कानपुर देहात के रनिया थाना क्षेत्र में 32 वर्षीय युवक कुलदीप की हत्या के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। कुलदीप, जो गजनेर थाना क्षेत्र के जसौरा गांव का निवासी था और रनिया क्षेत्र के खानचंद्रपुर रोड पर एक किराए के मकान में अपनी पत्नी पूजा और डेढ़ वर्षीय बेटे के साथ रहता था, गुरुवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे कुलदीप का पड़ोस में रहने वाली एक महिला से विवाद हुआ था। आरोप था कि शराब के नशे में कुलदीप ने महिला का हाथ पकड़ लिया था, जिसके बाद महिला का पति नीलू मौके पर पहुंचा और कथित तौर पर किसी भारी वस्तु से कुलदीप के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल कुलदीप को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। लेकिन देर रात इस मामले ने पूरी तरह नया रुख ले लिया, जब मृतक की पत्नी पूजा ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में पड़ोसी नीलू को नहीं, बल्कि मकान मालिक राजीव और उसके दोनों बेटों सुनील व सुशील पर पति की हत्या करने का आरोप लगाया। पत्नी का कहना है कि इन्हीं लोगों ने उसके पति की हत्या की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उसने यह भी बताया कि कुलदीप ही परिवार का एकमात्र सहारा था और उसकी मौत के बाद परिवार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। रनिया थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर मकान मालिक और उसके दोनों बेटों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए नीलू और उसकी पत्नी को छोड़ दिया गया है। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की असली वजह और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। यह पूरा मामला फिलहाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कानपुर देहात के रनिया थाना क्षेत्र में 32 वर्षीय युवक कुलदीप की हत्या के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। कुलदीप, जो गजनेर थाना क्षेत्र के जसौरा गांव का निवासी था और रनिया क्षेत्र के खानचंद्रपुर रोड पर एक किराए के मकान में अपनी पत्नी पूजा और डेढ़ वर्षीय बेटे के साथ रहता था, गुरुवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे कुलदीप का पड़ोस में रहने वाली एक महिला से विवाद हुआ था। आरोप था कि शराब के नशे में कुलदीप ने महिला का हाथ पकड़ लिया था, जिसके बाद महिला का पति नीलू मौके पर पहुंचा और कथित तौर पर किसी भारी वस्तु से कुलदीप के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल कुलदीप को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। लेकिन देर रात इस मामले ने पूरी तरह नया रुख ले लिया, जब मृतक की पत्नी पूजा ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में पड़ोसी नीलू को नहीं, बल्कि मकान मालिक राजीव और उसके दोनों बेटों सुनील व सुशील पर पति की हत्या करने का आरोप लगाया। पत्नी का कहना है कि इन्हीं लोगों ने उसके पति की हत्या की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उसने यह भी बताया कि कुलदीप ही परिवार का एकमात्र सहारा था और उसकी मौत के बाद परिवार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। रनिया थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर मकान मालिक और उसके दोनों बेटों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए नीलू और उसकी पत्नी को छोड़ दिया गया है। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की असली वजह और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। यह पूरा मामला फिलहाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
- थाना मंगलपुर क्षेत्र के हवासपुर गांव में 24 जून को सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में मिले एक युवक के शव के मामले में एक नया मोड़ आया है। मृतक की पत्नी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर अपने जेठ, जेठानी सहित कुल चार लोगों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्याय दिलाने और अपने बच्चों को सुपुर्द किए जाने की भी मांग की है। मृतक की पहचान हवासपुर गांव निवासी भरत लाल के रूप में हुई थी, जिनका शव 24 जून को एक गड्ढे में मिला था। मृतक की पत्नी सोनी देवी का आरोप है कि 20 जून को उसके पति के साथ जेठ संतोष कुमार, अमरलाल, जेठानी सन्नो देवी और मीना देवी ने मारपीट की थी। सोनी देवी के अनुसार, उन्होंने इस घटना की शिकायत थाना मंगलपुर पुलिस से की थी, लेकिन पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। महिला का कहना है कि पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने और आरोपियों के डर के कारण उसका पति 23 जून की सुबह बिना बताए घर से चला गया था। अगले दिन, 24 जून को, उसका शव सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में पड़ा मिला। सोनी देवी ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों के नाम उसने बताए हैं, उन्होंने ही उसके पति की हत्या करके शव को वहां फेंक दिया था। पीड़िता का यह भी आरोप है कि जब वह इस मामले की शिकायत लेकर दोबारा थाना मंगलपुर पहुंची, तो पुलिस ने उसकी बात सुनने के बजाय उसे वहां से भगा दिया। इसके बाद, उसने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और अपने बच्चों को उसे सौंपने की मांग की है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा का माहौल है।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष की भांति मोहर्रम के अवसर पर मुस्लिम समुदाय द्वारा पारंपरिक मातमी जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया और इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम मनाया। जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से गुजरा, जहाँ लोगों ने जगह-जगह सबील लगाकर शर्बत, कोल्ड ड्रिंक, लंगर और पानी का वितरण किया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस मौके पर शांति, भाईचारे और इंसानियत का संदेश भी दिया। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सिकंदरा थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह के साथ समस्त पुलिस स्टाफ एवं तहसील प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार जुलूस की निगरानी करते रहे। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था, तथा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी चप्पे-चप्पे पर कड़ी नजर रखी गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान शांति और सौहार्द का माहौल बना रहा। प्रशासन ने जुलूस में शामिल लोगों के सहयोग और अनुशासन की सराहना की।4
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र स्थित ठेनामऊ गांव में गुरुवार शाम एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवती का शव घर के अंदर फांसी के फंदे से लटका मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। बताया गया कि गांव निवासी नरेश की पुत्री सोनम अपने घर के भीतर अचेत अवस्था में फंदे से लटकी मिली। परिजनों ने तत्काल उसे नीचे उतारकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झींझक पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। सूचना पर मंगलपुर थाना प्रभारी महेश दुबे और झींझक चौकी प्रभारी अवनीश कुमार वर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने मृतका के परिजनों से पूछताछ कर घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। झींझक चौकी प्रभारी अवनीश कुमार वर्मा ने शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा, जिसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के रनिया थाना क्षेत्र में 32 वर्षीय युवक कुलदीप की हत्या के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। कुलदीप, जो गजनेर थाना क्षेत्र के जसौरा गांव का निवासी था और रनिया क्षेत्र के खानचंद्रपुर रोड पर एक किराए के मकान में अपनी पत्नी पूजा और डेढ़ वर्षीय बेटे के साथ रहता था, गुरुवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे कुलदीप का पड़ोस में रहने वाली एक महिला से विवाद हुआ था। आरोप था कि शराब के नशे में कुलदीप ने महिला का हाथ पकड़ लिया था, जिसके बाद महिला का पति नीलू मौके पर पहुंचा और कथित तौर पर किसी भारी वस्तु से कुलदीप के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल कुलदीप को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। लेकिन देर रात इस मामले ने पूरी तरह नया रुख ले लिया, जब मृतक की पत्नी पूजा ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में पड़ोसी नीलू को नहीं, बल्कि मकान मालिक राजीव और उसके दोनों बेटों सुनील व सुशील पर पति की हत्या करने का आरोप लगाया। पत्नी का कहना है कि इन्हीं लोगों ने उसके पति की हत्या की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उसने यह भी बताया कि कुलदीप ही परिवार का एकमात्र सहारा था और उसकी मौत के बाद परिवार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। रनिया थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर मकान मालिक और उसके दोनों बेटों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए नीलू और उसकी पत्नी को छोड़ दिया गया है। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की असली वजह और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। यह पूरा मामला फिलहाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- मोहर्रम के दृष्टिगत, डीआईजी यमुना प्रसाद ने ताजिया जुलूस के पूरे रास्तों का बारीकी से निरीक्षण किया है। उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील मोड़ों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था के तहत, पूरे मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- कस्बा रुरूगंज में शुक्रवार को मोहर्रम के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन और शाहिदाने कर्बला की याद में यकीदत और एहतराम के साथ ताजिए निकाले गए। इस दौरान, जुलूस में बड़ी संख्या में हजरत हुसैन रजी अल्लाह ताला के दीवाने शामिल हुए, जिन्होंने अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम के अंतर्गत, मोहम्मद आमिर ने ढाल के साथ रुरूगंज में कमेटी को सम्मानित किया और फूल-मालाओं से सभी का स्वागत किया। इसके अतिरिक्त, रुरूगंज के अन्य लोगों ने भी खूब लंगर लुटाया, जिसे बाहर से आए हुए लोगों ने बड़े उत्साह के साथ ग्रहण किया।2
- कानपुर देहात के रसूलाबाद कस्बे से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ युवक दो अन्य युवकों को बेरहमी से पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, मौके पर पुलिस पहुंचने के बावजूद दबंग युवक पीड़ितों को पीटते रहे। पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।1