मध्य प्रदेश शासन के 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत, रविवार को शहडोल नगर पालिका परिषद ने संघ कार्यालय के पास स्थित हेडगेवार पार्क तालाब परिसर में एक व्यापक स्वच्छता और जन जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान में नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, सफाई मित्र और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने मिलकर तालाब क्षेत्र की साफ-सफाई की और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस दौरान, तालाब के आसपास फैले कूड़े और प्लास्टिक कचरे को हटाकर परिसर को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि जल स्रोतों का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और यह तभी संभव है जब इसमें जनभागीदारी सुनिश्चित हो। अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को जल बचाने, जल स्रोतों को साफ रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। इसमें शामिल लोगों ने “जल है तो कल है” का संदेश देते हुए नागरिकों से अपील की कि वे जलाशयों में कचरा न डालें और वर्षा जल संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस पहल को शहडोल में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। अभियान में जिला कलेक्टर केदार सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, पार्षद सिल्लू रजक, प्रभात पांडेय, co शिवम् प्रजापति, sdm अमृता गर्ग, मुख्य नगरपालिका अधिकारी आशा भंडारी, पूर्व अध्यक्ष प्रकाश जगवानी, समूह की कार्यकर्ता, इंजीनियर और स्वच्छता कर्मचारियों सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत शहर के विभिन्न जल स्रोतों, तालाबों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित रूप से स्वच्छता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके। इस अभियान के दौरान लोगों में काफी उत्साह देखा गया और नागरिकों ने प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की।
मध्य प्रदेश शासन के 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत, रविवार को शहडोल नगर पालिका परिषद ने संघ कार्यालय के पास स्थित हेडगेवार पार्क तालाब परिसर में एक व्यापक स्वच्छता और जन जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान में नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, सफाई मित्र और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने मिलकर तालाब क्षेत्र की साफ-सफाई की और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस दौरान, तालाब के आसपास फैले कूड़े और
प्लास्टिक कचरे को हटाकर परिसर को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि जल स्रोतों का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और यह तभी संभव है जब इसमें जनभागीदारी सुनिश्चित हो। अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को जल बचाने, जल स्रोतों को साफ रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। इसमें शामिल लोगों ने “जल है तो कल है” का संदेश देते हुए नागरिकों
से अपील की कि वे जलाशयों में कचरा न डालें और वर्षा जल संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस पहल को शहडोल में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। अभियान में जिला कलेक्टर केदार सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, पार्षद सिल्लू रजक, प्रभात पांडेय, co शिवम् प्रजापति, sdm अमृता गर्ग, मुख्य नगरपालिका अधिकारी आशा भंडारी, पूर्व अध्यक्ष प्रकाश जगवानी, समूह की कार्यकर्ता, इंजीनियर और
स्वच्छता कर्मचारियों सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत शहर के विभिन्न जल स्रोतों, तालाबों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित रूप से स्वच्छता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके। इस अभियान के दौरान लोगों में काफी उत्साह देखा गया और नागरिकों ने प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की।
- मध्य प्रदेश शासन के 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत, रविवार को शहडोल नगर पालिका परिषद ने संघ कार्यालय के पास स्थित हेडगेवार पार्क तालाब परिसर में एक व्यापक स्वच्छता और जन जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान में नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, सफाई मित्र और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने मिलकर तालाब क्षेत्र की साफ-सफाई की और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस दौरान, तालाब के आसपास फैले कूड़े और प्लास्टिक कचरे को हटाकर परिसर को स्वच्छ बनाने का प्रयास किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि जल स्रोतों का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, और यह तभी संभव है जब इसमें जनभागीदारी सुनिश्चित हो। अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन को जल बचाने, जल स्रोतों को साफ रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। इसमें शामिल लोगों ने “जल है तो कल है” का संदेश देते हुए नागरिकों से अपील की कि वे जलाशयों में कचरा न डालें और वर्षा जल संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस पहल को शहडोल में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। अभियान में जिला कलेक्टर केदार सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, पार्षद सिल्लू रजक, प्रभात पांडेय, co शिवम् प्रजापति, sdm अमृता गर्ग, मुख्य नगरपालिका अधिकारी आशा भंडारी, पूर्व अध्यक्ष प्रकाश जगवानी, समूह की कार्यकर्ता, इंजीनियर और स्वच्छता कर्मचारियों सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत शहर के विभिन्न जल स्रोतों, तालाबों और सार्वजनिक स्थलों पर नियमित रूप से स्वच्छता और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके। इस अभियान के दौरान लोगों में काफी उत्साह देखा गया और नागरिकों ने प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की।4
- पन्ना जिले के बीहरपुरवा गांव में खेत के एक कुएं की खुदाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। अचानक मिट्टी धंसने से पांच मजदूर मलबे में दब गए, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं। जेसीबी मशीनों की मदद से युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा है, जबकि प्रशासन मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इस पूरे इलाके में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है।1
- अनूपपुर जिले के कोतमा बाजार क्षेत्र में एक तेज रफ्तार ट्रक के अचानक बाजार में घुस जाने से वहाँ मौजूद लोगों में भारी अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान ट्रक ने सड़क किनारे खड़े कई वाहनों को टक्कर मार कर नुकसान पहुँचाया। गनीमत रही कि इस घटना में लोग किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद, कोतमा पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।1
- उमरिया में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभय सिंह ने जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे 135 आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया, जिसके बाद त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में कई व्यक्तिगत समस्याओं पर कार्रवाई हुई, जिनमें ग्राम सलैया-13 पोस्ट कौडिया की सविता सिंह और कुदरी नौरोजाबाद की सुश्री बेला बाई बैगा का आधार कार्ड पंजीयन कराया जाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ग्राम महुरा की सुश्री शिवानी कोल का आधार नंबर आधार अधिनियम 2016 की धारा 28 के तहत निष्क्रिय हो गया था, जिसे फुल बायोमेट्रिक अपडेट के माध्यम से सक्रिय कराया गया। विभिन्न ग्रामों से आए नागरिकों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएँ रखीं; जैसे ग्राम दमोय के राजा पटेल ने रास्ता खुलवाने और गणेश सिंह मुंडा ने सीमांकन के लिए टीम गठित करने की मांग की। ग्राम उरदानी के चंद्रभान सिंह ने स्वयं और अपने पुत्रों के लिए मजदूरी भुगतान की मांग की, वहीं करकेली की माया यादव ने इंडोर स्टेडियम निर्माण में चौकीदारी एवं मजदूरी भुगतान कराने की गुहार लगाई। पुराना पड़ाव निवासी पन्नालाल सोनी ने गल्ला पर्ची बनवाने और कछरवार के ओमप्रकाश विश्वकर्मा ने नजरी नक्शा तैयार कर सीमांकन कराने का आवेदन दिया। ग्राम डगडौवा की शांति बाई राठौर ने रास्ता खुलवाने और हैंडपंप स्थापित कराने की मांग की। कैंप निवासी अमित रजक ने कैंसर से पीड़ित होने के कारण उपचार हेतु आर्थिक सहायता की गुजारिश की। फजिलगंज की केशकली सिंह ने घर से सटे पीपल के पेड़ को हटाने का अनुरोध किया। विकटगंज की राधा बैगा, मीना, शकुन, वंदना और सजनी ने पेयजल समस्या के समाधान की मांग रखी। खेरवाखुर्द की द्रोपती बैगा ने विवाह सहायता राशि दिलाने का आवेदन दिया, जबकि ग्राम घुनघुटी की द्रोपती सिंह ने अपनी पुत्री राधिका सिंह की मृत्यु के बाद संबल योजना का लाभ दिलाने की मांग की। इस जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर पीके सेनगुप्ता, संयुक्त कलेक्टर अमित सिंह, एसडीएम बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह, डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- भोले बाबा की विशेष कृपा और पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर, श्री देवझड़ आश्रम में अखिल कोटी ब्रह्मांड नायक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र जी की कथा का आयोजन किया जा रहा है। यह कथा 8 जून से 16 जून 2026 तक चलेगी, जिसे 'श्री सार्वजनिक श्री रामकथा अमृत वर्षा' के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। कार्यक्रम में श्री मद् वाल्मीकि रामायण परायण और रुद्राभिषेक भी शामिल है। इसमें सभी रसिक भक्तगणों को कथा श्रवण करने, तन, मन, धन से सहयोग प्रदान करने और अक्षय पुण्य के भागी बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है।1
- बद्रीनाथ धाम में आज से लाखों भक्तों के मन में 'राम राम' का नाम गूंजना शुरू हो जाएगा। यह आध्यात्मिक लहर बाबा बागेश्वर से जुड़ी हुई है, जिससे श्रद्धालुओं के बीच भक्तिमय माहौल निर्मित होने की उम्मीद है।1
- शहडोल RTO कार्यालय में पदस्थ अधिकारी अनपा खान पर शासकीय कार्यालय में धर्म विशेष की दान पेटी रखकर चंदा संग्रह करने का गंभीर आरोप लगा है। समाज के कुछ लोगों द्वारा जानकारी दिए जाने के बाद कि दिसंबर-जनवरी माह से उनके शासकीय केबिन में यह गतिविधि चल रही है, आशंका जताई गई है कि इस धन का उपयोग देश विरोधी गतिविधियों या धर्म परिवर्तन के लिए फंडिंग में किया जा रहा है। बजरंग दल ने इसकी लिखित शिकायत सोहागपुर थाना को दी, लेकिन अधिकारियों द्वारा 'जांच का विषय' कहकर पल्ला झाड़ लिया गया। इसके बाद, कमिश्नर महोदय जी को फोटो-वीडियो के साथ लिखित ज्ञापन सौंपा गया, जिन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच अधिकारी भेजे। जांच अधिकारियों के सामने ही RTO के केबिन के अंदरूनी कमरे से दान पेटी बरामद हुई। जब अधिकारी अनपा खान से पेटी के संबंध में पूछा गया, तो उन्होंने पहले कहा कि कुछ दिन पहले रिश्तेदार के यहाँ गमी होने के कारण पेटी लाई थी और इसे मदरसा भिजवाना था, लेकिन भिजवा नहीं पाईं। थोड़ी देर बाद उन्होंने अपना बयान बदलते हुए कहा कि पेटी सुबह गाड़ी में छूट गई थी, इसलिए लाकर केबिन में रख ली। उन्होंने अपने शासकीय पियून कर्मचारियों को भी डांटते हुए पूछा कि पेटी को कल्याणपुर मस्जिद क्यों नहीं पहुँचाया। एक पत्रकार द्वारा पेटी के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसका जवाब वह न्यायपालिका को देंगी। बाद में, अनशन पर बैठे लोगों के पास रुककर उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने षडयंत्रपूर्वक दोपहर में पेटी उनके केबिन में रख दी है और उनसे पैसे की मांग कर रहे हैं। उनके बार-बार बयान बदलने से यह विषय और विवादित हो गया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा अधिकारी के केबिन को खोलने का आग्रह करने पर कर्मचारियों ने पहले मैडम की अनुमति के बिना खोलने से मना किया, लेकिन जब अधिकारियों के साथ बजरंग दल केबिन में पहुंचा तो उनके ही कर्मचारियों ने पेटी को केबिन से उठाकर अंदर वाले कमरे में रख दिया था। अधिकारियों के कहने पर पेटी को अंदर से बाहर लाया गया, तो उसमें लगभग 22-24 इस्लामी किताबें मिलीं, जिन पर उर्दू में कुछ लिखा था। पेटी को छुपाना और तत्काल ना दिखाना यह स्पष्ट करता है कि कुछ तो गड़बड़ की गई है। इस घटना से पहले भी 23 अप्रैल 2023 को भोपाल में अनपा खान के खिलाफ इसी प्रकार के मामले और भ्रष्टाचार की शिकायत हुई थी, जिस पर 25 अप्रैल 2023 को उच्च अधिकारियों द्वारा कार्रवाई करते हुए उन्हें अटैच कर ग्वालियर भेज दिया गया था। जून 2025 में उन्हें ग्वालियर से सीधे शहडोल में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के रूप में पदस्थ किया गया था, और जून के बाद अगस्त से ही वह धर्म विशेष समुदाय को लाभ पहुँचाने के लिए लगातार विवादों में रही हैं। शासकीय कार्यालय का उपयोग किसी धर्म विशेष के प्रचार हेतु किया जाना भारत के संविधान की धर्मनिरपेक्षता और मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है। ऐसे विवादित अधिकारियों को जनजाति जिले की कमान सौंपने पर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि जनजाति समाज अत्यंत सरल और भोले-भाले होते हैं, और ऐसे अधिकारियों के दबाव में धर्म परिवर्तन करना आसान हो सकता है। हिंदू समाज ने माननीय मुख्यमंत्री और जिले के सत्ताधारी लोगों से इस विषय पर विशेष ध्यान देने और तत्काल उचित कार्रवाई करने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो हिंदू समाज अनिश्चितकाल के लिए आंदोलन करने को विवश रहेगा, जैसा कि पूर्व में भी विहिप द्वारा प्रशासन को सूचना दिए जाने के बावजूद तब तक मौन रहने का अनुभव रहा है, जब तक कोई बड़ी घटना नहीं हो गई, जैसे कि हाल ही का केशवाही का मुद्दा।3
- डिंडोरी जिले की खैरदा पंचायत के ग्रामीण बरसात शुरू होने से पहले ही गंभीर बिजली संकट से जूझ रहे हैं। बिजली की कमी के कारण लोगों में कीड़े-मकोड़ों का भय भी बना हुआ है। अपनी इस समस्या को लेकर खैरदा गांव के ग्रामीणों ने जनसुनवाई में अपनी गुहार लगाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत विभाग के अधिकारी 'कुंभकरण की निद्रा' में सोए हुए हैं और खैरदा गांव में व्याप्त बिजली संकट से पूरी तरह बेखबर हैं।3
- डिंडोरी जिले की ग्राम पंचायत नेवसा के पतेरा टोला में भीषण जल संकट छाया हुआ है, जिससे लगभग 40 से 45 परिवार पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत की लापरवाही के कारण उन्हें नियमित पानी नहीं मिल रहा है, और हालात ऐसे हो गए हैं कि केंद्र सरकार की नल-जल योजना भी उनकी प्यास बुझाने में विफल साबित हो रही है। इस मजबूरी के चलते लोग दूषित कुएं का पानी उपयोग करने को विवश हैं, जिससे बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें कई बार दूर-दूर तक जाकर पानी लाना पड़ता है। गांव में एक निजी बोरिंग से पानी तो दिया जा रहा है, लेकिन इसके लिए हर परिवार से 200 रुपए महीने लिए जाते हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक अतिरिक्त बोझ बन गया है। पानी की इस गंभीर समस्या से परेशान ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को अपनी पूरी स्थिति से अवगत कराया। ग्रामीणों ने प्रशासन को हालात की गंभीरता दिखाने के लिए दूषित पानी की बोतल भी अपने साथ लाई थी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस विकट समस्या का समाधान कितनी शीघ्रता से कर पाता है।1