभी वृद्धजनों को निःशुल्क विधिक सहायता, भरण-पोषण और अन्य वैधानिक अधिकारों का लाभ दिलाने को कहा। इसके अतिरिक्त, उन्हें सभी वृद्धजनों को सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने और नालसा की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देने के निर्देश दिए गए।3
- दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए स्लीपर बस-ट्रेलर अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद परिवहन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को धौलपुर में आगरा-धौलपुर नेशनल हाईवे स्थित बरैठा चौकी पर एक विशेष जांच अभियान चलाया गया, जिसमें क्षेत्र से गुजरने वाली 10 स्लीपर बसों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान टीम को कई बसों में गंभीर सुरक्षा खामियां मिलीं, जिनमें निर्धारित 300 मिमी चौड़े रास्ते का अभाव, मानकों के अनुरूप न होना और इमरजेंसी गेट व खिड़कियों का आकार छोटा होना शामिल है। साथ ही, कई बसों में अग्निशमन यंत्र या तो खराब स्थिति में थे या कार्यशील नहीं पाए गए। आरटीओ इंस्पेक्टर दीपक शर्मा ने बताया कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं और उन पर नियमानुसार जुर्माना लगाया गया है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस विशेष अभियान को पूरे जुलाई महीने तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। बस संचालकों को अपनी बसों में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं और भविष्य में नियमों की अनदेखी पर और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।4
- उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की खेरागढ़ तहसील के हुलासपुरा गांव में 10 जुलाई 2026 को बारिश दर्ज की गई है।4
- राजस्थान पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित 'महिला सुरक्षा संकल्प अभियान' के अंतर्गत भरतपुर में एक व्यापक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का संचालन जिला पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार मीना आईपीएस के निर्देशन में किया गया, जिन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर से इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को महिलाओं की सुरक्षा, उनके सम्मान और अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। यह रैली सहायक पुलिस अधीक्षक श्रीमती आशिमा वासवानी, आईपीएस और पुलिस मुख्यालय जयपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कम्युनिटी पुलिसिंग) श्रीमती सुनीता मीणा आरपीएस के नेतृत्व में आयोजित हुई। इसमें पुलिस अधिकारियों, जवानों, महिला पुलिसकर्मियों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया। रैली शहर के प्रमुख मार्गों और मुख्य बाजार से गुजरी, जहाँ प्रतिभागियों ने महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता और एक सुरक्षित सामाजिक वातावरण बनाने के संदेश आमजन तक पहुँचाए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, महिला हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर सुरक्षा और महिला अपराधों की रोकथाम के बारे में जागरूक करना था। रैली के दौरान आमजन को पुलिस की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और महिलाओं एवं बालिकाओं से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या साइबर अपराध की स्थिति में निर्भीक होकर पुलिस से संपर्क करें और शिकायत दर्ज कराएं।4
- धौलपुर जिले के राजाखेड़ा में नगरपालिका प्रशासन ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए हैं। प्रशासन को माता का मठ के पास स्थित धर्मशाला के सामने नगरपालिका के सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद की गई जांच में सरकारी जमीन पर नींव खोदकर निर्माण की तैयारी किए जाने का मामला सामने आया है। नगरपालिका ने नोटिस के जरिए संबंधित पक्षों को एक दिन के भीतर भूमि के स्वामित्व और कब्जे से जुड़े वैध दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, तो अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी। नगरपालिका का कहना है कि सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- सम्राट चौधरी की ओर से सात हत्याओं के आरोपों और उन मामलों में खुद के बरी होने के दावों पर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले में सम्राट चौधरी के रुख की आलोचना करते हुए कहा गया है कि वे अपराधियों को एक ही नजरिये से नहीं देख रहे हैं। आरोप है कि असली अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि दूसरी ओर एनकाउंटर जैसी कार्रवाई की जा रही है। भरत तिवारी के संदर्भ में भी सवाल खड़े किए गए हैं कि सम्राट चौधरी की कार्यशैली और अपराधियों के प्रति उनके नजरिये से कितना बड़ा अपराध हो रहा है, इस पर स्पष्टीकरण की मांग की गई है।2