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sunil kumar
Sunil kumar
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More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- जनपद बाराबंकी के नवाबगंज तहसील के बंकी ब्लॉक की ग्राम पंचायत सुरसंन्डा में जल जीवन मिशन योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों में भारी लापरवाही सामने आई है, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव की सड़कें बेहद जर्जर हो चुकी हैं और लोगों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि जेसीबी मशीन से सड़क को बीचों-बीच खोदकर काम अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे मार्ग पूरी तरह खराब हो गया। यह जल मिशन कार्य वर्ष 2022 में शुरू हुआ था, लेकिन वर्ष 2026 तक भी पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं। इस स्थिति के कारण ग्रामीणों में जल मिशन अधिकारियों और संबंधित विभाग के प्रति काफी नाराजगी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह कार्य जल मिशन अधिकारी लखन शिंदे और ठेकेदार पुनीत कुमार सिंह की देखरेख में कराया जा रहा था। वहीं, गांव में बनाई जा रही पानी की टंकी का निर्माण भी वर्षों से अधूरा पड़ा है; ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 5 से 6 साल बीत जाने के बावजूद टंकी तैयार नहीं हुई है। निर्माण स्थल पर पड़ी सरिया में जंग लग चुकी है और मौरंग-गिट्टी जैसी सामग्री भी खराब हो रही है, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि क्षेत्र के विधायक और सांसद भी आज तक मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति भी रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात बदतर बने हुए हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और जल्द से जल्द सड़क व अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने की मांग की है।4
- बाराबंकी जनपद की नवाबगंज तहसील के खजूरगांव में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया है। यह अभियान अनधिकृत निर्माण के खिलाफ चलाया गया, जिसके तहत जॉइंट मजिस्ट्रेट और एसडीएम गुंजिता अग्रवाल के निर्देशों पर बुलडोजर का उपयोग कर कई गाटाओं पर विकसित अनधिकृत संरचनाओं को हटाया गया। यह अवैध प्लॉटिंग समर्थ इंफ्रा और गोल्डमार इंफ्रा नामक कंपनियों द्वारा तैयार की जा रही थी, जिन्होंने ग्राम खजूरगांव क्षेत्र में बिना किसी वैधानिक अनुमति के भूखंडों का विकास किया था। प्रशासन ने पहले इन विकासकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और नियत प्राधिकारी न्यायालय में मामले की सुनवाई के बाद ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया था। न्यायालय के आदेश के बावजूद, विकासकर्ताओं ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर अवैध प्लॉटिंग को नहीं हटाया। इसी अनुपालन में गुरुवार को यह ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया, जिसके तहत प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए अवैध निर्माण को हटा दिया।2
- बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र में अच्छेचा त्रिलोकपुर मार्ग पर घटिया गुणवत्ता वाला डामरीकरण किए जाने का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क मिट्टी और गिट्टी सहित हाथों से ही उखड़ रही है, जिससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से इस डामरीकरण की विस्तृत जांच कराने और संबंधित दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क का पुनः मानक अनुरूप निर्माण कराए जाने की भी मांग उठाई है।1
- बहुजन अधिकार सेना ने जनपद सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट से जुड़े एक प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर अपने संघर्ष को निर्णायक चरण में पहुंचाने की तैयारी कर ली है। संगठन के राष्ट्रीय कमांडर विजय राणा चमार 7 जून को लखनऊ के लिए रवाना होंगे, जहां वे राज्यपाल भवन पहुंचकर परिस्थितियों के अनुसार एक 'ऐतिहासिक निर्णय' लेंगे। संगठन का आरोप है कि इस संबंधित प्रकरण में जिलाधिकारी सुल्तानपुर को लगातार शिकायतें, ज्ञापन और सूचनाएं दिए जाने के बावजूद आज तक कोई ठोस एवं न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की गई है। बहुजन अधिकार सेना ने इस मामले को जिलाधिकारी सुल्तानपुर, आयुक्त अयोध्या मंडल अयोध्या, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, राज्यपाल उत्तर प्रदेश तथा महामहिम राष्ट्रपति भारत सरकार के संज्ञान में भी लाया है। बहुजन अधिकार सेना ने स्पष्ट किया है कि लखनऊ पहुंचने के बाद जो भी 'ऐतिहासिक निर्णय' लिया जाएगा, उसकी पूर्ण जिम्मेदारी सुल्तानपुर के जिला प्रशासन की होगी। संगठन का कहना है कि न्याय की मांग को लेकर सभी संवैधानिक और प्रशासनिक माध्यमों का उपयोग किया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई न होने के कारण अब एक निर्णायक कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यह जानकारी बहुजन अधिकार सेना के प्रदेश प्रवक्ता उत्तर प्रदेश, एडवोकेट हरिशंकर राव द्वारा जारी की गई।1
- सीबीआई ने डाकघर के एक एक्सईएन (कार्यकारी अभियंता) को घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह कार्रवाई प्रयागराज से जुड़ी है, जहाँ एक्सईएन ने एक ठेकेदार से 20 लाख रुपये की घूस की मांग की थी। ठेकेदार को कुल 1 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में, फतेहपुर सीकरी थाना क्षेत्र के एक गहरे तालाब में डूब रही एक युवती की जान बचाने वाले रिक्रूट आरक्षी दीपक सोलंकी को पुलिस कमिश्नर आगरा ने सम्मानित किया है। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना यह बहादुरी का परिचय दिया। जानकारी के अनुसार, रिक्रूट आरक्षी दीपक सोलंकी ने कल अपनी जान जोखिम में डालकर तालाब में छलांग लगाई और डूब रही युवती को सुरक्षित बाहर निकालकर उसकी जान बचाई। उनके इस साहसिक और मानवता से परिपूर्ण कार्य की पुलिस विभाग के साथ-साथ आमजन ने भी जमकर सराहना की है। आज पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार ने रिक्रूट आरक्षी दीपक सोलंकी को प्रशस्ति-पत्र और नगद धनराशि देकर सम्मानित किया। साथ ही, उनके इस उत्कृष्ट साहसिक कार्य के लिए प्रशंसा चिन्ह प्रदान किए जाने की अनुशंसा भी की गई है। इस घटना से उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही नहीं, बल्कि संकट के समय लोगों की जान बचाने के लिए भी सदैव तत्पर रहती है।1
- बाराबंकी जनपद के स्वास्थ्य विभाग को अब डॉ. रंजन गौतम के रूप में नया नेतृत्व मिला है, जिन्होंने हाल ही में जिले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के तुरंत बाद, डॉ. गौतम ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करना, विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करना और मरीजों को समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करना उनके एजेंडे में सबसे ऊपर रहेगा। इससे पहले, डॉ. गौतम फर्रुखाबाद में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात थे, और उनके प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य सेवा अनुभव को देखते हुए जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। कार्यभार संभालने के बाद, डॉ. रंजन गौतम ने तत्काल विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान उन्होंने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति, अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। नवागत सीएमओ ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए, अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, बेहतर साफ-सफाई, जांच सुविधाओं का सुचारु संचालन और मरीजों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार तभी संभव है जब अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ काम करें, और उन्होंने जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर जोर दिया। डॉ. गौतम ने अस्पतालों में आने वाले मरीजों के प्रति सकारात्मक व्यवहार अपनाने और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया। उनके पदभार ग्रहण करने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में नई ऊर्जा और गति आने की उम्मीद है।2
- वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर एक स्पष्ट और आक्रामक संदेश दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जो लोग कानून को चुनौती देंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, और सरकार अपराधियों को उसी भाषा में जवाब देने का काम करेगी जिसे वे समझते हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जनता की सुरक्षा, शांति और सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून का राज स्थापित करना सरकार की उच्चतम प्राथमिकता है और प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी मजबूती के साथ कार्य कर रहा है।1
- केंद्रीय मंत्री पुरी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें बताया गया है कि देश में अब 85% मिक्स्ड पेट्रोल का उपयोग किया जाएगा। मंत्री के अनुसार, E20 पेट्रोल की तुलना में E85 पेट्रोल सस्ता होगा।1