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इंडिया vs वेस्टनजीट इंडिया ने सेमी फाइनल में जग बना ली
Bramdeo Kol
इंडिया vs वेस्टनजीट इंडिया ने सेमी फाइनल में जग बना ली
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- चांदन(बांका)प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत सिलजोरी पंचायत के पेलवा गांव में पति ने सांसद की प्रेरणा से अपने पत्नी के निधन के बाद मृत्युभोज न करने का संकल्प लिया।सांसद गिरिधारी यादव ने क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान कहा कि मृत्युभोज शोक संतप्त परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालता है।कई बार परिवार कर्ज लेने को मजबूर हो जाते हैं।साथही उन्होंने बताया कि किसी परिजन की मृत्यु के समय परिवार पहले से ही गहरे दुःख और मानसिक पीड़ा से गुजर रहा होता है।ऐसे में मृत्युभोज का आयोजन उनकी पीड़ा को और बढ़ा देता है।यह प्रथा कुछ संपन्न लोगों द्वारा सामाजिक दिखावे के लिए निभाई जाती है, जबकि गरीब परिवारों के लिए यह किसी विपदा से कम नहीं होती।बांका सांसद गिरधारी यादव ने स्पष्ट किया कि इस कुप्रथा पर रोक लगनी चाहिए और समाज को स्वयं आगे आकर इसे खत्म करने का संकल्प लेना होगा।साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि देश के कुछ राज्यों में मृत्युभोज पर कानूनी प्रतिबंध भी लगाया गया है,लेकिन केवल कानून से नहीं,बल्कि सामाजिक जागरूकता और सामूहिक बहिष्कार से ही इसका अंत संभव है।कार्यक्रम में मौजूद विशेष रूप से युवाओं से आह्वान किया कि वे आगे आकर इस प्रथा के खिलाफ पहल करें और समाज को नई दिशा दें।इसी प्रेरणा से पेलवा गांव में स्वर्गीय शोभा देवी के पति बिरेंद्र दास ने अपने पत्नी की मृत्यु के उपरांत मृत्युभोज नहीं करने का साहसिक निर्णय लिया।जिसकी स्थानीय लोगों ने सराहना की।साथही समाज के लोगों ने इस साहसिक कदम उठाने का सभी लोगों ने अपना सहमति जतायी।ग्रामीणों का मानना है कि यदि समाज एकजुट होकर मृत्युभोज का बहिष्कार करे,तो न केवल गरीब परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि सामाजिक कुरीतियों पर भी प्रभावी रोक लगेगी।विदित हो मृतक शोभा देवी प्राथमिक विद्यालय कसय में बतौर शिक्षिका पर कार्यरत थी।बीते 20 फरवरी को आक्समिक निधन हो गई थी।मौके पर बिरनियां पंचायत सरपंच बिरेंद्र दास,मोहनपुर के पूर्व जिला पार्षद भूतनाथ यादव,देवघर मेयर प्रत्याशी पिंटू यादव,डॉ बीपी यादव, गौरीपुर मुखिया प्रतिनिधि प्रमोद मंडल एवं बिरनियां पंचायत के उपमुखिया शिव प्रसाद यादव उर्फ शिबू यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। रिपोर्ट -पंकज कुमार ठाकुर1
- चांदन (बांका): चांदन प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय नोनिया सहित सीआरसी चांदन से संबंधित विद्यालयों में बच्चों को संगीत कला सिखाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार के वाद्य यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालयों को ढोलक, प्यानो, बैंजो समेत अन्य वाद्य यंत्र दिए गए हैं, ताकि छात्र-छात्राएं संगीत के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा निखार सकें।इस अवसर पर सीआरसी शिक्षक सह प्लस टू कन्या उच्च विद्यालय भैरोगंज के प्राचार्य अशोक कुमार यादव ने स्वयं वाद्य यंत्र बजाकर उसका अभ्यास किया तथा उनके उपयोग और संरक्षण को लेकर शिक्षकों के साथ चर्चा की। उन्होंने सरकार की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी।वहीं मध्य विद्यालय नोनिया के प्रधानाध्यापक चंद्रशेखर दास ने बताया कि विद्यालय में फिलहाल संगीत शिक्षक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पहले संगीत शिक्षक की नियुक्ति होनी चाहिए थी, ताकि बच्चों को व्यवस्थित प्रशिक्षण मिल सके। हालांकि सरकार द्वारा वाद्य यंत्र उपलब्ध कराए जाने के बाद विद्यालय स्तर पर बच्चों को अभ्यास अवश्य कराया जाएगा।स्थानीय अभिभावकों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अब संगीत सीखने का बेहतर अवसर मिलेगा। रिपोर्ट -उमाकांत पोद्दार1
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- India ने West Indies को सुपर 8 मुकाबले में 5 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। 195 रन के लक्ष्य का सफल पीछा करते हुए टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत के नायक Sanju Samson रहे, जिन्होंने 50 गेंदों में 97 रन की बेहतरीन पारी खेलकर टीम को यादगार जीत दिलाई।1
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- होली की पावन शुभ अवसर पर हार्दिक सुभकामनाये #न्यूज़ #giridih #jharkhand #holi1
- भारत में क्यों मनाया जा रहा है खामेनेई के निधन का शोक? बहुत से लोग जिन्हें इस्लामिक इतिहास की जानकारी नहीं है, सोच रहे हैं कि अयातुल्लाह खामेनेई के निधन का शोक भारत में क्यों मनाया जा रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह ये है कि अयातुल्लाह खामेनेई, केवल ईरान के सुप्रीम लीडर ही नहीं थे, बल्कि वह दुनिया भर में फैले शिया मुस्लिम समुदाय के सर्वोच्च धर्मगुरु थे। पूरी दुनिया के शिया मुस्लिम धार्मिक रवायतों के लिए उन्हीं की तरफ देखते थे।1