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🟥 🚨 BREAKING NEWS 🚨 📍 लोकेशन: दौसा, राजस्थान 🟦 पूरी खबर: दौसा में एक तेज रफ्तार और बेकाबू कार ने अचानक कई बाइकों को टक्कर मार दी। 🟥 🚨 BREAKING NEWS 🚨 📍 लोकेशन: दौसा, राजस्थान 🟦 पूरी खबर: दौसा में एक तेज रफ्तार और बेकाबू कार ने अचानक कई बाइकों को टक्कर मार दी। घटना उस समय हुई जब बाइकें सर्विस सेंटर के बाहर खड़ी थीं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं। इस हादसे में एक युवक घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। 🟩 स्थिति अपडेट: घायल युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। #VkNewsRajasthan #DausaNews #RoadAccident #BreakingNews #Rajasthan #CarAccident #ViralNews

2 hrs ago
user_VK News Rajasthan
VK News Rajasthan
Farmer राहुवास, दौसा, राजस्थान•
2 hrs ago
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🟥 🚨 BREAKING NEWS 🚨 📍 लोकेशन: दौसा, राजस्थान 🟦 पूरी खबर: दौसा में एक तेज रफ्तार और बेकाबू कार ने अचानक कई बाइकों को टक्कर मार दी। 🟥 🚨 BREAKING NEWS 🚨 📍 लोकेशन: दौसा, राजस्थान 🟦 पूरी खबर: दौसा में एक तेज रफ्तार और बेकाबू कार ने अचानक कई बाइकों को टक्कर मार दी। घटना उस समय हुई जब बाइकें सर्विस सेंटर के बाहर खड़ी थीं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं। इस हादसे में एक युवक घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। 🟩 स्थिति अपडेट: घायल युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। #VkNewsRajasthan #DausaNews #RoadAccident #BreakingNews #Rajasthan #CarAccident #ViralNews

More news from Sawai Madhopur and nearby areas
  • Post by Anil Kumar journalist
    1
    Post by Anil Kumar journalist
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    7 hrs ago
  • *“ढाई साल में नहीं संभली कानून व्यवस्था, अब बेटियों की सुरक्षा भी भगवान भरोसे” :खाचरियावास* जयपुर 25 अप्रैल पूर्व मंत्री कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा की रैणी, अलवर थाना क्षेत्र में स्कूल जा रही एक छात्रा का अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप की जघन्य घटना ने पूरे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया है। यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री के पास स्वयं गृह विभाग है, तो प्रदेश में इस तरह की घटनाएं होना सरकार की विफलता को दर्शाता है। खाचरियावास ने कहा, “प्रदेश की जनता आपसे उम्मीद करती है कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें कठोर सजा दिलाई जाए। लेकिन सवाल यह है कि क्या ढाई वर्षों में मुख्यमंत्री के पास इतना समय भी नहीं था कि वे ऐसी पीड़िताओं से मिल सकें?” उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री को तुरंत पीड़ित छात्रा और उसके परिवार से मिलकर उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए और उन्हें न्याय व सुरक्षा का भरोसा दिलाना चाहिए। यही एक संवेदनशील और जवाबदेह नेतृत्व की पहचान होती है। खाचरियावास ने प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि भाजपा सरकार केवल बयानबाजी छोड़कर ठोस और प्रभावी कदम उठाए। कानून का डर खत्म हो चुका है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने मांग की कि: * सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए * फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर कठोर सजा दिलाई जाए * पीड़िता को समुचित सुरक्षा और आर्थिक सहायता दी जाए * प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए खाचरियावास ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।
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    *“ढाई साल में नहीं संभली कानून व्यवस्था, अब बेटियों की सुरक्षा भी भगवान भरोसे” :खाचरियावास*
जयपुर 25 अप्रैल पूर्व मंत्री कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा की रैणी, अलवर थाना क्षेत्र में स्कूल जा रही एक छात्रा का अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप की जघन्य घटना ने पूरे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया है। यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री के पास स्वयं गृह विभाग है, तो प्रदेश में इस तरह की घटनाएं होना सरकार की विफलता को दर्शाता है।
खाचरियावास ने कहा,
“प्रदेश की जनता आपसे उम्मीद करती है कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें कठोर सजा दिलाई जाए। लेकिन सवाल यह है कि क्या ढाई वर्षों में मुख्यमंत्री के पास इतना समय भी नहीं था कि वे ऐसी पीड़िताओं से मिल सकें?”
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री को तुरंत पीड़ित छात्रा और उसके परिवार से मिलकर उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए और उन्हें न्याय व सुरक्षा का भरोसा दिलाना चाहिए। यही एक संवेदनशील और जवाबदेह नेतृत्व की पहचान होती है।
खाचरियावास ने प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि भाजपा सरकार केवल बयानबाजी छोड़कर ठोस और प्रभावी कदम उठाए। कानून का डर खत्म हो चुका है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
उन्होंने मांग की कि:
* सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए
* फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर कठोर सजा दिलाई जाए
* पीड़िता को समुचित सुरक्षा और आर्थिक सहायता दी जाए
* प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए
खाचरियावास ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।
    user_Pawan sharma
    Pawan sharma
    फोटोग्राफर जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • हिणडौन सिटी 25 अप्रैल 2026, ग्रामोत्थान संस्था के महासचिव महेन्द्र सिंह मीना ने बताया कि पाँचना_डैम_की_नहरों_में_पानी_खोलें, दिनांक 23.04.2026 को माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय में माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश श्री संजीव प्रकाश शर्मा एवं माननीय न्यायाधीश शुभा मेहता की डीबी में पाँचना डैम की नहरों में पानी खुलवाने के लिए ग्रामोत्थान संस्था द्वारा दायर जनहित याचिका 14825/2020 एवं इस पर दिनांक 08.07.2022 के निर्णय उपरांत श्री रामकेश मीना की याचिका 12479/2022 एवं गम्भीर नदी जल बचाव संघर्ष समिति की याचिका 13380/2022 तथा ग्रामोत्थान संस्था द्वारा दायर कंटेम्प्ट पिटीशन 26/2023 पर सम्मिलित रूप से सुनवाई हुई। . महेन्द्र सिंह मीना ने बताया कि सुनवाई के दौरान ग्रामोत्थान संस्था की ओर से वकील दीपक शर्मा ने पैरवी की। गम्भीर नदी जल बचाव संघर्ष समिति की ओर से वकील अरविंद कुमार उपस्थित रहे। रामकेश मीना की याचिका की पैरवी करने के लिए कोई भी वकील उपस्थित नहीं हुआ। सभी माननीय उच्च न्यायालय का निर्णय निम्न प्रकार है - 1. अधिक्षण अभियंता न्यायालय में उपस्थित है। 2. हमने यह देखा है कि दिनांक 07.03.2026 को उनके द्वारा एक शपथपत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें बताया गया है कि करौली स्थित पाँचना बांध सिंचाई परियोजना में पानी उपलब्ध है, जिसे नहरों में छोड़ा जा सकता है। यह पानी करौली एवं सवाई माधोपुर जिले के गुरुत्वाकर्षण कमांड क्षेत्र में 35 गांवों को उपलब्ध कराया जा सकता है तथा लगभग 9985 हेक्टेयर भूमि की वर्ष में दो बार सिंचाई की जा सकती है। इसी प्रकार पाँचना गुडला लिफ्ट नहर के माध्यम से करौली जिले के लगभग 13 गांवों (लगभग 1973 हेक्टेयर भूमि) को भी दोनों फसल सीज़न के लिए सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा सकता है। हालांकि, जयपुर जल संसाधन परिपत्र के अधीक्षण अभियंता द्वारा तैयार रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि पानी कब छोड़ा जाएगा। 3. श्री बी.एस. छाबा, अतिरिक्त महाधिवक्ता ने प्रस्तुत किया कि 15.09.2003 के आदेश द्वारा गठित एक समिति को बैठक कर जल छोड़ने के संबंध में निर्णय लेना आवश्यक है। 4. हमने पाया कि इस न्यायालय ने डी.बी. सिविल रिट याचिका (PIL) संख्या 14825/2020 में दिनांक 08.07.2022 को आदेश पारित करते हुए निर्देश दिया था कि पाँचना बांध से नहरों में पानी छोड़ा जाए। इसके बाद कुछ आंदोलन हुए, जिनमें शेष गांवों को पानी देने की मांग उठाई गई। इस विषय पर 22.04.2023 को संबंधित पक्षों की बैठक भी हुई तथा अवमानना कार्यवाही में भी यह मामला न्यायालय के समक्ष आया। 6. दिनांक 05.03.2026 को न्यायालय ने निम्न आदेश पारित किया: राज्य सरकार गांवों के बीच विवाद के कारण पानी उपलब्ध नहीं करा पा रही है। 2022 से अब तक चार वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, फिर भी परियोजना से पानी उपलब्ध नहीं कराया गया है। सिंचाई सुविधाएं सभी के लिए आवश्यक हैं। सरकार राजनीतिक कारणों से इसे रोक नहीं सकती। लिफ्ट सिंचाई योजना और नहर 2005 से निर्मित हैं और इस पर भारी सार्वजनिक धन खर्च हो चुका है। राज्य अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि योजना को चालू किया जाए। अधीक्षण अभियंता को स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। 7. न्यायालय के निर्देशानुसार स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है। 8. यह भी ध्यान में लिया गया कि राज्य सरकार ने राजस्थान लिफ्ट नहर परियोजना की दूसरी लाइन के लिए ₹50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिससे डिपालपुरा, टिकैतपुरा, उचेका पुरा और टोका (खरेटा) गांवों को पानी दिया जाएगा तथा पाँचना गुडला लिफ्ट नहर का उन्नयन किया जाएगा। 9. राज्य द्वारा दी गई वित्तीय स्वीकृति और दिनांक 07.03.2026 की रिपोर्ट को देखते हुए न्यायालय निर्देश देता है कि: मौजूदा नहरों में तुरंत पानी छोड़ा जाए। जिन गांवों तक पानी नहीं पहुंचा है, उनके लिए लिंक नहर का निर्माण किया जाए। जहां आवश्यक हो, नहरों की मरम्मत की जाए। मरम्मत कार्य के कारण पानी छोड़ने में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। 10. परियोजना को गंभीरता से लिया जाए और शीघ्र पूर्ण किया जाए। 11. इस आदेश का तत्काल पालन किया जाए, अन्यथा संबंधित सचिव एवं मुख्य अभियंता को अगली तारीख पर न्यायालय में उपस्थित होना होगा। 12. अनुपालन हेतु अगली सुनवाई दिनांक 01.05.2026 को निर्धारित की जाती है।
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    हिणडौन सिटी 25 अप्रैल 2026, ग्रामोत्थान संस्था के महासचिव महेन्द्र सिंह मीना ने बताया कि
पाँचना_डैम_की_नहरों_में_पानी_खोलें,
दिनांक 23.04.2026 को माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय में माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश श्री संजीव प्रकाश शर्मा एवं माननीय न्यायाधीश शुभा मेहता की डीबी में पाँचना डैम की नहरों में पानी खुलवाने के लिए ग्रामोत्थान संस्था द्वारा दायर जनहित याचिका 14825/2020 एवं इस पर दिनांक 08.07.2022 के निर्णय उपरांत श्री रामकेश मीना की याचिका 12479/2022 एवं गम्भीर नदी जल बचाव संघर्ष समिति की याचिका 13380/2022 तथा ग्रामोत्थान संस्था द्वारा दायर कंटेम्प्ट पिटीशन 26/2023 पर सम्मिलित रूप से सुनवाई हुई।
. महेन्द्र सिंह मीना ने बताया कि सुनवाई के दौरान ग्रामोत्थान संस्था की ओर से वकील  दीपक शर्मा ने पैरवी की। गम्भीर नदी जल बचाव संघर्ष समिति की ओर से वकील  अरविंद कुमार  उपस्थित रहे।  रामकेश मीना की याचिका की पैरवी करने के लिए कोई भी वकील उपस्थित नहीं हुआ। सभी  माननीय उच्च न्यायालय का निर्णय निम्न प्रकार है -
1. अधिक्षण अभियंता न्यायालय में उपस्थित है। 
2. हमने यह देखा है कि दिनांक 07.03.2026 को उनके द्वारा एक शपथपत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें बताया गया है कि करौली स्थित पाँचना बांध सिंचाई परियोजना में पानी उपलब्ध है, जिसे नहरों में छोड़ा जा सकता है। यह पानी करौली एवं सवाई माधोपुर जिले के गुरुत्वाकर्षण कमांड क्षेत्र में 35 गांवों को उपलब्ध कराया जा सकता है तथा लगभग 9985 हेक्टेयर भूमि की वर्ष में दो बार सिंचाई की जा सकती है।
इसी प्रकार पाँचना गुडला लिफ्ट नहर के माध्यम से करौली जिले के लगभग 13 गांवों (लगभग 1973 हेक्टेयर भूमि) को भी दोनों फसल सीज़न के लिए सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा सकता है।
हालांकि, जयपुर जल संसाधन परिपत्र के अधीक्षण अभियंता द्वारा तैयार रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि पानी कब छोड़ा जाएगा।
3. श्री बी.एस. छाबा, अतिरिक्त महाधिवक्ता ने प्रस्तुत किया कि 15.09.2003 के आदेश द्वारा गठित एक समिति को बैठक कर जल छोड़ने के संबंध में निर्णय लेना आवश्यक है।
4. हमने पाया कि इस न्यायालय ने डी.बी. सिविल रिट याचिका (PIL) संख्या 14825/2020 में दिनांक 08.07.2022 को आदेश पारित करते हुए निर्देश दिया था कि पाँचना बांध से नहरों में पानी छोड़ा जाए।
इसके बाद कुछ आंदोलन हुए, जिनमें शेष गांवों को पानी देने की मांग उठाई गई। इस विषय पर 22.04.2023 को संबंधित पक्षों की बैठक भी हुई तथा अवमानना कार्यवाही में भी यह मामला न्यायालय के समक्ष आया।
6. दिनांक 05.03.2026 को न्यायालय ने निम्न आदेश पारित किया:
राज्य सरकार गांवों के बीच विवाद के कारण पानी उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
2022 से अब तक चार वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, फिर भी परियोजना से पानी उपलब्ध नहीं कराया गया है।
सिंचाई सुविधाएं सभी के लिए आवश्यक हैं। सरकार राजनीतिक कारणों से इसे रोक नहीं सकती।
लिफ्ट सिंचाई योजना और नहर 2005 से निर्मित हैं और इस पर भारी सार्वजनिक धन खर्च हो चुका है।
राज्य अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि योजना को चालू किया जाए।
अधीक्षण अभियंता को स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
7. न्यायालय के निर्देशानुसार स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है।
8. यह भी ध्यान में लिया गया कि राज्य सरकार ने राजस्थान लिफ्ट नहर परियोजना की दूसरी लाइन के लिए ₹50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिससे डिपालपुरा, टिकैतपुरा, उचेका पुरा और टोका (खरेटा) गांवों को पानी दिया जाएगा तथा पाँचना गुडला लिफ्ट नहर का उन्नयन किया जाएगा।
9. राज्य द्वारा दी गई वित्तीय स्वीकृति और दिनांक 07.03.2026 की रिपोर्ट को देखते हुए न्यायालय निर्देश देता है कि:
मौजूदा नहरों में तुरंत पानी छोड़ा जाए।
जिन गांवों तक पानी नहीं पहुंचा है, उनके लिए लिंक नहर का निर्माण किया जाए।
जहां आवश्यक हो, नहरों की मरम्मत की जाए।
मरम्मत कार्य के कारण पानी छोड़ने में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।
10. परियोजना को गंभीरता से लिया जाए और शीघ्र पूर्ण किया जाए।
11. इस आदेश का तत्काल पालन किया जाए, अन्यथा संबंधित सचिव एवं मुख्य अभियंता को अगली तारीख पर न्यायालय में उपस्थित होना होगा।
12. अनुपालन हेतु अगली सुनवाई दिनांक 01.05.2026 को निर्धारित की जाती है।
    user_Bajrang singh Rajasthan patrika
    Bajrang singh Rajasthan patrika
    श्रीमहावीर जी, करौली, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • Post by Rakesh Kumar Swami
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    Post by Rakesh Kumar Swami
    user_Rakesh Kumar Swami
    Rakesh Kumar Swami
    सांगानेर, जयपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • बांदीकुई सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें महिला डॉक्टर पर आरोप लगाया है जा रहा है कि अल्ट्रासाउंड करवाने आई महिला पर थप्पड़ जड़ दिया है
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    बांदीकुई सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें महिला डॉक्टर पर आरोप लगाया है जा रहा है कि अल्ट्रासाउंड करवाने आई महिला पर थप्पड़ जड़ दिया है
    user_VIJENDRA KUMAR
    VIJENDRA KUMAR
    Voice of people बासवा, दौसा, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • राजधानी जयपुर के सिंधी कैम्प मेट्रो स्टेशन पर एक दिल छू लेने वाला मामला सामने आया है। यहां एस्केलेटर पर चढ़ते समय एक महिला का संतुलन बिगड़ गया। महिला की गोद में छोटा बच्चा भी था, जिससे हादसा और गंभीर हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला और बच्चा एस्केलेटर से गिरने ही वाले थे कि तभी मौके पर मौजूद ASI दुर्गा प्रसाद ने फुर्ती दिखाते हुए दौड़ लगाई और दोनों को संभाल लिया। उनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने ASI दुर्गा प्रसाद की जमकर सराहना की। सोशल मीडिया पर भी इस बहादुरी की चर्चा हो रही है और लोग उन्हें ‘देवदूत’ कहकर सम्मान दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि मुस्तैद पुलिसकर्मी किसी भी आपात स्थिति में लोगों के लिए सच्चे रक्षक बनकर सामने आते हैं।
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    राजधानी जयपुर के सिंधी कैम्प मेट्रो स्टेशन पर एक दिल छू लेने वाला मामला सामने आया है। यहां एस्केलेटर पर चढ़ते समय एक महिला का संतुलन बिगड़ गया। महिला की गोद में छोटा बच्चा भी था, जिससे हादसा और गंभीर हो सकता था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला और बच्चा एस्केलेटर से गिरने ही वाले थे कि तभी मौके पर मौजूद ASI दुर्गा प्रसाद ने फुर्ती दिखाते हुए दौड़ लगाई और दोनों को संभाल लिया। उनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने ASI दुर्गा प्रसाद की जमकर सराहना की। सोशल मीडिया पर भी इस बहादुरी की चर्चा हो रही है और लोग उन्हें ‘देवदूत’ कहकर सम्मान दे रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि मुस्तैद पुलिसकर्मी किसी भी आपात स्थिति में लोगों के लिए सच्चे रक्षक बनकर सामने आते हैं।
    user_Isha sharma
    Isha sharma
    Jaipur, Rajasthan•
    9 hrs ago
  • Post by Anil Kumar journalist
    1
    Post by Anil Kumar journalist
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    7 hrs ago
  • Post by Rakesh Kumar Swami
    1
    Post by Rakesh Kumar Swami
    user_Rakesh Kumar Swami
    Rakesh Kumar Swami
    सांगानेर, जयपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • बांदीकुई सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें महिला डॉक्टर पर आरोप लगाया है जा रहा है कि महिला डॉक्टर ने मरीज के साथ है अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की है इसके बाद साथी मेरीजो मैं रोज व्याप्त है और महिला डॉक्टर अपना चेंबर छोड़कर भारतीय नजर आ रही है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है
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    बांदीकुई सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें महिला डॉक्टर पर आरोप लगाया है जा रहा है कि महिला डॉक्टर ने मरीज के साथ है अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की है इसके बाद साथी मेरीजो मैं रोज व्याप्त है और महिला डॉक्टर अपना चेंबर छोड़कर भारतीय नजर आ रही है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है
    user_VIJENDRA KUMAR
    VIJENDRA KUMAR
    Voice of people बासवा, दौसा, राजस्थान•
    7 hrs ago
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