जहानाबाद जिले में आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जहानाबाद पुलिस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस केंद्र में एक विशेष दंगा नियंत्रण ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की पुलिस बल की क्षमता का परीक्षण करना और विभिन्न सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभ्यास कराना था। इस ड्रिल में पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार के नेतृत्व में जवानों ने भीड़ नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई, सुरक्षा घेराबंदी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित कई महत्वपूर्ण अभ्यास किए। साथ ही, दंगा नियंत्रण में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों और रणनीतियों का भी प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का लक्ष्य आपात स्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूत करना, विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय बढ़ाना और बल को संवेदनशील परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार रखना है। अभ्यास के दौरान जवानों ने अनुशासित तरीके से सुरक्षा उपायों का प्रदर्शन किया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और मुहर्रम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया। पुलिस प्रशासन ने यह भी बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सामाजिक सौहार्द कायम रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके साथ ही, लोगों से शांति, भाईचारे और सहयोग की भावना बनाए रखने की अपील की गई है।
जहानाबाद जिले में आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जहानाबाद पुलिस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस केंद्र में एक विशेष दंगा नियंत्रण ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की पुलिस बल की क्षमता का परीक्षण करना और विभिन्न सुरक्षा व्यवस्थाओं का अभ्यास कराना था। इस ड्रिल में पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार के नेतृत्व में जवानों ने भीड़ नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई, सुरक्षा घेराबंदी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित कई महत्वपूर्ण अभ्यास किए। साथ ही, दंगा नियंत्रण में उपयोग होने वाले आधुनिक उपकरणों और रणनीतियों का भी प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का लक्ष्य आपात स्थितियों में पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता को और मजबूत करना, विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय बढ़ाना और बल को संवेदनशील परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार रखना है। अभ्यास के दौरान जवानों ने अनुशासित तरीके से सुरक्षा उपायों का प्रदर्शन किया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और मुहर्रम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया। पुलिस प्रशासन ने यह भी बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सामाजिक सौहार्द कायम रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके साथ ही, लोगों से शांति, भाईचारे और सहयोग की भावना बनाए रखने की अपील की गई है।
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- हिलसा के इस्लामपुर में, डीएसपी कुमार ऋषि राज ने मुहर्रम पर्व के संबंध में एक सीधा संदेश जारी किया है।1
- कोयला कारोबारी मुन्ना सिंह ने संतोष अग्रवाल की चल-अचल संपत्ति का विस्तृत विवरण जारी किया है। मुन्ना सिंह ने दावा किया है कि संतोष अग्रवाल द्वारा निर्मित सभी मकान और अन्य संपत्तियाँ, उनके लिए गए 4 करोड़ 61 लाख रुपये के कर्ज से ही बनाई गई हैं। यह मामला लगातार आठवें दिन भी जारी रहा, जहाँ मुन्ना सिंह संतोष अग्रवाल का बेसब्री से इंतजार करते रहे।1
- जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भोजपुर जिले के शाहपुर में कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों के घर आयोजित 'श्रद्धांजलि सह महापंचायत' में शामिल हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि प्रशासन इस पूरे मामले को 'मिस-हैंडल' कर रहा है और जब समाज का दबाव बढ़ता है, तो सरकारें छोटे-मोटे अधिकारियों को निलंबित कर खुद को बचाने का प्रयास करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भरत तिवारी के परिवार को सिर्फ मुआवजा या नौकरी नहीं, बल्कि 'असली न्याय' चाहिए। प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि केवल थानेदार या डीएसपी पर कार्रवाई से न्याय नहीं होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि पटना में बैठकर उस युवक को मारने का आदेश किसने दिया था, और मांग की कि हत्या की साजिश में शामिल 'मास्टरमाइंड्स' पर कार्रवाई होनी चाहिए, जिनके इशारे पर यह एनकाउंटर हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हालिया बयान को भी 'असंवेदनशील' करार देते हुए कहा कि पुलिसिंग का अर्थ समाज की रक्षा करना है, न कि गोली चलाना। प्रशांत किशोर ने कई महत्वपूर्ण प्रश्न भी उठाए: क्या न्यायिक जांच में गृह मंत्री की भूमिका की जांच होगी? क्या पटना से आदेश देने वाले एसटीएफ अधिकारी पर कार्रवाई होगी? और क्या गोली चलाने की अनुमति देने वाले मजिस्ट्रेट को जवाबदेह बनाया जाएगा? प्रशांत किशोर ने भरत भूषण तिवारी को एक 'जननायक' बताया, जिन्होंने जमुनिया गांव के 80 विस्थापित परिवारों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया था, विशेषकर उन्हें बिजली और पानी की सुविधा दिलाने के लिए। उन्होंने कहा कि उनका यह संघर्ष ही शायद उनकी 'गलती' बन गया। प्रशांत किशोर ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि वे इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरा समाज और जन सुराज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह मामला अब केवल एक एनकाउंटर तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और सत्ता की जवाबदेही पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न बनकर उभर रहा है। प्रशांत किशोर भोजपुर एनकाउंटर पर 'आर-पार के मूड में' हैं, और उन्होंने कहा कि 'रक्षक जब भक्षक बन जाए तो समाज को खड़ा होना ही होगा'।1
- सीमेंट की आड़ में शराब का काला कारोबार चलाया जा रहा था, जिसका भंडाफोड़ किया गया है। इस कार्रवाई के दौरान एक ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से ₹48 लाख की शराब की खेप बरामद हुई।1
- जनता की आवाज आरा न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, सुधीर सिंह बिलौटी पहुँचे और भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान सुधीर सिंह ने भरत तिवारी की माँ से भी भेंट की। यह मुलाकात भरत तिवारी के लिए न्याय की उठाई जा रही मांग के बीच हुई है।1
- जहानाबाद जिले में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार को समाहरणालय स्थित ग्राम्प्लेक्स भवन में एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया और पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने की, जिसमें शांति समिति के सदस्य, दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था और विभिन्न विभागों की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि सभी मुहर्रम जुलूसों के लिए लाइसेंस और पंजीकरण अनिवार्य होगा, और जुलूस केवल निर्धारित समय व तय मार्गों से ही निकाले जाएंगे। इसके साथ ही, ताजिया की ऊँचाई 15 फीट से अधिक नहीं रखने, स्वयंसेवकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य करने तथा प्रत्येक जुलूस में दो वीडियोग्राफरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और घातक हथियारों के प्रदर्शन पर भी रोक लगाई गई है। बिजली, स्वास्थ्य, अग्निशमन, नगर परिषद और पीएचईडी जैसे विभागों को जुलूस मार्गों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया है। प्रशासन ने यह चेतावनी भी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और सभी विभागों को आपसी समन्वय से कानून-व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया गया।1
- नालंदा के इस्लामपुर प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय बेशवक से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में विद्यालय के प्रधानाध्यापक अजय रजक पर छात्रों और अभिभावकों से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) तथा अन्य शैक्षणिक कार्यों के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूलने का आरोप लगाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, यह वायरल वीडियो लगभग दस दिन पुराना बताया जा रहा है, जिसमें एक व्यक्ति अपने घर पर बैठकर टीसी से संबंधित कार्य करता दिखाई दे रहा है। इसी दौरान पैसे के लेन-देन को लेकर बातचीत भी रिकॉर्ड हुई है, जिसमें 100, 200 और 500 रुपये तक की राशि का उल्लेख सुनाई देता है। आरोप है कि छात्रों और अभिभावकों से टीसी जारी करने तथा प्रैक्टिकल समेत अन्य शैक्षणिक कार्यों के बदले पैसों की मांग की जा रही थी। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल गर्म है, और अभिभावकों व स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सरकारी विद्यालयों में भी प्रमाण पत्र और शैक्षणिक कार्यों के लिए पैसे वसूले जाने पर यह शिक्षा के अधिकार और सरकारी व्यवस्था की मूल मंशा के विपरीत है। हालांकि, आरोपों के घेरे में आए प्रधानाध्यापक अजय रजक ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि वायरल वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं, और टीसी या किसी अन्य शैक्षणिक कार्य के नाम पर पैसे लेने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। इस घटना ने शिक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल, वायरल वीडियो की सत्यता और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, और यह मामला अभी जांच के दायरे में है। सभी की निगाहें अब विभागीय जांच पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले का सच सामने आ सके और उचित कार्रवाई हो।1
- जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भोजपुर के शाहपुर प्रखंड स्थित बिलौटी गांव पहुंचकर भरत भूषण तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और आयोजित महापंचायत में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि भरत तिवारी की हत्या के मामले में केवल गोली चलाने वाले ही नहीं, बल्कि जिनके कहने पर यह घटना हुई, उन सभी लोगों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रशांत किशोर ने इस मुद्दे पर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान को असंवेदनशील बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुलिसिंग का अर्थ गोली चलाना नहीं होता, बल्कि समाज की रक्षा करना पुलिस का प्राथमिक दायित्व है। उनका कहना था कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तब समाज को अपने लिए न्याय के लिए खड़ा होना पड़ता है। महापंचायत में उपस्थित लोगों ने भी प्रशांत किशोर की मांग का समर्थन करते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की आवाज उठाई। प्रशांत किशोर के इस मुखर बयान के बाद, भरत तिवारी का यह मामला एक बार फिर बिहार की राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गया है।1