logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

माजरा के लोगों को आश्वासन या समाधान? शिवालिक प्लांट पर जनता के सवालों का हिसाब कौन देगा? आज DK News Nalagarh किसी नेता की चमचागिरी करने नहीं आया है, किसी अधिकारी की तारीफ करने नहीं आया है और न ही किसी कंपनी का पक्ष लेने आया है। आज हम बात कर रहे हैं गांव माजरा, तहसील नालागढ़ के उन ग्रामीणों की, जो शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहे हैं। 18 मई 2026 को गांव वासी अपनी मांगों और शिकायतों को लेकर शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के गेट पर धरने पर बैठे। ग्रामीणों का कहना था कि प्लांट से निकलने वाली हवा और पानी दूषित हो रहे हैं, जिससे पर्यावरण और गांववासियों को गम्भीर बिमारियो का सामना करना पड रहा है । इन्हीं समस्याओं और शिकायतों को लेकर गांववासियों ने 18 मई को प्लांट के गेट पर धरना दिया। जनता अपनी समस्या लेकर गेट पर बैठी थी और सवाल था कि आखिर उनकी शिकायतों का समाधान कौन करेगा? इसके बाद 23 मई 2026 को बाबा हरदीप जी और एसडीएम मौके पर पहुंचे। इसके बाद अंदर जाकर कंपनी के साथ बातचीत हुई। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंदर क्या बातचीत हुई, क्या फैसला हुआ और ग्रामीणों की मांगों पर क्या तय किया गया—इसकी पूरी जानकारी गांववासियों को आखिर क्यों नहीं दी गई? ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें आश्वासन देकर धरना उठवा दिया गया। लोगों को उम्मीद थी कि अब उनकी समस्या का समाधान होगा। लेकिन धरना उठने के बाद क्या हुआ? आश्वासन पर आश्वासन। एक आश्वासन मिला, फिर दूसरा आश्वासन मिला, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि ग्राउंड लेवल पर स्थायी समाधान आज भी दिखाई नहीं दे रहा। और यही सवाल आज DK News Nalagarh पूछ रहा है— अगर 23 मई को बातचीत के बाद कोई ठोस फैसला हुआ था, तो वह फैसला जमीन पर कहां है? अगर ग्रामीणों को कोई लिखित समाधान दिया गया था तो वह जनता के सामने क्यों नहीं रखा गया? अगर कंपनी ने कोई जिम्मेदारी ली थी तो उसका पालन कितना हुआ? और अगर प्रशासन ने कोई समयसीमा तय की थी तो उस समयसीमा में क्या कार्रवाई हुई? जनता को सिर्फ भरोसा नहीं चाहिए, जनता को हिसाब चाहिए। आज सवाल उस गंदे पानी का भी है जिसे ग्रामीण दूषित बता रहे हैं। सवाल उस दुर्गंध का है जिसकी शिकायत ग्रामीण कर रहे हैं। सवाल यहां आने वाले hazardous और chemical waste को लेकर उठ रही चिंताओं का है। ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में लोगों को अस्थमा, एलर्जी और किडनी से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है। लेकिन इस मुद्दे पर भी हमारा सवाल बिल्कुल साफ है— सरकार स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच क्यों नहीं करवाती? पानी की जांच करवाइए। मिट्टी की जांच करवाइए। हवा की जांच करवाइए। रिपोर्ट जनता के सामने रखिए। अगर पानी साफ है तो जनता को बताइए कि पानी साफ है। अगर पानी दूषित है तो जिम्मेदारी तय कीजिए। और अगर इन स्वास्थ्य समस्याओं का प्लांट या पानी से कोई संबंध नहीं है तो वह भी वैज्ञानिक रिपोर्ट से साफ होना चाहिए। क्योंकि DK News Nalagarh हवा में तीर नहीं चलाएगा। हम दस्तावेज के साथ सवाल पूछेंगे और मौके के वीडियो के साथ सवाल पूछेंगे। 23 मई 2026 की बैठक के लिखित दस्तावेज में ग्रामीणों की कई चिंताओं का उल्लेख है। इसमें प्लांट का निरीक्षण, वीडियोग्राफी, hazardous waste के उचित निस्तारण, untreated waste, दुर्गंध और waste management से जुड़े मुद्दों पर चर्चा दर्ज है। तो फिर सवाल यह है कि कागज पर बातें दर्ज होने के बाद जमीन पर बदलाव कितना हुआ? और हमें शर्म आती है उन नेताओं पर जो जनता के बीच आकर बार-बार आश्वासन देते हैं, लोगों को तसल्ली देते हैं, लेकिन जब ग्राउंड लेवल पर काम की बात आती है तो नतीजा दिखाई नहीं देता। नेताओं के पास तीज-त्योहारों में जाने का समय है। शादी समारोहों में पहुंचने का समय है। कार्यक्रमों में जाने का समय है। फोटो खिंचवाने और भाषण देने का समय है। लेकिन इन ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए समय क्यों नहीं है? क्या जनता सिर्फ वोट देने के समय याद आती है? चुनाव के समय नेता उन घरों तक पहुंच जाते हैं जहां पैदल रास्ता भी मुश्किल होता है। बीमार व्यक्ति के घर तक वोट मांगने पहुंचने का रास्ता निकाल लिया जाता है। लेकिन जब वही जनता अपनी समस्या लेकर धरने पर बैठती है तो उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का समय क्यों नहीं मिलता? और यहां सवाल वर्तमान विधायक से भी है— अगर आश्वासन दिए गए हैं तो अब उसका हिसाब दीजिए। कितने आश्वासन दिए गए? कब तक समाधान होना था? अब तक क्या कार्रवाई हुई? कौन-सा विभाग जिम्मेदार है? और सबसे जरूरी— माजरा के लोगों की समस्या का अंतिम समाधान आखिर कब होगा? क्योंकि ग्रामीणों को अब मीठी गोली नहीं चाहिए। झूठी तसल्ली नहीं चाहिए। सिर्फ बैठक नहीं चाहिए। सिर्फ बयान नहीं चाहिए। सिर्फ फोटो नहीं चाहिए। जनता को चाहिए— साफ पानी। साफ हवा। सुरक्षित वातावरण। वैज्ञानिक जांच। जिम्मेदारी तय होना। और सबसे बढ़कर—स्थायी समाधान। अगर ग्रामीणों के आरोप गलत हैं तो सरकार और संबंधित विभाग सामने आएं और जांच करवाकर सच जनता को बताएं। अगर आरोपों में सच्चाई है तो फिर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन इस मुद्दे को बार-बार आश्वासन देकर दबा देना समाधान नहीं है। 18 मई को जनता दूषित हवा, दूषित पानी और पर्यावरण व गांववासियों को हो रहे नुकसान के खिलाफ धरने पर बैठी। 23 मई को बातचीत हुई। धरना आश्वासन के बाद उठा। उसके बाद भी आश्वासन चलते रहे। अब सवाल है— आखिर आश्वासन की यह कहानी कब खत्म होगी और समाधान की शुरुआत कब होगी? DK News Nalagarh किसी राजनीतिक पार्टी का प्रवक्ता नहीं है। हम सिर्फ इतना पूछ रहे हैं— माजरा के लोगों की आवाज कब सुनी जाएगी? उनके पानी की जांच कब होगी? उनकी शिकायतों पर अंतिम फैसला कब होगा? और जो वादे किए गए, उनका हिसाब जनता को कब मिलेगा? क्योंकि लोकतंत्र में नेता जनता से बड़े नहीं होते। नेता जनता के वोट से बनते हैं और जनता को जवाब देना उनकी जिम्मेदारी है। और अगर इस समस्या का समाधान समय रहते नहीं निकला, तो आने वाले चुनाव में जनता अपने वोट से जवाब देना अच्छी तरह जानती है। DK News Nalagarh शम्मी राजपूत सवाल पूछता रहेगा—बिना डर, बिना दबाव और बिना किसी की चमचागिरी के। क्योंकि यह सवाल किसी एक व्यक्ति का नहीं है। यह सवाल माजरा के लोगों की जिंदगी, उनके पानी और उनके भविष्य का है।

54 min ago
user_Dk News Nalagarh
Dk News Nalagarh
Local News Reporter पंजेहरा, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
54 min ago

माजरा के लोगों को आश्वासन या समाधान? शिवालिक प्लांट पर जनता के सवालों का हिसाब कौन देगा? आज DK News Nalagarh किसी नेता की चमचागिरी करने नहीं आया है, किसी अधिकारी की तारीफ करने नहीं आया है और न ही किसी कंपनी का पक्ष लेने आया है। आज हम बात कर रहे हैं गांव माजरा, तहसील नालागढ़ के उन ग्रामीणों की, जो शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहे हैं। 18 मई 2026 को गांव वासी अपनी मांगों और शिकायतों को लेकर शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के गेट पर धरने पर बैठे। ग्रामीणों का कहना था कि प्लांट से निकलने वाली हवा और पानी दूषित हो रहे हैं, जिससे पर्यावरण और गांववासियों को गम्भीर बिमारियो का सामना करना पड रहा है । इन्हीं समस्याओं और शिकायतों को लेकर गांववासियों ने 18 मई को प्लांट के गेट पर धरना दिया। जनता अपनी समस्या लेकर गेट पर बैठी थी और सवाल था कि आखिर उनकी शिकायतों का समाधान कौन करेगा? इसके बाद 23 मई 2026 को बाबा हरदीप जी और एसडीएम मौके पर पहुंचे। इसके बाद अंदर जाकर कंपनी के साथ बातचीत हुई। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंदर क्या बातचीत हुई, क्या फैसला हुआ और ग्रामीणों की मांगों पर क्या तय किया गया—इसकी पूरी जानकारी गांववासियों को आखिर क्यों नहीं दी गई? ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें आश्वासन देकर धरना उठवा दिया गया। लोगों को उम्मीद थी कि अब उनकी समस्या का समाधान होगा। लेकिन धरना उठने के बाद क्या हुआ? आश्वासन पर आश्वासन। एक आश्वासन मिला, फिर दूसरा आश्वासन मिला, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि ग्राउंड लेवल पर स्थायी समाधान आज भी दिखाई नहीं दे रहा। और यही सवाल आज DK News Nalagarh पूछ रहा है— अगर 23 मई को बातचीत के बाद कोई ठोस फैसला हुआ था, तो वह फैसला जमीन पर कहां है? अगर ग्रामीणों को कोई लिखित समाधान दिया गया था तो वह जनता के सामने क्यों नहीं रखा गया? अगर कंपनी ने कोई जिम्मेदारी ली थी तो उसका पालन कितना हुआ? और अगर प्रशासन ने कोई समयसीमा तय की थी तो उस समयसीमा में क्या कार्रवाई हुई? जनता को सिर्फ भरोसा नहीं चाहिए, जनता को हिसाब चाहिए। आज सवाल उस गंदे पानी का भी है जिसे ग्रामीण दूषित बता रहे हैं। सवाल उस दुर्गंध का है जिसकी शिकायत ग्रामीण कर रहे हैं। सवाल यहां आने वाले hazardous और chemical waste को लेकर उठ रही चिंताओं का है। ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में लोगों को अस्थमा, एलर्जी और किडनी से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है। लेकिन इस मुद्दे पर भी हमारा सवाल बिल्कुल साफ है— सरकार स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच क्यों नहीं करवाती? पानी की जांच करवाइए। मिट्टी की जांच करवाइए। हवा की जांच करवाइए। रिपोर्ट जनता के सामने रखिए। अगर पानी साफ है तो जनता को बताइए कि पानी साफ है। अगर पानी दूषित है तो जिम्मेदारी तय कीजिए। और अगर इन स्वास्थ्य समस्याओं का प्लांट या पानी से कोई संबंध नहीं है तो वह भी वैज्ञानिक रिपोर्ट से साफ होना चाहिए। क्योंकि DK News Nalagarh हवा में तीर नहीं चलाएगा। हम दस्तावेज के साथ सवाल पूछेंगे और मौके के वीडियो के साथ सवाल पूछेंगे। 23 मई 2026 की बैठक के लिखित दस्तावेज में ग्रामीणों की कई चिंताओं का उल्लेख है। इसमें प्लांट का निरीक्षण, वीडियोग्राफी, hazardous waste के उचित निस्तारण, untreated waste, दुर्गंध और waste management से जुड़े मुद्दों पर चर्चा दर्ज है। तो फिर सवाल यह है कि कागज पर बातें दर्ज होने के बाद जमीन पर बदलाव कितना हुआ? और हमें शर्म आती है उन नेताओं पर जो जनता के बीच आकर बार-बार आश्वासन देते हैं, लोगों को तसल्ली देते हैं, लेकिन जब ग्राउंड लेवल पर काम की बात आती है तो नतीजा दिखाई नहीं देता। नेताओं के पास तीज-त्योहारों में जाने का समय है। शादी समारोहों में पहुंचने का समय है। कार्यक्रमों में जाने का समय है। फोटो खिंचवाने और भाषण देने का समय है। लेकिन इन ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए समय क्यों नहीं है? क्या जनता सिर्फ वोट देने के समय याद आती है? चुनाव के समय नेता उन घरों तक पहुंच जाते हैं जहां पैदल रास्ता भी मुश्किल होता है। बीमार व्यक्ति के घर तक वोट मांगने पहुंचने का रास्ता निकाल लिया जाता है। लेकिन जब वही जनता अपनी समस्या लेकर धरने पर बैठती है तो उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का समय क्यों नहीं मिलता? और यहां सवाल वर्तमान विधायक से भी है— अगर आश्वासन दिए गए हैं तो अब उसका हिसाब दीजिए। कितने आश्वासन दिए गए? कब तक समाधान होना था? अब तक क्या कार्रवाई हुई? कौन-सा विभाग जिम्मेदार है? और सबसे जरूरी— माजरा के लोगों की समस्या का अंतिम समाधान आखिर कब होगा? क्योंकि ग्रामीणों को अब मीठी गोली नहीं चाहिए। झूठी तसल्ली नहीं चाहिए। सिर्फ बैठक नहीं चाहिए। सिर्फ बयान नहीं चाहिए। सिर्फ फोटो नहीं चाहिए। जनता को चाहिए— साफ पानी। साफ हवा। सुरक्षित वातावरण। वैज्ञानिक जांच। जिम्मेदारी तय होना। और सबसे बढ़कर—स्थायी समाधान। अगर ग्रामीणों के आरोप गलत हैं तो सरकार और संबंधित विभाग सामने आएं और जांच करवाकर सच जनता को बताएं। अगर आरोपों में सच्चाई है तो फिर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन इस मुद्दे को बार-बार आश्वासन देकर दबा देना समाधान नहीं है। 18 मई को जनता दूषित हवा, दूषित पानी और पर्यावरण व गांववासियों को हो रहे नुकसान के खिलाफ धरने पर बैठी। 23 मई को बातचीत हुई। धरना आश्वासन के बाद उठा। उसके बाद भी आश्वासन चलते रहे। अब सवाल है— आखिर आश्वासन की यह कहानी कब खत्म होगी और समाधान की शुरुआत कब होगी? DK News Nalagarh किसी राजनीतिक पार्टी का प्रवक्ता नहीं है। हम सिर्फ इतना पूछ रहे हैं— माजरा के लोगों की आवाज कब सुनी जाएगी? उनके पानी की जांच कब होगी? उनकी शिकायतों पर अंतिम फैसला कब होगा? और जो वादे किए गए, उनका हिसाब जनता को कब मिलेगा? क्योंकि लोकतंत्र में नेता जनता से बड़े नहीं होते। नेता जनता के वोट से बनते हैं और जनता को जवाब देना उनकी जिम्मेदारी है। और अगर इस समस्या का समाधान समय रहते नहीं निकला, तो आने वाले चुनाव में जनता अपने वोट से जवाब देना अच्छी तरह जानती है। DK News Nalagarh शम्मी राजपूत सवाल पूछता रहेगा—बिना डर, बिना दबाव और बिना किसी की चमचागिरी के। क्योंकि यह सवाल किसी एक व्यक्ति का नहीं है। यह सवाल माजरा के लोगों की जिंदगी, उनके पानी और उनके भविष्य का है।

More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
  • माजरा के लोगों को आश्वासन या समाधान? शिवालिक प्लांट पर जनता के सवालों का हिसाब कौन देगा? आज DK News Nalagarh किसी नेता की चमचागिरी करने नहीं आया है, किसी अधिकारी की तारीफ करने नहीं आया है और न ही किसी कंपनी का पक्ष लेने आया है। आज हम बात कर रहे हैं गांव माजरा, तहसील नालागढ़ के उन ग्रामीणों की, जो शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहे हैं। 18 मई 2026 को गांव वासी अपनी मांगों और शिकायतों को लेकर शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के गेट पर धरने पर बैठे। ग्रामीणों का कहना था कि प्लांट से निकलने वाली हवा और पानी दूषित हो रहे हैं, जिससे पर्यावरण और गांववासियों को गम्भीर बिमारियो का सामना करना पड रहा है । इन्हीं समस्याओं और शिकायतों को लेकर गांववासियों ने 18 मई को प्लांट के गेट पर धरना दिया। जनता अपनी समस्या लेकर गेट पर बैठी थी और सवाल था कि आखिर उनकी शिकायतों का समाधान कौन करेगा? इसके बाद 23 मई 2026 को बाबा हरदीप जी और एसडीएम मौके पर पहुंचे। इसके बाद अंदर जाकर कंपनी के साथ बातचीत हुई। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंदर क्या बातचीत हुई, क्या फैसला हुआ और ग्रामीणों की मांगों पर क्या तय किया गया—इसकी पूरी जानकारी गांववासियों को आखिर क्यों नहीं दी गई? ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें आश्वासन देकर धरना उठवा दिया गया। लोगों को उम्मीद थी कि अब उनकी समस्या का समाधान होगा। लेकिन धरना उठने के बाद क्या हुआ? आश्वासन पर आश्वासन। एक आश्वासन मिला, फिर दूसरा आश्वासन मिला, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि ग्राउंड लेवल पर स्थायी समाधान आज भी दिखाई नहीं दे रहा। और यही सवाल आज DK News Nalagarh पूछ रहा है— अगर 23 मई को बातचीत के बाद कोई ठोस फैसला हुआ था, तो वह फैसला जमीन पर कहां है? अगर ग्रामीणों को कोई लिखित समाधान दिया गया था तो वह जनता के सामने क्यों नहीं रखा गया? अगर कंपनी ने कोई जिम्मेदारी ली थी तो उसका पालन कितना हुआ? और अगर प्रशासन ने कोई समयसीमा तय की थी तो उस समयसीमा में क्या कार्रवाई हुई? जनता को सिर्फ भरोसा नहीं चाहिए, जनता को हिसाब चाहिए। आज सवाल उस गंदे पानी का भी है जिसे ग्रामीण दूषित बता रहे हैं। सवाल उस दुर्गंध का है जिसकी शिकायत ग्रामीण कर रहे हैं। सवाल यहां आने वाले hazardous और chemical waste को लेकर उठ रही चिंताओं का है। ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में लोगों को अस्थमा, एलर्जी और किडनी से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है। लेकिन इस मुद्दे पर भी हमारा सवाल बिल्कुल साफ है— सरकार स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच क्यों नहीं करवाती? पानी की जांच करवाइए। मिट्टी की जांच करवाइए। हवा की जांच करवाइए। रिपोर्ट जनता के सामने रखिए। अगर पानी साफ है तो जनता को बताइए कि पानी साफ है। अगर पानी दूषित है तो जिम्मेदारी तय कीजिए। और अगर इन स्वास्थ्य समस्याओं का प्लांट या पानी से कोई संबंध नहीं है तो वह भी वैज्ञानिक रिपोर्ट से साफ होना चाहिए। क्योंकि DK News Nalagarh हवा में तीर नहीं चलाएगा। हम दस्तावेज के साथ सवाल पूछेंगे और मौके के वीडियो के साथ सवाल पूछेंगे। 23 मई 2026 की बैठक के लिखित दस्तावेज में ग्रामीणों की कई चिंताओं का उल्लेख है। इसमें प्लांट का निरीक्षण, वीडियोग्राफी, hazardous waste के उचित निस्तारण, untreated waste, दुर्गंध और waste management से जुड़े मुद्दों पर चर्चा दर्ज है। तो फिर सवाल यह है कि कागज पर बातें दर्ज होने के बाद जमीन पर बदलाव कितना हुआ? और हमें शर्म आती है उन नेताओं पर जो जनता के बीच आकर बार-बार आश्वासन देते हैं, लोगों को तसल्ली देते हैं, लेकिन जब ग्राउंड लेवल पर काम की बात आती है तो नतीजा दिखाई नहीं देता। नेताओं के पास तीज-त्योहारों में जाने का समय है। शादी समारोहों में पहुंचने का समय है। कार्यक्रमों में जाने का समय है। फोटो खिंचवाने और भाषण देने का समय है। लेकिन इन ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए समय क्यों नहीं है? क्या जनता सिर्फ वोट देने के समय याद आती है? चुनाव के समय नेता उन घरों तक पहुंच जाते हैं जहां पैदल रास्ता भी मुश्किल होता है। बीमार व्यक्ति के घर तक वोट मांगने पहुंचने का रास्ता निकाल लिया जाता है। लेकिन जब वही जनता अपनी समस्या लेकर धरने पर बैठती है तो उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का समय क्यों नहीं मिलता? और यहां सवाल वर्तमान विधायक से भी है— अगर आश्वासन दिए गए हैं तो अब उसका हिसाब दीजिए। कितने आश्वासन दिए गए? कब तक समाधान होना था? अब तक क्या कार्रवाई हुई? कौन-सा विभाग जिम्मेदार है? और सबसे जरूरी— माजरा के लोगों की समस्या का अंतिम समाधान आखिर कब होगा? क्योंकि ग्रामीणों को अब मीठी गोली नहीं चाहिए। झूठी तसल्ली नहीं चाहिए। सिर्फ बैठक नहीं चाहिए। सिर्फ बयान नहीं चाहिए। सिर्फ फोटो नहीं चाहिए। जनता को चाहिए— साफ पानी। साफ हवा। सुरक्षित वातावरण। वैज्ञानिक जांच। जिम्मेदारी तय होना। और सबसे बढ़कर—स्थायी समाधान। अगर ग्रामीणों के आरोप गलत हैं तो सरकार और संबंधित विभाग सामने आएं और जांच करवाकर सच जनता को बताएं। अगर आरोपों में सच्चाई है तो फिर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन इस मुद्दे को बार-बार आश्वासन देकर दबा देना समाधान नहीं है। 18 मई को जनता दूषित हवा, दूषित पानी और पर्यावरण व गांववासियों को हो रहे नुकसान के खिलाफ धरने पर बैठी। 23 मई को बातचीत हुई। धरना आश्वासन के बाद उठा। उसके बाद भी आश्वासन चलते रहे। अब सवाल है— आखिर आश्वासन की यह कहानी कब खत्म होगी और समाधान की शुरुआत कब होगी? DK News Nalagarh किसी राजनीतिक पार्टी का प्रवक्ता नहीं है। हम सिर्फ इतना पूछ रहे हैं— माजरा के लोगों की आवाज कब सुनी जाएगी? उनके पानी की जांच कब होगी? उनकी शिकायतों पर अंतिम फैसला कब होगा? और जो वादे किए गए, उनका हिसाब जनता को कब मिलेगा? क्योंकि लोकतंत्र में नेता जनता से बड़े नहीं होते। नेता जनता के वोट से बनते हैं और जनता को जवाब देना उनकी जिम्मेदारी है। और अगर इस समस्या का समाधान समय रहते नहीं निकला, तो आने वाले चुनाव में जनता अपने वोट से जवाब देना अच्छी तरह जानती है। DK News Nalagarh शम्मी राजपूत सवाल पूछता रहेगा—बिना डर, बिना दबाव और बिना किसी की चमचागिरी के। क्योंकि यह सवाल किसी एक व्यक्ति का नहीं है। यह सवाल माजरा के लोगों की जिंदगी, उनके पानी और उनके भविष्य का है।
    1
    माजरा के लोगों को आश्वासन या समाधान? शिवालिक प्लांट पर जनता के सवालों का हिसाब कौन देगा?


आज DK News Nalagarh किसी नेता की चमचागिरी करने नहीं आया है, किसी अधिकारी की तारीफ करने नहीं आया है और न ही किसी कंपनी का पक्ष लेने आया है। आज हम बात कर रहे हैं गांव माजरा, तहसील नालागढ़ के उन ग्रामीणों की, जो शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहे हैं।
18 मई 2026 को गांव वासी अपनी मांगों और शिकायतों को लेकर शिवालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के गेट पर धरने पर बैठे। ग्रामीणों का कहना था कि प्लांट से निकलने वाली हवा और पानी दूषित हो रहे हैं, जिससे पर्यावरण और गांववासियों को गम्भीर बिमारियो का सामना करना पड रहा है । इन्हीं समस्याओं और शिकायतों को लेकर गांववासियों ने 18 मई को प्लांट के गेट पर धरना दिया। जनता अपनी समस्या लेकर गेट पर बैठी थी और सवाल था कि आखिर उनकी शिकायतों का समाधान कौन करेगा?
इसके बाद 23 मई 2026 को बाबा हरदीप जी और एसडीएम मौके पर पहुंचे। इसके बाद अंदर जाकर कंपनी के साथ बातचीत हुई। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंदर क्या बातचीत हुई, क्या फैसला हुआ और ग्रामीणों की मांगों पर क्या तय किया गया—इसकी पूरी जानकारी गांववासियों को आखिर क्यों नहीं दी गई?
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें आश्वासन देकर धरना उठवा दिया गया। लोगों को उम्मीद थी कि अब उनकी समस्या का समाधान होगा। लेकिन धरना उठने के बाद क्या हुआ?
आश्वासन पर आश्वासन।
एक आश्वासन मिला, फिर दूसरा आश्वासन मिला, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि ग्राउंड लेवल पर स्थायी समाधान आज भी दिखाई नहीं दे रहा।
और यही सवाल आज DK News Nalagarh पूछ रहा है—
अगर 23 मई को बातचीत के बाद कोई ठोस फैसला हुआ था, तो वह फैसला जमीन पर कहां है?
अगर ग्रामीणों को कोई लिखित समाधान दिया गया था तो वह जनता के सामने क्यों नहीं रखा गया?
अगर कंपनी ने कोई जिम्मेदारी ली थी तो उसका पालन कितना हुआ?
और अगर प्रशासन ने कोई समयसीमा तय की थी तो उस समयसीमा में क्या कार्रवाई हुई?
जनता को सिर्फ भरोसा नहीं चाहिए, जनता को हिसाब चाहिए।
आज सवाल उस गंदे पानी का भी है जिसे ग्रामीण दूषित बता रहे हैं। सवाल उस दुर्गंध का है जिसकी शिकायत ग्रामीण कर रहे हैं। सवाल यहां आने वाले hazardous और chemical waste को लेकर उठ रही चिंताओं का है। ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में लोगों को अस्थमा, एलर्जी और किडनी से जुड़ी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
लेकिन इस मुद्दे पर भी हमारा सवाल बिल्कुल साफ है—
सरकार स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच क्यों नहीं करवाती?
पानी की जांच करवाइए।
मिट्टी की जांच करवाइए।
हवा की जांच करवाइए।
रिपोर्ट जनता के सामने रखिए।
अगर पानी साफ है तो जनता को बताइए कि पानी साफ है। अगर पानी दूषित है तो जिम्मेदारी तय कीजिए। और अगर इन स्वास्थ्य समस्याओं का प्लांट या पानी से कोई संबंध नहीं है तो वह भी वैज्ञानिक रिपोर्ट से साफ होना चाहिए।
क्योंकि DK News Nalagarh हवा में तीर नहीं चलाएगा। हम दस्तावेज के साथ सवाल पूछेंगे और मौके के वीडियो के साथ सवाल पूछेंगे।
23 मई 2026 की बैठक के लिखित दस्तावेज में ग्रामीणों की कई चिंताओं का उल्लेख है। इसमें प्लांट का निरीक्षण, वीडियोग्राफी, hazardous waste के उचित निस्तारण, untreated waste, दुर्गंध और waste management से जुड़े मुद्दों पर चर्चा दर्ज है।
तो फिर सवाल यह है कि कागज पर बातें दर्ज होने के बाद जमीन पर बदलाव कितना हुआ?
और हमें शर्म आती है उन नेताओं पर जो जनता के बीच आकर बार-बार आश्वासन देते हैं, लोगों को तसल्ली देते हैं, लेकिन जब ग्राउंड लेवल पर काम की बात आती है तो नतीजा दिखाई नहीं देता।
नेताओं के पास तीज-त्योहारों में जाने का समय है।
शादी समारोहों में पहुंचने का समय है।
कार्यक्रमों में जाने का समय है।
फोटो खिंचवाने और भाषण देने का समय है।
लेकिन इन ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए समय क्यों नहीं है?
क्या जनता सिर्फ वोट देने के समय याद आती है?
चुनाव के समय नेता उन घरों तक पहुंच जाते हैं जहां पैदल रास्ता भी मुश्किल होता है। बीमार व्यक्ति के घर तक वोट मांगने पहुंचने का रास्ता निकाल लिया जाता है। लेकिन जब वही जनता अपनी समस्या लेकर धरने पर बैठती है तो उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का समय क्यों नहीं मिलता?
और यहां सवाल वर्तमान विधायक से भी है—
अगर आश्वासन दिए गए हैं तो अब उसका हिसाब दीजिए।
कितने आश्वासन दिए गए?
कब तक समाधान होना था?
अब तक क्या कार्रवाई हुई?
कौन-सा विभाग जिम्मेदार है?
और सबसे जरूरी—
माजरा के लोगों की समस्या का अंतिम समाधान आखिर कब होगा?
क्योंकि ग्रामीणों को अब मीठी गोली नहीं चाहिए।
झूठी तसल्ली नहीं चाहिए।
सिर्फ बैठक नहीं चाहिए।
सिर्फ बयान नहीं चाहिए।
सिर्फ फोटो नहीं चाहिए।
जनता को चाहिए—
साफ पानी।
साफ हवा।
सुरक्षित वातावरण।
वैज्ञानिक जांच।
जिम्मेदारी तय होना।
और सबसे बढ़कर—स्थायी समाधान।
अगर ग्रामीणों के आरोप गलत हैं तो सरकार और संबंधित विभाग सामने आएं और जांच करवाकर सच जनता को बताएं।
अगर आरोपों में सच्चाई है तो फिर कार्रवाई होनी चाहिए।
लेकिन इस मुद्दे को बार-बार आश्वासन देकर दबा देना समाधान नहीं है।
18 मई को जनता दूषित हवा, दूषित पानी और पर्यावरण व गांववासियों को हो रहे नुकसान के खिलाफ धरने पर बैठी।
23 मई को बातचीत हुई।
धरना आश्वासन के बाद उठा।
उसके बाद भी आश्वासन चलते रहे।
अब सवाल है—
आखिर आश्वासन की यह कहानी कब खत्म होगी और समाधान की शुरुआत कब होगी?
DK News Nalagarh किसी राजनीतिक पार्टी का प्रवक्ता नहीं है।
हम सिर्फ इतना पूछ रहे हैं—
माजरा के लोगों की आवाज कब सुनी जाएगी?
उनके पानी की जांच कब होगी?
उनकी शिकायतों पर अंतिम फैसला कब होगा?
और जो वादे किए गए, उनका हिसाब जनता को कब मिलेगा?
क्योंकि लोकतंत्र में नेता जनता से बड़े नहीं होते।
नेता जनता के वोट से बनते हैं और जनता को जवाब देना उनकी जिम्मेदारी है।
और अगर इस समस्या का समाधान समय रहते नहीं निकला, तो आने वाले चुनाव में जनता अपने वोट से जवाब देना अच्छी तरह जानती है।
DK News Nalagarh शम्मी राजपूत सवाल पूछता रहेगा—बिना डर, बिना दबाव और बिना किसी की चमचागिरी के।
क्योंकि यह सवाल किसी एक व्यक्ति का नहीं है।
यह सवाल माजरा के लोगों की जिंदगी, उनके पानी और उनके भविष्य का है।
    user_Dk News Nalagarh
    Dk News Nalagarh
    Local News Reporter पंजेहरा, सोलन, हिमाचल प्रदेश•
    54 min ago
  • वेस्टीज स्पेशल टूर होटल क्लार्क आगरा और आगरा फोर्ट आज ही बिजनेस का जानकारी के लिए मुझे कॉल करें 98161 33991 राजकुमार आपका बिजनेस कोच बिलासपुर हिमाचल प्रदेश दोस्तों वेस्टीज से मिला हमें घूमने का मौका यहां इस बिजनेस का खासियत है आज ही इस बिजनेस के बारे में जानकारी ली और आज ही स्टार्ट करें 9816133991 आपका बिजनेस कोच राजकुमार बिलासपुर हिमाचल प्रदेश
    4
    वेस्टीज स्पेशल टूर होटल क्लार्क आगरा और आगरा फोर्ट आज ही बिजनेस का जानकारी के लिए मुझे कॉल करें 98161 33991 राजकुमार आपका बिजनेस कोच बिलासपुर हिमाचल प्रदेश
दोस्तों वेस्टीज से मिला हमें घूमने का मौका यहां इस बिजनेस का खासियत है आज ही इस बिजनेस के बारे में जानकारी ली और आज ही स्टार्ट करें 9816133991 आपका बिजनेस कोच राजकुमार बिलासपुर हिमाचल प्रदेश
    user_RAJ KUMAR CROWN HB Power
    RAJ KUMAR CROWN HB Power
    Health and beauty shop Jhanduta, Bilaspur•
    21 hrs ago
  • नगडा, तेल से बड़ा टैंकर मकान में घुसा ,फिलहाल पुलिस मौके पर
    1
    नगडा, तेल से बड़ा टैंकर मकान में घुसा ,फिलहाल पुलिस मौके पर
    user_Himachal Punjab News
    Himachal Punjab News
    Local News Reporter मेहटपुर, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मोरनी में बढ़ती चोरी पर ग्रामीणों का ज्ञापन, पुलिस बल बढ़ाने और CCTV लगाने की मांग मोरनी में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर ग्रामीणों ने पुलिस उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, पुलिस बल बढ़ाने और CCTV लगाने की मांग मोरनी। मोरनी क्षेत्र में बढ़ रही चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने पुलिस उपायुक्त, पंचकूला के नाम ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। मोरनी पंचायत संगठन के प्रधान मोहित परमार ने वीडियो जारी कर इस संबंध में जानकारी साझा की। ज्ञापन में कहा गया है कि मोरनी क्षेत्र शांत, सुरक्षित और प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय से चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी के कारण स्थानीय लोगों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। घरों के बाहर खड़े मोटरसाइकिल, कार सहित अन्य वाहनों की चोरी की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मोरनी पुलिस चौकी में पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त पुलिस कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। साथ ही पुलिस गश्त को प्रभावी बनाने के लिए कम से कम चार मोटरसाइकिल राइडर उपलब्ध करवाए जाएं। ज्ञापन में रात के समय खेड़ा बागड़ा और भुड़ मोड़ (किलापुर मार्ग) सहित प्रमुख स्थानों पर विशेष पुलिस चेक पोस्ट और नाकाबंदी लगाने की मांग की गई है। इसके अलावा मोरनी के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे लगाने का सुझाव भी दिया गया है। मोहित परमार ने वीडियो के माध्यम से बताया कि क्षेत्र के ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से पुलिस प्रशासन के समक्ष सुरक्षा से जुड़े इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने, सक्रिय चोरों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा हाल ही में चोरी हुए वाहनों की जल्द बरामदगी की मांग की। उन्होंने क्षेत्रवासियों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि पुलिस प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए मोरनी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा। ज्ञापन पर मोरनी क्षेत्र के विभिन्न गांवों के सरपंचों, जिला परिषद सदस्य, मोरनी युवा संगठन के पदाधिकारियों और स्थानीय निवासियों के हस्ताक्षर भी बताए गए हैं।
    1
    मोरनी में बढ़ती चोरी पर ग्रामीणों का ज्ञापन, पुलिस बल बढ़ाने और CCTV लगाने की मांग
मोरनी में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर ग्रामीणों ने पुलिस उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन, पुलिस बल बढ़ाने और CCTV लगाने की मांग
मोरनी। मोरनी क्षेत्र में बढ़ रही चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं को लेकर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने पुलिस उपायुक्त, पंचकूला के नाम ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। मोरनी पंचायत संगठन के प्रधान मोहित परमार ने वीडियो जारी कर इस संबंध में जानकारी साझा की।
ज्ञापन में कहा गया है कि मोरनी क्षेत्र शांत, सुरक्षित और प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय से चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी के कारण स्थानीय लोगों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। घरों के बाहर खड़े मोटरसाइकिल, कार सहित अन्य वाहनों की चोरी की घटनाओं को लेकर ग्रामीणों ने चिंता जताई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि मोरनी पुलिस चौकी में पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त पुलिस कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। साथ ही पुलिस गश्त को प्रभावी बनाने के लिए कम से कम चार मोटरसाइकिल राइडर उपलब्ध करवाए जाएं।
ज्ञापन में रात के समय खेड़ा बागड़ा और भुड़ मोड़ (किलापुर मार्ग) सहित प्रमुख स्थानों पर विशेष पुलिस चेक पोस्ट और नाकाबंदी लगाने की मांग की गई है। इसके अलावा मोरनी के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे लगाने का सुझाव भी दिया गया है।
मोहित परमार ने वीडियो के माध्यम से बताया कि क्षेत्र के ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से पुलिस प्रशासन के समक्ष सुरक्षा से जुड़े इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने, सक्रिय चोरों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा हाल ही में चोरी हुए वाहनों की जल्द बरामदगी की मांग की।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि पुलिस प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए मोरनी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
ज्ञापन पर मोरनी क्षेत्र के विभिन्न गांवों के सरपंचों, जिला परिषद सदस्य, मोरनी युवा संगठन के पदाधिकारियों और स्थानीय निवासियों के हस्ताक्षर भी बताए गए हैं।
    user_DEV DARSHAN SHARMA PRESS
    DEV DARSHAN SHARMA PRESS
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    1 hr ago
  • पंचकूला नगर निगम कार्यालय में मेयर का औचक निरीक्षण, अधिकारियों-कर्मचारियों में मचा हड़कंप *पंचकूला नगर निगम कार्यालय में मेयर का औचक निरीक्षण, अधिकारियों-कर्मचारियों में मचा हड़कंप...* *वार्ड नं 2 से भाजपा पार्षद परमजीत कौर और वार्ड नं 13 से भाजपा पार्षद दीपक गर्ग भी छापे के दौरान मेयर श्यामलाल बंसल के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचे...* पंचकूला के मेयर श्याम लाल बांसल ने आज सेक्टर-4 स्थित नगर निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। मेयर के अचानक कार्यालय पहुंचने से नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि नगर निगम की कार्यशैली को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मेयर ने यह औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति, कामकाज और आम लोगों से जुड़े कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। मेयर के औचक निरीक्षण से कार्यालय में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हलचल देखने को मिली। मेयर ने अधिकारियों से विभिन्न कार्यों और शिकायतों को लेकर जानकारी ली तथा व्यवस्था में सुधार के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मेयर श्याम लाल बांसल ने स्पष्ट किया कि नगर निगम में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और अधिकारियों-कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
    4
    पंचकूला नगर निगम कार्यालय में मेयर का औचक निरीक्षण, अधिकारियों-कर्मचारियों में मचा हड़कंप
*पंचकूला नगर निगम कार्यालय में मेयर का औचक निरीक्षण, अधिकारियों-कर्मचारियों में मचा हड़कंप...*
*वार्ड नं 2 से भाजपा पार्षद परमजीत कौर और वार्ड नं 13 से भाजपा पार्षद दीपक गर्ग भी छापे के दौरान मेयर श्यामलाल बंसल के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचे...*
पंचकूला के मेयर श्याम लाल बांसल ने आज सेक्टर-4 स्थित नगर निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। 
मेयर के अचानक कार्यालय पहुंचने से नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि नगर निगम की कार्यशैली को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद मेयर ने यह औचक निरीक्षण किया। 
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति, कामकाज और आम लोगों से जुड़े कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।
मेयर के औचक निरीक्षण से कार्यालय में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हलचल देखने को मिली। 
मेयर ने अधिकारियों से विभिन्न कार्यों और शिकायतों को लेकर जानकारी ली तथा व्यवस्था में सुधार के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मेयर श्याम लाल बांसल ने स्पष्ट किया कि नगर निगम में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और अधिकारियों-कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। 
निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
    user_Newz India 27
    Newz India 27
    Crime News Channel Panchkula, Haryana•
    5 hrs ago
  • विधानसभा सत्र को लेकर CM नायब सैनी का बड़ा बयान, बोले- चर्चा के लिए तैयार है सरकार, विपक्ष भी सदन में बैठकर सुने विधानसभा सत्र को लेकर CM नायब सैनी का बड़ा बयान, बोले- चर्चा के लिए तैयार है सरकार, विपक्ष भी सदन में बैठकर सुने हरियाणा विधानसभा सत्र को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार सदन में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र जनहित के मुद्दों पर चर्चा और मंथन का मंच है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से सदन में बैठकर सरकार की बात सुनने और सकारात्मक तरीके से कार्यवाही में हिस्सा लेने की अपील की।
    1
    विधानसभा सत्र को लेकर CM नायब सैनी का बड़ा बयान, बोले- चर्चा के लिए तैयार है सरकार, विपक्ष भी सदन में बैठकर सुने
विधानसभा सत्र को लेकर CM नायब सैनी का बड़ा बयान, बोले- चर्चा के लिए तैयार है सरकार, विपक्ष भी सदन में बैठकर सुने
हरियाणा विधानसभा सत्र को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार सदन में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र जनहित के मुद्दों पर चर्चा और मंथन का मंच है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से सदन में बैठकर सरकार की बात सुनने और सकारात्मक तरीके से कार्यवाही में हिस्सा लेने की अपील की।
    user_Shri ram
    Shri ram
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    10 hrs ago
  • 🚨 सेक्टर-7 में युवती से चाकू की नोक पर मोबाइल लूटने वाला आरोपी गिरफ्तार 📍 पंचकूला: सेक्टर-7 में युवती से चाकू की नोक पर मोबाइल फोन लूटने के मामले में पंचकूला पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 36 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 👮‍♂️ आरोपी को अदालत में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस आरोपी से वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों और लूटे गए मोबाइल के संबंध में पूछताछ कर रही है। ⚡ क्राइम ब्रांच की तेज कार्रवाई से आरोपी सलाखों के पीछे। #Panchkula #PanchkulaPolice #CrimeBranch #CrimeNews #BreakingNews #Sector7 #LootCase #PoliceAction #HaryanaPolice #KhabarAaj #सचकेसाथ
    1
    🚨 सेक्टर-7 में युवती से चाकू की नोक पर मोबाइल लूटने वाला आरोपी गिरफ्तार
📍 पंचकूला: सेक्टर-7 में युवती से चाकू की नोक पर मोबाइल फोन लूटने के मामले में पंचकूला पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 36 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
👮‍♂️ आरोपी को अदालत में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस आरोपी से वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों और लूटे गए मोबाइल के संबंध में पूछताछ कर रही है।
⚡ क्राइम ब्रांच की तेज कार्रवाई से आरोपी सलाखों के पीछे।
#Panchkula #PanchkulaPolice #CrimeBranch #CrimeNews #BreakingNews #Sector7 #LootCase #PoliceAction #HaryanaPolice #KhabarAaj #सचकेसाथ
    user_खबर आज
    खबर आज
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    21 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के शामली मे हरयाणवी गायक अंकित बलियान को मारी गोली हरियाणवी सिंगर और एक्टर अंकित बालियान की बुधवार शाम उत्तर प्रदेश के शामली में गोली मारकर हत्या कर दी गई। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक वारदात शामली कोतवाली क्षेत्र की आर्यपुरी नाला पटरी पर स्थित जिम के बाहर हुई। बताया जा रहा है कि अंकित जिम में वर्कआउट कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक कॉल आई और कॉल करने वाले व्यक्ति से उनकी कथित तौर पर हॉट-टॉक/बहस हुई। जैसे ही वह जिम से बाहर निकलकर अपनी स्कॉर्पियो में बैठने लगे, पहले से मौजूद हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटनास्थल पर 20 से अधिक राउंड फायरिंग किए जाने की रिपोर्ट है। अंकित के शरीर में पांच गोलियां लगीं, जबकि उनकी गाड़ी पर भी गोलियां लगीं। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अंकित बालियान करीब 35 वर्ष के थे और मूल रूप से शामली के बंतीखेड़ा गांव के रहने वाले बताए गए हैं। वह हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में सक्रिय थे और मासूम शर्मा सहित अन्य कलाकारों के साथ काम कर चुके थे। � मीडिया रिपोर्ट में सोनीपत के भोलू शाहपुरिया द्वारा हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया है। हालांकि इसे अभी पुलिस द्वारा सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए;
    1
    उत्तर प्रदेश के शामली मे हरयाणवी गायक अंकित बलियान को मारी गोली 
हरियाणवी सिंगर और एक्टर अंकित बालियान की  बुधवार शाम उत्तर प्रदेश के शामली में गोली मारकर हत्या कर दी गई। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक वारदात शामली कोतवाली क्षेत्र की आर्यपुरी नाला पटरी पर स्थित जिम के बाहर हुई।
बताया जा रहा है कि अंकित जिम में वर्कआउट कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक कॉल आई और कॉल करने वाले व्यक्ति से उनकी कथित तौर पर हॉट-टॉक/बहस हुई। जैसे ही वह जिम से बाहर निकलकर अपनी स्कॉर्पियो में बैठने लगे, पहले से मौजूद हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटनास्थल पर 20 से अधिक राउंड फायरिंग किए जाने की रिपोर्ट है। अंकित के शरीर में पांच गोलियां लगीं, जबकि उनकी गाड़ी पर भी गोलियां लगीं। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। 
अंकित बालियान करीब 35 वर्ष के थे और मूल रूप से शामली के बंतीखेड़ा गांव के रहने वाले बताए गए हैं। वह हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में सक्रिय थे और मासूम शर्मा सहित अन्य कलाकारों के साथ काम कर चुके थे। �
मीडिया रिपोर्ट में सोनीपत के भोलू शाहपुरिया द्वारा हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया है। हालांकि इसे अभी पुलिस द्वारा सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए;
    user_Karuna mittal
    Karuna mittal
    City Star पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    8 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.