'अपना कार्गो पार्टनर' के प्रतिनिधि अरविंद ने पोर्टर (Porter) ऐप पर ड्राइवर्स को धोखे में रखकर काम कराने और फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि ऐप में ड्राइवर्स को 'हेल्पर' (लेबर) का विकल्प बंद करने की सुविधा दी गई है, ताकि जो लोग शारीरिक रूप से सामान नहीं उठा सकते, उन्हें लेबर वाले ऑर्डर न आएं। अरविंद ने खुद भी अपनी शारीरिक मजबूरी के कारण इस सेटिंग को बंद किया हुआ है, लेकिन इसके बावजूद चालकों को फंसाया जा रहा है। अरविंद के अनुसार, असली गड़बड़ी 'एडवांस बुकिंग' के दौरान होती है, जहाँ रिक्वेस्ट में यह कहीं नहीं लिखा होता कि हेल्पर की जरूरत है या नहीं। जैसे ही ड्राइवर मजबूरी में ऑर्डर एक्सेप्ट कर लेते हैं, तब उन्हें पता चलता है कि इसमें लेबर का काम भी शामिल है। इसके बाद चालकों के पास केवल दो ही रास्ते बचते हैं—या तो वे कैंसिलेशन की पेनल्टी झेलें या फिर अपनी शारीरिक अक्षमता के बावजूद मजबूरी में वह काम करें। कंपनी की इस नीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने चालकों से एकजुट होकर अपने हक की आवाज उठाने और कमेंट के माध्यम से अपनी बात रखने की अपील की है।
'अपना कार्गो पार्टनर' के प्रतिनिधि अरविंद ने पोर्टर (Porter) ऐप पर ड्राइवर्स को धोखे में रखकर काम कराने और फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि ऐप में ड्राइवर्स को 'हेल्पर' (लेबर) का विकल्प बंद करने की सुविधा दी गई है, ताकि जो लोग शारीरिक रूप से सामान नहीं उठा सकते, उन्हें लेबर वाले ऑर्डर न आएं। अरविंद ने खुद भी अपनी शारीरिक मजबूरी के कारण इस सेटिंग को बंद किया हुआ है, लेकिन इसके बावजूद चालकों को फंसाया जा रहा है। अरविंद के अनुसार, असली गड़बड़ी 'एडवांस बुकिंग' के दौरान होती है, जहाँ रिक्वेस्ट में यह कहीं नहीं लिखा होता कि हेल्पर की जरूरत है या नहीं। जैसे ही ड्राइवर मजबूरी में ऑर्डर एक्सेप्ट कर लेते हैं, तब उन्हें पता चलता है कि इसमें लेबर का काम भी शामिल है। इसके बाद चालकों के पास केवल दो ही रास्ते बचते हैं—या तो वे कैंसिलेशन की पेनल्टी झेलें या फिर अपनी शारीरिक अक्षमता के बावजूद मजबूरी में वह काम करें। कंपनी की इस नीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने चालकों से एकजुट होकर अपने हक की आवाज उठाने और कमेंट के माध्यम से अपनी बात रखने की अपील की है।
- "अपना कार्गो पार्टनर" चैनल पर डिलीवरी ड्राइवरों की रोज़ाना की एक बड़ी समस्या को उठाते हुए पोर्टर कस्टमर केयर के सपोर्ट सिस्टम में बदलाव की माँग की गई है। सड़कों पर दिन-रात काम करने वाले ड्राइवरों का कहना है कि रास्ते में तुरंत मदद की ज़रूरत पड़ने पर पोर्टर कस्टमर केयर का मौजूदा सपोर्ट प्रोसेस बहुत लंबा और उलझाने वाला साबित होता है। पोर्टर पार्टनर ऐप में 5 साल पहले मौजूद आसान 'Call Back' का विकल्प हटा दिया गया था। ड्राइवरों की पोर्टर मैनेजमेंट से अपील है कि इस 'ईज़ी कॉल बैक' फीचर को ऐप में वापस लाया जाए, ताकि रिक्वेस्ट डालते ही 2-3 मिनट के अंदर कस्टमर केयर से रिप्लाई या कॉल आ सके। ड्राइवरों का मानना है कि इससे उनका समय बचेगा और वे ग्राहकों को बेहतर सर्विस दे पाएँगे। डिलीवरी समुदाय की इस आवाज़ को पोर्टर की टीम तक पहुँचाने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करने और चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह किया गया है।1
- हरियाणा के सोनीपत निवासी मोहित गुर्जर ने दिव्यांग होने के बावजूद अटूट साहस और ईश्वर में पक्के विश्वास का परिचय देते हुए युवाओं के लिए प्रेरणा पेश की है। गाजियाबाद के हिंडन विहार स्थित बालाजी मंदिर के संत मच्छेंद्रपुरी महाराज के आध्यात्मिक मार्गदर्शन में 24 जुलाई 2026 को कांवड़ यात्रा शुरू हुई, जिसमें मोहित गुर्जर ने अपनी शारीरिक चुनौतियों से ऊपर उठकर पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया। संत मच्छेंद्रपुरी महाराज ने उनके संकल्प और साहस की सराहना करते हुए कहा कि वे युवाओं के लिए एक सकारात्मक उदाहरण हैं। मोहित गुर्जर का यह सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। उन्हें साल 2010 में बोन कैंसर (हड्डी का कैंसर) का पता चला था। इलाज के बाद उन्होंने अपनी जिंदगी को फिर से संवारा, लेकिन 2015 में कैंसर दोबारा लौट आया और जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा। इतनी बड़ी चुनौती के बावजूद मोहित ने हार नहीं मानी और बॉडीबिल्डिंग को अपना लक्ष्य बनाया। लगातार कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने अपने खेल करियर में लगभग 200 गोल्ड मेडल हासिल किए हैं। वे अब तक 10 बार मिस्टर इंडिया, 11 बार मिस्टर नॉर्थ इंडिया, 7 बार मिस्टर हरियाणा, 3 बार मिस्टर यूपी और 2 बार मिस्टर सोनीपत के खिताब जीत चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने मंजुला क्लासिक, बॉस क्लासिक और शेरू क्लासिक जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भी गोल्ड मेडल जीते हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है। इस सफर में उनके साथ भोला मोहित गुर्जर, केडी हिंदू, तरुण तंवर, विशाल, मुकुल, जितेंद्र, कपिल, अंशु, गौरव, सौरव, सुमित, कन्हैया, सोनू और जोगिंदर जैसे लोग जुड़े रहे हैं।4
- 20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे दिल्ली विश्वविद्यालय के 19 वर्षीय छात्र साहिल के चेहरे पर दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन से हमला कर दिया। साहिल अपने परिवार का सहारा बनने के लिए पार्ट-टाइम कार चलाता है और वह खुद 2025 के SSC दिल्ली कॉन्स्टेबल पेपर लीक का शिकार है। इंसाफ़ और अपने बेहतर भविष्य की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए साहिल की एक आंख की रोशनी हमेशा के लिए जाने का खतरा बना हुआ है। राहुल गांधी ने भी इस घायल छात्र को सामने लाया है। साहिल को डर है कि SSC ने फिर से उसी एजेंसी को ठेका दे दिया है और दोबारा पेपर लीक हो जाएगा। छात्रों द्वारा सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने पर इस तरह की कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए मांग की गई है कि मोदी जी देश के बच्चों से अपने इस गुनाह की माफ़ी मांगें, इसके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें और धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करें।1
- गाजियाबाद के थाना खोड़ा क्षेत्र अंतर्गत प्रताप विहार में शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को गाड़ी खड़ी करने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद मारपीट में बदल गया। घटना के दौरान इरशाद और प्रथम पक्ष के वसीम के पक्ष के बीच विवाद हुआ था। सूचना मिलते ही थाना खोड़ा पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। मामले में पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और इरशाद तथा शादाब को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सहायक पुलिस आयुक्त इंदिरापुरम श्री सूर्यबली मौर्य ने बताया कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।2
- आगामी श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस और प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियाँ व व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। इस संबंध में जनपद हरदोई के पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अशोक कुमार मीणा ने पुलिस-प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाओं और तैयारियों की जानकारी दी है।1
- मुस्लिम पावर के संदर्भ में अबू कासिम बिन ज़हरावी का ज़िक्र करते हुए उन्हें सर्जरी का बाप कहलाने वाला बताया गया है।1
- 'अपना कार्गो पार्टनर' के प्रतिनिधि अरविंद ने पोर्टर (Porter) ऐप पर ड्राइवर्स को धोखे में रखकर काम कराने और फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि ऐप में ड्राइवर्स को 'हेल्पर' (लेबर) का विकल्प बंद करने की सुविधा दी गई है, ताकि जो लोग शारीरिक रूप से सामान नहीं उठा सकते, उन्हें लेबर वाले ऑर्डर न आएं। अरविंद ने खुद भी अपनी शारीरिक मजबूरी के कारण इस सेटिंग को बंद किया हुआ है, लेकिन इसके बावजूद चालकों को फंसाया जा रहा है। अरविंद के अनुसार, असली गड़बड़ी 'एडवांस बुकिंग' के दौरान होती है, जहाँ रिक्वेस्ट में यह कहीं नहीं लिखा होता कि हेल्पर की जरूरत है या नहीं। जैसे ही ड्राइवर मजबूरी में ऑर्डर एक्सेप्ट कर लेते हैं, तब उन्हें पता चलता है कि इसमें लेबर का काम भी शामिल है। इसके बाद चालकों के पास केवल दो ही रास्ते बचते हैं—या तो वे कैंसिलेशन की पेनल्टी झेलें या फिर अपनी शारीरिक अक्षमता के बावजूद मजबूरी में वह काम करें। कंपनी की इस नीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने चालकों से एकजुट होकर अपने हक की आवाज उठाने और कमेंट के माध्यम से अपनी बात रखने की अपील की है।1
- 20 जुलाई को कॉकरोज जनता पार्टी के 'संसद चलो' मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी सड़क किनारे खड़ी महिला को थप्पड़ मारते कैमरे में कैद हुए थे। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद इस मामले में कोर्ट ने भी रिपोर्ट मांगी है। अब इस मामले में एक्शन लेते हुए सीजेपी प्रोटेस्ट में महिला को थप्पड़ मारने वाले संबंधित DCP पर गाज गिरी है और उन्हें जंतर-मंतर से हटा दिया गया है।1