लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरनिया पुल पर चाइनीज मांझे से हुआ यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता और लापरवाही का बेहद दर्दनाक उदाहरण बनकर सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार परिवार जैसे ही पुल पर पहुंचा, अचानक खतरनाक चाइनीज मांझा गले में उलझ गया, जिससे चालक की गर्दन बुरी तरह कट गई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई और बाइक अनियंत्रित होकर टकरा गई। इस घटना में तीन लोग घायल हुए, जिनमें एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। सबसे चिंताजनक और अमानवीय पहलू यह रहा कि घायल व्यक्ति लंबे समय तक सड़क पर तड़पता रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने मदद की कोशिश की, लेकिन न तो समय पर एंबुलेंस पहुंची और न ही पास के सीतापुर रोड स्थित अस्पताल ने तुरंत इलाज के लिए हाथ बढ़ाया। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक घायल को ई-रिक्शा में ही इधर-उधर ले जाया जाता रहा, जहां वह दर्द से कराहता रहा। हद तो तब हो गई जब गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को ई-रिक्शा से उतारकर ऑटो में इस तरह डाल दिया गया, जैसे कोई संवेदनहीन वस्तु हो, और फिर उसे किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज भेजा गया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को झकझोर देने वाला था। इस पूरे घटनाक्रम में अलीगंज पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि सूचना के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ। यह घटना एक बार फिर चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के बावजूद उसकी खुलेआम बिक्री और इस्तेमाल पर सवाल खड़े करती है। साथ ही यह भी उजागर करती है कि आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम में कितनी गंभीर खामियां मौजूद हैं। जरूरत है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी और को इस तरह की लापरवाही और दर्दनाक स्थिति का सामना न करना पड़े।
लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरनिया पुल पर चाइनीज मांझे से हुआ यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता और लापरवाही का बेहद दर्दनाक उदाहरण बनकर सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार परिवार जैसे ही पुल पर पहुंचा, अचानक खतरनाक चाइनीज मांझा गले में उलझ गया, जिससे चालक की गर्दन बुरी तरह कट गई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई और बाइक अनियंत्रित होकर टकरा गई। इस घटना में तीन लोग घायल हुए, जिनमें एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। सबसे चिंताजनक और अमानवीय पहलू यह रहा कि घायल व्यक्ति लंबे समय तक सड़क पर तड़पता रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने मदद की कोशिश की, लेकिन न तो समय पर एंबुलेंस पहुंची और न ही पास के सीतापुर रोड स्थित अस्पताल ने तुरंत इलाज के लिए हाथ बढ़ाया। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक घायल को ई-रिक्शा में ही इधर-उधर ले जाया जाता रहा, जहां वह दर्द से कराहता रहा। हद तो तब हो गई जब गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को ई-रिक्शा से उतारकर ऑटो में इस तरह डाल दिया गया, जैसे कोई संवेदनहीन वस्तु हो, और फिर उसे किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज भेजा गया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को झकझोर देने वाला था। इस पूरे घटनाक्रम में अलीगंज पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि सूचना के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ। यह घटना एक बार फिर चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के बावजूद उसकी खुलेआम बिक्री और इस्तेमाल पर सवाल खड़े करती है। साथ ही यह भी उजागर करती है कि आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम में कितनी गंभीर खामियां मौजूद हैं। जरूरत है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी और को इस तरह की लापरवाही और दर्दनाक स्थिति का सामना न करना पड़े।
- पुरानिया पुल पर चाइनीज़ मांझे से एक युवक गंभीर रूप से हुआ घायल स्थानीय लोगो ने पहुंचाया अस्पताल युवक अपनी पत्नी और बच्चे के साथ कापी किताब खरीदने गया था1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक मुस्लिम महिला को हिंदू महिला के पारंपरिक पहनावे और ड्रेसिंग सेंस की तारीफ करते देखा जा रहा है। इस वीडियो ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। कुछ यूजर्स इस पल को आपसी सम्मान और सांस्कृतिक सौहार्द की मिसाल बता रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसे व्यक्तिगत आज़ादी और पसंद से जोड़कर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी छिड़ गई है, जहां एक वर्ग इसे “महिलाओं द्वारा महिलाओं के समर्थन” का सकारात्मक उदाहरण मान रहा है, वहीं कुछ लोग इसे अलग नजरिए से देख रहे हैं। फिलहाल, यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा, "उत्तर प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। एक बीमारू प्रदेश से निकालकर एक अत्यंत विकाशील प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश की छवि बदली है। जिसके श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है।"1
- कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश#हाईलाइट1
- लखनऊ विश्वविद्यालय में NSUI, AISA और समाजवादी छात्र सभा का UGC के समर्थन में प्रदर्शन। लखनऊ यूनिवर्सिटी से डीएम आवास तक मार्च निकाल रहे छात्रों को पुलिस ने रोका।1
- लखनऊ हुसैनाबाद शिवपुरी इलाके में गंदगी का अंबार नगर निगम जोन-6 की सफाई व्यवस्था पर सवाल कूड़े के ढेर में लगाई गई आग, फैला धुआं धुएं से क्षेत्रीय लोगों को हुई भारी परेशानी सांस लेने में दिक्कत, लोग घरों में कैद लोगों में नगर निगम के खिलाफ नाराजगी नगर निगम जोन 6 में सफाई व्यवस्था बदहाल1
- *इंदौर में 7 लोगों की मौत कैसे हुई ?* *बिजनेसमैन मनोज पुगलिया के घर के गेट पर EV चार्ज हो रही थी। चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ। घर की गैलरी में कुछ सिलेंडर और केमिकल ड्रम रखे थे। आग इन तक पहुंची। कई धमाके हुए। 3 मंजिला घर चपेट में आ गया। घर के गेट इलेक्ट्रॉनिक थे। बिजली सप्लाई बंद होने से गेट लॉक हो गए। लोग अंदर फंसे रह गए और 7 लोग जिंदा जल गए।* *(पुलिस की शुरुआती जांच में ये सब बातें सामने आई हैं)*1
- कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश#हाईलाइट1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक साधु और एक विदेशी महिला साथ बैठे नजर आ रहे हैं। वीडियो में दोनों के बीच नजदीकी बातचीत दिखाई दे रही है, जिसे लेकर इंटरनेट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे आस्था और इंसानियत से जोड़कर देख रहे हैं, तो वहीं कई यूजर्स इसे साधु परंपरा की छवि से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, वीडियो की सच्चाई और स्थान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।1