logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

लोकेशन नाहन NH-07 कालाअंब पांवटा साहिब मार्ग पर लगा जाम.. खदर के बाग के समीप ट्राला फंसने से लगा लंबा जाम, जाम में फंसे दर्जनों वाहन और सैकड़ो लोग परेशान, आए दिन भारी भरकम ट्राले फंसने के कारण लग रहे जाम, करीब 1 घंटे बाद खुला जाम, NH-07 कालाअंब पांवटा साहिब मार्ग पर लगा जाम.. खदर के बाग के समीप ट्राला फंसने से लगा लंबा जाम, जाम में फंसे दर्जनों वाहन और सैकड़ो लोग परेशान, आए दिन भारी भरकम ट्राले फंसने के कारण लग रहे जाम, करीब 1 घंटे बाद खुला जाम,

2 days ago
user_Him News Update
Him News Update
रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
2 days ago

लोकेशन नाहन NH-07 कालाअंब पांवटा साहिब मार्ग पर लगा जाम.. खदर के बाग के समीप ट्राला फंसने से लगा लंबा जाम, जाम में फंसे दर्जनों वाहन और सैकड़ो लोग परेशान, आए दिन भारी भरकम ट्राले फंसने के कारण लग रहे जाम, करीब 1 घंटे बाद खुला जाम, NH-07 कालाअंब पांवटा साहिब मार्ग पर लगा जाम.. खदर के बाग के समीप ट्राला फंसने से लगा लंबा जाम, जाम में फंसे दर्जनों वाहन और सैकड़ो लोग परेशान, आए दिन भारी भरकम ट्राले फंसने के कारण लग रहे जाम, करीब 1 घंटे बाद खुला जाम,

More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
  • "दूध प्लांट में 24° (डिग्री) से कम का दूध स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इसी नियम के कारण आज तीन बाल्टियां वापस कर दी गई हैं, क्योंकि जांच में उनका तापमान 24° से नीचे पाया गया था।" "दूध प्लांट में 24° (डिग्री) से कम का दूध दत्तनगर मिल्क प्लांट में स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इसी नियम के कारण आज तीन बाल्टियां वापस कर दी गई हैं, क्योंकि जांच में उनका तापमान 24° से नीचे पाया गया था।"
    1
    "दूध प्लांट में 24° (डिग्री) से कम का दूध स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इसी नियम के कारण आज तीन बाल्टियां वापस कर दी गई हैं, क्योंकि जांच में उनका तापमान 24° से नीचे पाया गया था।"
"दूध प्लांट में 24° (डिग्री) से कम का दूध दत्तनगर मिल्क प्लांट में स्वीकार नहीं किया जा रहा है। इसी नियम के कारण आज तीन बाल्टियां वापस कर दी गई हैं, क्योंकि जांच में उनका तापमान 24° से नीचे पाया गया था।"
    user_Him News Update
    Him News Update
    रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • रामपुर बुशहर में न्यू बस स्टैंड में परिवहन निगम द्वारा इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग पवांइट का कार्य जोरों पर #kullutodaynews #himachalpradesh #himachalupdate #MediaPower #himachalkiawaaz #KTN #ATM #shimla #kullu #rampur
    1
    रामपुर बुशहर में न्यू बस स्टैंड में परिवहन निगम द्वारा  इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग पवांइट का कार्य जोरों पर
#kullutodaynews #himachalpradesh #himachalupdate #MediaPower #himachalkiawaaz #KTN #ATM #shimla #kullu #rampur
    user_Dev Raj  Thakur
    Dev Raj Thakur
    Farmer निरमंड, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
  • उत्तराखण्ड में ग्रामीण महिलाएं फूलों की खेती कर बन रही हैं आत्मनिर्भर ।
    1
    उत्तराखण्ड में ग्रामीण महिलाएं फूलों की खेती कर बन रही हैं आत्मनिर्भर ।
    user_Shanti Tamta
    Shanti Tamta
    Graphic designer राजगढ़ी, उत्तर काशी, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
  • माजरा के लोगों को आश्वासन या समाधान? शिवालिक प्लांट पर जनता के सवालों का हिसाब कौन देगा? आज DK News Nalagarh किसी नेता की चमचागिरी करने नहीं आया है, किसी अधिकारी की तारीफ करने नहीं आया है और न ही किसी कंपनी का पक्ष लेने आया है। आज हम बात कर रहे हैं गांव माजरा, तहसील नालागढ़ के उन ग्रामीणों की, जो शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहे हैं। 18 मई 2026 को गांव वासी अपनी मांगों और शिकायतों को लेकर शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के गेट पर धरने पर बैठे। ग्रामीणों का कहना था कि प्लांट से निकलने वाली हवा और पानी दूषित हो रहे हैं, जिससे पर्यावरण और गांववासियों को गम्भीर बिमारियो का सामना करना पड रहा है । इन्हीं समस्याओं और शिकायतों को लेकर गांववासियों ने 18 मई को प्लांट के गेट पर धरना दिया। जनता अपनी समस्या लेकर गेट पर बैठी थी और सवाल था कि आखिर उनकी शिकायतों का समाधान कौन करेगा? इसके बाद 23 मई 2026 को बाबा हरदीप जी और एसडीएम मौके पर पहुंचे। इसके बाद अंदर जाकर कंपनी के साथ बातचीत हुई। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंदर क्या बातचीत हुई, क्या फैसला हुआ और ग्रामीणों की मांगों पर क्या तय किया गया—इसकी पूरी जानकारी गांववासियों को आखिर क्यों नहीं दी गई? ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें आश्वासन देकर धरना उठवा दिया गया। लोगों को उम्मीद थी कि अब उनकी समस्या का समाधान होगा। लेकिन धरना उठने के बाद क्या हुआ? आश्वासन पर आश्वासन। एक आश्वासन मिला, फिर दूसरा आश्वासन मिला, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि ग्राउंड लेवल पर स्थायी समाधान आज भी दिखाई नहीं दे रहा। और यही सवाल आज DK News Nalagarh पूछ रहा है— अगर 23 मई को बातचीत के बाद कोई ठोस फैसला हुआ था, तो वह फैसला जमीन पर कहां है? अगर ग्रामीणों को कोई लिखित समाधान दिया गया था तो वह जनता के सामने क्यों नहीं रखा गया? अगर कंपनी ने कोई जिम्मेदारी ली थी तो उसका पालन कितना हुआ? और अगर प्रशासन ने कोई समयसीमा तय की थी तो उस समयसीमा में क्या कार्रवाई हुई? जनता को सिर्फ भरोसा नहीं चाहिए, जनता को हिसाब चाहिए। आज सवाल उस गंदे पानी का भी है जिसे ग्रामीण दूषित बता रहे हैं। सवाल उस दुर्गंध का है जिसकी शिकायत ग्रामीण कर रहे हैं। सवाल यहां आने वाले hazardous और chemical waste को लेकर उठ रही चिंताओं का है। ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में लोगों को अस्थमा, एलर्जी और किडनी से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है। लेकिन इस मुद्दे पर भी हमारा सवाल बिल्कुल साफ है— सरकार स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच क्यों नहीं करवाती? पानी की जांच करवाइए। मिट्टी की जांच करवाइए। हवा की जांच करवाइए। रिपोर्ट जनता के सामने रखिए। अगर पानी साफ है तो जनता को बताइए कि पानी साफ है। अगर पानी दूषित है तो जिम्मेदारी तय कीजिए। और अगर इन स्वास्थ्य समस्याओं का प्लांट या पानी से कोई संबंध नहीं है तो वह भी वैज्ञानिक रिपोर्ट से साफ होना चाहिए। क्योंकि DK News Nalagarh हवा में तीर नहीं चलाएगा। हम दस्तावेज के साथ सवाल पूछेंगे और मौके के वीडियो के साथ सवाल पूछेंगे। 23 मई 2026 की बैठक के लिखित दस्तावेज में ग्रामीणों की कई चिंताओं का उल्लेख है। इसमें प्लांट का निरीक्षण, वीडियोग्राफी, hazardous waste के उचित निस्तारण, untreated waste, दुर्गंध और waste management से जुड़े मुद्दों पर चर्चा दर्ज है। तो फिर सवाल यह है कि कागज पर बातें दर्ज होने के बाद जमीन पर बदलाव कितना हुआ? और हमें शर्म आती है उन नेताओं पर जो जनता के बीच आकर बार-बार आश्वासन देते हैं, लोगों को तसल्ली देते हैं, लेकिन जब ग्राउंड लेवल पर काम की बात आती है तो नतीजा दिखाई नहीं देता। नेताओं के पास तीज-त्योहारों में जाने का समय है। शादी समारोहों में पहुंचने का समय है। कार्यक्रमों में जाने का समय है। फोटो खिंचवाने और भाषण देने का समय है। लेकिन इन ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए समय क्यों नहीं है? क्या जनता सिर्फ वोट देने के समय याद आती है? चुनाव के समय नेता उन घरों तक पहुंच जाते हैं जहां पैदल रास्ता भी मुश्किल होता है। बीमार व्यक्ति के घर तक वोट मांगने पहुंचने का रास्ता निकाल लिया जाता है। लेकिन जब वही जनता अपनी समस्या लेकर धरने पर बैठती है तो उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का समय क्यों नहीं मिलता? और यहां सवाल वर्तमान विधायक से भी है— अगर आश्वासन दिए गए हैं तो अब उसका हिसाब दीजिए। कितने आश्वासन दिए गए? कब तक समाधान होना था? अब तक क्या कार्रवाई हुई? कौन-सा विभाग जिम्मेदार है? और सबसे जरूरी— माजरा के लोगों की समस्या का अंतिम समाधान आखिर कब होगा? क्योंकि ग्रामीणों को अब मीठी गोली नहीं चाहिए। झूठी तसल्ली नहीं चाहिए। सिर्फ बैठक नहीं चाहिए। सिर्फ बयान नहीं चाहिए। सिर्फ फोटो नहीं चाहिए। जनता को चाहिए— साफ पानी। साफ हवा। सुरक्षित वातावरण। वैज्ञानिक जांच। जिम्मेदारी तय होना। और सबसे बढ़कर—स्थायी समाधान। अगर ग्रामीणों के आरोप गलत हैं तो सरकार और संबंधित विभाग सामने आएं और जांच करवाकर सच जनता को बताएं। अगर आरोपों में सच्चाई है तो फिर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन इस मुद्दे को बार-बार आश्वासन देकर दबा देना समाधान नहीं है। 18 मई को जनता दूषित हवा, दूषित पानी और पर्यावरण व गांववासियों को हो रहे नुकसान के खिलाफ धरने पर बैठी। 23 मई को बातचीत हुई। धरना आश्वासन के बाद उठा। उसके बाद भी आश्वासन चलते रहे। अब सवाल है— आखिर आश्वासन की यह कहानी कब खत्म होगी और समाधान की शुरुआत कब होगी? DK News Nalagarh किसी राजनीतिक पार्टी का प्रवक्ता नहीं है। हम सिर्फ इतना पूछ रहे हैं— माजरा के लोगों की आवाज कब सुनी जाएगी? उनके पानी की जांच कब होगी? उनकी शिकायतों पर अंतिम फैसला कब होगा? और जो वादे किए गए, उनका हिसाब जनता को कब मिलेगा? क्योंकि लोकतंत्र में नेता जनता से बड़े नहीं होते। नेता जनता के वोट से बनते हैं और जनता को जवाब देना उनकी जिम्मेदारी है। और अगर इस समस्या का समाधान समय रहते नहीं निकला, तो आने वाले चुनाव में जनता अपने वोट से जवाब देना अच्छी तरह जानती है। DK News Nalagarh शम्मी राजपूत सवाल पूछता रहेगा—बिना डर, बिना दबाव और बिना किसी की चमचागिरी के। क्योंकि यह सवाल किसी एक व्यक्ति का नहीं है। यह सवाल माजरा के लोगों की जिंदगी, उनके पानी और उनके भविष्य का है।
    1
    माजरा के लोगों को आश्वासन या समाधान? शिवालिक प्लांट पर जनता के सवालों का हिसाब कौन देगा?


आज DK News Nalagarh किसी नेता की चमचागिरी करने नहीं आया है, किसी अधिकारी की तारीफ करने नहीं आया है और न ही किसी कंपनी का पक्ष लेने आया है। आज हम बात कर रहे हैं गांव माजरा, तहसील नालागढ़ के उन ग्रामीणों की, जो शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहे हैं।
18 मई 2026 को गांव वासी अपनी मांगों और शिकायतों को लेकर शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के गेट पर धरने पर बैठे। ग्रामीणों का कहना था कि प्लांट से निकलने वाली हवा और पानी दूषित हो रहे हैं, जिससे पर्यावरण और गांववासियों को गम्भीर बिमारियो का सामना करना पड रहा है । इन्हीं समस्याओं और शिकायतों को लेकर गांववासियों ने 18 मई को प्लांट के गेट पर धरना दिया। जनता अपनी समस्या लेकर गेट पर बैठी थी और सवाल था कि आखिर उनकी शिकायतों का समाधान कौन करेगा?
इसके बाद 23 मई 2026 को बाबा हरदीप जी और एसडीएम मौके पर पहुंचे। इसके बाद अंदर जाकर कंपनी के साथ बातचीत हुई। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंदर क्या बातचीत हुई, क्या फैसला हुआ और ग्रामीणों की मांगों पर क्या तय किया गया—इसकी पूरी जानकारी गांववासियों को आखिर क्यों नहीं दी गई?
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें आश्वासन देकर धरना उठवा दिया गया। लोगों को उम्मीद थी कि अब उनकी समस्या का समाधान होगा। लेकिन धरना उठने के बाद क्या हुआ?
आश्वासन पर आश्वासन।
एक आश्वासन मिला, फिर दूसरा आश्वासन मिला, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि ग्राउंड लेवल पर स्थायी समाधान आज भी दिखाई नहीं दे रहा।
और यही सवाल आज DK News Nalagarh पूछ रहा है—
अगर 23 मई को बातचीत के बाद कोई ठोस फैसला हुआ था, तो वह फैसला जमीन पर कहां है?
अगर ग्रामीणों को कोई लिखित समाधान दिया गया था तो वह जनता के सामने क्यों नहीं रखा गया?
अगर कंपनी ने कोई जिम्मेदारी ली थी तो उसका पालन कितना हुआ?
और अगर प्रशासन ने कोई समयसीमा तय की थी तो उस समयसीमा में क्या कार्रवाई हुई?
जनता को सिर्फ भरोसा नहीं चाहिए, जनता को हिसाब चाहिए।
आज सवाल उस गंदे पानी का भी है जिसे ग्रामीण दूषित बता रहे हैं। सवाल उस दुर्गंध का है जिसकी शिकायत ग्रामीण कर रहे हैं। सवाल यहां आने वाले hazardous और chemical waste को लेकर उठ रही चिंताओं का है। ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में लोगों को अस्थमा, एलर्जी और किडनी से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
लेकिन इस मुद्दे पर भी हमारा सवाल बिल्कुल साफ है—
सरकार स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच क्यों नहीं करवाती?
पानी की जांच करवाइए।
मिट्टी की जांच करवाइए।
हवा की जांच करवाइए।
रिपोर्ट जनता के सामने रखिए।
अगर पानी साफ है तो जनता को बताइए कि पानी साफ है। अगर पानी दूषित है तो जिम्मेदारी तय कीजिए। और अगर इन स्वास्थ्य समस्याओं का प्लांट या पानी से कोई संबंध नहीं है तो वह भी वैज्ञानिक रिपोर्ट से साफ होना चाहिए।
क्योंकि DK News Nalagarh हवा में तीर नहीं चलाएगा। हम दस्तावेज के साथ सवाल पूछेंगे और मौके के वीडियो के साथ सवाल पूछेंगे।
23 मई 2026 की बैठक के लिखित दस्तावेज में ग्रामीणों की कई चिंताओं का उल्लेख है। इसमें प्लांट का निरीक्षण, वीडियोग्राफी, hazardous waste के उचित निस्तारण, untreated waste, दुर्गंध और waste management से जुड़े मुद्दों पर चर्चा दर्ज है।
तो फिर सवाल यह है कि कागज पर बातें दर्ज होने के बाद जमीन पर बदलाव कितना हुआ?
और हमें शर्म आती है उन नेताओं पर जो जनता के बीच आकर बार-बार आश्वासन देते हैं, लोगों को तसल्ली देते हैं, लेकिन जब ग्राउंड लेवल पर काम की बात आती है तो नतीजा दिखाई नहीं देता।
नेताओं के पास तीज-त्योहारों में जाने का समय है।
शादी समारोहों में पहुंचने का समय है।
कार्यक्रमों में जाने का समय है।
फोटो खिंचवाने और भाषण देने का समय है।
लेकिन इन ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए समय क्यों नहीं है?
क्या जनता सिर्फ वोट देने के समय याद आती है?
चुनाव के समय नेता उन घरों तक पहुंच जाते हैं जहां पैदल रास्ता भी मुश्किल होता है। बीमार व्यक्ति के घर तक वोट मांगने पहुंचने का रास्ता निकाल लिया जाता है। लेकिन जब वही जनता अपनी समस्या लेकर धरने पर बैठती है तो उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का समय क्यों नहीं मिलता?
और यहां सवाल वर्तमान विधायक से भी है—
अगर आश्वासन दिए गए हैं तो अब उसका हिसाब दीजिए।
कितने आश्वासन दिए गए?
कब तक समाधान होना था?
अब तक क्या कार्रवाई हुई?
कौन-सा विभाग जिम्मेदार है?
और सबसे जरूरी—
माजरा के लोगों की समस्या का अंतिम समाधान आखिर कब होगा?
क्योंकि ग्रामीणों को अब मीठी गोली नहीं चाहिए।
झूठी तसल्ली नहीं चाहिए।
सिर्फ बैठक नहीं चाहिए।
सिर्फ बयान नहीं चाहिए।
सिर्फ फोटो नहीं चाहिए।
जनता को चाहिए—
साफ पानी।
साफ हवा।
सुरक्षित वातावरण।
वैज्ञानिक जांच।
जिम्मेदारी तय होना।
और सबसे बढ़कर—स्थायी समाधान।
अगर ग्रामीणों के आरोप गलत हैं तो सरकार और संबंधित विभाग सामने आएं और जांच करवाकर सच जनता को बताएं।
अगर आरोपों में सच्चाई है तो फिर कार्रवाई होनी चाहिए।
लेकिन इस मुद्दे को बार-बार आश्वासन देकर दबा देना समाधान नहीं है।
18 मई को जनता दूषित हवा, दूषित पानी और पर्यावरण व गांववासियों को हो रहे नुकसान के खिलाफ धरने पर बैठी।
23 मई को बातचीत हुई।
धरना आश्वासन के बाद उठा।
उसके बाद भी आश्वासन चलते रहे।
अब सवाल है—
आखिर आश्वासन की यह कहानी कब खत्म होगी और समाधान की शुरुआत कब होगी?
DK News Nalagarh किसी राजनीतिक पार्टी का प्रवक्ता नहीं है।
हम सिर्फ इतना पूछ रहे हैं—
माजरा के लोगों की आवाज कब सुनी जाएगी?
उनके पानी की जांच कब होगी?
उनकी शिकायतों पर अंतिम फैसला कब होगा?
और जो वादे किए गए, उनका हिसाब जनता को कब मिलेगा?
क्योंकि लोकतंत्र में नेता जनता से बड़े नहीं होते।
नेता जनता के वोट से बनते हैं और जनता को जवाब देना उनकी जिम्मेदारी है।
और अगर इस समस्या का समाधान समय रहते नहीं निकला, तो आने वाले चुनाव में जनता अपने वोट से जवाब देना अच्छी तरह जानती है।
DK News Nalagarh शम्मी राजपूत सवाल पूछता रहेगा—बिना डर, बिना दबाव और बिना किसी की चमचागिरी के।
क्योंकि यह सवाल किसी एक व्यक्ति का नहीं है।
यह सवाल माजरा के लोगों की जिंदगी, उनके पानी और उनके भविष्य का है।
    user_Dk News Nalagarh
    Dk News Nalagarh
    Local News Reporter पंजेहरा, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • वेस्टीज स्पेशल टूर होटल क्लार्क आगरा और आगरा फोर्ट आज ही बिजनेस का जानकारी के लिए मुझे कॉल करें 98161 33991 राजकुमार आपका बिजनेस कोच बिलासपुर हिमाचल प्रदेश दोस्तों वेस्टीज से मिला हमें घूमने का मौका यहां इस बिजनेस का खासियत है आज ही इस बिजनेस के बारे में जानकारी ली और आज ही स्टार्ट करें 9816133991 आपका बिजनेस कोच राजकुमार बिलासपुर हिमाचल प्रदेश
    4
    वेस्टीज स्पेशल टूर होटल क्लार्क आगरा और आगरा फोर्ट आज ही बिजनेस का जानकारी के लिए मुझे कॉल करें 98161 33991 राजकुमार आपका बिजनेस कोच बिलासपुर हिमाचल प्रदेश
दोस्तों वेस्टीज से मिला हमें घूमने का मौका यहां इस बिजनेस का खासियत है आज ही इस बिजनेस के बारे में जानकारी ली और आज ही स्टार्ट करें 9816133991 आपका बिजनेस कोच राजकुमार बिलासपुर हिमाचल प्रदेश
    user_RAJ KUMAR CROWN HB Power
    RAJ KUMAR CROWN HB Power
    Health and beauty shop Jhanduta, Bilaspur•
    23 hrs ago
  • स्मार्ट मीटर ना लगवाने पर विद्युत बोर्ड ने शहर में काटे कई लोगों के कनेक्शन, जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाने पर भड़के लोग, बोर्ड और मीटर लगाने वाली कंपनी पर लगाया डराने धमकाने का आरोप एसपी के पास दी शिकायत, धरना प्रदर्शन कर विद्युत बोर्ड के अधिकारियों का घेराव करने का दिया अल्टीमेटम हमीरपुर स्मार्ट मीटर लगाने का मामला हमीरपुर शहर में भी अब तूल पकड़ गया है । हमीरपुर शहर के गौड़ा इलाके में कुछ उपभोक्ताओं ने जब स्मार्ट मीटर लगाने से मना कर दिया तो पहले विभाग ने उन्हें नोटिस देकर उनका विद्युत कनेक्शन काट दिया गया जिसे लेकर लोग भड़क गए हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विद्युत बोर्ड और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी उन्हें डरा धमका रही है इसे लेकर वीरवार को उपभोक्ता कल्याण मंच के साथ लोगों ने एसपी हमीरपुर के पास पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके विद्युत कनेक्शन पुनः स्थापित नहीं किए गए तो वह इसके खिलाफ विद्युत बोर्ड के अधिकारियों का घेरावकरेंगे और कार्यलय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे । उपभोक्ता कल्याण मंच के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने बताया कि उपभोक्ताओं के इनकार के बावजूद स्मार्ट मीटर जबरदस्ती और गैर कानूनी तरीके से लगाने का काम किया जा रहा है। जब लोग इसका विरोध कर रहे हैं तो उनका संवैधानिक हक छीन कर उनके कनेक्शन काटकर उन्हें अंधेरे में रखा जा रहा है । उन्होंने बताया कि हमीरपुर शहर के एक इलाके में भी के उपभोक्ताओं के कलेक्शन काटकर उन्हें अंधेरा दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक परिवार को एक महीने तक बिना बिजली के रहना पड़ गया है और कोर्ट के दखल के बाद उनकी सप्लाई को बहाल किया गया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने निर्णय दिया है कि विभाग जबरदस्ती स्मार्ट मीटर नहीं लगा सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में सरकार और विद्युत बोर्ड को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ेगा । ठाकुर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक से विद्युत बोर्ड और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करके उन पर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और विभाग नही माना तो हर गांव में लोगो के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी । बाइट सुरेश ठाकुर अध्यक्ष उपभोक्ता कल्याण मंच गौडा इलाके के सुमित प्रकाश गौतम ने बताया कि उनके चार कनेक्शन स्मार्ट मीटर न लगाने को लेकर काट दिए गए हैं जिसके कारण उन्हें समस्या हो रही है । उन्होंने बताया कि आज पुलिस अधीक्षक से मिलकर जबरदस्ती स्मार्ट मीटर न लगाने पर बिजली कनेक्शन काटने वालो के खिलाफ शिकयत कर कार्यवाही की मांग की है । बाइट प्रकाश गौतम पुरुषोत्तम प्रकाश ने बताया कि जब लोग स्मार्ट मीटर लगाना ही नहीं चाहते हैं तो जबरदस्ती इन्हें क्यों लगाया जा रहा है इनकी रीडिंग ठीक नहीं आती है पुराने मी ही ठीक है और उन्हें ही रहने दिया जाए।
    1
    स्मार्ट मीटर ना लगवाने पर विद्युत बोर्ड ने शहर में काटे कई लोगों के कनेक्शन, जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाने पर भड़के लोग, बोर्ड और मीटर लगाने वाली कंपनी पर लगाया डराने धमकाने का आरोप एसपी के पास दी शिकायत, धरना प्रदर्शन कर विद्युत बोर्ड के अधिकारियों का घेराव करने का दिया अल्टीमेटम
हमीरपुर
स्मार्ट मीटर लगाने का मामला हमीरपुर शहर में भी अब तूल पकड़ गया है । हमीरपुर शहर के गौड़ा इलाके में कुछ उपभोक्ताओं ने जब स्मार्ट मीटर लगाने से मना कर दिया तो पहले विभाग ने उन्हें नोटिस देकर उनका विद्युत कनेक्शन काट दिया गया जिसे लेकर लोग भड़क गए हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विद्युत बोर्ड और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी उन्हें डरा धमका रही है इसे लेकर वीरवार को उपभोक्ता कल्याण मंच के साथ लोगों ने एसपी हमीरपुर के पास पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके विद्युत कनेक्शन पुनः स्थापित नहीं किए गए तो वह इसके खिलाफ विद्युत बोर्ड के अधिकारियों का घेरावकरेंगे और कार्यलय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे ।
उपभोक्ता कल्याण मंच के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने बताया कि उपभोक्ताओं के इनकार के बावजूद स्मार्ट मीटर जबरदस्ती और गैर कानूनी तरीके से लगाने का काम किया जा रहा है। जब लोग इसका विरोध कर रहे हैं तो उनका संवैधानिक हक छीन कर उनके कनेक्शन काटकर उन्हें अंधेरे में रखा जा रहा है । उन्होंने बताया कि हमीरपुर शहर के एक इलाके में भी के उपभोक्ताओं के कलेक्शन काटकर उन्हें अंधेरा दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक परिवार को एक महीने तक बिना बिजली के रहना पड़ गया है और कोर्ट के दखल के बाद उनकी सप्लाई को बहाल किया गया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने निर्णय दिया है कि विभाग जबरदस्ती स्मार्ट मीटर नहीं लगा सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में सरकार और विद्युत बोर्ड को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ेगा । ठाकुर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक से विद्युत बोर्ड और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करके उन पर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और विभाग नही माना तो हर गांव में लोगो के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी ।
बाइट सुरेश ठाकुर
अध्यक्ष उपभोक्ता कल्याण मंच
गौडा इलाके के सुमित प्रकाश गौतम ने बताया कि उनके चार कनेक्शन स्मार्ट मीटर न लगाने को लेकर काट दिए गए हैं जिसके कारण उन्हें समस्या हो रही है । उन्होंने बताया कि आज पुलिस अधीक्षक से मिलकर जबरदस्ती स्मार्ट मीटर न लगाने पर बिजली कनेक्शन काटने वालो के खिलाफ शिकयत कर कार्यवाही की मांग की है ।
बाइट प्रकाश गौतम
पुरुषोत्तम प्रकाश ने बताया कि जब लोग स्मार्ट मीटर लगाना ही नहीं चाहते हैं तो जबरदस्ती इन्हें क्यों लगाया जा रहा है इनकी रीडिंग ठीक नहीं आती है पुराने मी ही ठीक है और उन्हें ही रहने दिया जाए।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सपोर्ट्स के सामान की आड़ में, बड़ी मात्रा में हो रही थी शराब तस्करी, पंचकुला :एक ऐसा ट्रक, जिसमे छिपाई थी, 3 लाख से ज्यादा का अवैध शराब, देखिये फिर... फिल्मी ड्रामा, जिसे देखकर पुलिस के भी होश उड़ गए!
    1
    सपोर्ट्स के सामान की आड़ में, बड़ी मात्रा में हो रही थी शराब तस्करी,
पंचकुला :एक ऐसा ट्रक, जिसमे छिपाई थी, 3 लाख से ज्यादा का अवैध  शराब,
देखिये फिर... फिल्मी ड्रामा, जिसे देखकर पुलिस के भी होश उड़ गए!
    user_News Public Live Kuldeep
    News Public Live Kuldeep
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    53 min ago
  • chin se nepal men aaya mahapralay dekhen is video men puri news
    1
    chin se nepal men aaya mahapralay dekhen is video men puri news
    user_Hem Singh Chauhan
    Hem Singh Chauhan
    Engineer Balh, Mandi•
    19 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.