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। मोबाइल चोरी से बैंक खातों तक पहुंचा कथित फ्रॉड नेटवर्क मोबाइल नहीं, पूरा फ्रॉड मॉडल था निशाने परपुलिस के अनुसार गिरोह ऐसे मोबाइलों को निशाना बनाता था जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। मोबाइल हाथ लगते ही अगला निशाना फोन नहीं, बल्कि उससे जुड़े बैंक खाते होते थे। आरोपियों के अनुसार ऐसे मोबाइलों में यूपीआई पिन सेट कर खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद मोबाइल आगे भेज दिए जाते थे और प्राप्त रकम गिरोह के सदस्यों में बांटी जाती थी। अर्थात अपराध का मॉडल कथित रूप से तीन चरणों में काम करता था। मोबाइल चोरी, डिजिटल एक्सेस, बैंक खाते से रकम ट्रांसफर। यही वजह है कि इस मामले में बरामदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण अब डिजिटल मनी ट्रेल है।14 मोबाइल चोरी कितने खातों का पैसा गया, आरोपियों ने कुल 14 मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की है। अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह होगा कि,इन 14 मोबाइलों में कितने फोन से डिजिटल ठगी की गई,कितने बैंक खाते या यूपीआई आईडी प्रभावित हुए,रकम किन-किन खातों में पहुंची,उन खातों के वास्तविक संचालक कौन हैं, क्या वे स्वयं गिरोह का हिस्सा हैं या केवल मनी ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल किए गए, चोरी के मोबाइलों का अंतिम खरीदार कौन थाक्या मालदा से लेकर जबलपुर तक मोबाइलों की कोई नियमित सप्लाई चेन चल रही थी,इन सवालों के जवाब सामने आने पर ही पता चलेगा कि 2.10 लाख रुपये की ठगी इस नेटवर्क का पूरा कारोबार है या केवल एक मामला। जबलपुर में बाहरी अपराधियों की एंट्री पर भी हो जांचयह मामला एक और संवेदनशील पहलू सामने लाता है,अंतरराज्यीय अपराधियों का शहर में प्रवेश और लंबे समय तक ठिकाना बनाना। झारखंड के आरोपी यदि एक वर्ष से जबलपुर में रह रहे थे और पश्चिम बंगाल के व्यक्ति का नाम भी गिरोह में सामने आया है, तो पुलिस को केवल वर्तमान घटना नहीं, बल्कि इन लोगों के जबलपुर पहुंचने से लेकर उनके स्थानीय संपर्कों तक की पूरी कड़ी खंगालनी होगी। किसने उन्हें मकान दिलाया,किसके संपर्क में वे आए,उनकी रोजमर्रा की गतिविधियां क्या थींक्या किसी स्थानीय व्यक्ति ने उन्हें चोरी के मोबाइल बेचने, ठिकाना उपलब्ध कराने या बैंक खातों की व्यवस्था में मदद की,यही जांच इस कथित गिरोह के स्थानीय नेटवर्क को उजागर कर सकती है। बाकल पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण, लेकिन असली परीक्षा अब शुरू बाकल पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ी जोड़कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह निश्चित रूप से महत्वपूर्ण सफलता है। लेकिन इस कार्रवाई से खुलने वाले सवालों के जवाब भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। करीम शेख उर्फ साजन की तलाश और उसकी भूमिका की पुष्टि, आरोपियों के जबलपुर प्रवास का सत्यापन, किरायेदार सत्यापन की जांच, 14 मोबाइलों की बरामदगी एवं उनके डिजिटल डेटा का विश्लेषण और बैंक खातों की पूरी मनी ट्रेल—अब जांच के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं। क्योंकि यह सिर्फ एक मोबाइल चोरी का मामला नहीं है। यह उस डिजिटल अपराध मॉडल की कहानी है, जिसमें जेब से चुराया गया मोबाइल कुछ ही घंटों में किसी व्यक्ति के बैंक खाते तक पहुंचने का रास्ता बन सकता है।और अगर आरोपियों का एक साल तक जबलपुर में रहना जांच में प्रमाणित होता है, तो सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा अपराधी बाहर से आए थे, लेकिन इतने लंबे समय तक शहर में रहे तो उन्हें पहचानने और रोकने वाली व्यवस्था कहां थी। अब बाकल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद निगाहें इस बात पर हैं कि करीम शेख उर्फ साजन तक जांच कब पहुंचती है और इस कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क में जबलपुर के कितने स्थानीय चेहरे सामने आते हैं। शॉर्ट न्यूज बनाओ 1:30 मिनिट का

56 min ago
user_Shivcharan Yadav
Shivcharan Yadav
Local News Reporter रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
56 min ago

। मोबाइल चोरी से बैंक खातों तक पहुंचा कथित फ्रॉड नेटवर्क मोबाइल नहीं, पूरा फ्रॉड मॉडल था निशाने परपुलिस के अनुसार गिरोह ऐसे मोबाइलों को निशाना बनाता था जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। मोबाइल हाथ लगते ही अगला निशाना फोन नहीं, बल्कि उससे जुड़े बैंक खाते होते थे। आरोपियों के अनुसार ऐसे मोबाइलों में यूपीआई पिन सेट कर खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद मोबाइल आगे भेज दिए जाते थे और प्राप्त रकम गिरोह के सदस्यों में बांटी जाती थी। अर्थात अपराध का मॉडल कथित रूप से तीन चरणों में काम करता था। मोबाइल चोरी, डिजिटल एक्सेस, बैंक खाते से रकम ट्रांसफर। यही वजह है कि इस मामले में बरामदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण अब डिजिटल मनी ट्रेल है।14 मोबाइल चोरी कितने खातों का पैसा गया, आरोपियों ने कुल 14 मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की है। अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह होगा कि,इन 14 मोबाइलों में कितने फोन से डिजिटल ठगी की गई,कितने बैंक खाते या यूपीआई आईडी प्रभावित हुए,रकम किन-किन खातों में पहुंची,उन खातों के वास्तविक संचालक कौन हैं, क्या वे स्वयं गिरोह का हिस्सा हैं या केवल मनी ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल किए गए, चोरी के मोबाइलों का अंतिम खरीदार कौन थाक्या मालदा से लेकर जबलपुर तक मोबाइलों की कोई नियमित सप्लाई चेन चल रही थी,इन सवालों के जवाब सामने आने पर ही पता चलेगा कि 2.10 लाख रुपये की ठगी इस नेटवर्क का पूरा कारोबार है या केवल एक मामला। जबलपुर में बाहरी अपराधियों की एंट्री पर भी हो जांचयह मामला एक और संवेदनशील पहलू सामने लाता है,अंतरराज्यीय अपराधियों का शहर में प्रवेश और लंबे समय तक ठिकाना बनाना। झारखंड के आरोपी यदि एक वर्ष से जबलपुर में रह रहे थे और पश्चिम बंगाल के व्यक्ति का नाम भी गिरोह में सामने आया है, तो पुलिस को केवल वर्तमान घटना नहीं, बल्कि इन लोगों के जबलपुर पहुंचने से लेकर उनके स्थानीय संपर्कों तक की पूरी कड़ी खंगालनी होगी। किसने उन्हें मकान दिलाया,किसके संपर्क में वे आए,उनकी रोजमर्रा की गतिविधियां क्या थींक्या किसी स्थानीय व्यक्ति ने उन्हें चोरी के मोबाइल बेचने, ठिकाना उपलब्ध कराने या बैंक खातों की व्यवस्था में मदद की,यही जांच इस कथित गिरोह के स्थानीय नेटवर्क को उजागर कर सकती है। बाकल पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण, लेकिन असली परीक्षा अब शुरू बाकल पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ी जोड़कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह निश्चित रूप से महत्वपूर्ण सफलता है। लेकिन इस कार्रवाई से खुलने वाले सवालों के जवाब भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। करीम शेख उर्फ साजन की तलाश और उसकी भूमिका की पुष्टि, आरोपियों के जबलपुर प्रवास का सत्यापन, किरायेदार सत्यापन की जांच, 14 मोबाइलों की बरामदगी एवं उनके डिजिटल डेटा का विश्लेषण और बैंक खातों की पूरी मनी ट्रेल—अब जांच के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं। क्योंकि यह सिर्फ एक मोबाइल चोरी का मामला नहीं है। यह उस डिजिटल अपराध मॉडल की कहानी है, जिसमें जेब से चुराया गया मोबाइल कुछ ही घंटों में किसी व्यक्ति के बैंक खाते तक पहुंचने का रास्ता बन सकता है।और अगर आरोपियों का एक साल तक जबलपुर में रहना जांच में प्रमाणित होता है, तो सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा अपराधी बाहर से आए थे, लेकिन इतने लंबे समय तक शहर में रहे तो उन्हें पहचानने और रोकने वाली व्यवस्था कहां थी। अब बाकल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद निगाहें इस बात पर हैं कि करीम शेख उर्फ साजन तक जांच कब पहुंचती है और इस कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क में जबलपुर के कितने स्थानीय चेहरे सामने आते हैं। शॉर्ट न्यूज बनाओ 1:30 मिनिट का

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  • । मोबाइल चोरी से बैंक खातों तक पहुंचा कथित फ्रॉड नेटवर्क मोबाइल नहीं, पूरा फ्रॉड मॉडल था निशाने परपुलिस के अनुसार गिरोह ऐसे मोबाइलों को निशाना बनाता था जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। मोबाइल हाथ लगते ही अगला निशाना फोन नहीं, बल्कि उससे जुड़े बैंक खाते होते थे। आरोपियों के अनुसार ऐसे मोबाइलों में यूपीआई पिन सेट कर खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद मोबाइल आगे भेज दिए जाते थे और प्राप्त रकम गिरोह के सदस्यों में बांटी जाती थी। अर्थात अपराध का मॉडल कथित रूप से तीन चरणों में काम करता था। मोबाइल चोरी, डिजिटल एक्सेस, बैंक खाते से रकम ट्रांसफर। यही वजह है कि इस मामले में बरामदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण अब डिजिटल मनी ट्रेल है।14 मोबाइल चोरी कितने खातों का पैसा गया, आरोपियों ने कुल 14 मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की है। अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह होगा कि,इन 14 मोबाइलों में कितने फोन से डिजिटल ठगी की गई,कितने बैंक खाते या यूपीआई आईडी प्रभावित हुए,रकम किन-किन खातों में पहुंची,उन खातों के वास्तविक संचालक कौन हैं, क्या वे स्वयं गिरोह का हिस्सा हैं या केवल मनी ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल किए गए, चोरी के मोबाइलों का अंतिम खरीदार कौन थाक्या मालदा से लेकर जबलपुर तक मोबाइलों की कोई नियमित सप्लाई चेन चल रही थी,इन सवालों के जवाब सामने आने पर ही पता चलेगा कि 2.10 लाख रुपये की ठगी इस नेटवर्क का पूरा कारोबार है या केवल एक मामला। जबलपुर में बाहरी अपराधियों की एंट्री पर भी हो जांचयह मामला एक और संवेदनशील पहलू सामने लाता है,अंतरराज्यीय अपराधियों का शहर में प्रवेश और लंबे समय तक ठिकाना बनाना। झारखंड के आरोपी यदि एक वर्ष से जबलपुर में रह रहे थे और पश्चिम बंगाल के व्यक्ति का नाम भी गिरोह में सामने आया है, तो पुलिस को केवल वर्तमान घटना नहीं, बल्कि इन लोगों के जबलपुर पहुंचने से लेकर उनके स्थानीय संपर्कों तक की पूरी कड़ी खंगालनी होगी। किसने उन्हें मकान दिलाया,किसके संपर्क में वे आए,उनकी रोजमर्रा की गतिविधियां क्या थींक्या किसी स्थानीय व्यक्ति ने उन्हें चोरी के मोबाइल बेचने, ठिकाना उपलब्ध कराने या बैंक खातों की व्यवस्था में मदद की,यही जांच इस कथित गिरोह के स्थानीय नेटवर्क को उजागर कर सकती है। बाकल पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण, लेकिन असली परीक्षा अब शुरू बाकल पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ी जोड़कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह निश्चित रूप से महत्वपूर्ण सफलता है। लेकिन इस कार्रवाई से खुलने वाले सवालों के जवाब भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। करीम शेख उर्फ साजन की तलाश और उसकी भूमिका की पुष्टि, आरोपियों के जबलपुर प्रवास का सत्यापन, किरायेदार सत्यापन की जांच, 14 मोबाइलों की बरामदगी एवं उनके डिजिटल डेटा का विश्लेषण और बैंक खातों की पूरी मनी ट्रेल—अब जांच के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं। क्योंकि यह सिर्फ एक मोबाइल चोरी का मामला नहीं है। यह उस डिजिटल अपराध मॉडल की कहानी है, जिसमें जेब से चुराया गया मोबाइल कुछ ही घंटों में किसी व्यक्ति के बैंक खाते तक पहुंचने का रास्ता बन सकता है।और अगर आरोपियों का एक साल तक जबलपुर में रहना जांच में प्रमाणित होता है, तो सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा अपराधी बाहर से आए थे, लेकिन इतने लंबे समय तक शहर में रहे तो उन्हें पहचानने और रोकने वाली व्यवस्था कहां थी। अब बाकल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद निगाहें इस बात पर हैं कि करीम शेख उर्फ साजन तक जांच कब पहुंचती है और इस कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क में जबलपुर के कितने स्थानीय चेहरे सामने आते हैं। शॉर्ट न्यूज बनाओ 1:30 मिनिट का
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    । मोबाइल चोरी से बैंक खातों तक पहुंचा कथित फ्रॉड नेटवर्क
मोबाइल नहीं, पूरा फ्रॉड मॉडल था निशाने परपुलिस के अनुसार गिरोह ऐसे मोबाइलों को निशाना बनाता था जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। मोबाइल हाथ लगते ही अगला निशाना फोन नहीं, बल्कि उससे जुड़े बैंक खाते होते थे। आरोपियों के अनुसार ऐसे मोबाइलों में यूपीआई पिन सेट कर खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद मोबाइल आगे भेज दिए जाते थे और प्राप्त रकम गिरोह के सदस्यों में बांटी जाती थी। अर्थात अपराध का मॉडल कथित रूप से तीन चरणों में काम करता था। मोबाइल चोरी, डिजिटल एक्सेस, बैंक खाते से रकम ट्रांसफर। यही वजह है कि इस मामले में बरामदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण अब डिजिटल मनी ट्रेल है।14 मोबाइल चोरी कितने खातों का पैसा गया, आरोपियों ने कुल 14 मोबाइल चोरी करने की बात स्वीकार की है। अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह होगा कि,इन 14 मोबाइलों में कितने फोन से डिजिटल ठगी की गई,कितने बैंक खाते या यूपीआई आईडी प्रभावित हुए,रकम किन-किन खातों में पहुंची,उन खातों के वास्तविक संचालक कौन हैं, क्या वे स्वयं गिरोह का हिस्सा हैं या केवल मनी ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल किए गए, चोरी के मोबाइलों का अंतिम खरीदार कौन थाक्या मालदा से लेकर जबलपुर तक मोबाइलों की कोई नियमित सप्लाई चेन चल रही थी,इन सवालों के जवाब सामने आने पर ही पता चलेगा कि 2.10 लाख रुपये की ठगी इस नेटवर्क का पूरा कारोबार है या केवल एक मामला। जबलपुर में बाहरी अपराधियों की एंट्री पर भी हो जांचयह मामला एक और संवेदनशील पहलू सामने लाता है,अंतरराज्यीय अपराधियों का शहर में प्रवेश और लंबे समय तक ठिकाना बनाना। झारखंड के आरोपी यदि एक वर्ष से जबलपुर में रह रहे थे और पश्चिम बंगाल के व्यक्ति का नाम भी गिरोह में सामने आया है, तो पुलिस को केवल वर्तमान घटना नहीं, बल्कि इन लोगों के जबलपुर पहुंचने से लेकर उनके स्थानीय संपर्कों तक की पूरी कड़ी खंगालनी होगी। किसने उन्हें मकान दिलाया,किसके संपर्क में वे आए,उनकी रोजमर्रा की गतिविधियां क्या थींक्या किसी स्थानीय व्यक्ति ने उन्हें चोरी के मोबाइल बेचने, ठिकाना उपलब्ध कराने या बैंक खातों की व्यवस्था में मदद की,यही जांच इस कथित गिरोह के स्थानीय नेटवर्क को उजागर कर सकती है। बाकल पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण, लेकिन असली परीक्षा अब शुरू बाकल पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ी जोड़कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह निश्चित रूप से महत्वपूर्ण सफलता है। लेकिन इस कार्रवाई से खुलने वाले सवालों के जवाब भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। करीम शेख उर्फ साजन की तलाश और उसकी भूमिका की पुष्टि, आरोपियों के जबलपुर प्रवास का सत्यापन, किरायेदार सत्यापन की जांच, 14 मोबाइलों की बरामदगी एवं उनके डिजिटल डेटा का विश्लेषण और बैंक खातों की पूरी मनी ट्रेल—अब जांच के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु हैं। क्योंकि यह सिर्फ एक मोबाइल चोरी का मामला नहीं है। यह उस डिजिटल अपराध मॉडल की कहानी है, जिसमें जेब से चुराया गया मोबाइल कुछ ही घंटों में किसी व्यक्ति के बैंक खाते तक पहुंचने का रास्ता बन सकता है।और अगर आरोपियों का एक साल तक जबलपुर में रहना जांच में प्रमाणित होता है, तो सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा अपराधी बाहर से आए थे, लेकिन इतने लंबे समय तक शहर में रहे तो उन्हें पहचानने और रोकने वाली व्यवस्था कहां थी। अब बाकल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद निगाहें इस बात पर हैं कि करीम शेख उर्फ साजन तक जांच कब पहुंचती है और इस कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क में जबलपुर के कितने स्थानीय चेहरे सामने आते हैं। शॉर्ट न्यूज बनाओ 1:30 मिनिट का
    user_Shivcharan Yadav
    Shivcharan Yadav
    Local News Reporter रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    56 min ago
  • देवरी से 21 वर्षीय मूक-बधिर युवक लापता, परिजन परेशान — पहचान होने पर तत्काल दें सूचना रीठी। कटनी जिले के रीठी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरी से 21 वर्षीय मूक-बधिर युवक के घर से बिना बताए लापता होने का मामला सामने आया है। युवक के अचानक गायब होने से परिजन परेशान हैं और लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं। परिजनों ने आमजन से अपील की है कि यदि दिए गए फोटो के आधार पर युवक कहीं दिखाई देता है या उसके संबंध में कोई जानकारी मिलती है, तो तत्काल परिजनों को सूचना दें। 📞 सूचना देने के लिए मोबाइल नंबर: 7869206062 परिजनों की अपील—युवक की तलाश में सहयोग करें और जानकारी मिलते ही तुरंत सूचना दें।
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    देवरी से 21 वर्षीय मूक-बधिर युवक लापता, परिजन परेशान — पहचान होने पर तत्काल दें सूचना
रीठी। कटनी जिले के रीठी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरी से 21 वर्षीय मूक-बधिर युवक के घर से बिना बताए लापता होने का मामला सामने आया है। युवक के अचानक गायब होने से परिजन परेशान हैं और लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं।
परिजनों ने आमजन से अपील की है कि यदि दिए गए फोटो के आधार पर युवक कहीं दिखाई देता है या उसके संबंध में कोई जानकारी मिलती है, तो तत्काल परिजनों को सूचना दें।
📞 सूचना देने के लिए मोबाइल नंबर: 7869206062
परिजनों की अपील—युवक की तलाश में सहयोग करें और जानकारी मिलते ही तुरंत सूचना दें।
    user_Koushal tiwari
    Koushal tiwari
    Carpenter रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • झाड़ियों से घिरा ढीमरखेड़ा-सिलौड़ी मार्ग, अंधे मोड़ों पर हादसे का खतरा; पिंडरई में जलभराव से ग्रामीण परेशान ढीमरखेड़ा। लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित ढीमरखेड़ा-बिरासन पाली-सिलौड़ी मार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार है। सड़क किनारे झाड़ियों और पेड़-पौधों की सफाई लंबे समय से नहीं होने से कई जगह सड़क संकरी हो गई है। अंधे मोड़ों पर सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देने के कारण हादसे का खतरा बना हुआ है। वहीं पिंडरई गांव में नाली निर्माण नहीं होने से बारिश और घरों का पानी सड़क पर जमा हो रहा है। इससे स्कूली बच्चों सहित राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने जल्द सड़क किनारे सफाई और पिंडरई में नाली निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
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    झाड़ियों से घिरा ढीमरखेड़ा-सिलौड़ी मार्ग, अंधे मोड़ों पर हादसे का खतरा; पिंडरई में जलभराव से ग्रामीण परेशान
ढीमरखेड़ा। लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित ढीमरखेड़ा-बिरासन पाली-सिलौड़ी मार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार है। सड़क किनारे झाड़ियों और पेड़-पौधों की सफाई लंबे समय से नहीं होने से कई जगह सड़क संकरी हो गई है। अंधे मोड़ों पर सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देने के कारण हादसे का खतरा बना हुआ है।
वहीं पिंडरई गांव में नाली निर्माण नहीं होने से बारिश और घरों का पानी सड़क पर जमा हो रहा है। इससे स्कूली बच्चों सहित राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने जल्द सड़क किनारे सफाई और पिंडरई में नाली निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
    user_Ummed kuswaha
    Ummed kuswaha
    रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • नवांकुर सखी हरियाली यात्रा एवं हर घर तिरंगा रैली का आयोजन
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    नवांकुर सखी हरियाली यात्रा एवं हर घर तिरंगा रैली का आयोजन
    user_विकास श्रीवास्तव
    विकास श्रीवास्तव
    पत्रकार कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बलूचिस्तान, जो पाकिस्तान के ज़मीनी इलाके का 40 परसेंट हिस्सा है, ने खुद को एक आज़ाद देश घोषित कर दिया है और अपनी सरकार बना ली है। यह हैरानी की बात है कि बलूचिस्तान के लोगों के लिए अब राष्ट्रगान रिलीज़ हो गया है। यह राष्ट्रगान, जो भारत में सनातन धर्म के देवी-देवताओं का खूबसूरती से जश्न मनाता है, आजकल पूरी दुनिया में वायरल हो रहा है।
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    बलूचिस्तान, जो पाकिस्तान के ज़मीनी इलाके का 40 परसेंट हिस्सा है, ने खुद को एक आज़ाद देश घोषित कर दिया है और अपनी सरकार बना ली है। यह हैरानी की बात है कि बलूचिस्तान के लोगों के लिए अब राष्ट्रगान रिलीज़ हो गया है। यह राष्ट्रगान, जो भारत में सनातन धर्म के देवी-देवताओं का खूबसूरती से जश्न मनाता है, आजकल पूरी दुनिया में वायरल हो रहा है।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • रूपनाथ धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, शिव-शारदा कांवड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के शुभ संयोग पर तिगवां से शुरू हुई कांवड़ यात्रा, युवाओं और महिलाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह..... कटनी/बहोरीबंद। सावन माह के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के शुभ संयोग पर बहोरीबंद क्षेत्र में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व रखने वाले ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर से प्राचीन रूपनाथ धाम तक पहली बार भव्य शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में हजारों की संख्या में कांवड़िए एवं श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़ियों ने रूपनाथ धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। सुबह से ही तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालु कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा बहोरीबंद होते हुए मरही माता मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने माता मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद कांवड़ यात्रा रूपनाथ धाम के लिए रवाना हुई। हजारों कांवड़ियों ने किया भगवान शिव का जलाभिषेक रूपनाथ धाम पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान रूपनाथ धाम में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा, जिसे देखकर हर कोई अभिभूत नजर आया। आयोजकों के अनुसार सावन माह में रूपनाथ धाम के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिली। युवाओं और महिलाओं में दिखा खास उत्साह कांवड़ यात्रा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में माता-बहनें भी शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़िए पूरे रास्ते भगवान शिव और मां शारदा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। धार्मिक वातावरण के बीच यात्रा में शामिल लोगों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। ऐतिहासिक धरोहरों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का उद्देश्य आयोजकों ने बताया कि बहोरीबंद क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा का पवित्र धाम और रूपनाथ धाम क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। क्षेत्र की ऐतिहासिक मान्यताओं में आल्हा-ऊदल से जुड़े प्रसंग भी बताए जाते हैं। शिव-शारदा कांवड़ यात्रा के आयोजन का उद्देश्य इन दोनों धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की पहचान प्रदेश और देशभर में स्थापित करना, क्षेत्र में पर्यटन एवं धार्मिक विकास को बढ़ावा देना तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। आयोजकों ने कहा कि क्षेत्र के युवा और किसान खुशहाल रहें तथा सभी पर भगवान की कृपा बनी रहे, यही इस यात्रा के पीछे प्रमुख भावना है। अब हर वर्ष निकलेगी कांवड़ यात्रा यात्रा के सफल आयोजन के बाद आयोजकों एवं सदस्यों ने निर्णय लिया कि अब हर वर्ष सावन माह में मां शारदा माता तिगवां के दरबार से भगवान भोलेनाथ की नगरी रूपनाथ धाम तक शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। इससे क्षेत्र की धार्मिक परंपरा को और मजबूती मिलने के साथ दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों की आस्था और जुड़ाव बढ़ने की उम्मीद है। आयोजन समिति के सदस्यों ने कांवड़ यात्रा में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही यात्रा के दौरान व्यवस्था एवं सुरक्षा में सहयोग करने के लिए पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। यात्रा के सफल आयोजन से बहोरीबंद क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और धार्मिक एकता का अनूठा संदेश देखने को मिला।
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    रूपनाथ धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, शिव-शारदा कांवड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के शुभ संयोग पर तिगवां से शुरू हुई कांवड़ यात्रा, युवाओं और महिलाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह.....
कटनी/बहोरीबंद। सावन माह के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के शुभ संयोग पर बहोरीबंद क्षेत्र में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व रखने वाले ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर से प्राचीन रूपनाथ धाम तक पहली बार भव्य शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में हजारों की संख्या में कांवड़िए एवं श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़ियों ने रूपनाथ धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
सुबह से ही तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालु कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा बहोरीबंद होते हुए मरही माता मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने माता मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद कांवड़ यात्रा रूपनाथ धाम के लिए रवाना हुई।
हजारों कांवड़ियों ने किया भगवान शिव का जलाभिषेक
रूपनाथ धाम पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन के दौरान रूपनाथ धाम में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा, जिसे देखकर हर कोई अभिभूत नजर आया। आयोजकों के अनुसार सावन माह में रूपनाथ धाम के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिली।
युवाओं और महिलाओं में दिखा खास उत्साह
कांवड़ यात्रा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में माता-बहनें भी शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़िए पूरे रास्ते भगवान शिव और मां शारदा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। धार्मिक वातावरण के बीच यात्रा में शामिल लोगों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
ऐतिहासिक धरोहरों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का उद्देश्य
आयोजकों ने बताया कि बहोरीबंद क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा का पवित्र धाम और रूपनाथ धाम क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। क्षेत्र की ऐतिहासिक मान्यताओं में आल्हा-ऊदल से जुड़े प्रसंग भी बताए जाते हैं।
शिव-शारदा कांवड़ यात्रा के आयोजन का उद्देश्य इन दोनों धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की पहचान प्रदेश और देशभर में स्थापित करना, क्षेत्र में पर्यटन एवं धार्मिक विकास को बढ़ावा देना तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। आयोजकों ने कहा कि क्षेत्र के युवा और किसान खुशहाल रहें तथा सभी पर भगवान की कृपा बनी रहे, यही इस यात्रा के पीछे प्रमुख भावना है।
अब हर वर्ष निकलेगी कांवड़ यात्रा
यात्रा के सफल आयोजन के बाद आयोजकों एवं सदस्यों ने निर्णय लिया कि अब हर वर्ष सावन माह में मां शारदा माता तिगवां के दरबार से भगवान भोलेनाथ की नगरी रूपनाथ धाम तक शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। इससे क्षेत्र की धार्मिक परंपरा को और मजबूती मिलने के साथ दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों की आस्था और जुड़ाव बढ़ने की उम्मीद है।
आयोजन समिति के सदस्यों ने कांवड़ यात्रा में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही यात्रा के दौरान व्यवस्था एवं सुरक्षा में सहयोग करने के लिए पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। यात्रा के सफल आयोजन से बहोरीबंद क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और धार्मिक एकता का अनूठा संदेश देखने को मिला।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • 🚨 गांव-गांव, गली-गली नशे के खिलाफ कटनी पुलिस का प्रहार! 🚨 2 किलो 258 ग्राम गांजा बरामद, 70 साल का आरोपी गिरफ्तार—मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की मुहिम तेज | । कटनी जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस का अभियान अब गांव-गांव और गली-गली तक पहुंच चुका है। अवैध नशे के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए बरही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई कर 2 किलो 258 ग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने मौके से 70 वर्षीय आरोपी गिरधारी लाल पटेल को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 22 हजार रुपये बताई गई है। 🔥 नशे के सौदागरों पर पुलिस की सीधी नजर 16 अगस्त को देहात भ्रमण के दौरान बरही पुलिस टीम ग्राम पिपरिया कला पहुंची। इसी दौरान एक व्यक्ति गुलाबी रंग का थैला लेकर दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वह थैला लेकर घर के अंदर जाने लगा। पुलिस को संदेह हुआ तो टीम ने उसे रोककर थैले की तलाशी ली। तलाशी के दौरान गांजा बरामद होते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान गिरधारी लाल पटेल पिता भीमसेन कुर्मी, उम्र 70 वर्ष, निवासी पिपरिया कला के रूप में हुई। पुलिस ने गांजा जब्त कर आरोपी के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और उसे न्यायालय में पेश किया। 🚔 पुराने मामलों वाला आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ बरही थाने में पहले से कई मामले दर्ज हैं, जिनमें मादक पदार्थों से जुड़े प्रकरण भी शामिल हैं। ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। 🛑 कटनी में नशे के खिलाफ लगातार सख्ती पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में कटनी जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का संदेश साफ है—गांव हो या शहर, गली हो या मोहल्ला, नशे का अवैध कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं विजयराघवगढ़ एसडीओपी वीरेंद्र धार्वे के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार चौबे, उपनिरीक्षक विनोद कांत सिंह, उपनिरीक्षक अश्वनी यादव, प्रधान आरक्षक नरेंद्र पटेल एवं प्रधान आरक्षक रवि मोहन जाटव प्रजापति की विशेष भूमिका रही। 🚨 पुलिस का अभियान जारी—नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस! कटनी पुलिस का स्पष्ट संदेश—मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। नशे के खिलाफ यह जंग गांव-गांव, गली-गली और मोहल्ले-मोहल्ले तक जारी रहेगी। संवाददाता बालकिशन नामदेव दबंग केसरी न्यूज़ भोपाल मोबाइल नंबर 89591 88111
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    🚨 गांव-गांव, गली-गली नशे के खिलाफ कटनी पुलिस का प्रहार! 🚨
2 किलो 258 ग्राम गांजा बरामद, 70 साल का आरोपी गिरफ्तार—मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की मुहिम तेज
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कटनी जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस का अभियान अब गांव-गांव और गली-गली तक पहुंच चुका है। अवैध नशे के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए बरही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई कर 2 किलो 258 ग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने मौके से 70 वर्षीय आरोपी गिरधारी लाल पटेल को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 22 हजार रुपये बताई गई है।
🔥 नशे के सौदागरों पर पुलिस की सीधी नजर
16 अगस्त को देहात भ्रमण के दौरान बरही पुलिस टीम ग्राम पिपरिया कला पहुंची। इसी दौरान एक व्यक्ति गुलाबी रंग का थैला लेकर दिखाई दिया। पुलिस को देखते ही वह थैला लेकर घर के अंदर जाने लगा। पुलिस को संदेह हुआ तो टीम ने उसे रोककर थैले की तलाशी ली। तलाशी के दौरान गांजा बरामद होते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी की पहचान गिरधारी लाल पटेल पिता भीमसेन कुर्मी, उम्र 70 वर्ष, निवासी पिपरिया कला के रूप में हुई। पुलिस ने गांजा जब्त कर आरोपी के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और उसे न्यायालय में पेश किया।
🚔 पुराने मामलों वाला आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ बरही थाने में पहले से कई मामले दर्ज हैं, जिनमें मादक पदार्थों से जुड़े प्रकरण भी शामिल हैं। ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
🛑 कटनी में नशे के खिलाफ लगातार सख्ती
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में कटनी जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का संदेश साफ है—गांव हो या शहर, गली हो या मोहल्ला, नशे का अवैध कारोबार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं विजयराघवगढ़ एसडीओपी वीरेंद्र धार्वे के मार्गदर्शन में की गई।
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार चौबे, उपनिरीक्षक विनोद कांत सिंह, उपनिरीक्षक अश्वनी यादव, प्रधान आरक्षक नरेंद्र पटेल एवं प्रधान आरक्षक रवि मोहन जाटव प्रजापति की विशेष भूमिका रही।
🚨 पुलिस का अभियान जारी—नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस!
कटनी पुलिस का स्पष्ट संदेश—मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। नशे के खिलाफ यह जंग गांव-गांव, गली-गली और मोहल्ले-मोहल्ले तक जारी रहेगी।
संवाददाता बालकिशन नामदेव 
दबंग केसरी न्यूज़ भोपाल 
मोबाइल नंबर 89591 88111
    user_Banty Namdeo
    Banty Namdeo
    Court reporter कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • शेषनाग धाम में नाग पंचमी पर गूंजे जयकारे, भव्य आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब बहोरीबंद। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुआं स्थित प्रसिद्ध शेषनाग धाम मंदिर में नाग पंचमी के शुभ अवसर पर भव्य आरती एवं पूजन का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था के इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और शेषनाग महाराज की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। बताया जाता है कि यह प्राचीन मंदिर 100 वर्ष से अधिक पुराना है और जिले में शेषनाग महाराज को समर्पित प्रमुख एवं अनूठे धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को किसी भी प्रजाति का सर्प काट ले और वह मंदिर तक पहुंच जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना रहती है। मंदिर से जुड़े पुजारियों की समिति द्वारा मंत्र-सिद्धि के माध्यम से विष के प्रभाव को दूर करने की धार्मिक मान्यता भी बताई जाती है। मंदिर समिति के अध्यक्ष राममिलन नायक ने बताया कि ऋषि पंचमी के अवसर पर यहां विशाल मेला, दंगल और विशेष पूजन का आयोजन किया जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि शेषनाग महाराज की महिमा और मंदिर की धार्मिक परंपराओं का अनुभव करने के लिए ऋषि पंचमी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। हालांकि, सर्पदंश की स्थिति में किसी भी व्यक्ति को झाड़-फूंक या देरी करने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार लेना जरूरी है।
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    शेषनाग धाम में नाग पंचमी पर गूंजे जयकारे, भव्य आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
बहोरीबंद। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुआं स्थित प्रसिद्ध शेषनाग धाम मंदिर में नाग पंचमी के शुभ अवसर पर भव्य आरती एवं पूजन का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था के इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और शेषनाग महाराज की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
बताया जाता है कि यह प्राचीन मंदिर 100 वर्ष से अधिक पुराना है और जिले में शेषनाग महाराज को समर्पित प्रमुख एवं अनूठे धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को किसी भी प्रजाति का सर्प काट ले और वह मंदिर तक पहुंच जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना रहती है। मंदिर से जुड़े पुजारियों की समिति द्वारा मंत्र-सिद्धि के माध्यम से विष के प्रभाव को दूर करने की धार्मिक मान्यता भी बताई जाती है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष राममिलन नायक ने बताया कि ऋषि पंचमी के अवसर पर यहां विशाल मेला, दंगल और विशेष पूजन का आयोजन किया जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि शेषनाग महाराज की महिमा और मंदिर की धार्मिक परंपराओं का अनुभव करने के लिए ऋषि पंचमी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
हालांकि, सर्पदंश की स्थिति में किसी भी व्यक्ति को झाड़-फूंक या देरी करने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार लेना जरूरी है।
    user_Koushal tiwari
    Koushal tiwari
    Carpenter रीठी, कटनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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