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आज दिनांक 17 जून 2026 को ग्राम पंचायत भगवानपुर के गांव कानापार में 'महा तुलादान अभियान' के प्रथम चरण का भव्य आयोजन और शुभारंभ किया गया। यह महा तुलादान अभियान बड़े-बड़े विद्वानों और वेद मंत्रों के ज्ञाताओं द्वारा पूरी तरह से वैदिक रीति के अनुसार संपन्न करवाया गया है। इस शुभ अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में स्वर्गीय श्री रामाकांत त्रिपाठी जी की पत्नी गुजाराती देवी जी ने अपनी भूमिका निभाई।
Kamalakant tiwari
आज दिनांक 17 जून 2026 को ग्राम पंचायत भगवानपुर के गांव कानापार में 'महा तुलादान अभियान' के प्रथम चरण का भव्य आयोजन और शुभारंभ किया गया। यह महा तुलादान अभियान बड़े-बड़े विद्वानों और वेद मंत्रों के ज्ञाताओं द्वारा पूरी तरह से वैदिक रीति के अनुसार संपन्न करवाया गया है। इस शुभ अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में स्वर्गीय श्री रामाकांत त्रिपाठी जी की पत्नी गुजाराती देवी जी ने अपनी भूमिका निभाई।
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- आज दिनांक 17 जून 2026 को ग्राम पंचायत भगवानपुर के गांव कानापार में 'महा तुलादान अभियान' के प्रथम चरण का भव्य आयोजन और शुभारंभ किया गया। यह महा तुलादान अभियान बड़े-बड़े विद्वानों और वेद मंत्रों के ज्ञाताओं द्वारा पूरी तरह से वैदिक रीति के अनुसार संपन्न करवाया गया है। इस शुभ अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में स्वर्गीय श्री रामाकांत त्रिपाठी जी की पत्नी गुजाराती देवी जी ने अपनी भूमिका निभाई।1
- खलीलाबाद नगर पालिका क्षेत्र में तितौवा चौराहा से स्टेशन रोड होते हुए बिधियानी मोड़ तक की सड़क की जर्जर हालत को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। सड़क की इस बदहाली के विरोध में छात्रों ने सड़क पर धान की रोपाई करके अपना प्रदर्शन दर्ज कराया। इस मामले में सदर विधायक अंकुर राज तिवारी के प्रयासों से अब सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। उम्मीद है कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा और लोगों को इस समस्या से समाधान मिलेगा।1
- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर संवादहीनता और उत्पीड़न भरी कार्रवाई जारी रखने का गंभीर आरोप लगाया है। समिति का कहना है कि प्रबंधन की इन गतिविधियों से ऊर्जा निगमों का औद्योगिक वातावरण लगातार बिगड़ रहा है, जिसका सीधा और नकारात्मक असर बिजली व्यवस्था पर पड़ना स्वाभाविक है। संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली कर्मियों के विरुद्ध की जा रही दंडात्मक कार्रवाई को नहीं रोका गया, तो इसकी स्वाभाविक और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्वस्थ कार्य वातावरण और पर्याप्त मानव संसाधन अत्यंत अनिवार्य हैं। उन्होंने मांग की है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन अपनी हठधर्मिता छोड़कर संघर्ष समिति के साथ तत्काल सार्थक संवाद शुरू करे और बिजली कर्मियों के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तुरंत वापस ले। प्रजापति ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली कर्मियों के खिलाफ की जा रही अधिकांश दंडात्मक कार्रवाई निजीकरण की नीति से प्रेरित है, जिसके तहत 45 प्रतिशत से अधिक संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। उनका कहना है कि इससे बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले कर्मचारियों को भी दंडित किया जा रहा है। एक अन्य पदाधिकारी नारायण चंद्र चौरसिया ने मार्च 2023 में हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए बताया कि उस दौरान बिजली कर्मियों पर की गई कार्रवाई आज तक वापस नहीं ली गई है। उन्होंने याद दिलाया कि उस आंदोलन के समय ऊर्जा मंत्री और संघर्ष समिति के बीच हुए एक समझौते में इन कार्रवाइयों को वापस लेने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, संबंधित कर्मचारियों को कठोर दंड दिए जा रहे हैं, जिससे कार्य का वातावरण गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। पदाधिकारी दिलीप सिंह ने जोर देकर कहा कि जिन मामलों में कार्रवाई हो रही है, उन सभी में बिजली कर्मियों ने आंदोलन के दौरान भी उपभोक्ता हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन किया था। संघर्ष समिति ने ऊर्जा मंत्री के निर्देशों और पूर्व समझौते की भावना का सम्मान करते हुए सभी लंबित उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लेने तथा स्वस्थ औद्योगिक वातावरण बहाल करने के लिए समिति के साथ तुरंत वार्ता शुरू करने की मांग की है। इसी क्रम में, मंगलवार को संतकबीरनगर में विद्युत कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, चंद्रकेश मौर्य, प्रदुम्न कुमार, रितेश कुमार, राघवेंद्र सिंह, अमरनाथ यादव, अशोक कुमार, भास्कर पांडेय, ओंकार चौरसिया और विजय कुमार सहित बड़ी संख्या में विद्युत कर्मचारी शामिल हुए।1
- संतकबीरनगर पुलिस ने एक जानलेवा फायरिंग की घटना में संलिप्त आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल, कुछ कारतूस और एक खाली खोखा बरामद किया। इसके साथ ही, घटना में उपयोग किए गए तीन चारपहिया वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है। इस संबंध में जानकारी क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद द्वारा दी गई।1
- संत कबीर नगर जनपद के धनघटा थाना क्षेत्र अंतर्गत अशरफपुर उमरिया मार्ग पर एक गंभीर हादसा हो गया। ग्राम सभा छपरा पूर्वी के आगे उमरिया की दिशा से आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से एक अनियंत्रित बाइक टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक चालक कथित तौर पर नशे में धुत था, जिसके चलते वह अपना संतुलन खो बैठा और सीधे ट्रैक्टर से जा टकराया। इस जोरदार टक्कर के बाद बाइक चालक की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। लोगों की सहायता से घायल चालक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए, डॉक्टरों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।1
- राष्ट्रवादी पार्टी ने विनय कुमार गिरी को गोरखपुर जिले के लिए अपना मीडिया प्रभारी नियुक्त किया है। वह अब जिले में पार्टी के मीडिया संबंधी कार्यों का प्रभार संभालेंगे।1
- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर के धनघटा में ADV इन्वेंशन एकेडमी पुतसर को 16.06.2026 को अवैध रूप से सील कर दिया गया है, जिसे 'संविधान की हत्या' और 'शिक्षा माफिया का आतंक' बताया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन ने SDM धनघटा, BEO नाथनगर अरुण प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार और BSA अमित कुमार सिंह पर मिलीभगत कर यह कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया है। स्कूल के संस्थापक अनिल कुमार प्रजापति के अनुसार, यह कार्रवाई ₹5000 की NCERT किताबों की लूट रोकने, री-एडमिशन, छात्रवृत्ति, टीसी, मार्कशीट नकल आदि में मनमानी लूट-खसोट बंद करने, शिल्पकार आरक्षण की मांग करने और 65 हजार लोगों तक सच्चाई पहुंचाने का बदला है। उन्होंने इस घटना को 'कानून का कत्ल' बताते हुए चार प्रमुख अपराध गिनाए हैं: पहला, बिना किसी सुनवाई के स्कूल को सील करना, जिसे RTE 2009 की धारा 18(5) का उल्लंघन और प्राकृतिक न्याय का अंत बताया गया है। दूसरा, 30.04.2026 का नोटिस 16.06.2026 को देकर 'बैकडेटेड फर्जीवाड़ा' करना, जबकि सभी विधिक जवाब दिए जा चुके थे; इसे भ्रष्ट सिस्टम के दबाव में अन्याय कहा गया है (IPC 463, 471 आदि)। तीसरा, BSA के 21.05.2026 के पत्र (जो 01.06.2026 को बुक हुआ था) की अवमानना, जिसमें 12.07.2026 तक आवेदन वैध होने और लंबित रहते स्कूल बंद न होने की बात कही गई थी, फिर भी स्कूल को सील कर दिया गया। चौथा, FIR 328/2025 में नौ महीने से गिरफ्तारी न होने और 65 हजार व्यूज के बदले में की गई 'जातिगत द्वेष' और 'बदले' की कार्रवाई, जिसे SC/ST एक्ट 3(1)(p) का उल्लंघन बताया गया है। पोस्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह "कानून का राज" नहीं, बल्कि "गुंडा राज" है और इसे पूरे प्रजापति शिल्पकार समाज के स्कूल को बदनाम करने की 'विरोधियों की साजिश' बताया गया है, खासकर तब जब 15.07.2026 को RTE 18(5) के तहत डीम्ड मान्यता मिलनी थी। इस अन्यायपूर्ण कार्रवाई के विरोध में हाईकोर्ट प्रयागराज में कैविएट और रिट याचिका दाखिल की गई है। संस्थापक अनिल कुमार प्रजापति ने मांग की है कि स्कूल को तुरंत डी-सील किया जाए और SDM, BSA, खंड शिक्षा अधिकारी नाथनगर सहित अन्य संबंधित अधिकारियों पर ₹10-10 लाख का मुआवजा और जेल की कार्रवाई की जाए, साथ ही DM को पार्टी बनाकर अवमानना का मुकदमा चलाने की मांग भी की गई है। उन्होंने जनता से इस लड़ाई में साथ देने और पोस्ट को साझा करने का आह्वान किया है, यह कहते हुए कि बच्चों का भविष्य और समाज का सम्मान दांव पर है, और इससे अन्य लोग भी सिस्टम के खिलाफ बोलने के लिए प्रेरित होंगे। चेतावनी दी गई है कि यदि 24 घंटे के भीतर स्कूल डी-सील नहीं किया गया, तो कबीर की पावन धरती से भेदभाव मुक्त सस्ती और समान शिक्षा के लिए एक 'बृहद जनांदोलन' शुरू किया जाएगा, जिसमें दोषी अधिकारियों को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके पास वीडियो सबूत सुरक्षित हैं और उन्हें 100% स्टे मिलेगा। अनिल कुमार प्रजापति ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में कानून और संविधान का राज समाप्त हो चुका है, जो लचर कानून व्यवस्था और भ्रष्ट कार्यप्रणाली का परिणाम है।2
- संतकबीरनगर पुलिस आम जनता और पुलिसकर्मियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना ने थाना महुली परिसर में नवनिर्मित आधुनिक पुलिस मेस, इंटरलॉकिंग मार्ग और अत्याधुनिक आगंतुक कक्ष का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के दौरान, एसपी ने थाना परिसर, कार्यालय और सीसीटीएनएस कक्ष का निरीक्षण कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि आम जनता को बेहतर सुविधाएं और पुलिसकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य वातावरण उपलब्ध कराना भी है। थाना परिसर में हुए शानदार निर्माण कार्य और कम समय में हुए कायाकल्प से प्रभावित होकर पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय सहित पूरी थाना महुली टीम को 25 हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की। इस अवसर पर, एसपी ने पुलिसकर्मियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जनपद के अन्य थानों में भी इसी प्रकार आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे जनता को और अधिक पारदर्शी एवं सुगम पुलिस सेवा मिल सके। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसर में औषधीय एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस मौके पर क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र, थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय, पीआरओ मनीष कुमार जायसवाल, प्रभारी निरीक्षक धनघटा दिलीप कुमार सिंह सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। थाना महुली में विकसित की गई ये आधुनिक सुविधाएं न केवल पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाएंगी, बल्कि फरियादियों को भी सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराएंगी।1