logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

​बहन पर जानलेवा हमला करने वाले भाई को 7 साल की जेल, सतना कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला ​सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले की एक अदालत ने पारिवारिक विवाद में अपनी ही बहन पर जानलेवा हमला करने वाले कलयुगी भाई को कड़े कारावास की सजा सुनाई है। माननीय न्यायाधीश मानवेन्द्र प्रताप सिंह की अदालत ने आरोपी विनीत पांडेय को दोषी करार देते हुए 7 साल के कठोर कारावास और 6 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है। ​क्या था मामला? ​अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना उस समय हुई थी जब आरोपी विनीत पांडेय ने विवाद के दौरान अपनी सगी बहन पर हंसिया (दरांती) से हमला कर दिया था। इस हमले में पीड़िता का हाथ कट गया था और उसे गंभीर चोटें आई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और धारा 452 (घर में जबरन घुसना) के तहत मामला दर्ज किया था। ​न्यायालय का फैसला ​मामले की सुनवाई के दौरान एजीपी उमेश शर्मा ने सरकार की ओर से पैरवी की। गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने पाया कि आरोपी ने जानबूझकर हत्या के इरादे से अपनी बहन पर हमला किया था। अदालत ने आरोपी विनीत पांडेय को दोषी पाते हुए उसे 7 साल जेल की सलाखों के पीछे रहने का आदेश दिया। ​मध्य भारत न्यूज़ के लिए सतना से विशेष रिपोर्ट।

3 hrs ago
user_MADHYA BHARAT NEWS
MADHYA BHARAT NEWS
Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

​बहन पर जानलेवा हमला करने वाले भाई को 7 साल की जेल, सतना कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला ​सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले की एक अदालत ने पारिवारिक विवाद में अपनी ही बहन पर जानलेवा हमला करने वाले कलयुगी भाई को कड़े कारावास की सजा सुनाई है। माननीय न्यायाधीश मानवेन्द्र प्रताप सिंह की अदालत ने आरोपी विनीत पांडेय को दोषी करार देते हुए 7 साल के कठोर कारावास और 6 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है। ​क्या था मामला? ​अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना उस समय हुई थी जब आरोपी विनीत पांडेय ने विवाद के दौरान अपनी सगी बहन पर हंसिया (दरांती) से हमला कर दिया था। इस हमले में पीड़िता का हाथ कट गया था और उसे गंभीर चोटें आई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और धारा 452 (घर में जबरन घुसना) के तहत मामला दर्ज किया था। ​न्यायालय का फैसला ​मामले की सुनवाई के दौरान एजीपी उमेश शर्मा ने सरकार की ओर से पैरवी की। गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने पाया कि आरोपी ने जानबूझकर हत्या के इरादे से अपनी बहन पर हमला किया था। अदालत ने आरोपी विनीत पांडेय को दोषी पाते हुए उसे 7 साल जेल की सलाखों के पीछे रहने का आदेश दिया। ​मध्य भारत न्यूज़ के लिए सतना से विशेष रिपोर्ट।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • 181 हटाओ, नहीं तो गरीबी रेखा से नाम काट दूंगा” — अमदरा में सचिव बना ‘गरीबों का मालिक मैहर के अमदरा मे देख रहे हो विनोद…! जिनके कंधों पर गरीबों की मदद की जिम्मेदारी है, वही अब उनकी किस्मत का ठेकेदार बन बैठा है। अमदरा ग्राम में ग्राम सचिव की कथित दबंगई ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पीडित का आरोप है कि सचिव खुलेआम 181 (सीएम हेल्पलाइन) की शिकायत हटवाने के लिए दबाव बना रहा है। और अगर कोई गरीब हिम्मत दिखा दे, तो उसे सीधी धमकी— “181 हटाओ… नहीं तो गरीबी रेखा से नाम काट दूंगा।” इतना ही नहीं, सचिव का घमंड यहीं नहीं रुका। उसने साफ शब्दों में कह दिया— “मैं जनता का नौकर नहीं, सरकार का नौकर हूं।” वाह रे सिस्टम…! जनता के टैक्स से तनख्वाह लेने वाला अधिकारी जनता को ही आंख दिखा रहा है। और ऊपर से दावा— “गरीबी रेखा में नाम हम जोड़ते हैं, हम ही काटते हैं।” यानी गरीबों का हक अब फाइलों में नहीं, बल्कि सचिव की जेब में कैद है! गांव में दहशत का माहौल है। लोग डर के साए में जी रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं उनकी आवाज उठाने की कीमत उनके हक छिनने से न चुकानी पड़े। अब सवाल सीधा है— क्या प्रशासन इस ‘छोटे साहब’ की बड़ी दबंगई पर लगाम लगाएगा? या फिर गांधी जी के तीन बंदरों की तरह सब कुछ देखते, सुनते और चुप बैठे रहेगा? इस तानाशाही से परेशान होकर कलेक्टर से तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    1
    181 हटाओ, नहीं तो गरीबी रेखा से नाम काट दूंगा” — अमदरा में सचिव बना ‘गरीबों का मालिक
मैहर के अमदरा मे
देख रहे हो विनोद…! जिनके कंधों पर गरीबों की मदद की जिम्मेदारी है, वही अब उनकी किस्मत का ठेकेदार बन बैठा है। अमदरा ग्राम में ग्राम सचिव की कथित दबंगई ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पीडित का आरोप है कि सचिव खुलेआम 181 (सीएम हेल्पलाइन) की शिकायत हटवाने के लिए दबाव बना रहा है। और अगर कोई गरीब हिम्मत दिखा दे, तो उसे सीधी धमकी—
“181 हटाओ… नहीं तो गरीबी रेखा से नाम काट दूंगा।”
इतना ही नहीं, सचिव का घमंड यहीं नहीं रुका। उसने साफ शब्दों में कह दिया—
“मैं जनता का नौकर नहीं, सरकार का नौकर हूं।”
वाह रे सिस्टम…! जनता के टैक्स से तनख्वाह लेने वाला अधिकारी जनता को ही आंख दिखा रहा है। और ऊपर से दावा—
“गरीबी रेखा में नाम हम जोड़ते हैं, हम ही काटते हैं।”
यानी गरीबों का हक अब फाइलों में नहीं, बल्कि सचिव की जेब में कैद है!
गांव में दहशत का माहौल है। लोग डर के साए में जी रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं उनकी आवाज उठाने की कीमत उनके हक छिनने से न चुकानी पड़े।
अब सवाल सीधा है—
क्या प्रशासन इस ‘छोटे साहब’ की बड़ी दबंगई पर लगाम लगाएगा?
या फिर गांधी जी के तीन बंदरों की तरह सब कुछ देखते, सुनते और चुप बैठे रहेगा? इस तानाशाही से परेशान होकर कलेक्टर से तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • मैहर जिले के कटनी रोड स्थित भारत पैट्रोलियम पेट्रोल पंप पर सीएनजी गैस की हो रही है कालाबाजारी प्रबंधक से पूछने पर बोल दिया जाता है कि ऑपरेटर नहीं है और फिर पीछे से सीएनजी का कालाबाजारी चालू हो जाती है पेट्रोलियम विभाग का ऐसा कौन सा नियम है कि ऑपरेटर 5:00 बजे दिन में ही सीएनजी पंप बंद करके चला जाए जिससे ग्राहक हो रहे हैं परेशान प्रशासन इस पेट्रोल पंप पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं
    1
    मैहर जिले के कटनी रोड स्थित भारत पैट्रोलियम पेट्रोल पंप पर सीएनजी गैस की हो रही है कालाबाजारी प्रबंधक से पूछने पर बोल दिया जाता है कि ऑपरेटर नहीं है और फिर पीछे से सीएनजी का कालाबाजारी चालू हो जाती है पेट्रोलियम विभाग का ऐसा कौन सा नियम है कि ऑपरेटर 5:00 बजे दिन में ही सीएनजी पंप बंद करके चला जाए जिससे ग्राहक हो रहे हैं परेशान प्रशासन इस पेट्रोल पंप पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • मदन तिवारी ट्रैफिक पुलिस कटनी द्वारा चौधरी समाज (अनुसूचित जाति) को अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया SP Katni sir जल्द से जल्द इसके ऊपर fir हो और इस तरह के गंदी मानसिकता वाले को तुरंत निलम्बित किया जाए। नहीं तो भीम आर्मी एवं सभी समाज के लोग बहुत जल्द सड़कों पर होगे जिसकी पूरी जवाबदारी SP Katni की होगी
    2
    मदन तिवारी ट्रैफिक पुलिस कटनी द्वारा चौधरी समाज (अनुसूचित जाति) को अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया 
SP Katni  sir 
जल्द से जल्द इसके ऊपर fir हो और इस तरह के गंदी मानसिकता वाले को तुरंत निलम्बित किया जाए।
नहीं तो भीम आर्मी एवं सभी समाज के लोग बहुत जल्द सड़कों पर होगे 
जिसकी पूरी जवाबदारी SP Katni की होगी
    user_News7india
    News7india
    बड़वारा, कटनी, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • बाबा महाकाल से आ रहे हैं जम्मू-कश्मीर नागा बाबा माता के दर्शन को जा रहें हैं बाबा कहना उनका कोई स्थान नहीं है
    1
    बाबा महाकाल से आ रहे हैं जम्मू-कश्मीर नागा बाबा माता के दर्शन को जा रहें हैं बाबा कहना उनका कोई स्थान नहीं है
    user_Praveen Shukla
    Praveen Shukla
    Insurance Agent हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • *जल ही जीवन… और इसी जीवन को बचाने का संकल्प बना जनआंदोलन* *एतिहासिक धरोहर को बचाने का प्रयास मुख्य कार्यपालन अधिकारी ब्रतेश जैन द्वारा* *जल गंगा संवर्धन अभियान के सह पाठी बनी राहत समर्पण सेवा समिति, प्राशासनिक सहयोग भी प्राप्त* विजयराघवगढ़ एक ओर जहां आधुनिकता की दौड़ में गांवों की पहचान और परंपराएं धीरे-धीरे मिटती जा रही हैं वहीं ग्राम सिंघवारा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने उम्मीद की नई किरण जगा दी। जल गंगा संवर्धन अभियान के शुभारंभ के साथ न सिर्फ जल संरक्षण का संदेश दिया गया बल्कि एक पिछड़े गांव को संवारने की सशक्त पहल भी शुरू हुई।करीब 100 वर्ष पुरानी प्राचीन बावडी जो कभी गांव की जीवनरेखा हुआ करती थी आज उपेक्षा और समय की मार से जर्जर हो चुकी थी। लेकिन 19 मार्च का दिन इस ऐतिहासिक धरोहर के लिए नया सवेरा लेकर आया। पूजा-अर्चना के साथ जैसे ही श्रमदान शुरू हुआ ऐसा लगा मानो गांव की आत्मा फिर से जाग उठी हो। मिट्टी और कचरे से भरी बावड़ी को साफ करते ग्रामीणों के चेहरे पर थकान नहीं बल्कि संतोष और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। यह सिर्फ सफाई अभियान नहीं था बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने और भविष्य को सुरक्षित करने का भावनात्मक प्रयास था।इस सराहनीय मुहिम के केंद्र में रहे जनपद पंचायत सीईओ ब्रतेश जैन जिनकी पहल ने इस भूले बिसरे जल स्रोत को फिर से जीवंत करने का रास्ता दिखाया। उनके नेतृत्व में शुरू हुआ यह अभियान अब जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गिरते भू-जल स्तर को बचाने के लिए पुराने जल स्रोतों का संरक्षण ही सबसे बड़ा समाधान है।मुख्य अतिथि उदयराज सिंह चौहान ने भी भावुक शब्दों में कहा कि जल केवल संसाधन नहींहजीवन का आधार है। अगर आज हम नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी।इस अभियान में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद नवांकुर संस्था राहत समर्पण सेवा समिति और एसीसी अदानी फाउंडेशन की टीम ने जिस समर्पण के साथ श्रमदान किया वह समाज के लिए प्रेरणा श्रोत रहा । ग्रामीणों ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया और यह साबित कर दिया कि जब जनभागीदारी जुड़ती है तो बदलाव निश्चित होता है।यह पहल सिर्फ एक बावड़ी की सफाई तक सीमित नहीं है बल्कि एक पिछड़े गांव को नई पहचान देने का प्रयास है। एक ऐसा प्रयास जो इतिहास को सहेजते हुए भविष्य को संवारने का काम कर रहा है।कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया की हम अपने जल स्रोतों को बचाएंगे अपनी धरोहर को संजोएंगे और आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित भविष्य देंगे। हम सब मिल कर गाव गाव यही संदेश पहुचाएगे। ग्राम सिंघवारा की यह पहल अब एक मिसाल बन चुकी है जहां एक छोटी सी शुरुआत ने पूरे समाज को जागरूक करने की ताकत दिखा दी। आने वाले समय मे योजनाओं के मार्गदर्शक मुख्य कार्यपालन अधिकारी ब्रतेश जैन ने प्रातः काल सहयोगी टीमों को लेकर सिघवारा गाव पहुचे गाव के लोगों को एकत्र कर उन्हे श्रमदान करने के लिए प्रेरित कर खुद भी एतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए श्रमदान किया और ग्रामीणो को जागरूक करते हुए कहा जल संरक्षण के लिए तरह तरह से कार्य किए जाएगे सभी लोग बरसात के पानी को भी एकत्र करने के लिए अपने घरो के नजदीक सोकता बनाए ताकी आसपास का जल स्तर सामान्य बना रहे। वही श्रीजैन ने यह भी कहा की शासकीय योजनाओं को तभी फलीभूत किया जा सकता है जब स्थानीय लोगों मे जागरूक मिले और उनका सहयोग भी मिले। उन्होंने सिघवारा गाव के लिए कहा इस गाव की एतिहासिक धरोहर को सुरक्षित के साथ इस गाव को जिले मे प्रथम स्थान पर लाना है ताकि यह गाव पिछड़ा ना रहे
    1
    *जल ही जीवन… और इसी जीवन को बचाने का संकल्प बना जनआंदोलन*
*एतिहासिक धरोहर को बचाने का प्रयास मुख्य कार्यपालन अधिकारी ब्रतेश जैन द्वारा*
*जल गंगा संवर्धन अभियान के सह पाठी बनी राहत समर्पण सेवा समिति, प्राशासनिक सहयोग भी प्राप्त*
विजयराघवगढ़ एक ओर जहां आधुनिकता की दौड़ में गांवों की पहचान और परंपराएं धीरे-धीरे मिटती जा रही हैं वहीं ग्राम सिंघवारा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने उम्मीद की नई किरण जगा दी। जल गंगा संवर्धन अभियान के शुभारंभ के साथ न सिर्फ जल संरक्षण का संदेश दिया गया बल्कि एक पिछड़े गांव को संवारने की सशक्त पहल भी शुरू हुई।करीब 100 वर्ष पुरानी प्राचीन बावडी जो कभी गांव की जीवनरेखा हुआ करती थी आज उपेक्षा और समय की मार से जर्जर हो चुकी थी। लेकिन 19 मार्च का दिन इस ऐतिहासिक धरोहर के लिए नया सवेरा लेकर आया। पूजा-अर्चना के साथ जैसे ही श्रमदान शुरू हुआ ऐसा लगा मानो गांव की आत्मा फिर से जाग उठी हो। मिट्टी और कचरे से भरी बावड़ी को साफ करते ग्रामीणों के चेहरे पर थकान नहीं बल्कि संतोष और गर्व साफ दिखाई दे रहा था। यह सिर्फ सफाई अभियान नहीं था बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने और भविष्य को सुरक्षित करने का भावनात्मक प्रयास था।इस सराहनीय मुहिम के केंद्र में रहे जनपद पंचायत सीईओ ब्रतेश जैन जिनकी पहल ने इस भूले बिसरे जल स्रोत को फिर से जीवंत करने का रास्ता दिखाया। उनके नेतृत्व में शुरू हुआ यह अभियान अब जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गिरते भू-जल स्तर को बचाने के लिए पुराने जल स्रोतों का संरक्षण ही सबसे बड़ा समाधान है।मुख्य अतिथि उदयराज सिंह चौहान ने भी भावुक शब्दों में कहा कि जल केवल संसाधन नहींहजीवन का आधार है। अगर आज हम नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी।इस अभियान में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद नवांकुर संस्था राहत समर्पण सेवा समिति और एसीसी अदानी फाउंडेशन की टीम ने जिस समर्पण के साथ श्रमदान किया वह समाज के लिए प्रेरणा श्रोत रहा । ग्रामीणों ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया और यह साबित कर दिया कि जब जनभागीदारी जुड़ती है तो बदलाव निश्चित होता है।यह पहल सिर्फ एक बावड़ी की सफाई तक सीमित नहीं है बल्कि एक पिछड़े गांव को नई पहचान देने का प्रयास है। एक ऐसा प्रयास जो इतिहास को सहेजते हुए भविष्य को संवारने का काम कर रहा है।कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया की हम अपने जल स्रोतों को बचाएंगे अपनी धरोहर को संजोएंगे और आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित भविष्य देंगे। हम सब मिल कर गाव गाव यही संदेश पहुचाएगे। ग्राम सिंघवारा की यह पहल अब एक मिसाल बन चुकी है जहां एक छोटी सी शुरुआत ने पूरे समाज को जागरूक करने की ताकत दिखा दी। आने वाले समय मे योजनाओं के मार्गदर्शक मुख्य कार्यपालन अधिकारी ब्रतेश जैन ने प्रातः काल सहयोगी टीमों को लेकर सिघवारा गाव पहुचे गाव के लोगों को एकत्र कर उन्हे श्रमदान करने के लिए प्रेरित कर खुद भी एतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए श्रमदान किया और ग्रामीणो को जागरूक करते हुए कहा जल संरक्षण के लिए तरह तरह से कार्य किए जाएगे सभी लोग बरसात के पानी को भी एकत्र करने के लिए अपने घरो के नजदीक सोकता बनाए ताकी आसपास का जल स्तर सामान्य बना रहे। वही श्रीजैन ने यह भी कहा की शासकीय योजनाओं को तभी फलीभूत किया जा सकता है जब स्थानीय लोगों मे जागरूक मिले और उनका सहयोग भी मिले। उन्होंने सिघवारा गाव के लिए कहा इस गाव की एतिहासिक धरोहर को सुरक्षित के साथ इस गाव को जिले मे प्रथम स्थान पर लाना है ताकि यह गाव पिछड़ा ना रहे
    user_Balkishan Namdev
    Balkishan Namdev
    Electrician कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    16 min ago
  • मेरे सभी भारतवासीयो को चैत्र नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष की ढेर सारी अनंत अनंत शुभकामना
    1
    मेरे सभी भारतवासीयो को चैत्र नवरात्रि और हिंदू नव वर्ष की ढेर सारी अनंत अनंत शुभकामना
    user_प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    Accountant कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    19 min ago
  • मैहर: स्कूल संचालक अनिल तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, कमरे में मिला शव मच गई सनसनी: स्कूल पहुंचे बच्चों और शिक्षिका ने जब खटखटाया दरवाजा, अंदर से नहीं मिली कोई आहट मैहर। मैहर के पुरानी बस्ती, उत्तर दरवाजा (वार्ड क्रमांक 11) में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब क्षेत्र के 'सीमा शिशु विकास पूर्व माध्यमिक विद्यालय' के संचालक अनिल तिवारी (50 वर्ष) अपने कमरे में मृत पाए गए। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सुबह जब नहीं खुला दरवाजा प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिल तिवारी पिता पवन तिवारी, जो मूलतः हनुमना (रीवा) के निवासी थे, लंबे समय से मैहर में रहकर स्कूल का संचालन कर रहे थे। बुधवार सुबह जब रोज की तरह बच्चे और स्कूल की एक शिक्षिका विद्यालय पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि प्राचार्य का कमरा अंदर से बंद है। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बाद भी जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो अनहोनी की आशंका गहरा गई। छत के रास्ते अंदर पहुंचे लोग मौके पर मौजूद लोगों और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश प्रजापति ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के बाद स्थानीय निवासियों की मदद ली गई। एक युवक बगल की छत के रास्ते खिड़की से कमरे के भीतर दाखिल हुआ, जहाँ अनिल तिवारी बेसुध अवस्था में पड़े मिले। इसके बाद अंदर से दरवाजा खोला गया। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। अकेले रहते थे प्राचार्य बताया गया है कि अनिल तिवारी घर में अकेले ही रहते थे और स्कूल की पूरी जिम्मेदारी संभालते थे। उनके परिजन शहर से बाहर रहते हैं, जिन्हें पुलिस द्वारा सूचना दे दी गई है। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए प्राथमिक अनुमान साइलेंट अटैक का लगाया जा रहा है, हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं पर भी गौर कर रही है। थाना प्रभारी का वक्तव्य: > मैहर कोतवाली थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी ने बताया कि, "शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।
    1
    मैहर: स्कूल संचालक अनिल तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, कमरे में मिला शव
मच गई सनसनी: स्कूल पहुंचे बच्चों और शिक्षिका ने जब खटखटाया दरवाजा, अंदर से नहीं मिली कोई आहट
मैहर। मैहर के पुरानी बस्ती, उत्तर दरवाजा (वार्ड क्रमांक 11) में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब क्षेत्र के 'सीमा शिशु विकास पूर्व माध्यमिक विद्यालय' के संचालक अनिल तिवारी (50 वर्ष) अपने कमरे में मृत पाए गए। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सुबह जब नहीं खुला दरवाजा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिल तिवारी पिता पवन तिवारी, जो मूलतः हनुमना (रीवा) के निवासी थे, लंबे समय से मैहर में रहकर स्कूल का संचालन कर रहे थे। बुधवार सुबह जब रोज की तरह बच्चे और स्कूल की एक शिक्षिका विद्यालय पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि प्राचार्य का कमरा अंदर से बंद है। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बाद भी जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो अनहोनी की आशंका गहरा गई।
छत के रास्ते अंदर पहुंचे लोग
मौके पर मौजूद लोगों और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश प्रजापति ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के बाद स्थानीय निवासियों की मदद ली गई। एक युवक बगल की छत के रास्ते खिड़की से कमरे के भीतर दाखिल हुआ, जहाँ अनिल तिवारी बेसुध अवस्था में पड़े मिले। इसके बाद अंदर से दरवाजा खोला गया। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अकेले रहते थे प्राचार्य
बताया गया है कि अनिल तिवारी घर में अकेले ही रहते थे और स्कूल की पूरी जिम्मेदारी संभालते थे। उनके परिजन शहर से बाहर रहते हैं, जिन्हें पुलिस द्वारा सूचना दे दी गई है। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए प्राथमिक अनुमान साइलेंट अटैक का लगाया जा रहा है, हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं पर भी गौर कर रही है। थाना प्रभारी का वक्तव्य:
> मैहर कोतवाली थाना प्रभारी अनिमेष द्विवेदी ने बताया कि, "शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Maihar, Satna•
    23 hrs ago
  • *मैहर,देवीजी मैहर कलेक्टर और एसडीएम की बड़ी कार्यवाही दुकान के सामने अवैध दुकान करने वालों पर दुकान शील करने का आदेश,गंगा प्रसाद दुकान पर हो गई कार्यवाही*
    1
    *मैहर,देवीजी मैहर कलेक्टर और एसडीएम की बड़ी कार्यवाही दुकान के सामने अवैध दुकान करने वालों पर दुकान शील करने का आदेश,गंगा प्रसाद दुकान पर हो गई कार्यवाही*
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • Post by Prakash Pathak Satna
    1
    Post by Prakash Pathak Satna
    user_Prakash Pathak Satna
    Prakash Pathak Satna
    Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
    57 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.