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सोमनाथ स्थापना पर्व पर आसोतरा ब्रह्मधाम में किया भगवान शिव का जलाभिषेक *वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं ने किया ओंकार जाप* बालोतरा, 11 मई। कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग राजस्थान के निर्देशानुसार सोमवार को “सोमनाथ स्थापना पर्व” के अवसर पर श्री खेतेश्वर आसोतरा ब्रह्मधाम में भगवान शिव का जलाभिषेक कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की गई। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीराराम कलबी सहित उपस्थित श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रों एवं धार्मिक वातावरण के बीच आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों के साथ भक्ति भाव प्रकट किया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सोमनाथ में आयोजित राज्य स्तरीय “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया। उपस्थित जनों ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जुड़कर धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव किया। कार्यक्रम के दौरान सामूहिक मंत्रोच्चार, ओंकार जाप एवं शिव भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा तथा श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से प्रदेश में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। आयोजन में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे। -0-

2 hrs ago
user_ओमप्रकाश सोनी
ओमप्रकाश सोनी
Social Media Manager पचपदरा, बाड़मेर, राजस्थान•
2 hrs ago
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सोमनाथ स्थापना पर्व पर आसोतरा ब्रह्मधाम में किया भगवान शिव का जलाभिषेक *वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं ने किया ओंकार जाप* बालोतरा, 11 मई। कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग राजस्थान के निर्देशानुसार सोमवार को “सोमनाथ स्थापना पर्व” के अवसर पर श्री खेतेश्वर आसोतरा ब्रह्मधाम में भगवान शिव का जलाभिषेक कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की गई। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर भुवनेश्वर सिंह चौहान तथा अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीराराम कलबी सहित उपस्थित श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रों एवं धार्मिक वातावरण के बीच आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों के साथ भक्ति भाव प्रकट किया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से सोमनाथ में आयोजित राज्य स्तरीय “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया। उपस्थित जनों ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम से जुड़कर धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव किया। कार्यक्रम के दौरान सामूहिक मंत्रोच्चार, ओंकार जाप एवं शिव भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा तथा श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से प्रदेश में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। आयोजन में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे। -0-

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  • बालोतरा जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 3 में लगे ट्रांसफॉर्मर से लगातार चिंगारियां निकल रही हैं, जिससे कभी भी बड़े हादसे का खतरा है। विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है।
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    बालोतरा जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 3 में लगे ट्रांसफॉर्मर से लगातार चिंगारियां निकल रही हैं, जिससे कभी भी बड़े हादसे का खतरा है। विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के कारण स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है।
    user_Pukhraj soni
    Pukhraj soni
    पत्रकार पचपदरा, बाड़मेर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • बाड़मेर के पादरू में भीषण गर्मी ने कहर बरपाया है। रविवार को पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से दोपहर में मुख्य बाजार पूरी तरह थम गया। तेज धूप और लू के चलते सड़कें सुनसान रहीं, इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दिए और बस व ऑटो स्टैंड भी खाली पड़े रहे।
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    बाड़मेर के पादरू में भीषण गर्मी ने कहर बरपाया है। रविवार को पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से दोपहर में मुख्य बाजार पूरी तरह थम गया। तेज धूप और लू के चलते सड़कें सुनसान रहीं, इक्का-दुक्का लोग ही दिखाई दिए और बस व ऑटो स्टैंड भी खाली पड़े रहे।
    user_Bhagaram Padru
    Bhagaram Padru
    Court reporter सिवाना, बाड़मेर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • वन्यजीव प्रेमियों ने बचाई नीलगाय के बच्चे की जान, कुतो के चंगुल से छुड़ा कर वन विभाग को किया सुपुर्द। वन्यजीव प्रेमी मदन सियाग बने प्रेणा के स्त्रोत।
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    वन्यजीव प्रेमियों ने बचाई नीलगाय के बच्चे की जान, कुतो के चंगुल से छुड़ा कर वन विभाग को किया सुपुर्द।
वन्यजीव प्रेमी मदन सियाग बने प्रेणा के स्त्रोत।
    user_विक्रमसिंह चौहान
    विक्रमसिंह चौहान
    Local News Reporter शेरगढ़, जोधपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • दुर्गम रास्तों से ट्रैक्टर में पहुंचकर अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की पेयजल समस्या, मौके पर किया समाधान दुर्गम रास्तों से ट्रैक्टर में पहुंचकर अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की पेयजल समस्या, मौके पर किया समाधान बायतु भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत निम्बाणियों की ढाणी के राजस्व ग्राम भैराज की ढाणी में पेयजल समस्या का जायजा लिया गया। दुर्गम मार्ग होने के कारण ग्रामीणों के सहयोग से ट्रैक्टर के माध्यम से सहायक अभियंता बायतु के द्वारा मौके पर पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्याएं सुनी गईं तथा मौके पर ही समाधान करवाया गया। भैराज की ढाणी स्थित स्कूल परिसर में बने सार्वजनिक टांके में पेयजल आपूर्ति सुचारू करवाई गई, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर पेयजल व्यवस्था की जानकारी ली तथा भविष्य में पेयजल आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए संबंधित कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्रामीणों ने समस्या के त्वरित समाधान पर संतोष जताया।
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    दुर्गम रास्तों से ट्रैक्टर में पहुंचकर अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की पेयजल समस्या, मौके पर किया समाधान 
दुर्गम रास्तों से ट्रैक्टर में पहुंचकर अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की पेयजल समस्या, मौके पर किया समाधान 
बायतु 
भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत निम्बाणियों की ढाणी के राजस्व ग्राम भैराज की ढाणी में पेयजल समस्या का जायजा लिया गया। दुर्गम मार्ग होने के कारण ग्रामीणों के सहयोग से ट्रैक्टर के माध्यम से सहायक अभियंता बायतु के द्वारा मौके पर पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्याएं सुनी गईं तथा मौके पर ही समाधान करवाया गया। भैराज की ढाणी स्थित स्कूल परिसर में बने सार्वजनिक टांके में पेयजल आपूर्ति सुचारू करवाई गई, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली।
इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर पेयजल व्यवस्था की जानकारी ली तथा भविष्य में पेयजल आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए संबंधित कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्रामीणों ने समस्या के त्वरित समाधान पर संतोष जताया।
    user_Ghamanda Ram
    Ghamanda Ram
    पत्रकार बायतू, बाड़मेर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by राजेश कुमार
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    Post by राजेश कुमार
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    Shergarh, Jodhpur•
    5 hrs ago
  • रेगिस्तान प्यासा, मंच पर भाषणों की बरसात… पानी पर राजनीति कब होगी बंद?” जैसलमेर के फलसूंड की रात्रि चौपाल में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का बेहद आक्रामक अंदाज देखने को मिला। मंच से भ्रष्टाचार पर गरजते हुए उन्होंने साफ कहा कि “जो पानी के पैसे में चोरी करेगा, उसका हाल महेश जोशी जैसा होगा।” बयान जोरदार था, तालियां भी खूब बजीं, लेकिन रेगिस्तान की जनता अब सवाल पूछ रही है कि आखिर इतने सालों से पानी की इस लूट का जिम्मेदार कौन है? क्योंकि सच यह है कि जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर के हजारों गांव आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। कहीं जल जीवन मिशन की पाइपलाइन अधूरी पड़ी है, कहीं नल लगे हैं लेकिन पानी नहीं आता, कहीं टंकियां बनकर खड़ी हैं लेकिन सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो कहीं पूरा सिस्टम सिर्फ टैंकरों के भरोसे चल रहा है। गांवों में आज भी तपती गर्मी में कई किलोमीटर दूर से महंगे दामों में टैंकरों से पानी आ रहा हैं और दूसरी तरफ मंचों पर करोड़ों की योजनाओं के भाषण दिए जा रहे हैं। सबसे बड़ा कटाक्ष तो यही है कि हर सरकार आते ही पिछली सरकार को पानी चोर बता देती है, लेकिन जनता की प्यास कभी खत्म नहीं होती। एक सरकार कहती है पिछली सरकार ने लूट की… दूसरी कहती है पहले वालों ने फाइलों में विकास कर दिया… लेकिन गांव का आदमी आज भी पूछ रहा है — “साहब, हमारे घर पानी कब आएगा?” रात्रि चौपाल में मंत्री ने PHED व्यवस्था को “पूरी तरह कोलैप्स” बताया। सवाल यह है कि अगर सिस्टम इतना ही ध्वस्त है तो वर्षों से बैठे अधिकारी क्या कर रहे थे? क्या किसी बड़े अफसर पर कार्रवाई हुई? क्या किसी बड़े ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया गया? या फिर हमेशा की तरह छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराकर मामला शांत कर दिया जाएगा? जनता यह भी पूछ रही है कि जल जीवन मिशन में हजारों करोड़ खर्च होने के बाद भी आखिर टैंकर माफिया इतने ताकतवर कैसे हो गए? अगर हर घर तक पानी पहुंच चुका है जैसा रिपोर्टों में दिखाया गया, तो फिर हर गर्मी में टैंकरों की राजनीति क्यों शुरू हो जाती है? क्यों हर गांव में पानी “किसकी सिफारिश है” देखकर बांटा जाता है? असल में रेगिस्तान की सबसे बड़ी त्रासदी सिर्फ पानी की कमी नहीं, बल्कि पानी पर राजनीति है। यहां हर चुनाव में पानी मुद्दा बनता है, हर नेता पानी पर भाषण देता है, हर अधिकारी मीटिंग करता है, हर योजना का उद्घाटन होता है… लेकिन गर्मी आते ही वही पुरानी तस्वीर सामने आ जाती है — सूखी टंकियां, खाली नल और परेशान जनता। बिजली को लेकर भी मंच से बड़े दावे किए गए। कांग्रेस पर झूठे आंकड़े भेजने के आरोप लगे। मगर गांवों में लोग आज भी घंटों बिजली कटौती झेल रहे हैं। जनता कह रही है कि सरकारें बदलती रहीं, बयान बदलते रहे, लेकिन हालात ज्यादा नहीं बदले। सबसे दिलचस्प बात यह है कि जब जनता सवाल पूछती है तो नेता कहते हैं “पिछली सरकार जिम्मेदार है”… और जब वही नेता सत्ता में आ जाते हैं तो अधिकारी जिम्मेदार हो जाते हैं। लेकिन कभी किसी ने यह नहीं बताया कि आखिर जनता की बदहाली की जिम्मेदारी लेने वाला कौन है? आज जरूरत भाषणों की नहीं, ईमानदार कार्रवाई की है। जरूरत उन फाइलों को खोलने की है जिनमें “हर घर जल” का सपना पूरा दिखाया गया। जरूरत उन ठेकेदारों पर कार्रवाई की है जिन्होंने रेगिस्तान की प्यास पर करोड़ों कमाए। और जरूरत उन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की है जिनकी रिपोर्टों में सबकुछ “संतोषजनक” चलता रहता है। क्योंकि रेगिस्तान की जनता अब सिर्फ भाषण नहीं सुनना चाहती… उसे अपने घर के नल में पानी चाहिए।
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    रेगिस्तान प्यासा, मंच पर भाषणों की बरसात… पानी पर राजनीति कब होगी बंद?”
जैसलमेर के फलसूंड की रात्रि चौपाल में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का बेहद आक्रामक अंदाज देखने को मिला। मंच से भ्रष्टाचार पर गरजते हुए उन्होंने साफ कहा कि “जो पानी के पैसे में चोरी करेगा, उसका हाल महेश जोशी जैसा होगा।”
बयान जोरदार था, तालियां भी खूब बजीं, लेकिन रेगिस्तान की जनता अब सवाल पूछ रही है कि आखिर इतने सालों से पानी की इस लूट का जिम्मेदार कौन है?
क्योंकि सच यह है कि जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर के हजारों गांव आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। कहीं जल जीवन मिशन की पाइपलाइन अधूरी पड़ी है, कहीं नल लगे हैं लेकिन पानी नहीं आता, कहीं टंकियां बनकर खड़ी हैं लेकिन सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो कहीं पूरा सिस्टम सिर्फ टैंकरों के भरोसे चल रहा है।
गांवों में आज भी तपती गर्मी में कई किलोमीटर दूर से महंगे दामों में टैंकरों से पानी आ रहा हैं और दूसरी तरफ मंचों पर करोड़ों की योजनाओं के भाषण दिए जा रहे हैं।
सबसे बड़ा कटाक्ष तो यही है कि हर सरकार आते ही पिछली सरकार को पानी चोर बता देती है, लेकिन जनता की प्यास कभी खत्म नहीं होती।
एक सरकार कहती है पिछली सरकार ने लूट की… दूसरी कहती है पहले वालों ने फाइलों में विकास कर दिया… लेकिन गांव का आदमी आज भी पूछ रहा है — “साहब, हमारे घर पानी कब आएगा?”
रात्रि चौपाल में मंत्री ने PHED व्यवस्था को “पूरी तरह कोलैप्स” बताया। सवाल यह है कि अगर सिस्टम इतना ही ध्वस्त है तो वर्षों से बैठे अधिकारी क्या कर रहे थे?
क्या किसी बड़े अफसर पर कार्रवाई हुई?
क्या किसी बड़े ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया गया?
या फिर हमेशा की तरह छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराकर मामला शांत कर दिया जाएगा?
जनता यह भी पूछ रही है कि जल जीवन मिशन में हजारों करोड़ खर्च होने के बाद भी आखिर टैंकर माफिया इतने ताकतवर कैसे हो गए?
अगर हर घर तक पानी पहुंच चुका है जैसा रिपोर्टों में दिखाया गया, तो फिर हर गर्मी में टैंकरों की राजनीति क्यों शुरू हो जाती है?
क्यों हर गांव में पानी “किसकी सिफारिश है” देखकर बांटा जाता है?
असल में रेगिस्तान की सबसे बड़ी त्रासदी सिर्फ पानी की कमी नहीं, बल्कि पानी पर राजनीति है।
यहां हर चुनाव में पानी मुद्दा बनता है, हर नेता पानी पर भाषण देता है, हर अधिकारी मीटिंग करता है, हर योजना का उद्घाटन होता है… लेकिन गर्मी आते ही वही पुरानी तस्वीर सामने आ जाती है — सूखी टंकियां, खाली नल और परेशान जनता।
बिजली को लेकर भी मंच से बड़े दावे किए गए। कांग्रेस पर झूठे आंकड़े भेजने के आरोप लगे। मगर गांवों में लोग आज भी घंटों बिजली कटौती झेल रहे हैं।
जनता कह रही है कि सरकारें बदलती रहीं, बयान बदलते रहे, लेकिन हालात ज्यादा नहीं बदले।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि जब जनता सवाल पूछती है तो नेता कहते हैं “पिछली सरकार जिम्मेदार है”… और जब वही नेता सत्ता में आ जाते हैं तो अधिकारी जिम्मेदार हो जाते हैं।
लेकिन कभी किसी ने यह नहीं बताया कि आखिर जनता की बदहाली की जिम्मेदारी लेने वाला कौन है?
आज जरूरत भाषणों की नहीं, ईमानदार कार्रवाई की है।
जरूरत उन फाइलों को खोलने की है जिनमें “हर घर जल” का सपना पूरा दिखाया गया।
जरूरत उन ठेकेदारों पर कार्रवाई की है जिन्होंने रेगिस्तान की प्यास पर करोड़ों कमाए।
और जरूरत उन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की है जिनकी रिपोर्टों में सबकुछ “संतोषजनक” चलता रहता है।
क्योंकि रेगिस्तान की जनता अब सिर्फ भाषण नहीं सुनना चाहती…
उसे अपने घर के नल में पानी चाहिए।
    user_Gopal singh jodha
    Gopal singh jodha
    Local News Reporter फलसूंड, जैसलमेर, राजस्थान•
    43 min ago
  • Post by लाबु सिंह
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    Post by लाबु सिंह
    user_लाबु सिंह
    लाबु सिंह
    Farmer जालोर, जालोर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • बालोतरा जिला पुलिस और धोरीमना पुलिस टीम ने मिलकर एक स्कॉर्पियो से बड़ी मात्रा में अवैध डोडा पोस्त बरामद किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है, जिससे क्षेत्र में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार हुआ है।
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    बालोतरा जिला पुलिस और धोरीमना पुलिस टीम ने मिलकर एक स्कॉर्पियो से बड़ी मात्रा में अवैध डोडा पोस्त बरामद किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है, जिससे क्षेत्र में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार हुआ है।
    user_Pukhraj soni
    Pukhraj soni
    पत्रकार पचपदरा, बाड़मेर, राजस्थान•
    21 hrs ago
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