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अमरेहा में दो माह से युवक-युवती लापता, पुलिस की दबिश से परिवार परेशान बेटे की तलाश की गुहार लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा पिता, बोला—जांच में सहयोग को तैयार, लेकिन परिवार को न किया जाए परेशान प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के अमरेहा गांव में करीब दो माह से एक युवक और युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवक के पिता रामनेवाज पाल ने पुलिस अधिकारियों से दोनों की तलाश कर सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि बेटे के लापता होने के बाद पुलिस लगातार उनके घर पर दबिश देकर परिजनों से पूछताछ कर रही है, जिससे परिवार परेशान है। रामनेवाज पाल के अनुसार उनका छोटा बेटा शिव बहादुर पाल उर्फ छोटू करीब दो माह पूर्व गांव की ही एक युवती के साथ घर से चला गया था। इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से भी युवक और युवती की तलाश की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली। पीड़ित पिता का कहना है कि वह भेड़ पालन कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास बेटे के वर्तमान ठिकाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से बार-बार घर पर दबिश और पूछताछ किए जाने से परिवार मानसिक रूप से परेशान है। रामनेवाज पाल ने स्पष्ट किया कि परिवार पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए युवक-युवती की जल्द तलाश की जाए और परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। परिजनों ने दोनों के बारे में सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का पुरस्कार देने की घोषणा भी की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच के दौरान दोनों के लापता होने की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और उनकी बरामदगी कब तक हो पाती है। अमरेहा में दो माह से युवक-युवती लापता, पुलिस की दबिश से परिवार परेशान बेटे की तलाश की गुहार लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा पिता, बोला—जांच में सहयोग को तैयार, लेकिन परिवार को न किया जाए परेशान प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के अमरेहा गांव में करीब दो माह से एक युवक और युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवक के पिता रामनेवाज पाल ने पुलिस अधिकारियों से दोनों की तलाश कर सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि बेटे के लापता होने के बाद पुलिस लगातार उनके घर पर दबिश देकर परिजनों से पूछताछ कर रही है, जिससे परिवार परेशान है। रामनेवाज पाल के अनुसार उनका छोटा बेटा शिव बहादुर पाल उर्फ छोटू करीब दो माह पूर्व गांव की ही एक युवती के साथ घर से चला गया था। इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से भी युवक और युवती की तलाश की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली। पीड़ित पिता का कहना है कि वह भेड़ पालन कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास बेटे के वर्तमान ठिकाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से बार-बार घर पर दबिश और पूछताछ किए जाने से परिवार मानसिक रूप से परेशान है। रामनेवाज पाल ने स्पष्ट किया कि परिवार पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए युवक-युवती की जल्द तलाश की जाए और परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। परिजनों ने दोनों के बारे में सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का पुरस्कार देने की घोषणा भी की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच के दौरान दोनों के लापता होने की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और उनकी बरामदगी कब तक हो पाती है।

19 hrs ago
user_Manoj kumar Bind pratahkal express Jamuna paar prabhariprayagraj
Manoj kumar Bind pratahkal express Jamuna paar prabhariprayagraj
Bara, Prayagraj•
19 hrs ago

अमरेहा में दो माह से युवक-युवती लापता, पुलिस की दबिश से परिवार परेशान बेटे की तलाश की गुहार लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा पिता, बोला—जांच में सहयोग को तैयार, लेकिन परिवार को न किया जाए परेशान प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के अमरेहा गांव में करीब दो माह से एक युवक और युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवक के पिता रामनेवाज पाल ने पुलिस अधिकारियों से दोनों की तलाश कर सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि बेटे के लापता होने के बाद पुलिस लगातार उनके घर पर दबिश देकर परिजनों से पूछताछ कर रही है, जिससे परिवार परेशान है। रामनेवाज पाल के अनुसार उनका छोटा बेटा शिव बहादुर पाल उर्फ छोटू करीब दो माह पूर्व गांव की ही एक युवती के साथ घर से चला गया था। इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से भी युवक और युवती की तलाश की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली। पीड़ित पिता का कहना है कि वह भेड़ पालन कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास बेटे के वर्तमान ठिकाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से बार-बार घर पर दबिश और पूछताछ किए जाने से परिवार मानसिक रूप से परेशान है। रामनेवाज पाल ने स्पष्ट किया कि परिवार पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए युवक-युवती की जल्द तलाश की जाए और परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। परिजनों ने दोनों के बारे में सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का पुरस्कार देने की घोषणा भी की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच के दौरान दोनों के लापता होने की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और उनकी बरामदगी कब तक हो पाती है। अमरेहा

में दो माह से युवक-युवती लापता, पुलिस की दबिश से परिवार परेशान बेटे की तलाश की गुहार लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा पिता, बोला—जांच में सहयोग को तैयार, लेकिन परिवार को न किया जाए परेशान प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के अमरेहा गांव में करीब दो माह से एक युवक और युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवक के पिता रामनेवाज पाल ने पुलिस अधिकारियों से दोनों की तलाश कर सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि बेटे के लापता होने के बाद पुलिस लगातार उनके घर पर दबिश देकर परिजनों से पूछताछ कर रही है, जिससे परिवार परेशान है। रामनेवाज पाल के अनुसार उनका छोटा बेटा शिव बहादुर पाल उर्फ छोटू करीब दो माह पूर्व गांव की ही एक युवती के साथ घर से चला गया था। इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से भी युवक और युवती की तलाश की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली। पीड़ित पिता का कहना है कि वह भेड़ पालन कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास बेटे के वर्तमान ठिकाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से बार-बार घर पर दबिश और पूछताछ किए जाने से परिवार मानसिक रूप से परेशान है। रामनेवाज पाल ने स्पष्ट किया कि परिवार पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए युवक-युवती की जल्द तलाश की जाए और परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। परिजनों ने दोनों के बारे में सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का पुरस्कार देने की घोषणा भी की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच के दौरान दोनों के लापता होने की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और उनकी बरामदगी कब तक हो पाती है।

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  • अमरेहा में दो माह से युवक-युवती लापता, पुलिस की दबिश से परिवार परेशान बेटे की तलाश की गुहार लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा पिता, बोला—जांच में सहयोग को तैयार, लेकिन परिवार को न किया जाए परेशान प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के अमरेहा गांव में करीब दो माह से एक युवक और युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवक के पिता रामनेवाज पाल ने पुलिस अधिकारियों से दोनों की तलाश कर सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि बेटे के लापता होने के बाद पुलिस लगातार उनके घर पर दबिश देकर परिजनों से पूछताछ कर रही है, जिससे परिवार परेशान है। रामनेवाज पाल के अनुसार उनका छोटा बेटा शिव बहादुर पाल उर्फ छोटू करीब दो माह पूर्व गांव की ही एक युवती के साथ घर से चला गया था। इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से भी युवक और युवती की तलाश की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली। पीड़ित पिता का कहना है कि वह भेड़ पालन कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास बेटे के वर्तमान ठिकाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से बार-बार घर पर दबिश और पूछताछ किए जाने से परिवार मानसिक रूप से परेशान है। रामनेवाज पाल ने स्पष्ट किया कि परिवार पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए युवक-युवती की जल्द तलाश की जाए और परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। परिजनों ने दोनों के बारे में सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का पुरस्कार देने की घोषणा भी की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच के दौरान दोनों के लापता होने की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और उनकी बरामदगी कब तक हो पाती है। अमरेहा में दो माह से युवक-युवती लापता, पुलिस की दबिश से परिवार परेशान बेटे की तलाश की गुहार लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा पिता, बोला—जांच में सहयोग को तैयार, लेकिन परिवार को न किया जाए परेशान प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के अमरेहा गांव में करीब दो माह से एक युवक और युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवक के पिता रामनेवाज पाल ने पुलिस अधिकारियों से दोनों की तलाश कर सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि बेटे के लापता होने के बाद पुलिस लगातार उनके घर पर दबिश देकर परिजनों से पूछताछ कर रही है, जिससे परिवार परेशान है। रामनेवाज पाल के अनुसार उनका छोटा बेटा शिव बहादुर पाल उर्फ छोटू करीब दो माह पूर्व गांव की ही एक युवती के साथ घर से चला गया था। इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से भी युवक और युवती की तलाश की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली। पीड़ित पिता का कहना है कि वह भेड़ पालन कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास बेटे के वर्तमान ठिकाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से बार-बार घर पर दबिश और पूछताछ किए जाने से परिवार मानसिक रूप से परेशान है। रामनेवाज पाल ने स्पष्ट किया कि परिवार पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए युवक-युवती की जल्द तलाश की जाए और परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। परिजनों ने दोनों के बारे में सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का पुरस्कार देने की घोषणा भी की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच के दौरान दोनों के लापता होने की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और उनकी बरामदगी कब तक हो पाती है।
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    अमरेहा में दो माह से युवक-युवती लापता, पुलिस की दबिश से परिवार परेशान

बेटे की तलाश की गुहार लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा पिता, बोला—जांच में सहयोग को तैयार, लेकिन परिवार को न किया जाए परेशान

प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के अमरेहा गांव में करीब दो माह से एक युवक और युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवक के पिता रामनेवाज पाल ने पुलिस अधिकारियों से दोनों की तलाश कर सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि बेटे के लापता होने के बाद पुलिस लगातार उनके घर पर दबिश देकर परिजनों से पूछताछ कर रही है, जिससे परिवार परेशान है।

रामनेवाज पाल के अनुसार उनका छोटा बेटा शिव बहादुर पाल उर्फ छोटू करीब दो माह पूर्व गांव की ही एक युवती के साथ घर से चला गया था। इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से भी युवक और युवती की तलाश की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली।

पीड़ित पिता का कहना है कि वह भेड़ पालन कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास बेटे के वर्तमान ठिकाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से बार-बार घर पर दबिश और पूछताछ किए जाने से परिवार मानसिक रूप से परेशान है।

रामनेवाज पाल ने स्पष्ट किया कि परिवार पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए युवक-युवती की जल्द तलाश की जाए और परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।

परिजनों ने दोनों के बारे में सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का पुरस्कार देने की घोषणा भी की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच के दौरान दोनों के लापता होने की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और उनकी बरामदगी कब तक हो पाती है।
अमरेहा में दो माह से युवक-युवती लापता, पुलिस की दबिश से परिवार परेशान
बेटे की तलाश की गुहार लेकर अधिकारियों के पास पहुंचा पिता, बोला—जांच में सहयोग को तैयार, लेकिन परिवार को न किया जाए परेशान
प्रयागराज। घूरपुर थाना क्षेत्र के अमरेहा गांव में करीब दो माह से एक युवक और युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवक के पिता रामनेवाज पाल ने पुलिस अधिकारियों से दोनों की तलाश कर सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि बेटे के लापता होने के बाद पुलिस लगातार उनके घर पर दबिश देकर परिजनों से पूछताछ कर रही है, जिससे परिवार परेशान है।
रामनेवाज पाल के अनुसार उनका छोटा बेटा शिव बहादुर पाल उर्फ छोटू करीब दो माह पूर्व गांव की ही एक युवती के साथ घर से चला गया था। इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल सका है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से भी युवक और युवती की तलाश की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली।
पीड़ित पिता का कहना है कि वह भेड़ पालन कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पास बेटे के वर्तमान ठिकाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से बार-बार घर पर दबिश और पूछताछ किए जाने से परिवार मानसिक रूप से परेशान है।
रामनेवाज पाल ने स्पष्ट किया कि परिवार पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए युवक-युवती की जल्द तलाश की जाए और परिवार को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
परिजनों ने दोनों के बारे में सही जानकारी देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का पुरस्कार देने की घोषणा भी की है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच के दौरान दोनों के लापता होने की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और उनकी बरामदगी कब तक हो पाती है।
    user_Manoj kumar Bind pratahkal express Jamuna paar prabhariprayagraj
    Manoj kumar Bind pratahkal express Jamuna paar prabhariprayagraj
    Bara, Prayagraj•
    19 hrs ago
  • *शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक का मरीजों से तीन से चार हजार रुपए के लेनदेन को लेकर वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय : भाग तीन ?*
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    *शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक का मरीजों से तीन से चार हजार रुपए के लेनदेन को लेकर वायरल वीडियो बना चर्चा का विषय : भाग तीन ?*
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • राख ट्रांसपोर्ट करने को लेकर हुई मारपीट, हवाई फायरिंग इलाके में दहशत का माहौल दो गुटों में हिंसक गैंगवार की आशंका । खीरी पुलिस ने करी करवाई भेजा जेल इससे पहले यह आपस में घटना घट चुकी थी पर खास कार्रवाई न होने के कारण फिर आपस में भिड़े थे सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शक्ति से कारी करवाई खीरी । मेजा उर्जा निगम प्रा• लि• कोहडार ( संयुक्त उपक्रम एनटीपीसी) के एक सहायक प्रबंधक की मनमानी व कुप्रबंधन के चलते क्षेत्र में गैंगवार की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। बीते तीन महीने के भीतर कई बार, मारपीट, हवाई फायरिंग, एक दूसरे को जान से मारने की नौबत आई। खीरी पुलिस ने मारपीट के मामले में दो बार एफआईआर दर्ज कर चुकी है, लेकिन यहां पर मामला शांत होने की जगह और गंभीर होता जा रहा है। बीती रात ठेके लेने के वर्चस्व की लड़ाई में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। खुले आम हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की गयी। दरअसल मेजा उर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड ( एनटीपीसी) में एश डाइक ( राख के तालाब) खीरी थाना क्षेत्र के सलैया कला में बनाये गये हैं। बिजली उत्पादन के लिए भारी मात्रा में कोयला व पानी की जरूरत पड़ती है। कोयला जलने के बाद उत्पन्न हुई राख पानी के साथ लिक्विड रूप में तालाब में स्टोर होती है। बाद में राख सीमेंट, ईंट व फीलिंग रीच में उपयोग की जाती है। मेजा उर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड तालाब में स्टोर्ड राख को डिस्पोज करने के लिए टेंडर निकाली है। राख सेटलमेंट के लिए मेजा उर्जा प्र•लि•निगम ने एक सहायक प्रबंधक (एजीएम एश पांऊंड ) नियुक्त कर रखा है। इस समय एजीएम एश पाउंड टेंडर लेने वाली फर्मों के पेटी कांट्रैक्टरों के बीच इस तरह की स्थिति उत्पन्न कर चुके हैं कि राख ट्रांसपोर्ट करने वाले दो पेटी कांट्रैक्टरों के बीच आये दिन मारपीट व हवाई फायरिंग हो रही है। बीते 20 अगस्त को पेटी कॉन्ट्रैक्टरों के दबंगों ने एक दूसरे पर जान लेवा हमला किया। एक गुट के एक व्यक्ति ने दूसरे गुट के आधा दर्जन लोगों के खिलाफ खीरी थाने में एससी/ एसटी सहित मारपीट की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस प्रकरण में पुलिस ने अभी कोई कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजीएम एश डाइक राख डिस्पोज कराने में पेटी कांट्रैक्टरों से सुविधा शुल्क लेते हैं। एक गाडी की लदान और चालान पर दो गाड़ी रिकॉर्ड्स में नोट करते हैं, जिससे राख एक गाडी डिस्पोज होती है और बिल दो गाड़ी का बनता है। इस काम के लिए एजीएम का हिस्सा पहले से फिक्स है। इसी मोटी कमाई को लेकर राख ट्रांसपोर्ट करने को लेकर हुई मारपीट, हवाई फायरिंग इलाके में दहशत का माहौल दो गुटों में हिंसक गैंगवार की आशंका । खीरी पुलिस ने करी करवाई भेजा जेल इससे पहले यह आपस में घटना घट चुकी थी पर खास कार्रवाई न होने के कारण फिर आपस में भिड़े थे सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शक्ति से कारी करवाई खीरी । मेजा उर्जा निगम प्रा• लि• कोहडार ( संयुक्त उपक्रम एनटीपीसी) के एक सहायक प्रबंधक की मनमानी व कुप्रबंधन के चलते क्षेत्र में गैंगवार की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। बीते तीन महीने के भीतर कई बार, मारपीट, हवाई फायरिंग, एक दूसरे को जान से मारने की नौबत आई। खीरी पुलिस ने मारपीट के मामले में दो बार एफआईआर दर्ज कर चुकी है, लेकिन यहां पर मामला शांत होने की जगह और गंभीर होता जा रहा है। बीती रात ठेके लेने के वर्चस्व की लड़ाई में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। खुले आम हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की गयी। दरअसल मेजा उर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड ( एनटीपीसी) में एश डाइक ( राख के तालाब) खीरी थाना क्षेत्र के सलैया कला में बनाये गये हैं। बिजली उत्पादन के लिए भारी मात्रा में कोयला व पानी की जरूरत पड़ती है। कोयला जलने के बाद उत्पन्न हुई राख पानी के साथ लिक्विड रूप में तालाब में स्टोर होती है। बाद में राख सीमेंट, ईंट व फीलिंग रीच में उपयोग की जाती है। मेजा उर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड तालाब में स्टोर्ड राख को डिस्पोज करने के लिए टेंडर निकाली है। राख सेटलमेंट के लिए मेजा उर्जा प्र•लि•निगम ने एक सहायक प्रबंधक (एजीएम एश पांऊंड ) नियुक्त कर रखा है। इस समय एजीएम एश पाउंड टेंडर लेने वाली फर्मों के पेटी कांट्रैक्टरों के बीच इस तरह की स्थिति उत्पन्न कर चुके हैं कि राख ट्रांसपोर्ट करने वाले दो पेटी कांट्रैक्टरों के बीच आये दिन मारपीट व हवाई फायरिंग हो रही है। बीते 20 अगस्त को पेटी कॉन्ट्रैक्टरों के दबंगों ने एक दूसरे पर जान लेवा हमला किया। एक गुट के एक व्यक्ति ने दूसरे गुट के आधा दर्जन लोगों के खिलाफ खीरी थाने में एससी/ एसटी सहित मारपीट की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस प्रकरण में पुलिस ने अभी कोई कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजीएम एश डाइक राख डिस्पोज कराने में पेटी कांट्रैक्टरों से सुविधा शुल्क लेते हैं। एक गाडी की लदान और चालान पर दो गाड़ी रिकॉर्ड्स में नोट करते हैं, जिससे राख एक गाडी डिस्पोज होती है और बिल दो गाड़ी का बनता है। इस काम के लिए एजीएम का हिस्सा पहले से फिक्स है। इसी मोटी कमाई को लेकर
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    राख ट्रांसपोर्ट करने को लेकर हुई मारपीट,  हवाई फायरिंग 
इलाके में दहशत का माहौल 
दो गुटों में हिंसक गैंगवार की आशंका ।  

खीरी पुलिस ने  करी करवाई भेजा जेल  इससे पहले यह आपस में घटना घट चुकी थी पर खास कार्रवाई न होने के कारण फिर आपस में भिड़े थे सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शक्ति से कारी करवाई
खीरी । 
मेजा उर्जा निगम प्रा• लि• कोहडार ( संयुक्त उपक्रम एनटीपीसी) के एक सहायक प्रबंधक की मनमानी व कुप्रबंधन के चलते क्षेत्र में गैंगवार की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। बीते तीन महीने के भीतर कई बार, मारपीट, हवाई फायरिंग, एक दूसरे को जान से मारने की नौबत  आई। 
खीरी पुलिस ने मारपीट के मामले में दो बार एफआईआर दर्ज कर चुकी है, लेकिन यहां पर मामला शांत होने की जगह और गंभीर होता जा रहा है। बीती रात ठेके लेने के वर्चस्व की लड़ाई में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। खुले आम हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की गयी। 
दरअसल मेजा उर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड ( एनटीपीसी) में  एश डाइक ( राख के तालाब) खीरी थाना क्षेत्र के सलैया कला में बनाये गये हैं। बिजली उत्पादन  के लिए भारी मात्रा में कोयला व पानी की जरूरत पड़ती है।  कोयला जलने के बाद उत्पन्न हुई राख पानी के साथ लिक्विड रूप में तालाब में स्टोर होती है। बाद में राख सीमेंट, ईंट व फीलिंग रीच में उपयोग की जाती है। 
मेजा उर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड तालाब में स्टोर्ड राख को डिस्पोज करने के लिए टेंडर निकाली है। राख सेटलमेंट के लिए मेजा उर्जा प्र•लि•निगम ने एक सहायक प्रबंधक (एजीएम एश पांऊंड ) नियुक्त कर रखा है। 
इस समय एजीएम एश पाउंड टेंडर लेने वाली फर्मों के पेटी कांट्रैक्टरों के बीच इस तरह की स्थिति उत्पन्न कर चुके हैं कि राख ट्रांसपोर्ट करने वाले दो पेटी कांट्रैक्टरों के बीच आये दिन मारपीट व हवाई फायरिंग हो रही है। बीते 20 अगस्त को पेटी कॉन्ट्रैक्टरों के दबंगों ने एक दूसरे पर जान लेवा हमला किया। एक गुट के एक व्यक्ति ने दूसरे गुट के आधा दर्जन लोगों के खिलाफ खीरी थाने में एससी/ एसटी सहित मारपीट की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस प्रकरण में पुलिस ने अभी कोई कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजीएम एश डाइक राख डिस्पोज कराने में पेटी कांट्रैक्टरों से सुविधा शुल्क लेते हैं। एक गाडी की लदान और चालान पर दो गाड़ी रिकॉर्ड्स में नोट करते हैं, जिससे राख एक गाडी डिस्पोज होती है और बिल दो गाड़ी का बनता है। इस काम के लिए एजीएम का हिस्सा पहले से फिक्स है। इसी मोटी कमाई को लेकर
राख ट्रांसपोर्ट करने को लेकर हुई मारपीट,  हवाई फायरिंग 
इलाके में दहशत का माहौल 
दो गुटों में हिंसक गैंगवार की आशंका ।  
खीरी पुलिस ने  करी करवाई भेजा जेल  इससे पहले यह आपस में घटना घट चुकी थी पर खास कार्रवाई न होने के कारण फिर आपस में भिड़े थे सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद शक्ति से कारी करवाई
खीरी । 
मेजा उर्जा निगम प्रा• लि• कोहडार ( संयुक्त उपक्रम एनटीपीसी) के एक सहायक प्रबंधक की मनमानी व कुप्रबंधन के चलते क्षेत्र में गैंगवार की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। बीते तीन महीने के भीतर कई बार, मारपीट, हवाई फायरिंग, एक दूसरे को जान से मारने की नौबत  आई। 
खीरी पुलिस ने मारपीट के मामले में दो बार एफआईआर दर्ज कर चुकी है, लेकिन यहां पर मामला शांत होने की जगह और गंभीर होता जा रहा है। बीती रात ठेके लेने के वर्चस्व की लड़ाई में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। खुले आम हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की गयी। 
दरअसल मेजा उर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड ( एनटीपीसी) में  एश डाइक ( राख के तालाब) खीरी थाना क्षेत्र के सलैया कला में बनाये गये हैं। बिजली उत्पादन  के लिए भारी मात्रा में कोयला व पानी की जरूरत पड़ती है।  कोयला जलने के बाद उत्पन्न हुई राख पानी के साथ लिक्विड रूप में तालाब में स्टोर होती है। बाद में राख सीमेंट, ईंट व फीलिंग रीच में उपयोग की जाती है। 
मेजा उर्जा निगम प्राइवेट लिमिटेड तालाब में स्टोर्ड राख को डिस्पोज करने के लिए टेंडर निकाली है। राख सेटलमेंट के लिए मेजा उर्जा प्र•लि•निगम ने एक सहायक प्रबंधक (एजीएम एश पांऊंड ) नियुक्त कर रखा है। 
इस समय एजीएम एश पाउंड टेंडर लेने वाली फर्मों के पेटी कांट्रैक्टरों के बीच इस तरह की स्थिति उत्पन्न कर चुके हैं कि राख ट्रांसपोर्ट करने वाले दो पेटी कांट्रैक्टरों के बीच आये दिन मारपीट व हवाई फायरिंग हो रही है। बीते 20 अगस्त को पेटी कॉन्ट्रैक्टरों के दबंगों ने एक दूसरे पर जान लेवा हमला किया। एक गुट के एक व्यक्ति ने दूसरे गुट के आधा दर्जन लोगों के खिलाफ खीरी थाने में एससी/ एसटी सहित मारपीट की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस प्रकरण में पुलिस ने अभी कोई कार्रवाई नहीं की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजीएम एश डाइक राख डिस्पोज कराने में पेटी कांट्रैक्टरों से सुविधा शुल्क लेते हैं। एक गाडी की लदान और चालान पर दो गाड़ी रिकॉर्ड्स में नोट करते हैं, जिससे राख एक गाडी डिस्पोज होती है और बिल दो गाड़ी का बनता है। इस काम के लिए एजीएम का हिस्सा पहले से फिक्स है। इसी मोटी कमाई को लेकर
    user_Rahul Mishra Ak News
    Rahul Mishra Ak News
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • लापरवाही से गाड़ी चलाने का वीडियो वायरल होने के उपरांत संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई की गई। बीच चौराहे पर स्टैंड करना पड़ा भारी प्रयागराज में पुलिस ने गाड़ियों को कब्जे में लेकर किया करवाई जिससे मचा हड़कंप। लापरवाही से गाड़ी चलाने का वीडियो वायरल होने के उपरांत संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई की गई। बीच चौराहे पर स्टैंड करना पड़ा भारी प्रयागराज में पुलिस ने गाड़ियों को कब्जे में लेकर किया करवाई जिससे मचा हड़कंप।
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    लापरवाही से गाड़ी चलाने का वीडियो वायरल होने के उपरांत संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
बीच चौराहे पर स्टैंड करना पड़ा भारी प्रयागराज में पुलिस ने गाड़ियों को कब्जे में लेकर किया करवाई जिससे मचा हड़कंप।
लापरवाही से गाड़ी चलाने का वीडियो वायरल होने के उपरांत संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
बीच चौराहे पर स्टैंड करना पड़ा भारी प्रयागराज में पुलिस ने गाड़ियों को कब्जे में लेकर किया करवाई जिससे मचा हड़कंप।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • घर के सामने गिरे पेड़ का हिस्सा आधा-अधूरा छोड़ दिया, बारिश में हुआ था धराशाई बारिश में धराशायी हुआ था विशाल नीम का पेड़, मकान का अगला हिस्सा भी हुआ था क्षतिग्रस्त मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरुवा के सोरांव गांव स्थित आदर्श नगर मोहल्ले में बारिश के दौरान सड़क किनारे लगा विशाल नीम का पेड़ धराशायी हो गया था। पेड़ गिरने से स्थानीय निवासी शिव प्रसाद गुप्ता के मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। पेड़ गिरने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ हटाने का काम कराया गया, लेकिन पेड़ का नीचे का एक बड़ा हिस्सा अब भी मकान के सामने पड़ा हुआ है। मकान के मुख्य दरवाजे के सामने पेड़ का भारी हिस्सा पड़े होने से परिवार के लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। साथ ही घर के सामने पड़ा पेड़ का बड़ा हिस्सा सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता का कारण बना हुआ है। परिवार का कहना है कि पेड़ हटाने का काम पूरा नहीं होने से समस्या अभी भी बनी हुई है। शिव प्रसाद गुप्ता ने बताया कि पेड़ के कमजोर होने की जानकारी उन्होंने पहले ही वन विभाग को दे दी थी। बारिश के दौरान पेड़ गिरने से मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। विभाग की ओर से पेड़ हटाने का काम कराया गया, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा घर के सामने ही छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि “घर के दरवाजे के सामने पेड़ का इतना बड़ा हिस्सा पड़ा होने से परिवार को परेशानी हो रही है। वन विभाग से अनुरोध है कि बचे हुए हिस्से को भी जल्द हटवा दिया जाए, ताकि आवागमन में परेशानी न हो और किसी तरह की अनहोनी की आशंका भी न रहे।” स्थानीय लोगों ने भी संबंधित विभाग से घर के सामने पड़े पेड़ के शेष हिस्से को जल्द हटवाने की मांग की है, जिससे रास्ता पूरी तरह साफ हो सके।
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    घर के सामने गिरे पेड़ का हिस्सा आधा-अधूरा छोड़ दिया, बारिश में हुआ था धराशाई 
बारिश में धराशायी हुआ था विशाल नीम का पेड़, मकान का अगला हिस्सा भी हुआ था क्षतिग्रस्त
मेजा, प्रयागराज। मेजा तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरुवा के सोरांव गांव स्थित आदर्श नगर मोहल्ले में बारिश के दौरान सड़क किनारे लगा विशाल नीम का पेड़ धराशायी हो गया था। पेड़ गिरने से स्थानीय निवासी शिव प्रसाद गुप्ता के मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। पेड़ गिरने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ हटाने का काम कराया गया, लेकिन पेड़ का नीचे का एक बड़ा हिस्सा अब भी मकान के सामने पड़ा हुआ है।
मकान के मुख्य दरवाजे के सामने पेड़ का भारी हिस्सा पड़े होने से परिवार के लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। साथ ही घर के सामने पड़ा पेड़ का बड़ा हिस्सा सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता का कारण बना हुआ है। परिवार का कहना है कि पेड़ हटाने का काम पूरा नहीं होने से समस्या अभी भी बनी हुई है।
शिव प्रसाद गुप्ता ने बताया कि पेड़ के कमजोर होने की जानकारी उन्होंने पहले ही वन विभाग को दे दी थी। बारिश के दौरान पेड़ गिरने से मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। विभाग की ओर से पेड़ हटाने का काम कराया गया, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा घर के सामने ही छोड़ दिया गया है।
उन्होंने कहा कि “घर के दरवाजे के सामने पेड़ का इतना बड़ा हिस्सा पड़ा होने से परिवार को परेशानी हो रही है। वन विभाग से अनुरोध है कि बचे हुए हिस्से को भी जल्द हटवा दिया जाए, ताकि आवागमन में परेशानी न हो और किसी तरह की अनहोनी की आशंका भी न रहे।”
स्थानीय लोगों ने भी संबंधित विभाग से घर के सामने पड़े पेड़ के शेष हिस्से को जल्द हटवाने की मांग की है, जिससे रास्ता पूरी तरह साफ हो सके।
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • *राष्ट्रीय लोक अदालत ने रचा इतिहास-2,54,642 मामलों का निस्तारण, 1990 से चला आ रहा विवाद सुलह से समाप्त* *12.70 लाख जुर्माना वसूल, 9.19 करोड़ का प्रतिकर अवार्ड पारित* मीरजापुर 12 सितम्बर 2026- मा0 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर अनुपम कुमार के मार्गदर्शन में दिनांक 12.09.2026 को जनपद न्यायालय, मीरजापुर, वाह्य न्यायालय चुनार, ग्राम न्यायालय मड़िहान, ग्राम न्यायालय लालगंज एवं जनपद के समस्त संबंधित न्यायालयों/स्थलों पर राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनुपम कुमार, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय संजय कुमार शुक्ला, अपर जनपद न्यायाधीश/नोडल अधिकारी (राष्ट्रीय लोक अदालत) संतोष कुमार गौतम, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आनन्द कुमार-प्प्, समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं अध्यक्ष, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन अभयराज सिंह द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं बैंक अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक कर राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने तथा अधिकाधिक लंबित एवं प्री-लिटिगेशन वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, वादकारियों को त्वरित एवं अधिकाधिक सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जनपद न्यायालय परिसर सहित जनपद के समस्त संबंधित न्यायालयों एवं स्थलों पर बड़ी संख्या में लंबित तथा प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह-समझौते एवं सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,54,642 मामलों का निस्तारण किया गया। विभिन्न मामलों में कुल मु0 12,70,405.00 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया तथा मृतकों एवं घायलों के पक्ष में मोटर दुर्घटना प्रतिकर के रूप में लगभग 9,19,80,360.00 रुपये़ के प्रतिकर अवार्ड पारित किए गए। मीरजापुर के इतिहास में इतने मुकदमों का निस्तारण पहली बार हुआ है। राष्ट्रीय लोक अदालत की विशेष उपलब्धि अपर जनपद न्यायाधीष-प्रथम संतोश कुमार गौतम द्वारा 1990 से चले आ रहे मुकदमें का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया, यह निस्तारण इस बात का उल्लेखनीय उदाहरण है कि वर्षों से लंबित विवादों का भी संवाद, सहमति एवं समझौते के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान संभव है एवं प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पल्लवी सिंह द्वारा 20 वर्ष से अधिक पुराने 02 वाद तथा 10 वर्ष से अधिक पुराने 09 वादों का भी निस्तारण किया गया। लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, दीवानी वाद, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, बैंक ऋण एवं वित्तीय संस्थाओं से संबंधित प्रकरण, विद्युत एवं अन्य विभागों से संबंधित मामले, राजस्व संबंधी प्रकरण तथा विभिन्न प्रकार के प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर आनन्द कुमार-ll ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल लंबित मुकदमों की संख्या कम करना नहीं है, बल्कि पक्षकारों को ऐसा न्यायसंगत एवं सौहार्दपूर्ण समाधान उपलब्ध कराना है, जिससे दोनों पक्ष संतुष्ट होकर न्यायालय से वापस लौटें। वर्ष 1990 से चले आ रहे विवाद का निस्तारण इसी भावना की एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी मिसाल है। लोक अदालत के माध्यम से वादों का निस्तारण होने से पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होती है तथा पारस्परिक संबंध बने रहते है।
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    *राष्ट्रीय लोक अदालत ने रचा इतिहास-2,54,642 मामलों का निस्तारण, 1990 से चला आ रहा विवाद सुलह से समाप्त*
*12.70 लाख जुर्माना वसूल, 9.19 करोड़ का प्रतिकर अवार्ड पारित*
मीरजापुर 12 सितम्बर 2026- मा0 राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन में तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर अनुपम कुमार के मार्गदर्शन में दिनांक 12.09.2026 को जनपद न्यायालय, मीरजापुर, वाह्य न्यायालय चुनार, ग्राम न्यायालय मड़िहान, ग्राम न्यायालय लालगंज एवं जनपद के समस्त संबंधित न्यायालयों/स्थलों पर राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनुपम कुमार, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय संजय कुमार शुक्ला, अपर जनपद न्यायाधीश/नोडल अधिकारी (राष्ट्रीय लोक अदालत) संतोष कुमार गौतम, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आनन्द कुमार-प्प्, समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं अध्यक्ष, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन अभयराज सिंह द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं बैंक अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक कर राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने तथा अधिकाधिक लंबित एवं प्री-लिटिगेशन वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, वादकारियों को त्वरित एवं अधिकाधिक सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जनपद न्यायालय परिसर सहित जनपद के समस्त संबंधित न्यायालयों एवं स्थलों पर बड़ी संख्या में लंबित तथा प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह-समझौते एवं सहमति के आधार पर निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 2,54,642 मामलों का निस्तारण किया गया। विभिन्न मामलों में कुल मु0 12,70,405.00 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया तथा मृतकों एवं घायलों के पक्ष में मोटर दुर्घटना प्रतिकर के रूप में लगभग 9,19,80,360.00 रुपये़ के प्रतिकर अवार्ड पारित किए गए। मीरजापुर के इतिहास में इतने मुकदमों का निस्तारण पहली बार हुआ है।
राष्ट्रीय लोक अदालत की विशेष उपलब्धि अपर जनपद न्यायाधीष-प्रथम संतोश कुमार गौतम द्वारा 1990 से चले आ रहे मुकदमें का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया, यह निस्तारण इस बात का उल्लेखनीय उदाहरण है कि वर्षों से लंबित विवादों का भी संवाद, सहमति एवं समझौते के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान संभव है एवं प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पल्लवी सिंह द्वारा 20 वर्ष से अधिक पुराने 02 वाद तथा 10 वर्ष से अधिक पुराने 09 वादों का भी निस्तारण किया गया।
लोक अदालत में आपराधिक शमनीय वाद, दीवानी वाद, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, बैंक ऋण एवं वित्तीय संस्थाओं से संबंधित प्रकरण, विद्युत एवं अन्य विभागों से संबंधित मामले, राजस्व संबंधी प्रकरण तथा विभिन्न प्रकार के प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मीरजापुर आनन्द कुमार-ll ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल लंबित मुकदमों की संख्या कम करना नहीं है, बल्कि पक्षकारों को ऐसा न्यायसंगत एवं सौहार्दपूर्ण समाधान उपलब्ध कराना है, जिससे दोनों पक्ष संतुष्ट होकर न्यायालय से वापस लौटें। वर्ष 1990 से चले आ रहे विवाद का निस्तारण इसी भावना की एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी मिसाल है। लोक अदालत के माध्यम से वादों का निस्तारण होने से पक्षकारों के समय एवं धन की बचत होती है तथा पारस्परिक संबंध बने रहते है।
    user_Manjay Varma
    Manjay Varma
    लालगंज, मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • जुआरियों का लग रहा जमावड़ा, प्रशासन मौन जारी बाजार समेत कई स्थानों पर खुलेआम जुआ खेलने का आरोप, सूचना के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी जारी, प्रयागराज। जारी क्षेत्र में इन दिनों कथित रूप से जुए की फड़ सजने की चर्चा तेज है। जारी बाजार समेत आसपास के कई स्थानों पर खुलेआम जुआ खेले जाने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया है। ग्रामीणों के मुताबिक, इन स्थानों पर सुबह से लेकर शाम तक जुआरियों का जमावड़ा दिखाई देता है। जुए में बड़ी रकम के दांव लगाए जाने की भी चर्चा है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जारी चौकी क्षेत्र के जारी बाजार, गढ़ैया कला, गढ़ैया खुर्द, लोटाढ़, सेमरी समेत दर्जनों स्थानों पर खाली पड़े मैदान और सुनसान जगहों को कथित जुआरियों ने अड्डे के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। लोगों के अनुसार, इन स्थानों पर कई घंटे तक जुआ चलता रहता है। जुए में आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी लोगों के पहुंचने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि इन कथित जुए की फड़ों पर प्रतिदिन हजारों रुपये का दांव लगाया जाता है और एक दिन में करीब एक लाख रुपये तक के लेनदेन की चर्चा है। हालांकि, इस रकम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जुए के बढ़ते चलन से क्षेत्र के युवाओं पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आर्थिक नुकसान के साथ परिवारों में विवाद की स्थिति पैदा होने की आशंका भी बनी रहती है। सूचना के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप क्षेत्रवासियों का कहना है कि जुआ खेले जाने की जानकारी पुलिस को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद कथित जुए की फड़ों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई के अभाव में जुआरियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और अब कई स्थानों पर खुलेआम जुआ खेलने की चर्चा सामने आ रही है। युवाओं पर पड़ सकता है असर स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि समय रहते जुए के अड्डों पर रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर क्षेत्र के युवाओं पर पड़ सकता है। जुए की वजह से आर्थिक नुकसान के साथ आपसी विवाद और अपराध की घटनाओं की आशंका भी बढ़ सकती है। क्षेत्रवासियों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से जारी चौकी क्षेत्र में जांच अभियान चलाकर कथित जुए की फड़ों की पहचान करने और नियम के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी से ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है। जुआरियों का लग रहा जमावड़ा, प्रशासन मौन जारी बाजार समेत कई स्थानों पर खुलेआम जुआ खेलने का आरोप, सूचना के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी जारी, प्रयागराज। जारी क्षेत्र में इन दिनों कथित रूप से जुए की फड़ सजने की चर्चा तेज है। जारी बाजार समेत आसपास के कई स्थानों पर खुलेआम जुआ खेले जाने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया है। ग्रामीणों के मुताबिक, इन स्थानों पर सुबह से लेकर शाम तक जुआरियों का जमावड़ा दिखाई देता है। जुए में बड़ी रकम के दांव लगाए जाने की भी चर्चा है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जारी चौकी क्षेत्र के जारी बाजार, गढ़ैया कला, गढ़ैया खुर्द, लोटाढ़, सेमरी समेत दर्जनों स्थानों पर खाली पड़े मैदान और सुनसान जगहों को कथित जुआरियों ने अड्डे के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। लोगों के अनुसार, इन स्थानों पर कई घंटे तक जुआ चलता रहता है। जुए में आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी लोगों के पहुंचने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि इन कथित जुए की फड़ों पर प्रतिदिन हजारों रुपये का दांव लगाया जाता है और एक दिन में करीब एक लाख रुपये तक के लेनदेन की चर्चा है। हालांकि, इस रकम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जुए के बढ़ते चलन से क्षेत्र के युवाओं पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आर्थिक नुकसान के साथ परिवारों में विवाद की स्थिति पैदा होने की आशंका भी बनी रहती है। सूचना के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप क्षेत्रवासियों का कहना है कि जुआ खेले जाने की जानकारी पुलिस को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद कथित जुए की फड़ों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई के अभाव में जुआरियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और अब कई स्थानों पर खुलेआम जुआ खेलने की चर्चा सामने आ रही है। युवाओं पर पड़ सकता है असर स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि समय रहते जुए के अड्डों पर रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर क्षेत्र के युवाओं पर पड़ सकता है। जुए की वजह से आर्थिक नुकसान के साथ आपसी विवाद और अपराध की घटनाओं की आशंका भी बढ़ सकती है। क्षेत्रवासियों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से जारी चौकी क्षेत्र में जांच अभियान चलाकर कथित जुए की फड़ों की पहचान करने और नियम के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी से ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
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    जुआरियों का लग रहा जमावड़ा, प्रशासन मौन

जारी बाजार समेत कई स्थानों पर खुलेआम जुआ खेलने का आरोप, सूचना के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी

जारी, प्रयागराज। जारी क्षेत्र में इन दिनों कथित रूप से जुए की फड़ सजने की चर्चा तेज है। जारी बाजार समेत आसपास के कई स्थानों पर खुलेआम जुआ खेले जाने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया है। ग्रामीणों के मुताबिक, इन स्थानों पर सुबह से लेकर शाम तक जुआरियों का जमावड़ा दिखाई देता है। जुए में बड़ी रकम के दांव लगाए जाने की भी चर्चा है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जारी चौकी क्षेत्र के जारी बाजार, गढ़ैया कला, गढ़ैया खुर्द, लोटाढ़, सेमरी समेत दर्जनों स्थानों पर खाली पड़े मैदान और सुनसान जगहों को कथित जुआरियों ने अड्डे के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। लोगों के अनुसार, इन स्थानों पर कई घंटे तक जुआ चलता रहता है। जुए में आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी लोगों के पहुंचने की बात कही जा रही है।

ग्रामीणों का दावा है कि इन कथित जुए की फड़ों पर प्रतिदिन हजारों रुपये का दांव लगाया जाता है और एक दिन में करीब एक लाख रुपये तक के लेनदेन की चर्चा है। हालांकि, इस रकम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जुए के बढ़ते चलन से क्षेत्र के युवाओं पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आर्थिक नुकसान के साथ परिवारों में विवाद की स्थिति पैदा होने की आशंका भी बनी रहती है।

सूचना के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप

क्षेत्रवासियों का कहना है कि जुआ खेले जाने की जानकारी पुलिस को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद कथित जुए की फड़ों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई के अभाव में जुआरियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और अब कई स्थानों पर खुलेआम जुआ खेलने की चर्चा सामने आ रही है।

युवाओं पर पड़ सकता है असर

स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि समय रहते जुए के अड्डों पर रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर क्षेत्र के युवाओं पर पड़ सकता है। जुए की वजह से आर्थिक नुकसान के साथ आपसी विवाद और अपराध की घटनाओं की आशंका भी बढ़ सकती है। क्षेत्रवासियों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से जारी चौकी क्षेत्र में जांच अभियान चलाकर कथित जुए की फड़ों की पहचान करने और नियम के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी से ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
जुआरियों का लग रहा जमावड़ा, प्रशासन मौन
जारी बाजार समेत कई स्थानों पर खुलेआम जुआ खेलने का आरोप, सूचना के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी
जारी, प्रयागराज। जारी क्षेत्र में इन दिनों कथित रूप से जुए की फड़ सजने की चर्चा तेज है। जारी बाजार समेत आसपास के कई स्थानों पर खुलेआम जुआ खेले जाने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया है। ग्रामीणों के मुताबिक, इन स्थानों पर सुबह से लेकर शाम तक जुआरियों का जमावड़ा दिखाई देता है। जुए में बड़ी रकम के दांव लगाए जाने की भी चर्चा है। इसको लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जारी चौकी क्षेत्र के जारी बाजार, गढ़ैया कला, गढ़ैया खुर्द, लोटाढ़, सेमरी समेत दर्जनों स्थानों पर खाली पड़े मैदान और सुनसान जगहों को कथित जुआरियों ने अड्डे के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। लोगों के अनुसार, इन स्थानों पर कई घंटे तक जुआ चलता रहता है। जुए में आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी लोगों के पहुंचने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों का दावा है कि इन कथित जुए की फड़ों पर प्रतिदिन हजारों रुपये का दांव लगाया जाता है और एक दिन में करीब एक लाख रुपये तक के लेनदेन की चर्चा है। हालांकि, इस रकम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जुए के बढ़ते चलन से क्षेत्र के युवाओं पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आर्थिक नुकसान के साथ परिवारों में विवाद की स्थिति पैदा होने की आशंका भी बनी रहती है।
सूचना के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जुआ खेले जाने की जानकारी पुलिस को कई बार दी जा चुकी है। इसके बावजूद कथित जुए की फड़ों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई के अभाव में जुआरियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और अब कई स्थानों पर खुलेआम जुआ खेलने की चर्चा सामने आ रही है।
युवाओं पर पड़ सकता है असर
स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि समय रहते जुए के अड्डों पर रोक नहीं लगाई गई तो इसका असर क्षेत्र के युवाओं पर पड़ सकता है। जुए की वजह से आर्थिक नुकसान के साथ आपसी विवाद और अपराध की घटनाओं की आशंका भी बढ़ सकती है। क्षेत्रवासियों ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से जारी चौकी क्षेत्र में जांच अभियान चलाकर कथित जुए की फड़ों की पहचान करने और नियम के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी से ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
    user_Manoj kumar Bind pratahkal express Jamuna paar prabhariprayagraj
    Manoj kumar Bind pratahkal express Jamuna paar prabhariprayagraj
    Bara, Prayagraj•
    22 hrs ago
  • खानपुर में बाज का विशाल स्टैच्यू चर्चा में, सतीश चंद्र गुप्ता ने अपनी छत के ऊपर लगवाई प्रतिमा खानपुर में बाज का विशाल स्टैच्यू चर्चा में, सतीश चंद्र गुप्ता ने अपनी छत के ऊपर लगवाई प्रतिमा मेजा,प्रयागराज । मेजा तहसील क्षेत्र स्थित खानपुर  में इन दिनों बाज की एक विशाल प्रतिमा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। खास बात यह है कि इस प्रतिमा को सतीश चंद्र गुप्ता (कृष भाई) ने अपने घर की छत के ऊपर स्थापित कराया है। खानपुर में दूर से ही नजर आने वाला यह विशाल बाज का स्टैच्यू लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। घर की छत पर लगी इस भव्य प्रतिमा को देखने के लिए स्थानीय लोग रुक रहे हैं और इसकी तस्वीरें भी ले रहे हैं। सतीश चंद्र गुप्ता का कहना है कि प्रतिमा को लगाने का उद्देश्य क्षेत्र में एक अलग पहचान और आकर्षण पैदा करना है। बाज की विशाल आकृति को खास अंदाज में तैयार कराया गया है, जो आसपास से गुजरने वाले लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनी हुई है। फिलहाल खानपुर में अपनी तरह की यह अनोखी प्रतिमा लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
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    खानपुर में बाज का विशाल स्टैच्यू चर्चा में, सतीश चंद्र गुप्ता ने अपनी छत के ऊपर लगवाई प्रतिमा
खानपुर में बाज का विशाल स्टैच्यू चर्चा में, सतीश चंद्र गुप्ता ने अपनी छत के ऊपर लगवाई प्रतिमा
मेजा,प्रयागराज । मेजा तहसील क्षेत्र स्थित खानपुर  में इन दिनों बाज की एक विशाल प्रतिमा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। खास बात यह है कि इस प्रतिमा को सतीश चंद्र गुप्ता (कृष भाई) ने अपने घर की छत के ऊपर स्थापित कराया है।
खानपुर में दूर से ही नजर आने वाला यह विशाल बाज का स्टैच्यू लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। घर की छत पर लगी इस भव्य प्रतिमा को देखने के लिए स्थानीय लोग रुक रहे हैं और इसकी तस्वीरें भी ले रहे हैं।
सतीश चंद्र गुप्ता का कहना है कि प्रतिमा को लगाने का उद्देश्य क्षेत्र में एक अलग पहचान और आकर्षण पैदा करना है। बाज की विशाल आकृति को खास अंदाज में तैयार कराया गया है, जो आसपास से गुजरने वाले लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनी हुई है।
फिलहाल खानपुर में अपनी तरह की यह अनोखी प्रतिमा लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • जंगल उजड़े तो सड़क पर निकले जीव, डंपर ने कुचला अजगर, सड़वा तिराहे के पास हादसा सड़वा तिराहे के पास प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे पर हादसा, मौके पर हुई अजगर के बच्चे की मौत सरस्वती हाईटेक सिटी के विस्तार के बाद वन्य जीवों के सामने संकट, रिहायशी इलाकों और लिंक मार्गों पर बढ़ा विचरण प्रयागराज। औद्योगिक क्षेत्र के वार्ड नंबर 70 स्थित सड़वा कला तिराहे के समीप प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे पर शनिवार रात एक अजगर के बच्चे की डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ। जब अजगर सड़क पार कर दूसरी ओर जाने की कोशिश कर रहा था। आसपास मौजूद लोगों ने उसे हाईवे की ओर बढ़ते देखा, लेकिन तेज रफ्तार से गुजर रहे डंपर की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़वा क्षेत्र में पहले जंगल का बड़ा हिस्सा वन्य जीवों का प्राकृतिक ठिकाना था। सरस्वती हाईटेक सिटी के विस्तार और जंगल क्षेत्र में लगातार हुए बदलाव के चलते अब जंगली जीवों के सामने सुरक्षित ठिकाने का संकट खड़ा हो गया है। इसके चलते अजगर समेत कई अन्य जीव-जंतु रिहायशी इलाकों, लिंक मार्गों और सड़क किनारे दिखाई देने लगे हैं। वार्ड 70 के सड़वा कला और सरस्वती हाईटेक से जुड़े सड़कों पर आसपास के इलाकों में रात के समय ऐसे जीवों का विचरण अधिक देखने को मिलता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बार अजगर और अन्य जहरीले जीव जंतु सड़क अथवा आबादी के आसपास दिखाई देते हैं। इससे जहां इन जीवों की जान को खतरा बना रहता है। पूरी तरह से अंधेरा कायम होने की वजह से राहगीरों और स्थानीय निवासियों में भी भय का माहौल कायम रहता है। लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास और उनकी सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। सड़क किनारे ऐसे जीवों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि अगली बार किसी वन्य जीव की जान सड़क हादसे में न जाए।
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    जंगल उजड़े तो सड़क पर निकले जीव, डंपर ने कुचला अजगर, सड़वा तिराहे के पास हादसा
सड़वा तिराहे के पास प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे पर हादसा, मौके पर हुई अजगर के बच्चे की मौत
सरस्वती हाईटेक सिटी के विस्तार के बाद वन्य जीवों के सामने संकट, रिहायशी इलाकों और लिंक मार्गों पर बढ़ा विचरण
प्रयागराज। औद्योगिक क्षेत्र के वार्ड नंबर 70 स्थित सड़वा कला तिराहे के समीप प्रयागराज-मीरजापुर हाईवे पर शनिवार रात एक अजगर के बच्चे की डंपर की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ। जब अजगर सड़क पार कर दूसरी ओर जाने की कोशिश कर रहा था। आसपास मौजूद लोगों ने उसे हाईवे की ओर बढ़ते देखा, लेकिन तेज रफ्तार से गुजर रहे डंपर की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़वा क्षेत्र में पहले जंगल का बड़ा हिस्सा वन्य जीवों का प्राकृतिक ठिकाना था। सरस्वती हाईटेक सिटी के विस्तार और जंगल क्षेत्र में लगातार हुए बदलाव के चलते अब जंगली जीवों के सामने सुरक्षित ठिकाने का संकट खड़ा हो गया है। इसके चलते अजगर समेत कई अन्य जीव-जंतु रिहायशी इलाकों, लिंक मार्गों और सड़क किनारे दिखाई देने लगे हैं।
वार्ड 70 के सड़वा कला और सरस्वती हाईटेक से जुड़े सड़कों पर आसपास के इलाकों में रात के समय ऐसे जीवों का विचरण अधिक देखने को मिलता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बार अजगर और अन्य जहरीले जीव जंतु सड़क अथवा आबादी के आसपास दिखाई देते हैं। इससे जहां इन जीवों की जान को खतरा बना रहता है। पूरी तरह से अंधेरा कायम होने की वजह से राहगीरों और स्थानीय निवासियों में भी भय का माहौल कायम रहता है। लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास और उनकी सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। सड़क किनारे ऐसे जीवों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि अगली बार किसी वन्य जीव की जान सड़क हादसे में न जाए।
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 day ago
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