सैकड़ों गांवों की आफ़त बना राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित छटीकरा चौराहा का जाम ग्रामीणों ने “प्रशासन के नाम एक संदेश” कार्यक्रम के ज़रिये दी चेतावनी, 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा मथुरा, 1 मार्च 2026। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित छटीकरा चौराहा इन दिनों भीषण जाम, अव्यवस्था और प्रशासनिक अनदेखी का पर्याय बनता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि यह समस्या अब केवल एक गांव तक सीमित नहीं रही, बल्कि सैकड़ों आसपास के गांवों के जनजीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रही है। छटीकरा, मथुरा जनपद का प्रमुख प्रवेश मार्ग होने के साथ-साथ तीर्थनगरी वृंदावन आने-जाने वाले श्रद्धालुओं का मुख्य रास्ता भी है। प्रतिदिन सुबह-शाम श्रद्धालुओं की बसें, ई-रिक्शा, निजी वाहन, भारी वाहन और स्थानीय यातायात एक साथ मार्ग पर आ जाने से जाम की स्थिति विकराल हो जाती है। आस्था के केंद्र तक पहुंचने से पहले ही श्रद्धालुओं को अव्यवस्था, धूल-धक्कड़ और ट्रैफिक अराजकता का सामना करना पड़ता है, जिससे ब्रज क्षेत्र की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण, अवैध कट, बेतरतीब पार्किंग, सड़क किनारे ठेले-खोखे, सर्विस लेन का अवरोध, ट्रैफिक कर्मियों की कमी और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही ने स्थिति को बद से बदतर बना दिया है। जाम के कारण एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं का समय पर निकल पाना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे मरीजों की जान पर खतरा मंडराता रहता है। स्कूली बच्चे घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और समयबद्ध शिक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि लगातार जाम से कारोबार पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। रविवार को आयोजित “प्रशासन के नाम एक संदेश” कार्यक्रम के तहत छटीकरा व आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने पत्रकार ठाकुर प्रकाश सिंह के नेतृत्व में अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। मौके पर निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी के नाम 7 सूत्रीय ज्ञापन तैयार किया गया। ज्ञापन को सिटी मजिस्ट्रेट मथुरा अनुपम मिश्रा ने स्वीकार किया। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त अनुज कौशिक, सीओ सदर पीपी सिंह तथा थाना प्रभारी जैंत उमेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में अतिक्रमण हटाना, अवैध कट बंद करना, ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती, सर्विस रोड का निर्माण एवं सुधार, ई-रिक्शा संचालन की व्यवस्थित व्यवस्था और भारी वाहनों के लिए समयबद्ध आवागमन लागू करना शामिल है। इस कार्यक्रम में छटीकरा ग्रामवासियों के साथ-साथ मघेरा, बाटी, तोस, बड़ौता, भदाल, खुशीपुरा, मौरा, सकना, राल, जैंत, देवी आटस, बाबूगढ़ , अझई व अन्य सैकड़ों गांवों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल सैकड़ों गांवों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। कुल मिलाकर छटीकरा का जाम अब केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी, श्रद्धालुओं की आस्था और क्षेत्र की प्रतिष्ठा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है।
सैकड़ों गांवों की आफ़त बना राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित छटीकरा चौराहा का जाम ग्रामीणों ने “प्रशासन के नाम एक संदेश” कार्यक्रम के ज़रिये दी चेतावनी, 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा मथुरा, 1 मार्च 2026। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित छटीकरा चौराहा इन दिनों भीषण जाम, अव्यवस्था और प्रशासनिक अनदेखी का पर्याय बनता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि यह समस्या अब केवल एक गांव तक सीमित नहीं रही, बल्कि सैकड़ों आसपास के गांवों के जनजीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रही है। छटीकरा, मथुरा जनपद का प्रमुख प्रवेश मार्ग होने के साथ-साथ तीर्थनगरी वृंदावन आने-जाने वाले श्रद्धालुओं का मुख्य रास्ता भी है। प्रतिदिन सुबह-शाम श्रद्धालुओं की बसें, ई-रिक्शा, निजी वाहन, भारी वाहन और स्थानीय यातायात एक साथ मार्ग पर आ जाने से जाम
की स्थिति विकराल हो जाती है। आस्था के केंद्र तक पहुंचने से पहले ही श्रद्धालुओं को अव्यवस्था, धूल-धक्कड़ और ट्रैफिक अराजकता का सामना करना पड़ता है, जिससे ब्रज क्षेत्र की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण, अवैध कट, बेतरतीब पार्किंग, सड़क किनारे ठेले-खोखे, सर्विस लेन का अवरोध, ट्रैफिक कर्मियों की कमी और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही ने स्थिति को बद से बदतर बना दिया है। जाम के कारण एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं का समय पर निकल पाना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे मरीजों की जान पर खतरा मंडराता रहता है। स्कूली बच्चे घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और समयबद्ध शिक्षा दोनों प्रभावित
हो रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि लगातार जाम से कारोबार पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। रविवार को आयोजित “प्रशासन के नाम एक संदेश” कार्यक्रम के तहत छटीकरा व आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने पत्रकार ठाकुर प्रकाश सिंह के नेतृत्व में अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। मौके पर निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी के नाम 7 सूत्रीय ज्ञापन तैयार किया गया। ज्ञापन को सिटी मजिस्ट्रेट मथुरा अनुपम मिश्रा ने स्वीकार किया। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त अनुज कौशिक, सीओ सदर पीपी सिंह तथा थाना प्रभारी जैंत उमेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में अतिक्रमण हटाना, अवैध कट बंद करना, ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती, सर्विस रोड
का निर्माण एवं सुधार, ई-रिक्शा संचालन की व्यवस्थित व्यवस्था और भारी वाहनों के लिए समयबद्ध आवागमन लागू करना शामिल है। इस कार्यक्रम में छटीकरा ग्रामवासियों के साथ-साथ मघेरा, बाटी, तोस, बड़ौता, भदाल, खुशीपुरा, मौरा, सकना, राल, जैंत, देवी आटस, बाबूगढ़ , अझई व अन्य सैकड़ों गांवों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल सैकड़ों गांवों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। कुल मिलाकर छटीकरा का जाम अब केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी, श्रद्धालुओं की आस्था और क्षेत्र की प्रतिष्ठा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है।
- ब्रज नगरी में करने वाले होली महोत्सव के तहत गोकुल की छड़ी मार होली का अपना विशेष महत्व है जिसको देश विदेश से आने वाले श्रद्धालु बड़े ही श्रद्धा का उत्साह के साथ बाल स्वरूप श्री कृष्ण के साथ आनंद लेते हैं छड़ी मार होली का1
- मथुरा। विश्व प्रसिद्ध बरसाना-नन्दगाँव की लट्ठामार/लड्डूमार होली की पुरानी वीडियो क्लिप को आंशिक रूप से एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में थाना बरसाना पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने इसे पांच हजार वर्ष पुरानी परंपरा को बदनाम करने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने का प्रयास मानते हुए विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।थाना बरसाना पुलिस के अनुसार, गत वर्ष की होली की कुछ पुरानी वीडियो क्लिप को एडिट कर कई सोशल मीडिया “इन्फ्लुएंसर” द्वारा भ्रामक तरीके से प्रसारित किया गया। जांच में पाया गया कि वीडियो के आंशिक अंशों को संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत किया गया, जिससे क्षेत्र में भ्रम और अफवाह की स्थिति उत्पन्न हो रही थी।पुलिस का कहना है कि इन वीडियो के कारण महिलाओं में भय एवं असुरक्षा की भावना पैदा हो रही थी तथा सामाजिक तनाव की आशंका बन रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संबंधित अकाउंट धारकों के विरुद्ध मु0अ0सं0 65/2026 के तहत धारा 196(2)/353(2) बीएनएस एवं 67/67ए आईटी एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया है। इन सोशल मीडिया अकाउंट्स पर दर्ज हुआ मुकदमा: 1. iMayankofficial (@imayankindian) 2. Piyush Rai (@Benarasiyaa) 3. Vishal JyotiDev Agarwal (@JyotiDevSpeaks) 4. Extra2ab (@UdayRoy443477) 5. ममता राजगढ़ (@rajgarh_mamta1) 6. Kavish Aziz (@azizkavish) 7. Prayagraj.vibes 8. r_nagar_vlogs 9. Kotafoodexplorerr थाना बरसाना पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना प्रचलित है और साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र विधिक निस्तारण किया जाएगा। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी वीडियो या सूचना को बिना सत्यापन के साझा न करें तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।बरसाना-नन्दगाँव की लट्ठामार होली देश-विदेश में प्रसिद्ध है और इसे देखने हर वर्ष हजारों श्रद्धालु व पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में परंपरा को गलत ढंग से प्रस्तुत करने के प्रयासों पर पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।1
- ग्रामीणों ने “प्रशासन के नाम एक संदेश” कार्यक्रम के ज़रिये दी चेतावनी, 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा मथुरा, 1 मार्च 2026। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित छटीकरा चौराहा इन दिनों भीषण जाम, अव्यवस्था और प्रशासनिक अनदेखी का पर्याय बनता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि यह समस्या अब केवल एक गांव तक सीमित नहीं रही, बल्कि सैकड़ों आसपास के गांवों के जनजीवन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर रही है। छटीकरा, मथुरा जनपद का प्रमुख प्रवेश मार्ग होने के साथ-साथ तीर्थनगरी वृंदावन आने-जाने वाले श्रद्धालुओं का मुख्य रास्ता भी है। प्रतिदिन सुबह-शाम श्रद्धालुओं की बसें, ई-रिक्शा, निजी वाहन, भारी वाहन और स्थानीय यातायात एक साथ मार्ग पर आ जाने से जाम की स्थिति विकराल हो जाती है। आस्था के केंद्र तक पहुंचने से पहले ही श्रद्धालुओं को अव्यवस्था, धूल-धक्कड़ और ट्रैफिक अराजकता का सामना करना पड़ता है, जिससे ब्रज क्षेत्र की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अतिक्रमण, अवैध कट, बेतरतीब पार्किंग, सड़क किनारे ठेले-खोखे, सर्विस लेन का अवरोध, ट्रैफिक कर्मियों की कमी और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही ने स्थिति को बद से बदतर बना दिया है। जाम के कारण एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं का समय पर निकल पाना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे मरीजों की जान पर खतरा मंडराता रहता है। स्कूली बच्चे घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और समयबद्ध शिक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि लगातार जाम से कारोबार पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। रविवार को आयोजित “प्रशासन के नाम एक संदेश” कार्यक्रम के तहत छटीकरा व आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने पत्रकार ठाकुर प्रकाश सिंह के नेतृत्व में अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। मौके पर निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी के नाम 7 सूत्रीय ज्ञापन तैयार किया गया। ज्ञापन को सिटी मजिस्ट्रेट मथुरा अनुपम मिश्रा ने स्वीकार किया। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त अनुज कौशिक, सीओ सदर पीपी सिंह तथा थाना प्रभारी जैंत उमेश त्रिपाठी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में अतिक्रमण हटाना, अवैध कट बंद करना, ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती, सर्विस रोड का निर्माण एवं सुधार, ई-रिक्शा संचालन की व्यवस्थित व्यवस्था और भारी वाहनों के लिए समयबद्ध आवागमन लागू करना शामिल है। इस कार्यक्रम में छटीकरा ग्रामवासियों के साथ-साथ मघेरा, बाटी, तोस, बड़ौता, भदाल, खुशीपुरा, मौरा, सकना, राल, जैंत, देवी आटस, बाबूगढ़ , अझई व अन्य सैकड़ों गांवों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल सैकड़ों गांवों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। कुल मिलाकर छटीकरा का जाम अब केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी, श्रद्धालुओं की आस्था और क्षेत्र की प्रतिष्ठा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है।4
- Post by Vinay_creator1121
- Post by Subhash Chand3
- Post by Govind Chaudhary1
- bhai kampani me kam karte karte bijli line par kam kar raha tha to pura jal gya bhai video jada se jada share karo please bhaiyo 🙏🙏1
- मथुरा उत्तर प्रदेश गन्ना विकास एवं चीनी मिलें के केबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि होली के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत रुपए 1,500 करोड़ की धनराशि से उत्तर प्रदेश के 1.86 करोड़ उज्ज्वला परिवारों को रसोई गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी का वितरण मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम में किया गया। मुख्यमंत्री सजीव प्रसारण देखा गया। राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण चौधरी ने की। कैविनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 10 लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से एलपीजी सिलिंडर सब्सिडी के चेक दिए गए। उ०प्र० सरकार द्वारा प्रतिवर्ष होली और दिपावली पर्व पर 01-01 निःशुल्क गैस सिलेण्डर प्रदान कराये जाने हेतु लाभार्थियों को दिये गये है। उन्होंने सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओ को लाभार्थियों को विस्तार से जानकारी दी गयी। जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सरकार दो पर्वो पर उपहार दिया है। समस्त एल०पी०जी० वितरक अपने यहाँ उक्त योजना के सम्बन्ध मे फ्लेक्सी बोर्ड लगवाएं तथा लाभार्थियों को उनका आधार प्रमाणन कराये जाने के समबन्ध में टेलीफोन, हॉकर्स, मोबाइल एस०एम०एस० प्रेषित कराये। उज्ज्वला योजना के 213380 लाभार्थियों को भी सब्सिडी के चैक प्रदान किये गये। जनपद में कुल लाभार्थी है। कार्यक्रम ने विधायक बल्देव पूरन प्रकाश,एम0एल0सी0 ठाकुर ओम प्रकाश सिंह, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती पूजा गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार,एआरओ फूल सिंह यादव सहित जनपद के विभिन्न लाभार्थियों द्वारा उक्त कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा गया। बाइट-लक्ष्मी नारायण चौधरी कैबिनेट मंत्री गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग उत्तर प्रदेश बाइट-पूरन प्रकाश विधायक बल्देव बाइट संजीव कुमार सिंह जिला पूर्ती अधिकारी मथुरा2