सिद्धार्थनगर जिले में डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार के 'सेवा, सुशासन, विश्वास और गरीब कल्याण' को समर्पित 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मोदी सरकार की विस्तृत उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विकास, जनकल्याण और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलताएँ अर्जित की हैं। सांसद पाल ने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में 5.37 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को, जिसमें उत्तर प्रदेश के 62 लाख से अधिक परिवार शामिल हैं, पक्का आवास उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से देश के 81 करोड़ से अधिक तथा प्रदेश के 15 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क राशन प्रदान किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देश में 43 करोड़ से अधिक और उत्तर प्रदेश में 9.57 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 9.8 करोड़ और प्रदेश के 3.12 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत देशभर में 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि उज्ज्वला योजना से 10.58 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिले हैं, जिससे महिलाओं के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों शौचालयों का निर्माण कर खुले में शौच की समस्या को समाप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, और जल जीवन मिशन के माध्यम से करोड़ों घरों तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है। महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए सांसद ने कहा कि लखपति दीदी योजना से 3 करोड़ से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। इसके साथ ही, मुद्रा योजना के माध्यम से लाखों युवाओं और उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार को प्रोत्साहन दिया गया है। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए विकास का जिक्र करते हुए, उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के तेजी से विस्तारित जाल, एक्सप्रेसवे, हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रामीण सड़कों के निर्माण से देश के दूरदराज क्षेत्रों तक बेहतर संपर्क स्थापित होने की बात कही। रेलवे के आधुनिकीकरण के तहत वंदे भारत ट्रेनों का संचालन, स्टेशनों का कायाकल्प और नेटवर्क का विद्युतीकरण तेजी से किया गया है। इसके अलावा, उड़ान योजना से आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा सुलभ हुई है और देश में संचालित हवाई अड्डों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। प्रेस वार्ता के अंत में, सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि मोदी सरकार का मूल मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है। जनकल्याणकारी योजनाओं, गरीबों के उत्थान, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना के विकास को मोदी सरकार के 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया गया। सांसद ने निष्कर्षतः कहा कि गरीब कल्याण से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक देश ने विकास की एक नई इबारत लिखी है।
सिद्धार्थनगर जिले में डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार के 'सेवा, सुशासन, विश्वास और गरीब कल्याण' को समर्पित 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मोदी सरकार की विस्तृत उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने विकास, जनकल्याण और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलताएँ अर्जित की हैं। सांसद पाल ने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देशभर में 5.37 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को, जिसमें उत्तर प्रदेश के 62 लाख से अधिक परिवार शामिल हैं, पक्का आवास उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से देश के 81 करोड़ से अधिक तथा प्रदेश के 15 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क राशन प्रदान किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत देश में 43 करोड़ से अधिक और उत्तर प्रदेश में 9.57 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 9.8 करोड़ और प्रदेश के 3.12 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत देशभर में 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं, जबकि उज्ज्वला योजना से 10.58 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिले हैं, जिससे महिलाओं के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों शौचालयों का निर्माण कर खुले में शौच की समस्या को समाप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, और जल जीवन मिशन के माध्यम से करोड़ों घरों तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है। महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए सांसद ने कहा कि लखपति दीदी योजना से 3 करोड़ से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। इसके साथ ही, मुद्रा योजना के माध्यम से लाखों युवाओं और उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार को प्रोत्साहन दिया गया है। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए विकास का जिक्र करते हुए, उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के तेजी से विस्तारित जाल, एक्सप्रेसवे, हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रामीण सड़कों के निर्माण से देश के दूरदराज क्षेत्रों तक बेहतर संपर्क स्थापित होने की बात कही। रेलवे के आधुनिकीकरण के तहत वंदे भारत ट्रेनों का संचालन, स्टेशनों का कायाकल्प और नेटवर्क का विद्युतीकरण तेजी से किया गया है। इसके अलावा, उड़ान योजना से आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा सुलभ हुई है और देश में संचालित हवाई अड्डों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। प्रेस वार्ता के अंत में, सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि मोदी सरकार का मूल मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है। जनकल्याणकारी योजनाओं, गरीबों के उत्थान, महिला सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना के विकास को मोदी सरकार के 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया गया। सांसद ने निष्कर्षतः कहा कि गरीब कल्याण से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक देश ने विकास की एक नई इबारत लिखी है।
- महाराजगंज जिले के फरेंदा क्षेत्र में स्थित पिपरा मौनी आईटीआई कॉलेज में छात्रों को कथित तौर पर 'शिक्षा का अधिकार' मांगने के लिए धमकाया गया है। इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या अपनी शिक्षा का अधिकार मांगना अब अपराध बन गया है और क्या इन छात्रों पर अब कानूनी मुकदमा किया जाएगा। यह घटना शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले परिसर में दी गई इस प्रकार की धमकी पर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त करती है।1
- आज दिनांक 17 जून 2026 को ग्राम पंचायत भगवानपुर के गांव कानापार में 'महा तुलादान अभियान' के प्रथम चरण का भव्य आयोजन और शुभारंभ किया गया। यह महा तुलादान अभियान बड़े-बड़े विद्वानों और वेद मंत्रों के ज्ञाताओं द्वारा पूरी तरह से वैदिक रीति के अनुसार संपन्न करवाया गया है। इस शुभ अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में स्वर्गीय श्री रामाकांत त्रिपाठी जी की पत्नी गुजाराती देवी जी ने अपनी भूमिका निभाई।1
- खलीलाबाद नगर पालिका क्षेत्र में तितौवा चौराहा से स्टेशन रोड होते हुए बिधियानी मोड़ तक की सड़क की जर्जर हालत को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। सड़क की इस बदहाली के विरोध में छात्रों ने सड़क पर धान की रोपाई करके अपना प्रदर्शन दर्ज कराया। इस मामले में सदर विधायक अंकुर राज तिवारी के प्रयासों से अब सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। उम्मीद है कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा और लोगों को इस समस्या से समाधान मिलेगा।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं, विशेषकर गौर थाना क्षेत्र में। आरोप है कि यह क्षेत्र अपराधियों के लिए एक 'अघोषित सुरक्षित जोन' बन चुका है, जहां बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। इसके विपरीत, पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त किया गया है, क्योंकि वह अपराध दर्ज करने के नाम पर पीड़ितों को थाने के चक्कर लगवा रही है, जबकि पुलिसिया फाइलों में सब कुछ 'ऑल इज वेल' दिखाया जा रहा है। यह स्थिति महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के ठीक उलट है। हाल ही में एक महिला और उसके परिजनों पर घर में घुसकर हमला किया गया। पीड़िता का गंभीर आरोप है कि न्याय मांगने पर पुलिस ने कार्रवाई तो दूर, उसकी तहरीर ही बदल दी, जिससे गंभीर आरोपों को हल्का करने का प्रयास किया गया। सिर्फ महिला सुरक्षा ही नहीं, गौर थाना क्षेत्र में चोरी और मोटरसाइकिल गायब होने जैसी घटनाएं भी आम हैं, और इन मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या पुलिस का एकमात्र लक्ष्य अपराध नियंत्रण के बजाय सिर्फ 'आंकड़ों' को चमकाना रह गया है, और क्या यह एक सुनियोजित साजिश है जिसके तहत गंभीर घटनाओं को कागजों से दूर रखकर जिले की अपराध रिपोर्ट को 'सफेद' बनाए रखा जा रहा है। थाने की इस नकारात्मक कार्यशैली के कारण पीड़ितों में गहरा रोष व्याप्त है। चेतावनी दी गई है कि यदि गौर पुलिस की कार्यप्रणाली में समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह न केवल जनता का पुलिस पर से विश्वास उठा देगा, बल्कि क्षेत्र में अपराध के नए आयामों को जन्म देगा। अब लोगों की उम्मीदें उच्च अधिकारियों के सख्त रुख और पुलिस की जवाबदेही तय करने की दिशा में होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या जिला प्रशासन पुलिस के दावों और वास्तविक धरातल के बीच के अंतर को देख पाएगा, या फिर आम आदमी इसी तरह फाइलों और थानों के बीच पिसता रहेगा।2
- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर संवादहीनता और उत्पीड़न भरी कार्रवाई जारी रखने का गंभीर आरोप लगाया है। समिति का कहना है कि प्रबंधन की इन गतिविधियों से ऊर्जा निगमों का औद्योगिक वातावरण लगातार बिगड़ रहा है, जिसका सीधा और नकारात्मक असर बिजली व्यवस्था पर पड़ना स्वाभाविक है। संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली कर्मियों के विरुद्ध की जा रही दंडात्मक कार्रवाई को नहीं रोका गया, तो इसकी स्वाभाविक और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्वस्थ कार्य वातावरण और पर्याप्त मानव संसाधन अत्यंत अनिवार्य हैं। उन्होंने मांग की है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन अपनी हठधर्मिता छोड़कर संघर्ष समिति के साथ तत्काल सार्थक संवाद शुरू करे और बिजली कर्मियों के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तुरंत वापस ले। प्रजापति ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली कर्मियों के खिलाफ की जा रही अधिकांश दंडात्मक कार्रवाई निजीकरण की नीति से प्रेरित है, जिसके तहत 45 प्रतिशत से अधिक संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। उनका कहना है कि इससे बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले कर्मचारियों को भी दंडित किया जा रहा है। एक अन्य पदाधिकारी नारायण चंद्र चौरसिया ने मार्च 2023 में हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए बताया कि उस दौरान बिजली कर्मियों पर की गई कार्रवाई आज तक वापस नहीं ली गई है। उन्होंने याद दिलाया कि उस आंदोलन के समय ऊर्जा मंत्री और संघर्ष समिति के बीच हुए एक समझौते में इन कार्रवाइयों को वापस लेने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, संबंधित कर्मचारियों को कठोर दंड दिए जा रहे हैं, जिससे कार्य का वातावरण गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। पदाधिकारी दिलीप सिंह ने जोर देकर कहा कि जिन मामलों में कार्रवाई हो रही है, उन सभी में बिजली कर्मियों ने आंदोलन के दौरान भी उपभोक्ता हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन किया था। संघर्ष समिति ने ऊर्जा मंत्री के निर्देशों और पूर्व समझौते की भावना का सम्मान करते हुए सभी लंबित उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लेने तथा स्वस्थ औद्योगिक वातावरण बहाल करने के लिए समिति के साथ तुरंत वार्ता शुरू करने की मांग की है। इसी क्रम में, मंगलवार को संतकबीरनगर में विद्युत कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, चंद्रकेश मौर्य, प्रदुम्न कुमार, रितेश कुमार, राघवेंद्र सिंह, अमरनाथ यादव, अशोक कुमार, भास्कर पांडेय, ओंकार चौरसिया और विजय कुमार सहित बड़ी संख्या में विद्युत कर्मचारी शामिल हुए।1
- संतकबीरनगर पुलिस आम जनता और पुलिसकर्मियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना ने थाना महुली परिसर में नवनिर्मित आधुनिक पुलिस मेस, इंटरलॉकिंग मार्ग और अत्याधुनिक आगंतुक कक्ष का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान, एसपी ने थाना परिसर, कार्यालय और सीसीटीएनएस कक्ष का निरीक्षण कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि आम जनता को बेहतर सुविधाएं और पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य वातावरण उपलब्ध कराना भी है। थाना परिसर में हुए शानदार निर्माण कार्य और कम समय में हुए कायाकल्प से प्रभावित होकर पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय सहित पूरी थाना महुली टीम को 25 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की। इस अवसर पर, एसपी ने पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जनपद के अन्य थानों में भी इसी प्रकार आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे जनता को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम पुलिस सेवा मिल सके। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर में औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र, थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय, पीआरओ मनीष कुमार जायसवाल, प्रभारी निरीक्षक धनघटा दिलीप कुमार सिंह सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। थाना महुली में विकसित की गई ये आधुनिक सुविधाएं न केवल पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाएंगी, बल्कि फरियादियों को भी सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराएंगी।1
- संतकबीरनगर पुलिस ने एक जानलेवा हमले की घटना में शामिल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक अवैध पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, एक खाली खोखा और तीन चार पहिया वाहन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई एसपी संदीप कुमार मीना के निर्देश पर और सीओ प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में, प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ के0सी0, दीपक पाण्डेय, हनीपाल उर्फ गौरवपाल, दुर्गेश यादव, दुष्यन्त राय, तुषार गुप्ता, झिन्नू कन्नौजिया और देवेन्द्र प्रताप सिंह शामिल हैं। इन सभी को उतरावल गाँव में बीर बहादुर राय के मुर्गी फार्म से घटना में इस्तेमाल किए गए तीन चारपहिया वाहनों के साथ पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान, मुख्य अभियुक्त कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ के0सी0 की निशानदेही पर एक पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक खाली खोखा कारतूस बरामद किया गया। घटना का विवरण देते हुए, वादी श्री बीरबहादुर राय पुत्र स्व0 रामसमुझ राय ने 16 जून, 2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद में एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया गया था कि 15 जून, 2026 को रात करीब 8:30 बजे, लेन-देन के विवाद को लेकर अभियुक्त कृष्णचन्द पाण्डेय अपने साथियों के साथ तीन चारपहिया गाड़ियों से उनके मुर्गी फार्म पर आया। वहाँ उसने वादी को भद्दी गालियाँ दीं और जान से मारने की नीयत से फायर किया, साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। इस प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद में मु0अ0सं0 531/2026 धारा 191(2), 191(3), 190, 109(1), 352, 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ में अभियुक्त कृष्णचन्द पाण्डेय उर्फ के0सी0 ने खुलासा किया कि उसने लगभग चार माह पहले बीर बहादुर राय से ₹9 लाख में एक क्रेटा वाहन खरीदा था, जो एक अन्य मुकदमे में थाने में सीज है। न्यायालय से वाहन को छुड़ाने में वीर बहादुर राय से आवश्यक सहयोग न मिलने के कारण दोनों के बीच विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में वह अपने साथियों के साथ तीन चारपहिया वाहनों से मुर्गी फार्म पहुँचा और अपने साथियों की मदद से पिस्टल से फायर किया, जिसमें वादी किसी तरह बच गया। हंगामा होने और पुलिस के आने पर वे भागने की फिराक में थे लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। इस घटना में प्रयुक्त अवैध 9 एमएम पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस 9 एमएम की बरामदगी और साक्ष्यों के आधार पर अभियोग में धारा 3/7/25/27 आयुध अधिनियम की बढ़ोतरी की गई। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में उ0नि0 शैलेन्द्र कुमार, उ0नि0 इन्द्रभूषण सिंह, उ0नि0 अनिल कुमार यादव, का0 कमलेश यादव, का0 सुर्यप्रकाश यादव, का0 रघुवश प्रसाद, का0 समशेर अली, रि0का0 विकास पाठक, रि0का0 विजय कुमार और रि0का0 सुरज मिश्रा शामिल थे।3